Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2024-01-04 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 150.00 करोड़ के सापेक्ष रू. 28,34,01,000.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़, दिनांक 4 जनवरी, 2024 को जारी किया गया है, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत 28,34,01,000.00 रुपये (अठ्ठाइस करोड़ चौतीस लाख एक हजार) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने से संबंधित है। यह स्वीकृति उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ब्याज मुक्त ऋण के वितरण से जुड़ी है और इसके लिए सख्त नियमों और शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *वित्तीय स्वीकृति:* * वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 28,34,01,000.00 रुपये की राशि को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत स्वीकृत किया गया है। * यह स्वीकृति, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) से प्राप्त अनुरोधों पर आधारित है। *वितरण और उपयोग:* * स्वीकृत धनराशि सीधे लाभार्थी इकाइयों के बैंक खातों में आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से अंतरित की जाएगी। * उपयोगिता प्रमाणपत्र यूपीएफसी द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा और संबंधित विभागों को उपलब्ध कराया जाएगा। * यूपीएफसी यह सुनिश्चित करेगा कि पात्र इकाइयों ने ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृति के लिए सभी प्रक्रियाओं और औपचारिकताओं का पालन किया है। * धनराशि का आहरण तत्काल आवश्यकता के आधार पर राजकोष से किया जाएगा और उसे किसी अन्य बैंक खाते में नहीं रखा जाएगा। * स्वीकृत राशि का उपयोग केवल स्वीकृत मद के लिए किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इकाइयां औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 (यथा संशोधित) का पालन करती हों। *वसूली और ब्याज:* * यूपीएफसी पात्र इकाइयों से ऋण की वसूली के लिए पूरी तरह से उत्तरदायी होगा। * ऋण वापसी में डिफ़ॉल्ट होने पर, आगे की धनराशि का भुगतान बंद कर दिया जाएगा। * विलंब से भुगतान पर, विलंब करने वाली इकाइयों से 1.25% प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज वसूला जाएगा, जो राजकोष में जमा किया जाएगा। * यूपीएफसी द्वारा किश्त में डिफ़ॉल्ट होने पर सरकार को 1.25% प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज का भुगतान किया जाएगा। *अनुश्रवण और अनुपालन:* * निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर द्वारा धनराशि के सदुपयोग का अनुश्रवण किया जाएगा। * स्वीकृत धनराशि के व्यय से पहले वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 17.03.2023 और अन्य संबंधित शासनादेशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। * यूपीएफसी धनराशि आहरित करने से पहले इकाइयों की पात्रता और आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण करेगा। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) **प्रभाव:** यूपीएफसी को ब्याज मुक्त ऋण के वितरण के लिए प्रक्रियाओं का पालन करना होगा और ऋण की वसूली के लिए उत्तरदायी होगा। विलंब से भुगतान पर ब्याज देना होगा। **आवश्यक कार्रवाई:** पात्र इकाइयों को धनराशि का वितरण सुनिश्चित करना, उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना, वसूली का अनुश्रवण करना और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना। **हितधारक:** निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर **प्रभाव:** आवंटित धनराशि के सदुपयोग के लिए अनुश्रवण करना होगा। **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करना कि धनराशि का उपयोग सही तरीके से हो रहा है और अगली किश्त जारी करने से पहले संतुष्ट होना। **हितधारक:** लाभार्थी इकाइयाँ **प्रभाव:** योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त होगा, जो औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करेगा। **आवश्यक कार्रवाई:** सभी नियमों और शर्तों का पालन करना और ऋण को समय पर चुकाना। **हितधारक:** वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए आवंटित धनराशि का प्रबंधन। **आवश्यक कार्रवाई:** व्यय का अनुश्रवण करना और यह सुनिश्चित करना कि वित्तीय नियम और दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: एक योजना जिसका उद्देश्य औ‌द्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है, जिसके क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में धनराशि जारी की जा रही है। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: वह संस्था जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत स्वीकृत ऋणों के वितरण, उपयोगिता प्रमाण पत्र और वसूली के लिए जिम्मेदार है। उद्योग निदेशालय, कानपुर: वह विभाग जो उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास का नियामक है, और स्वीकृत धनराशि के उपयोग की निगरानी के लिए जिम्मेदार है। उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करती है और समग्र नीतिगत ढांचे की स्थापना करती है। वित्तीय वर्ष 2023-24: वह वित्तीय वर्ष जिसके लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अंतर्गत विशिष्ट इकाइयों को धनराशि आवंटित की गई है।
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WEAT-2/2024/296 /77-6-23-6002(002)/2/2023 पार्ट-। मनोज कुमार मौर्य, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 04 जनवरी, 2024 विषय:- वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 50.00 करोड़ के सापेक्ष रू. 28,34,07,000.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में। महोदय, कृपया उपर्युक्त विषयक उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के पत्र संख्या-323/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 78.08.2023 एवं पत्र संख्या-347/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 25.08.2023 (मय संत्रगूनक छायाप्रति) का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की शतप्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल कुल रू. 28,34,0,000.00 (रू. अठठाइस करोड़ चौतीस लाख एक हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र 02 इकाईयों का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत्‌ है:- धनराशि (रू0 लाख में) क्रमांक इकाई का नाम वित्तीय वर्ष ऋण स्‌वीकृत | आहरित की जाने वाली की धनराशि धनराशि AO Al महामाया y 207-8 57.09 57.09 TOTO, मिर्जापुर 2 मे0 A _ महामाया 22 208-49 094.23 094.23 प्रा0लि0, मिर्जापुर 3 मे0. माँ Fear य 209-20 093.94 093.94 TOTO, मिर्जापुर 4 jAO Alsat पैकेजिंग प्राएलि0,| 208-49 74.75 74.75 गोरखपुर योग 2834.0 2834.0 2- अत: इस सम्बन्ध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि एतदद्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक A प्राविधािनित धनराशि %.50.00 करोड़ (रूपये एक सौ पचास करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को स्वीकृत I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु रू. 28,34,0,000.00 (रू. अठठाइस करोड़ चौतीस लाख एक हजार मात्र) की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय सवीकृति निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों . स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, उत्‌तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध मैं स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं।विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। 6. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। 7. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। 8. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी,जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003(यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूत्री का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। 0. यदि इन इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्बबन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। 7. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावलत्ली-2003(यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 2. ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई A वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। 3. यदि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा किसी किश्त के भुगतान A wee किया जाता है तो उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर द्वारा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |का अनुश्रवण भी निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। |5. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AT दिनांक 7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 6. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम gant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 3- इस संबंध में होने वाला व्यय रू. 28,34,0,000.00 (रू. अठठाइस करोड़ चौतीस लाख एक हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक A अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-ट-6-466->2-2023-24 दिनांक 2-2-2023 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। संख्या-2/2024/296()/77-6-23-6002(002)/2/2023पार्ट-, तद्दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- l. महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी)प्रथम/दवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2. निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 3. मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर । 4. नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 5. प्रबन्ध निदेशक, owned को. sah पत्र. संख्या-323/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 8.08.2023 एवं 4a संखया-347/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 25.08.2023 के क्रम A अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। oN आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 9. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 0. नियोजन अनुभाग-4/4 44. औद्योगिक विकास अनुभाग-2 2. गार्ड फाइल। 99 आज्ञा से, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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