Date: 2024-01-18Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 125.00 करोड़ के सापेक्ष रू0 55.00 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, जो 18 जनवरी, 2024 को जारी किया गया है, औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट के भीतर 125.00 करोड़ रुपये के प्रावधान के मुकाबले 55.00 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति को जारी करने की मंजूरी देता है। यह आवंटन पात्र इकाई को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करने का इरादा रखता है और उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के समन्वय में वितरित किया जाएगा। यह दस्तावेज़ निधि वितरण और उपयोग के लिए नियम और शर्तों की रूपरेखा देता है और यह सुनिश्चित करता है कि नियमों का पालन किया जाए।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*स्वीकृति और आवंटन:*
* औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत आने वाली पात्र इकाई के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 55.00 लाख रुपये (रु. 0.55 करोड़) का वित्तीय आवंटन।
* यह स्वीकृति रुपये के कुल प्रावधान के मुकाबले है। 125.00 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में आवंटित किए गए।
*वित्तीय नियम और प्रक्रियाएं:*
* स्वीकृत धनराशि को सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से स्थानांतरित किया जाएगा।
* उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा आयुक्त और निदेशक उद्योगों, कानपुर के माध्यम से प्रस्तुत किया जाना है।
* उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पात्र इकाइयों को ऋण वितरित करने से पहले पात्रता के संबंध में स्पष्टता प्रदान करेगा।
* स्वीकृत धनराशि का आहरण आवश्यकता के अनुसार खजाने से किया जाएगा और एकमुश्त बैंकों या अन्य खातों में नहीं रखा जाएगा।
* व्यय स्वीकृत मद के लिए होना चाहिए, और उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए।
*अनुपालन और उत्तरदायित्व:*
* धनराशि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 में उल्लिखित शर्तों का पालन करने वाली पात्र इकाइयों को उपलब्ध कराई जाएगी।
* पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगी, जिसमें चूक पर कार्रवाई की जाएगी।
* डिफ़ॉल्ट के मामलों में धन जारी करना बंद कर दिया जाएगा।
*अन्य महत्वपूर्ण शर्तें:*
* धनराशि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमावली-2012 के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जानी चाहिए, सभी औपचारिकताएं पूरी की जानी चाहिए।
* देर से भुगतान के लिए ब्याज वसूला जाएगा और खजाने में जमा किया जाएगा।
* आवश्यकता का आकलन निदेशक, उद्योग द्वारा किया जाएगा, और धनराशि के सदुपयोग की निगरानी की जाएगी।
* वित्तीय अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 17.03.2023 और अन्य संबंधित शासनादेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
* धनराशि के आहरण से पहले इकाई की पात्रता और आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण किया जाना चाहिए।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** उद्योग निदेशालय, कानपुर के आयुक्त और निदेशक
* **प्रभाव:** आवंटित धनराशि का प्रबंधन और वितरण करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** पात्र इकाइयों के लिए धनराशि का वितरण सुनिश्चित करें, नियमों का अनुपालन करें और उपयोगिता रिपोर्ट जमा करें।
**हितधारक:** उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम
* **प्रभाव:** यह सुनिश्चित करना कि धन का वितरण करने से पहले इकाइयां मानदंडों को पूरा करती हैं और बाद में ऋण वसूल करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करने के लिए कि इकाइयां पात्र हैं, वितरित करना, रिकॉर्ड बनाए रखना, यह सुनिश्चित करना कि धनराशि का उपयोग अनुपालन में किया गया है और ऋण वसूल करना।
**हितधारक:** पात्र औद्योगिक इकाइयाँ (उदाहरण के लिए, मेसर्स अपोलो मेटालैक्स प्रा० लि०)।
* **प्रभाव:** ब्याज मुक्त ऋण के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** नियम का अनुपालन करना और समय पर ऋण वापस करना।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू एक योजना है जो राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखती है।
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: उत्तर प्रदेश में स्थित एक वित्तीय संस्था जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत इकाइयों को ऋण वितरित करने में शामिल है।
उद्योग निदेशालय, कानपुर: उत्तर प्रदेश सरकार का एक विभाग है जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के कार्यान्वयन और निगरानी में शामिल है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत धन के वितरण को मंजूरी देती है और संबंधित नीतिगत निर्णय लेती है।
अपोलो मेटालेक्स प्रा० लि०, बुलन्दशहर: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अंतर्गत वित्तीय स्वीकृति प्राप्त करने वाली इकाई
संख्या-6/2024/4038/77-6-23-6002(099)/9/202
मनोज कुमार मौर्य,
संयुक्त सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग,
उद्योग निदेशालय, कानपुर।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 8 जनवरी, 2024
विषय:- वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट मैं औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Alotel-20i2 के
अन्तर्गत प्राविधिनित धनराशि रूपये 725.00 करोड़ के सापेक्ष BO 55.00 लाख की वित्तीय
स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में |
महोदय,
कृपया. उपर्युक्त विषयक उत्तर vee वित्तीय निगम के. पत्र. संख्या-
63/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 27.2.2023 (मय संलग्नक छायाप्रति) का संदर्भ ग्रहण
करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Alote-20I2 के अन्तर्गत
पात्र इकाई को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए
योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल रू. 55.00 लाख( रूपया पचपन लाख
मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध
कराया गया विवरण निम्नवत् है:-
धनराशि (रू0 लाख में)
क्रमांक इकाई का नाम वित्तीय वर्ष आहरित की जाने वाली
धनराशि
HO अपोलो मेटालेक्स प्रा0 208-9 55.00
लि0, बुलन्दशहर
a. p 85.000 .00
2- अत: इस सम्बन्ध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि एतदद्वारा औद्योगिक
निवेश प्रोत्साहन Alste-20I2 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में
प्राविधानित धनराशि ¥.425.00 करोड़ (रूपये एक सो पच्चीस करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त
इकाईयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु रू. 55.00 लाख (रूपया
पचपन लाख मात्र) की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति
प्रदान करते हैं:-
नियम व शर्ते/प्रतिबन्धों
स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते A
.
सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी।
स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय
निगम दूवारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से
तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-
4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के
संबंध A अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध A स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह
सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी
प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है।
स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही
किया जायेगा।
किसी परिस्थिति A धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य
किसी खाते मैं नहीं रखा जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा रखा जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत
किया गया है।
यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावल्नी-202(यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित करती हो।
पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय
निगम पर होगा। वसूत्री में शिथिलता NA जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर
अग्रेतर कार्यवाही शासन GANT की जायेगी।
यदि इन इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो
0.
डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया
जायेगा।
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम cant इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी
44.
हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202(यथा संशोधित) A दिए गए
प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु
समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई A वसूला जाने वाला ब्याज (7.25
2.
प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
यदि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम cant किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया
3.
जाता है तो उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह
साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि मैं ब्याज का भुगतान किया जाना
होगा।
स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया. जाएगा।
4.
आवश्यकता का आंकलन निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर CANT किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश
वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश,
कानपुर दूवारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के
उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के
5.
कार्यालय AM दिनांक (7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-
निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की
6.
पात्रता एवं आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
3- इस संबंध में होने वाला व्यय रू. 55,00,000.00 (रूपया पचपन लाख मात्र) को चालू
वित्तीय. वर्ष 2023-2024 & आय-व्ययक A अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक
68850900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2042 मानक मद 30 निवेश/ऋण
के ATA डाला जायेगा।
4- यह आदेश कंप्यूटर GANT उत्पन्न AEAT-E-6-85-X-2023-24 दिनांक 0-04-2024
में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं।
भवदीय,
मनोज कुमार मौर्य
संयुक्त सचिव।|
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |WEA-6/2024/4038(I)/77-6-23- 6002(099)/9/202 caaleate|
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
- महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी)प्रथम/दृवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0
शासन।
4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
5- प्रबन्ध निदेशक, यूपीएफसी को उनके पत्र Aaa 634/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक
2.2.2023 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु।
6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, HiT |
7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4
9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
I0- नियोजन अनुभाग-/4
II- औद्योगिक विकास अनुभाग-2
{2- गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
मनोज कुमार मौर्य
संयुक्त afta
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |