Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2024-01-04 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 125.00 करोड़ के सापेक्ष रू0 8,02,81,458.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में स्वीकृत धनराशि के वितरण को अधिकृत करता है। यह आठ करोड़, दो लाख, इक्यासी हजार, चार सौ अठ्ठावन रुपए (8,02,81,458.00 रुपये) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है ताकि पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण का 10% आवंटित किया जा सके। यह आदेश 4 जनवरी, 2024 को जारी किया गया है और यह सुनिश्चित करता है कि निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार धन का वितरण किया जाए। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *वित्तीय स्वीकृति* * कुल 8,02,81,458.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत स्वीकृत ब्याज-मुक्त ऋण के 10% वितरण के लिए जारी की गई है। *पात्र इकाइयों की सूची* * वित्तीय स्वीकृति प्राप्त करने वाली 12 पात्र इकाइयों की सूची, प्रत्येक इकाई के लिए वित्‍तीय वर्ष, स्‍वीकृत धनराशि और वितरित की जाने वाली धनराशि के ब्‍योरे के साथ। *नियम और शर्तें* * स्वीकृत धनराशि का भुगतान संबंधित इकाई के बैंक खाते में सीधे RTGS/NEFT के माध्यम से किया जाना चाहिए। * उपयोगिता प्रमाण पत्र पिकप द्वारा हस्ताक्षर किए जाने चाहिए और तुरंत आयुक्त और निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से सरकार को प्रस्तुत किए जाने चाहिए। * पिकप को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऋण वितरित करने से पहले पात्र इकाइयां पात्रता आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। * स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार ही किया जाएगा। * धनराशि को बैंक खाते में पहले से नहीं निकाला जाना चाहिए और केवल विशिष्ट स्वीकृत मदों के लिए उपयोग किया जाना चाहिए। * पिकप को स्वीकृत धनराशि के खातों का रखरखाव करना चाहिए। *वसूली और दायित्व* * पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूरा उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। वसूली में विफलता पर शासन द्वारा आगे की कार्रवाई की जा सकती है। *डिफॉल्ट के लिए प्रावधान* * डिफ़ॉल्ट के मामले में, उन इकाइयों को आगे की धनराशि का भुगतान बंद कर दिया जाएगा। *ब्याज और जुर्माना* * देर से भुगतान करने वाली इकाइयों पर प्रतिमाह 1.25% का ब्याज लगाया जाएगा और राजकोष में जमा किया जाएगा। * किस्त भुगतान में डिफ़ॉल्ट के मामले में, पिकप पर शासन को प्रतिमाह 1.25% का ब्याज लगाया जाएगा। *आहरण और निगरानी* * स्वीकृत धनराशि का आहरण एक महीने की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मंडल आहरण राशि का आकलन करेंगे और ऋण के सही उपयोग का अनुश्रवण करेंगे। *अनुपालन* * यह सुनिश्चित किया जाए कि वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 17.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन किया जाएगा। *वित्तीय लेन-देन* * पिकप को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्वीकृत धनराशि जारी करने से पहले इकाई की पात्रता और डेटा की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लें। व्यय को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 6885011900700 औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2012 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** संयुक्त निदेशक, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। **प्रभाव:** उन्हें यह सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है कि पात्र इकाइयों को स्वीकृत धनराशि वितरित की जाए और इस दस्तावेज़ में उल्लिखित नियमों और शर्तों का पालन किया जाए। **आवश्यक कार्रवाई:** संयुक्त निदेशक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धन वितरित किया जाए और उपयोगिता प्रमाण पत्र आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के माध्यम से समय पर जमा किए जाएं। उन्हें ऋण की वसूली की निगरानी करनी चाहिए और उन इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो डिफ़ॉल्ट करती हैं।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश में इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करने से सम्बंधित योजना। पिकप (PICUP): प्रबंध निदेशक, पिकप (Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP) को ऋण वितरण और वसूली का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। उत्तर प्रदेश शासन: राज्य सरकार जिसके द्वारा यह शासनादेश जारी किया गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24: वह वित्तीय वर्ष जिसके लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अंतर्गत धनराशि आवंटित की गई है। लखनऊ मण्डल, लखनऊ: लखनऊ मण्डल के संयुक्त निदेशक, उद्योग को धनराशि के उपयोग की आवश्यकतानुसार आंकलन करने का दायित्व सौंपा गया है।
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संख्या-4/2024/380/77-6-23-77-6003/67/209 पार्ट-3 मनोज कुमार मौर्य, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, संयुक्त निदेशक, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ।| औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 04 जनवरी, 2024 विषय:- वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Slotel-20I2 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 725.00 करोड़ के सापेक्ष BO 8,02,87,458.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध Fl महोदय, कृपया... उपर्युक्त. विषयक. प्रबन्धक (fact) ST के... पत्रांक-इन्स-/40- 9/3iTS.378.47.0./2072/Vol.IV/562 दिनांक 28.44.2023 (मय संलग्नक छायाप्रति) का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Alote-20(2 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की i0 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल रू. 8,02,87,458.00 (रूपया आठ करोड़ दो लाख sean हजार चार सौ Hooda मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया Sl पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत्‌ है:- (धनराशि रूपये में) थी इकाई का नाम वित्तीय वर्ष ब्याज मुकृतऋण कीस्‌वीकृत धनराशि केड़काइयों को 0 idea धनराशि... सापेक्ष 90 प्रतिशतप्रतिशत feat ण की. वितरितांकी जाने... वाली की गई धनराशि. धनराशि AO वरूण dd 207-8| 7,47,5,572.00] 6,72,44,0i5.00} 74,7,557.00 लि0, ग्रेटर नोएडा 2 HO वरूण aa 208-9| 8,66,86,382.00} 7,80,7,744.00| 86,68,638.00 लि0, ग्रेटर नोएडा 3 HO वरूण aa 2079-20| 7,9,57,689.00} 6,47,67,920.00} 7,95,769.00 लि0, ग्रेटर नोएडा 4 AHO सी0पी0 मिल्क 208-49 59,4,560.00 53,47,404.00 5,94,756.00 Rus फूड प्रोडक्ट्स, प्रा2लि0, बाराबंकी 5 HO मंगलम सीमेन 209-20 4,5,70,475.00 0,04,3,58.00 4,,57,07.00 लि0, अलीगढ़ I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |6 HO Hada सीमेन् 2020-2} 7,08,63,843.00} 9,97,77,459.00| 7,0,86,384.00 लि0, अलीगढ़ 7 HO ब्रिन्दावन Val! 20(9-20] 75,09,88,633.00} 43,58,89,770.00] 7,50,98,863.00 मथुरा, की मे0 बे 209-20 0,99,97.697.00 9,89,97,927.00 ,09,99,770.00 कारपोरेशन लिए0, रायबरेली व मे0 मून बेवरेजेज,|,. 208-9 3,54,98,852.00] 3,49,48,967.00. 35,49,885.00 लि0, ग्रेटर नोएडा 0. |A0 अमृत बाटलर्स,/ 209-20) ,83,78,422.00} ,65,40,580.00] 8,37,842.00 प्रालि0, (A यूनिट) फैजाबाद |।. मि0 अमृत बॉटलर्स,/ 209-20) 2,42,64,800.00} 2,48,38,320.00. 24,26,480.00 प्राललि0, (TA वाटर यूनिट) फैजाबाद 2. |AO महान मिल 209-20 9,50,97.00 77,55,874.00 7,95,097.00 ese लि0, हाथरस योग 80,28,4,596.00। 72,25,33,38.00। 8,02,8,458.00 2- अत: इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि एतदद्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Alste-20I2 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू.25.00 करोड़ (रूपये एक at पच्चीस करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को स्वी कृतक त ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु रू. 8,02,8,458.00 (रूपया आठ करोड़ दो लाख STIR हजार चार सौ अठुठावन मात्र) की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों . स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। 2. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। पिकप द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। 5. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। 6. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा। 7. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। 8. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202(यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। 9. पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। वसूली में शिथिलता Na जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर HIN कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। 0. यदि इन इकाईयों qant ऋण वापसी के सम्बन्ध मैं डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। 4.faau दूवारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202(यथा संशोधित) A दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 2.ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। 3. यदि पिकप cant किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप द्वारा शासन को .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ CaN किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ CANT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। |5. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AT दिनांक 7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |6. पिकप cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 3- इस संबंध में होने वाला व्यय रू. 8,02,8,458.00 (रूपया आठ करोड़ दो लाख इकयासी हजार चार सौ अठुठावन मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक A अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 68850i:900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 20i2 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-5-6-68-2-2023-24 दिनांक 2-2-2023 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। संख्या-/2024/380(7)/77-6-23-77-6003/67/209 पार्ट-3, तद्दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- I- महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी)प्रथम/दवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। 3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 5- प्रबन्ध निदेशक, पिकप को. dath-sed-/(0-9/3iS.37S.47.07./2072/Vol.IV/562 दिनांक 28..2023 दिनांक 07..2023 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, HTT 7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 0- नियोजन अनुभाग-4/4 tI- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 {2- गार्ड फाइल। आज्ञा से, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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