**कार्यकारी सारांश:**
दस्तावेज़ में मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तार/नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 95733.00 लाख रुपए की राशि के वितरण की स्वीकृति दी गई है। यह स्वीकृति औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में 29.02.2024 को संपन्न बैठक में यूपीडा के प्रस्ताव पर आधारित है, जिसका उल्लेख मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा के 22.02.2024 के पत्र में किया गया है।
**मुख्य बातें/मुख्य सामग्री:**
* **वित्तीय स्वीकृति:** वित्तीय वर्ष 2023-24 में अनुदान संख्या 07 के तहत 95733.00 लाख रुपए की राशि यूपीसीडा के निर्वतन पर रखने हेतु स्वीकृत की गई है। यह राशि मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तार/नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए है।
* **नियम एवं शर्तें:**
* धनराशि का उपयोग करने से पहले वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय-ज्ञाप दिनांक 17 मार्च, 2023, वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-2 के शासनादेश दिनांक 07.12.2023 और अन्य संगत शासनादेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
* धनराशि का आवंटन किसी भी प्रकार का व्यय करने का अधिकार नहीं देता है।
* व्यय से पहले संबंधित/सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति प्राप्त की जानी चाहिए।
* निवर्तन पर रखी जा रही धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जायेगा जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है।
* धनराशि का आहरण तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार किया जाए।
* निवर्तन पर रखी गयी धनराशि का आहरण कर बैंक खातो में नहीं रखा जायेगा।
* किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए सम्बन्धित प्राधिकरण स्वयं उत्तरदायी होगा।
* कार्यों की द्विरावृत्ति/पुनरावृत्ति न हो इसे भी सम्बन्धित प्राधिकरण अपने स्तर से सुनिश्चित कर लेंगे।
* सम्बन्धित प्राधिकरण वित्त (आय-व्ययक अनुभाग- 3 शासनादेश संख्या- 2/2017/ बी-3-1034/ दस/ 2017-100(4)/2002 ब 0 मै 0 दिनांक 21.11.2017 के प्रावधान तथा आवश्यकतानुसार बजट मैनुअल के पैरा- 94 के तहत सक्षम स्तर का अनुमोदन अपने स्तर से प्राप्त कर लेंगे।
* सम्बन्धित प्राधिकरण प्रायोजना पर सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त कर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति निर्गत करेंगे।
* **व्यय विवरण:** इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 9,57,33,00,000 ( रुपये नौ अरब सत्तावन करोड़ तैंतीस लाख मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 20232024 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 6875601900300 मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण / नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा:**
* **प्रभाव:** योजना के लिए धन प्राप्त होने से संबंधित कार्यकलापों को करने के लिए सशक्त बनाया गया है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** नियमों और शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करें, धन का उचित उपयोग करें और आवश्यक स्वीकृतियाँ प्राप्त करें।
**संबंधित कोषाधिकारी/वित्त नियंत्रक:**
* **प्रभाव:** धन के वितरण और उपयोग का प्रबंधन करने में शामिल हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** धन का सही लेखा-जोखा रखें और सुनिश्चित करें कि व्यय नियमों के अनुसार हो।
**औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन:**
* **प्रभाव:** राज्य में औद्योगिक विकास का समर्थन करने के लिए उत्तरदायी है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** योजना की प्रगति की निगरानी करें और सफलता सुनिश्चित करें।
Key Entities Referenced
मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री द्वारा संचालित एक योजना जिसका उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार और नए क्षेत्रों को प्रोत्साहन देना है।
यूपीसीडा (UPSIDA): उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, जो उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने वाली एक संस्था है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार।
वित्तीय वर्ष 2023-24: वित्तीय वर्ष जिसका तात्पर्य 1 अप्रैल, 2023 से 31 मार्च, 2024 तक की अवधि से है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-4: उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास विभाग का अनुभाग।
A°EAT-5/2024/|/525666/2024/003-77-4099-75-2023
जयवीर सिंह,
संयुक्त सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
मुख्य कार्यपालक अधिकारी,
यूपीसीडा, लखनपुर,
कानपुर।
औद्योगिक विकास अनुभाग-4 लखनऊ : «दिलॉक,/ 20/03/2024
विषय:- मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोल्सहिन योजना के
अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में धनराशि की स्वीकृति के संबंध a
महोदय,
उपर्युक्त विषयक मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा के 'पत्र संख्या 7455/qdtst 79/
772 टीसी /(भू-अर्जन), दिनांक 22.02.2024 cant कियें गये अनुरोध के क्रम में ब्याज
मुक्त ऋण स्वीकृत किए जाने सम्बन्धी शासनदिश*दिनांक 02.08.2023 के प्रस्तर 2.2 (I)
में उल्लिखित व्यवस्थानुसार अवस्थापना एंव>औदयोगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन की
अध्यक्षता में दिनांक 29.02.2024 wh सम्पन्न बैठक A यूपीडा को रू0 95733.00 लाख
स्वीकृत किये जाने का निर्णय feat गया. है।
2-0 इस संबंध में मुझे यह Meet .का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के अनुदान
संख्या 07 के लेखाशीर्षेक *6875-अन्य उद्योगों के लिए कर्ज-60-अन्य उद्योग-490-
सार्वजनिक aa के *तथा* अन्य उपक्रमों st कर्ज-03-मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र
विस्तारीकरण/नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना-30 निवेश ऋण" के अन्तर्गत प्राविधानित
धनराशि रू0#'500000.00 लाख में से अवशेष रूपये 95733.00 लाख (रुपये at अरब
सत्तावन् AUS Ga लाख मात्र ) मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीसीडा के निर्वतन पर रखने
ta ।निम्नेलरिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष
स्वीकृति प्रदान करते हैं-
नियम व शर्तें / प्रतिबन्धों
() निवर्तन पर रखी जा रही धनराशि व्यय किये जाने के पूर्व वित्त ( आय-व्ययक)
अनुभाग- के कार्यालय-ज्ञाप दिनांक 77 मार्च , 2023 एवं वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- 2
के शासनादेश दिनांक 07.42.2023 तथा अन्य संगत शासनादेशों दवारा जारी दिशा-निर्देशों
का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hitp://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(2) उपरोक्तानुसार प्राविधानित धनराशि यूपीसीडा के निवर्तन पर रखते हुए यह स्पष्ट
किया जाता है कि धनराशि का प्रदेश (एलाटमेंट) मात्र किसी प्रकार का व्यय करने का
प्राधिकार नहीं देता है। व्यय करने के पूर्व जिन मामलों में बजट मैनुअल और फाइनेन्शियल
हैण्डबुक के नियमों तथा स्थाई आदेशों के अन्तर्गत सम्बन्धित/सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति
प्राप्त की जानी हो, उन मामलों में व्यय किये जाने के पूर्व ऐसी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर
ली जाये।
(3) यदि किसी व्यय के लिए शासन स्तर से वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव
शासन को Ueda किया जाय, तो सन्दर्भित व्यय के लिये आय-व्ययक में Wana
धनराशि की उपलब्धता इंगित करते हुए लेखाशीर्ष का भी उल्लेख प्रस्ताव में. अंकित* किया
जाय।
(4) निवर्तन पर रखी जा रही धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के. लिए fea जायेगा
जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है।
(5) धनराशि का आहरण तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार «किया जाएगा।
(6) निवर्तन पर रखी गयी धनराशि का आहरण कर बैंक GALA नेहीं रखा जायेगा।
(7) किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए arated .प्रौधिकेरण स्वयं उत्तरदायी होगा।
(8) कार्यों की दविरावृत्ति/पुनरावृत्ति न हो इसे ,भी सम्बन्धित प्राधिकरण अपने स्तर से
सुनिश्चित कर लेंगे।
(9) सम्बन्धित प्राधिकरण वित्त (आय-व्ययके) 'अनुभाग- 3 शासनादेश संख्या- 2/207/ बी-
3-034/ दस/ 207-00(4)/2002 बच मै,.हँ दिनांक 27.4.207 के प्रावधान तथा
आवश्यकतानुसार बजट मैनुअल के: पैरा-ह94 के तहत सक्षम स्तर का अनुमोदन अपने स्तर
से प्राप्त कर लेंगे।
(0) सम्बन्धित प्राधिकरण प्रायॉजना पर सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त कर प्रशासकीय
एवं वित्तीय स्वीकृति ferry ter
2- इस संबंध A set वाला व्यय रुपये 9,57,33,00,000 ( रुपये at अरब सत्तावन करोड़
तैंतीस लाख, AT ) AY चालू वित्तीय वर्ष 20232024 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007
लेखा शीर्षक 687560900300 मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण / नये औद्योगिक
क्षेत्र, ्रोह्सौहन योजना मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा।
3- GR आदेश कंप्यूटर FANT उत्पन्न संख्या £-6-296-2-2023-24-दिनांक:20-3-2024 मे
प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
(जयवीर सिंह),
संयुक्त सचिव
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hitp://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |संख्या एवं दिनांक ddd)
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
oO निजी सचिव, मा0 मंत्री औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
निजी सचिव, मा0 राज्य मंत्री, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज/लखनऊ।
महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, लखनऊ।
संबंधित कोषाधिकारी।
संबंधित वित्त नियंत्रक।
निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा, उ0प्र0 प्रयागराज।
गार्ड फाईल।
ON 9 छा Pt ODN टी
आज्ञा से,
(जयवीर सिंह),
संयुक्त सचिव
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hitp://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |