Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2024-02-28 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अन्‍तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 125.00 करोड़ के सापेक्ष रू0 1,12,43,000.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़, जो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया है, वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत 1,12,43,000.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह स्वीकृति उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के अनुरोध के जवाब में है और इसका उद्देश्य पात्र इकाई, मे0 अपोलो मेटालेक्स प्रा० लि०, बुलन्दशहर को ब्याज मुक्त ऋण वितरित करना है। यह आदेश 28 फरवरी, 2024 को जारी किया गया। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *वित्तीय आवंटन:* * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 1,12,43,000.00 रुपये का आवंटन। * यह धनराशि मे0 अपोलो मेटालेक्स प्रा० लि०, बुलन्दशहर के लिए है। * वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए इकाई को स्वीकृत ऋण की राशि 112.43 लाख रुपये है। *व्यय की शर्तें और प्रतिबन्ध:* * स्वीकृत धनराशि का भुगतान इकाई के बैंक खाते में सीधे किया जाएगा। * धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र आवश्यक है, जिसे प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षर किया जाएगा। * उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, ऋण वितरित करने से पहले इकाई की पात्रता सत्यापित करेगा। * धनराशि का आहरण तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर राजकोष से किया जाएगा। * धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते में नहीं रखा जाएगा। * लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। * धनराशि का उपयोग स्वीकृत मद में ही किया जाएगा। * इकाई, औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) का अनुपालन सुनिश्चित करेगी। * ऋण की वसूली का उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। * डिफॉल्ट होने पर ब्याज का भुगतान बंद कर दिया जायेगा। * ऋण वापसी में विलम्ब पर 1.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज लगेगा। * किश्त में डिफ़ॉल्ट पर निगम को 1.25% प्रति माह की दर से ब्याज देना होगा। * आवश्यकतानुसार धनराशि का आहरण किया जाएगा। * 17.03.2023 के कार्यालय ज्ञाप और अन्य दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। * उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, धनराशि आहरित करने से पहले इकाई की पात्रता और आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण करेगा। * व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक से अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 6885011900700 के तहत किया जाएगा। **प्रभाव विश्लेषण:** *उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम:* *प्रभाव:* इकाई को ऋण के वितरण के लिए आवश्यक शर्तों और प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। *आवश्यक कार्रवाई:* ऋण वितरण और वसूली सुनिश्चित करें, पात्रता सत्यापित करें, और उपयोगिता प्रमाण पत्र और वित्तीय रिकॉर्ड बनाए रखें। *औद्योगिक इकाई (मे0 अपोलो मेटालेक्स प्रा० लि०, बुलन्दशहर):* *प्रभाव:* वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत आवंटित ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त होगा। *आवश्यक कार्रवाई:* धन का उपयोग स्वीकृत शर्तों के अनुसार करना होगा, नियमावली का पालन करना होगा, और समय पर पुनर्भुगतान सुनिश्चित करना होगा। *उद्योग निदेशालय, कानपुर:* *प्रभाव:* उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण करना होगा। *आवश्यक कार्रवाई:* उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा किए गए ऋण वितरण की निगरानी करें और धन के उपयोग के बारे में संतुष्ट रहें। *अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ०प्र० शासन:* *प्रभाव:* औद्योगिक विकास अनुभाग-6 से संबंधित जानकारी प्राप्त होगी। *आवश्यक कार्रवाई:* कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं दी गई है।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: एक योजना जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है। वर्तमान पत्र में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए ब्याज मुक्त ऋण के वितरण की स्वीकृति पर ज़ोर दिया गया है। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: यह संस्था औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत पात्र इकाइयों को स्वीकृत ऋण वितरित करने के लिए उत्तरदायी है। उद्योग निदेशालय, कानपुर: उद्योग विभाग के आयुक्त और निदेशक, कानपुर उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण की निगरानी के लिए ज़िम्मेदार हैं। उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार, जिसके भीतर यह आदेश जारी किया गया है। औद्योगिक विकास अनुभाग-6: औद्योगिक विकास अनुभाग-6 उत्तर प्रदेश सरकार का वह अनुभाग है जो औद्योगिक विकास योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए ज़िम्मेदार है।
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WEAT-2/2024/207/77-6-24-6002(099)/9/202 प्रेषक, मनोज कुमार मौर्य, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 28/02/2024 विषय:- वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Alstal-20I2 के अन्तर्गत प्राविधािनित धनराशि रूपये (25.00 करोड़ के सापेक्ष BO 7,42,43,000.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध Fl महोदय, कृपया उपर्युक्त विषयक उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के पत्र संख्या- 668/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 78.0:.2024 (मय संलग्नक छायाप्रति) का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के अन्तर्गत पात्र इकाई को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल रू. ,2,43,000.00 (रूपया एक करोड़ बारह लाख तैंतालीस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत्‌ धनराशि (रू0 लाख में) क्रमांक इकाई का नाम वित्तीय वर्ष ऋण स्वीकृत की धनराशि AHO अपोलो Acree प्रा0 209-20 2.43 लि0, बुलन्दशहर Sa 42.43 (रूपया एक करोड़ बारह लाख तैंतालीस हजार मात्र) 2- अत: इस सम्बन्ध मैं मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि एतदद्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन BWsteN-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू.25.00 करोड़ (रूपये एक सौ पच्चीस करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाई को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु रू. 7,2,43,000.00 (रूपया एक करोड़ बारह लाख तैंतालीस हजार मात्र) I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्ते/प्रतिबन्धों l. स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध मैं स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी,जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202(यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। [0. यदि इन इकाईयों GANT ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। Il. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202(यथा संशोधित) A दिए गए wae के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। [2. ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। [3. यदि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम cant किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया. जाएगा। आवश्यकता का आंकलन निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर GANT किया जाएगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |L5. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AT दिनांक 7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। l6. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 3- «sa संबंध में होने वाला व्यय रू. ,2,43,000.00 (रूपया एक करोड़ बारह लाख dalla हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 68850900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 20(2 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-घ-6-252->-2023-24 दिनांक 20.02.2024 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। UEAI-2/2024/207/77-6-24-6002(099)/9/202 aaieans | प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- I- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2- मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर। 3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 4- प्रबंध निदेशक, पिकप। 5- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 6- प्रबन्ध निदेशक, यूपीएफसी को उनके पत्र पत्र संख्या- 668/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 8.0.2024 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने SI 7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 0- नियोजन अनुभाग-4/4 44-3teattaten विकास अनुभाग-2 |2-गार्ड फाइल। आज्ञा से, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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