Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2023-24 मे गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हेतु धनराश...
Date: 2023-09-30 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2023-24 मे गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हेतु धनराशि के आवंटन के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, यहाँ अनुरोधित सारांश दिया गया है: **कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार का एक आदेश है, जिसमें गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 203.68 मिलियन भारतीय रुपए की धनराशि आवंटित की गई है। आवंटित धनराशि का उपयोग शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन किया जाएगा, जैसा कि सरकार द्वारा निर्देशित किया गया है। यह आदेश 30 सितंबर, 2023 को जारी किया गया था। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** * **धनराशि आवंटन:** * गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 203.68 मिलियन भारतीय रुपए की धनराशि आवंटित की गई है। * इस आवंटन के बाद परियोजना को आवंटित कुल धनराशि 507.587 मिलियन भारतीय रुपए है। * **उपयोग प्रतिबंध:** * यूपीडा निर्माणकर्ताओं को उनकी तत्काल आवश्यकताओं के अनुसार धन जारी करेगा। * धनराशि केवल स्वीकृत परियोजना मदों के लिए और स्वीकृत लागत सीमा के भीतर खर्च की जानी चाहिए। * **अनुपालन और रिपोर्टिंग:** * यूपीडा को आवंटित धनराशि के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र, कार्यालय महालेखाकार, उ0प्र0 प्रयागराज, कार्यालय स्थानीय निधि लेखा परीक्षा, उ0प्र0 प्रयागराज और शासन को निर्धारित समय के भीतर प्रस्तुत करना आवश्यक है। * धनराशि का आहरण नियमानुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद किया जाएगा। * व्यय को वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1 के दिनांक 17.03.2023 के कार्यालय ज्ञाप में जारी दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए। * **अन्य शर्तें:** * आवंटित धनराशि को उपयोग में लाने में, वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशों/ज्ञापों में उल्लिखित शर्तों, बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों और स्थायी आदेशों का अक्षरशः पालन करना चाहिए। * आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में नहीं किया जायेगा। * अगर आहरित धनराशि पर कोई ब्याज प्राप्त होता है तो उसे राजकोष में जमा किया जायेगा। * परियोजना की मूल स्वीकृति के विषय में शासनादेश के शेष शर्ते यथावत रहेंगी। * **लेखा:** * इस व्यय को चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 5054033370900 गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ) मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। **प्रभाव विश्लेषण** **हितधारक: यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण)** * **प्रभाव:** यूपीडा को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए सरकार से 203.68 मिलियन भारतीय रुपए की धनराशि प्राप्त होगी। * **आवश्यक कार्रवाई:** * निर्माणकर्ताओं की तात्कालिक आवश्यकताओं के अनुसार धनराशि का वितरण करें। * सुनिश्चित करें कि धनराशि केवल स्वीकृत परियोजना मदों पर खर्च की जाए। * उपयोगिता प्रमाण पत्र निर्धारित समयावधि में कार्यालय महालेखाकार, उ0प्र0 प्रयागराज, कार्यालय स्थानीय निधि लेखा परीक्षा, उ0प्र0 प्रयागराज एवं शासन को उपलब्ध कराएं। * वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1 के दिनांक 17.03.2023 के कार्यालय ज्ञाप में जारी दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। **हितधारक: निर्माणकर्ता** * **प्रभाव:** गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए निधियां प्राप्त होंगी, जो परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद करेंगी। * **आवश्यक कार्रवाई:** * धनराशि को उचित रूप से आवंटित करने और उपयोग करने के लिए यूपीडा के साथ समन्वय करें। * यूपीडा द्वारा निर्धारित नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करें। **हितधारक: कार्यालय महालेखाकार, उ0प्र0 प्रयागराज और कार्यालय स्थानीय निधि लेखा परीक्षा, उ0प्र0 प्रयागराज** * **प्रभाव:** गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के व्यय का लेखा परीक्षण करेंगे। * **आवश्यक कार्रवाई:** * समय पर व्यय के रिकॉर्ड की समीक्षा करें। * यह सुनिश्चित करें कि धन का उपयोग सरकारी नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया है। **हितधारक: उत्तर प्रदेश सरकार** * **प्रभाव:** गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को वित्तपोषित करने में सक्षम होंगे, जो राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान देगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** * परियोजना पर नज़र रखें। * यह सुनिश्चित करें कि यूपीडा द्वारा धनराशि का सही ढंग से उपयोग किया जा रहा है।

Key Entities Referenced

गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना: वित्तीय वर्ष 2023-24 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए धनराशि का आवंटन। यूपीडा: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार। औद्योगिक विकास अनुभाग-3: धनराशि आवंटन जारी करने वाला विभाग। वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1: वित्त विभाग का वह अनुभाग जिसके कार्यालय ज्ञाप का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना है। महालेखाकार, उ0प्र0 प्रयागराज: वह कार्यालय जहाँ से यूपीडा को उपयोगिता प्रमाण पत्र और लेखा परीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।
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EEAT-62/2023/ |/398482/2023/003-77-3002-003-9-2022 मनोज कुमार मौर्य, उप सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, पर्यटन भवन, गोमती नगर लखनऊ। औद्योगिक विकास अनुभाग-3 लखनऊ : दिनांक्‌ : 8०/09/2023 विषय:- वित्तीय वर्ष 2023-24 मे गंगा weaved परियोजना हेतु धनराशि (कै ऋविटेन के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक. अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी. Last के. पत्रांक |432/यूपीडा/गंगा/2023 दिनांक 9.09.2023 & संदर्भ में, Aghae कहने का निदेश हुआ है कि गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हेतु BO 20368.00 लाखन्(रुपयेच्छों अरब तीन करोड़ अड्सठ लाख मात्र ) की धनराशि निम्नलिखित विवरण और शर्क्ल*एँबं, प्रैतिबन्धों के अधीन अवमुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान कुर्तें है (धनराशि रू0 लाख में) क्र0 | परियोजना का नाम | स्वीकृत/ ae eid | अब तक अवमुक्त | वर्तमान में अवमुक्त स0 धनराशि धनराशि | 2 3 4 5 0 गंगा VA 3623000.00 50758 7.00 20368.00 परियॉसझुन्ा' _ नियम व शर्तें, /्रतिबेल्धों () यूपीडा दवारौ६ seceded धनराशि निर्माणकर्ताओं को उनकी तात्कालिक आवश्यकता के sR SIs जायेगी। (2) tata की जा रही धनराशि परियोजनान्तर्गत स्वीकृत कार्य मदों पर और स्वीकृत लगेत VAP में ही व्यय किया जाना सुनिश्चित किया जाए। (3) ast का यह भी दायित्व है कि आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र (कार्य का सम्परीक्षित लेखा निधारित समयावधि में कार्यालय महालेखाकार, SOW प्रयागराज, कार्यालय स्थानीय निधि लेखा परीक्षा, उ0प्र0 प्रयागराज एवं शासन को उपलब्ध करा दिया जाए। (4) धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नियमानुसार किया जायेगा तथा स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्त (आय व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप संख्या सं0- 2/2023/बी--227/दस-2023-23/2023 दिनांक 7.03.2023 cant जारी दिशा निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। _____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(5) प्रश्नगत कार्य हेतु अवमुक्त धनराशि का व्यय/उपयोग वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशों/ज्ञापों A उल्लिखित शर्तों के अनुसार, बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों, स्थायी आदेशों आदि का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जायेगा तथा किसी भी दशा में प्रश्नतगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में नहीं किया जायेगा। (6) यदि आहरित धनराशि पर कोई ब्याज प्राप्त होता है तो उसे राजकोष में किया जायेगा। (7) उक्त परियोजना की मूल स्वीकृति विषयक शासनादेश की शेष शर्तें यथागवत रहेंगी। 2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 2,03,68,00,000 ( रुपये दो अरब तीन करोड़ अड्सठ लाख मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक मे अनैदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 5054033370900 गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ) मानक मद 24 वृहत्‌ निर्माण कार्य के aA डाला जायेगा। .( Ye 3- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AY संख्या - 2/2023/बी--227/दस-2023-23/2023, दिनांक- 7-Ard, 2023 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है। VJ ८११ भवदीय, Cy (मनोज कुमार मौर्य), DNS उप सचिव, संख्या एवं दिनांक ddd प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- छा निजी सचिव, AIO मंत्रीजी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास fase, उ0प्र0 शासन। निजी सचिव, AIO राज्य मंत्री जी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास Taser, उ0प्र0 शासन। महालेखाकार, (लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ/प्रयागराज। महालेखाकार, (लेखा एवं SHAN) प्रथम/दूवितीय, उत्तर प्रदेश प्रयागराज। मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी,कोषागार, जवाहर भवन, लखनऊ। 6. निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन लखनऊ। 7.निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उ0प्र0 प्रयागराज। 8. निजी सचिव, प्रमुख सचिव, औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्र० शासन | 9. वित्त (ई-6) अनुभाग-6/औद्योगिक विकास अनुभाग-2 l0 fad नियंत्रक, यूपीडा, लखनऊ। 4. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- {2.alsa बजट एलाटमेन्ट सिस्टम। 3. ag फाइल। आज़ा से, के wn पा (मनोज कुमार मौर्य) उप सचिव, _____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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