Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2024-01-04 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 150.00 करोड़ के सापेक्ष रू. 21,42,56,000.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

Research with AI Agent Chat with Document Generate Summary Translate Helpful Share Add to Project Create Task

Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, अनुरोधित संरचना का उपयोग करके दिए गए नीति पाठ का सारांश यहां दिया गया है: **कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत ₹150.00 करोड़ के बजटीय प्रावधान के सापेक्ष ₹21,42,56,000.00 (₹ इक्कीस करोड़ बयालीस लाख छप्पन हज़ार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति को जारी करने से संबंधित है। यह स्वीकृति उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के पत्र संख्या-475/विनि/वियोवि/2023-24, दिनांक 13.10.2023 के जवाब में है और इसका उद्देश्य पात्र इकाइयों को स्वीकृत ब्याज-मुक्त ऋण की 90% राशि का वितरण करना है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *स्वीकृत धनराशि का आवंटन* * पात्र इकाइयों को स्वीकृत ब्याज-मुक्त ऋण का वितरण वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए ₹21,42,56,000.00 तक सीमित है। *आवश्यकताएं और शर्तें* * स्वीकृत धनराशि का भुगतान सीधे आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से इकाई के बैंक खाते में किया जाना चाहिए। * उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित किया जाना चाहिए और आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। * उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को ऋण वितरित करने से पहले, पात्र इकाइयों के संबंध में पात्रता की स्थिति को स्पष्ट कर लेना चाहिए और यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत करने से संबंधित प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। * स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से केवल तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर किया जाना चाहिए। * किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाना चाहिए। * स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। * स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाना चाहिए, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। * यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। *वसूली और डिफ़ॉल्ट* * पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। * यदि इन इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। * उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 (यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। * ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (1.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। * यदि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा शासन को 1.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। *विविध* * स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। * स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 17.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। **प्रभाव विश्लेषण** **उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी):** * **प्रभाव:** यूपीएफसी को वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत ₹21,42,56,000.00 के ऋण के वितरण से संबंधित गतिविधियों के प्रबंधन का काम सौंपा गया है। * **आवश्यक कार्रवाई:** * सुनिश्चित करें कि ऋण लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में वितरित किए जाएं। * प्रबंध निदेशक द्वारा हस्ताक्षरित एक उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करें और उसे संबंधित विभागों को अग्रेषित करें। * वितरण से पहले ऋण लेने वालों की पात्रता का निर्धारण करें और कानूनी प्रक्रियाओं का अनुपालन सुनिश्चित करें। * ऋण की वसूली के लिए सक्रिय रूप से प्रभावी व्यवस्था लागू करें। * यह सुनिश्चित करें कि इकाइयां औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) की शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करती हैं। * यदि किस्त के भुगतान में कोई डिफ़ॉल्ट है तो उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा शासन को 1.25% प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। * सरकार को ऋण वितरण और उपयोग की निगरानी करें। **इकाई के आयुक्त और निदेशक, उद्योग निदेशालय, कानपुर:** * **प्रभाव:** उद्योग निदेशालय इकाइयों द्वारा धनराशि के उचित उपयोग के लिए उत्तरदायी है। * **आवश्यक कार्रवाई:** * आवश्यकता का आंकलन करें और उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर के निदेशक द्वारा आहरण के लिए एक महीने के भीतर अनुरोध सबमिट करें। * यूपीएफसी द्वारा दिए गए ऋण वितरण की निगरानी करें और धन के उचित उपयोग की पुष्टि करें। **उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार:** * **प्रभाव:** विभाग को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के माध्यम से राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए इस वित्तीय आवंटन की देखरेख का काम सौंपा गया है। * **आवश्यक कार्रवाई:** * स्वीकृति के संबंध में महालेखाकार (लेखा और हकदारी), प्रथम/द्वितीय, उ०प्र०, प्रयागराज को सूचित करें। * सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग के निजी सचिव को सूचित करें * नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औ‌द्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन को सूचित करें। * वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1/4, वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6, नियोजन अनुभाग-1/4, औ‌द्योगिक विकास अनुभाग-2 को सूचित करें। **पात्र इकाइयाँ (मे0 आर0एल0 जे0 कॉनकास्ट प्रा०लि0, मिर्जापुर):** * **प्रभाव:** यह आदेश उन इकाइयों को वित्तीय सहायता जारी करने की प्रक्रिया शुरू करता है, जिन्हें औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत अनुमोदित किया गया है। यह योजना उन्हें ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त करने की अनुमति देती है, जिससे संभावित रूप से उनका वित्तीय भार कम हो जाता है और उनकी वृद्धि को प्रोत्साहित किया जाता है। * **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि उनके बैंक खाते को आरटीजीएस/एनईएफटी स्थानान्तरण के लिए तैयार किया गया है और आवश्यक अनुपालन कागजी कार्रवाई पूरी करें। कृपया ध्यान दें कि यह दस्तावेज़ के आधार पर एक सारांश है, और अतिरिक्त जानकारी के लिए मूल दस्तावेज़ को देखना महत्वपूर्ण है।

Key Entities Referenced

औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: एक योजना जिसके तहत पात्र इकाइयों को स्वीकृत ब्याजमुक्त ऋण की 90% धनराशि वितरित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट आवंटित किया गया है। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: एक संगठन जो इस योजना के तहत पात्र इकाइयों को ऋण वितरित करने में शामिल है। उद्योग निदेशालय, कानपुर: प्राधिकरण जो धन के उपयोग की निगरानी करता है और यह सुनिश्चित करता है कि धनराशि का उपयोग इच्छित उद्देश्य के लिए किया जा रहा है। औद्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का एक अनुभाग जो औद्योगिक विकास से संबंधित मामलों को संभालता है। मे0 आर0एल0 जे0 कॉनकास्ट प्रा०लि0, मिर्जापुर: ऐसी इकाई जिसे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत धन प्राप्त हो रहा है।
Official Source Record View Original Source →
See Full Document Text
WEAT-3/2024/340/77-6-23-6002(099)/7/2024Te-2 मनोज कुमार मौर्य, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 04 जनवरी, 2024 विषय:- वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधािनित धनराशि रूपये 50.00 करोड़ के सापेक्ष रू. 27,42,56,000.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध Fl महोदय, कृपया उपर्युक्त विषयक उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के पत्र संख्या-475/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक (3.0.2023 (मय संलग्नक छायाप्रति) का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके CaN औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की 90 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल कुल रू. 27,42,56,000.00 (रूपया इक्कीस करोड़ बयालीस लाख छप्पन हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है:- धनराशि (रू0 लाख में) क्रमांक इकाई का नाम वित्तीय वर्ष ऋण स्वीकृत |. आहरित की जाने वाली की धनराशि | धनराशि (स्वीकृत राशि का 90 प्रतिशत) AO आर0एल0एजे0 कॉनकास्ट 207-8 |84.96 |66.46 TOTO, मिर्जापुर 2 HO आर0एलएजे0 कॉनकास्ट 208-9 466./6 49.54 प्रा2लि0, मिर्जापुर 3 AO आर0एलएजे0 कॉनकास्ट 209-20 504.38 453.94 TOTO, मिर्जापुर 4 AO आर0एलएजे0 कॉनकास्ट 2020-2 438.44 394.56 I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |TOTO, मिर्जापुर 5 AO आर0एलएजे0 कॉनकास्ट 202-22 786.74 708.06 TOTO, मिर्जापुर योग 2380.65 p 242.56 42.56 2- अत: इस सम्बन्ध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि एतदद्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक A प्राविधानित धनराशि %.50.00 करोड़ (रूपये एक सौ पचास करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु रू. 27,42,56,000.00 (रूपया इक्कीस करोड़ sacha लाख छप्पन हजार मात्र) की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों . स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा।| उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी,जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |9. पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। 40. यदि इन इकाईयों दूवारा ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। 4.3cct प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावत्ली-2003(यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 2.ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। |3. यदि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर द्वारा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही Heel किश्त का आहरण किया जाएगा। |5. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 6. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस संबंध में होने वाला व्यय रू. 27,42,56,000.00 (रूपया इक्कीस करोड़ Fae लाख छप्पन हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के TA डाला जायेगा। यह आदेश कंप्यूटर दूवारा उत्पन्न संख्या-८-6-469-2(-2023-24 दिनांक 24-42-2023 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |संख्या-3/2024/340()/77-6-23-6002(099)/7/202पार्ट-2, तद्ुदिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- . महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी)प्रथम/दवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2. निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर। 4. नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। छा co प्रबन्ध निदेशक, यूपीएफसी को उनके पत्र संख्या- 475/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 3.0.2023 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने SI ND आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 9. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 0. नियोजन अनुभाग-4/4 44. औद्योगिक विकास अनुभाग-2 2. गार्ड फाइल। आज्ञा से, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

Continue your research