**Executive Summary:**
This document is a notification from the Uttar Pradesh government announcing the approval and implementation of the "Uttar Pradesh Multi-Modal Logistics Park Policy-2024". This policy aims to promote the development of logistics parks in the state to boost competitiveness. The policy is effective from December 18, 2024.
**Key Points / Main Content:**
* **Policy Title:** "Uttar Pradesh Multi-Modal Logistics Park Policy-2024"
* **Objective:** Enhance the manufacturing sector and overall economy by providing efficient logistics infrastructure.
* **Facilities Provided by Logistics Parks:**
* Infrastructure for seamless freight transfer.
* Mechanized warehouses and specialized storage.
* Mechanized material handling and intermodal transfer terminals.
* Value-added services (customs clearance, bonded storage, etc.).
* Late-stage manufacturing activities (kitting, assembly, etc.).
* **Functions of Logistics Parks:**
* Freight aggregation and distribution.
* Multi-modal freight transport.
* Integrated storage and warehousing with IT support.
* Value-added services.
* **Essential Amenities for Logistics Parks:**
* Logistics: Cargo aggregation, separation, sorting, grading, packaging, labeling, distribution, inter-modal transfer of cargo and containers, open and closed storage, controlled temperature and ambient storage, custom bonded warehouse, container freight station, container terminal, material handling equipment, etc.
* Infrastructure: Internal roads, internal public transport, power lines, feeder, communication facilities, open and green spaces, water distribution and conservation facilities, sewage and water drainage lines, waste treatment and disposal facilities, fire safety system, etc.
* Non-Logistics: Dormitory, guest house, canteen, health center and dispensary, petrol pump and EV charging station, banking and finance, office space and administrative office, weigh bridge, skill development center, computer center, sub-contract exchange, container freight station, production inspection center, and repair center for vehicles and production machinery.
* **Financial Incentives:**
* Front-end land subsidy of 30% for eligible projects on land allocated by state government entities.
* Land will be provided on lease after deducting 30% from current rates, with reimbursement processed through a separate budget.
* **Eligibility:** Projects with a minimum investment of ₹1000 crore are eligible for incentives.
* **Nodal Agency:** Invest UP will be the nodal agency for the implementation of this policy.
* **High-Level Empowered Committee (HLEC):** A committee chaired by the Chief Secretary will be formed to recommend projects under this policy.
**Impact Analysis:**
**Stakeholder:** Manufacturing Sector and Other Sectors in Uttar Pradesh
**Impact:** Enhanced competitiveness due to reduced logistics costs.
**Action Required:** Utilize the logistics park facilities and explore investment opportunities in logistics infrastructure.
**Stakeholder:** Industrial Development Authorities and State Government Agencies
**Impact:** Responsible for identifying and allocating land for logistics park development; manage subsidy disbursement.
**Action Required:** Implement the land allocation process as per the policy guidelines and ensure timely disbursement of subsidies.
**Stakeholder:** Investors and Developers
**Impact:** Opportunity to invest in and develop multi-modal logistics parks with potential financial incentives.
**Action Required:** Submit proposals for logistics park projects that meet the eligibility criteria and adhere to the policy guidelines.
**Stakeholder:** Uttar Pradesh Government
**Impact:** Promotion of economic growth, infrastructure development, and employment generation through the logistics sector.
**Action Required:** Monitor the implementation of the policy and ensure its effective execution through Invest UP and the HLEC.
Key Entities Referenced
Uttar Pradesh Multi-Modal Logistics Park Policy-2024: The main subject of the document, outlining policies and guidelines for the development of multi-modal logistics parks in Uttar Pradesh.
Invest UP: The nodal agency responsible for the implementation of the Uttar Pradesh Multi-Modal Logistics Park Policy-2024.
High Level Empowered Committee (HLEC): A committee headed by the Chief Secretary of Uttar Pradesh that will recommend project approvals under the policy.
Uttar Pradesh: The State to which this policy applies
उत्तर प्रदेश शासन
औद्योगिक विकास अनुभाग-6
WEAM-68/2024/3084/77-6-2022-04 (afateere)/2024
लखनऊ : दिनांक i8 दिसम्बर, 2024
अधिसूचना
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 62 के अन्तर्गत कार्यपालिका शक्तियों का प्रयोग करते eu
श्री राज्यपाल "उत्तर प्रदेश मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क नीति-2024" को प्रख्यापित करने की
सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
2- "Seat प्रदेश मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क नीति-2024" संलग्न है।
अभिषेक प्रकाश
सचिव।
सख्या- 68/2024/3084()/77-6-2024-0(लॉजिस्टिक्स)/2024.तद॒दिनाक। 68/2024/30840)/77-6-2024-0(लॉ /2024.तददिनां | |
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
on
9.
oak ७ ४ = | महालेखाकार, Scat प्रदेश, प्रयागराज।
समस्त अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, उत्तर प्रदेश शासन।
स्टाफ ऑफिसर, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन।
आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट YOu |
समस्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश।
समस्त मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश।
समस्त विभागाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश।
प्रबन्ध निदेशक, पिकप।
0.आयुकक््त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, HUAI |
4.fereeten, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।
2.समस्त अनुभाग, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग।
3.गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
रामध्यान रावत
उप सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |उत्तर प्रदेश मल्टी-मॉडल
लॉजिस्टिक्स पाक
नीति-2024: लॉजिस्टिक्स भारत में वर्ष-2020 में 2i5 बिलियन यू0एस0 डालर की
SST रही है, जो वर्ष 2032 तक॑ बढ़कर 360 बिलियन यू0एस0 डालर ay
_ होगी (एशियन . डेवलपमेंट बैंक जून, 20200। इफिशियेंट लॉजिस्टिक्स
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ाने तथा जी0एस0टी0 रेजिम का सम्पूर्ण बेनीफिट
अर्थव्यवस्था को उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक है। लॉजिस्टिक्स को.
इन्फ़ास्ट्रक्चर्स का स्टेटस W-20:7 में भारत सरकार द्वारा प्रदान. किया गया है
ताकि इस सेक्टर में आसानी से तथा बेहतर cH पर ऋण प्राप्त हो सके एवं
सेक्टर को एक्सटर्नल कामर्शियल बोरोईग तथा लॉग टर्म फण्ड्स मिल सके ।
2. ... भारत, वर्ल्ड बैंक लॉजिस्टिक परफार्मेश इंडेक्स-2078 में दुनिया में 44 वें
स्थान पर था तथा वर्ष-2023 में 38वें स्थान पर है। इस रैंकिंग में 4.3 स्कोर
के साथ सिंगापुर पहले स्थान पर है। देश में लॉजिस्टिक्स की लागत ऊँची है
तथा इफिशिएंसी लो है। देश की अर्थव्यवस्था में 43-74 प्रतिशत लॉजिस्टिक्स
की लागत है, जबकि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी बैंचमार्किंग 7-8 प्रतिशत है|
सड़क मार्ग से परिवहन में वर्तमान लागत रू. 4.9 प्रति टन प्रति किलोमीटर
आती है, जो अमेरिका की तुलना में दो गुना अधिक है। उक्त, के अतिरिक्त
देश में फ्रेट माल वाहक की एवरेज स्पीड 50-60 प्रतिशत कम है।
3. भारत में 60 प्रतिशत फ्रेट की ढुलाई सड़क मार्ग से होता है। रेल मार्ग
से परिवहन कम है, जबकि इसकी लागत सड़क At की तुलना में 45 प्रतिशत
कम होता है। |
4. वर्तमान में वेयरहाउसिंग सेक्टर काफी हद तक अनओऑर्गनाईज्ड. है,
जिसमें. बड़ी संख्या में प्लेयर्स छोटे-छोटे वेयरहाउसिंग के साथ कार्यरत हैं,
जिससे इकोनॉमी आफ स्केल नहीं प्राप्त हो रहा है। मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक
पार्क की स्थापना से इकोनॉमी ऑफ स्केल बड़ी तथा इन्टीग्रेटेड वेयरहाउसिंग
फैसिलिटीज के माध्यम से हासिल. किया जा सकता है। वर्तमान लॉजिस्टिक
व्यवस्था में छोटे व इनइफिशिएंट ट्रक भी शामिल हैं। भारत में एवरेज ग्रॉस
'व्हकिल वेट 46-25 मी0टन है, जबकि चीन में यह 262399 मी0टन है| 9
मीएटन के ट्रक पर परिवहन लागत रू. 3.56 प्रति टन प्रति किलोमीटर आती
है, जो कि 40 Moca ट्रक पर आने वाली परिवहन लागत से 2.5 गुना अधिक
है।5... बड़े मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क /हंब्स, जो Ge कन्सोलिडेशन एवं
डिस्एग्रीगेशन सेन्टर होते हैं की अनुपलब्धता की बजह से age टू प्वाईट Be
की लागत अधिक होती है। इस सेक्टर में इफिशिएंसी कम होने का एक कारण
ae भी है कि aga छोटी फर्म कम मजदूरी देते हुए अनस्किल्ड लेबर्स के
माध्यम से कार्य करते हैं और sani टैक्नोलॉजी तथा aed इक्यूपमेंट्स
आदि के इस्तेमाल से जो इफिशिएंसी बढ़ाई जा सकती है वह प्राप्त नहीं हो
पाती है।
6. मल्टी मॉडल .लॉजिस्टिक पार्क उपरोक्त समस्याओं का समाधान हो
सकता है। मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करते हैं
i, अवस्थापना सुविधाएं जहाँ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क Ge ट्रांसफर
सीमलेशली करेंगे |
ji. मैकेनाईज्ड वेयरहाउस तथा स्पेशलाईज्ड स्टोरेज FeV, कोल्ड
स्टोरेज आदि।
ii, मैकेनाईज्ड मैटीरियल हैण्डलिंग एवं इन्टर माडल ट्रांसफर Hew
टर्मिनल, Jon एण्ड ब्रेक कार्गोटर्मिनल |
iv. वैल्यू wes सर्विसेज -'उदाहरण: कस्टम NRW बाण्डेड स्टोरेज,
Faas जोन, टेस्टिंग फैसिलीटिज एण्ड वेयरहाउसिंग मैनेजमेंट
सर्विसेज |
v. लैट स्टेज मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी उदाहरण: किटिंग, फाईनल एसेम्बली
ग्रेडिंग शॉटिंग, लेबलिंग एवं पैकेजिंग एक्टिविटी, रि-वर्किंग एवं रिटर्न
..... मैनेजमेंट |
7. उपरोक्त के अतिरिक्त मल्टी मॉडल लॉजिस्टिकल पार्क इन्लैण्ड कंटेनर
डिपो और कंटेनर Ge स्टेशन की इफिशिएंसी भी बढ़ाने में मदद करते हैं।
सड़क परिवहन व हाईवे मंत्रालय के अनुमान के अनुसार लॉजिस्टिक पार्क
ट्रांसपोर्टेशन की लागत में 40 प्रतिशत की कमी कर सकते हैं, इससे काबर्नडाई
आक्साईड के उत्सर्जन में कमी होने के साथ-साथ शहरों के कन्जेशन को भी
कम किया जा सकता है। मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क शहरों में स्थित
वेयरहाउस व होल सेल मार्केट को शहरी सीमा के बाहर लॉजिस्टिक पार्क में
ले जा सकते हैं, क्योंकि वहाँ wea की लागत कम होगी। माडर्न तथा
पट . ं 3,मैकेनाईज्ड स्टोरेज सर्विसेज स्टोरेज तथा हेण्डलिंग के लॉसेज कों भी कम
करने में मदद करेगी |
8. मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क निम्न फंक्शंस प्रोवाइड करायेंगे :--
i. फ्रेट एग्रीगेशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन
li. मल्टी मॉडल We ट्रांसपोर्ट
iii. Pees स्टोरेज एण्ड वेयरहाउसिंग, shies टैक्नोलॉजी सपोर्ट
iV. वैल्यू एडेड सर्विसेज।
3. अतः, पात्र Acct मॉडल लॉजिस्टिक पार्क परियोजनाओं में निम्नलिखित
व्यवस्थाएं / सुविधाएं (सांकेतिक) होंगी :--
l. लॉजिस्टिक्स सुविधाएं, sear एकन्रीकरण / पृथक्करण, सॉर्टिंग
ग्रेडिंग, पैकेजिंग ,/ रिपैकेजिंग, टैगिंग / लेबलिंग, वितरण / उपभोक्ता-
वितरण, emt तथा wert का अंतर-मोडल स्थानांतरण, खुला.
तथा /अथवा बंद भंडारण, नियंत्रित तापमान तथा, अथवा परिवेश.
भंडारण, कस्टम sess वेयरहाउस, कंटेनर We स्टेशन, कंटेनर
टर्मिनल, मैटिरियल हैंडलिंग उपकरण तथा माल की हैंडलिंग एवं
आवागमन हेतु अन्य लॉजिस्टिक्स संबंधी सुविधाएं
. अवस्थापना सुविधाएं, यथा-आंतरिक सड़कें, आंतरिक सार्वजनिक
परिवहन, विद्युत लाइनें, फीडर, संचार सुविधाएं, खुले तथा हरित स्थान,
जल वितरण तथा जल संवर्धन सुविधाएं, सीवेज तथा जल निकासी
लाइनें, अपशिष्ट उपचार तथा निस्तारण सुविधाएं, अग्निशमन व्यवस्था
तथा आवश्यकतानुसार अन्य सुविधाएं |
. गैर-लॉजिस्टिक्स सेवाएं:
i. व्यवसायिक एवं वाणिज्यिक सुविधाएं, यथा-डॉरमिटरी, अतिथि
Te, कैंटीन, स्वास्थ्य केंद्र एवं डिस्पेंसरी, पेट्रोल पंप एवं ईवी
ahr स्टेशन, बैंकिंग एवं कित्त, कार्यालय हेतु स्थान एवं
प्रशासनिक कार्यालय |
ii, सामान्य सुविधाएं, यथा-वेट ब्रिज, कौशल विकास केंद्र, कंप्यूटर
सेंटर, सब-कॉन्ट्रैक्ट एक्सचेंज, कंटेनर He स्टेशन, उत्पादन
निरीक्षण केंद्र, वाहनों तथा उत्पादन मशीनरी हेतु मरम्मत केंद्र |Cargo type » Dry cargo Containers Processing and Value
Added Services
Perishable Nonperlshable Empty Stuffed
Storage ¢ ove; red warehouse Open Storage or . Open Storage cO op ve en r eS dtorage or
type covered warehouse house
Ware
Weather-and-pest-proof Normal Storage-heavy Cargo Stuffing yard Cargo destuffing yard Facllitles for labelling
Faives drainage and bagging industrial floor or Stacking yard and packaging ilities » .| facilities
. Empties storage and
Conveyor belt systems for repair yard Muitimodal and Last mile value addition
Cald storage facilities bulk cargo muiticountry
transport
Multimodal and Electronic hardware
-f Pack house for horticulture Multirack Facilities multkountry transport
produce
Unpacking
+ Bonded zone and customs clearance Parking facllities
Common
. Distribution facilities Petrol/compressed natural gas/diesel fuelling stations and
facilities truck repalr shops
Communication facilities {information technology linkage with port,
customs, raitways, and end users) 'e Light engi neering facility
Business center facilities and trade finance assistance (wholesale and . Power, water supply, drainage facilities
0. प्रदेश में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्कस के विकास से प्रदेश के अन्दर
अवस्थित मेन््युफैक्चरिंग सेक्टर व अन्य deed की कम्पेटेटिवनेस बढ़ायी जा
_ सकती है, क्योंकि इससे लॉजिस्टिक कास्ट की लागत घटेगी |
4. अन्य देशों में मल्टी मॉडल लाजिस्टिक पार्क को प्रोत्साहित करने के
लिए विभिन्न रियायतें दी जाती हैं। कतिपय महत्वपूर्ण पॉलिसीज का विवरण
निम्नवत् है:- | |
a. यूुनाईटेड We ऑफ waRer— इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश एण्ड जोब्स एक्ट
— इस एक्ट के अन्तर्गत i2 ट्रिलियन डालर इन्फ़ास्ट्रक्चर, जिसमें
be एवं लॉजिस्टिक इम्प्रूवमेंट शामिल हैं के 'निर्माण के लिए मल्टी
मॉडल ट्रांसपोर्टेशन हब के निर्माण हेतु ore देने का प्राविधान है|
5
atयूनाईटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के विभिन्न राज्यों द्वारा भी टैक्स
केडिट, ure और सब्सिडी मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के
प्रोत्साहन के लिए दिया जाता है।
0. युरोपियन यूनियन-
i. कनेक्टिंग यूरोप फैसिलिटीज (CEFJ- इसके अन्तर्गत मल्टी
मॉडल ट्रांसपोर्ट नैटवर्क को वित्त पोषित किया जाता है|
ii, यूरोपियन रीजनल डेवलपमेंट फण्ड (ERDF) ye फण्ड
इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, जिसमें लॉजिस्टिक पार्क तथा इन्टर माडल
:. ट्रांसपोर्ट हब शामिल हैं, उन्हें ore तथा सब्सिडी उपलब्ध
कराता है।
iii, TEN-T (gra यूरोपियन ट्रांसपोर्ट सपोर्ट नैटवर्क)- इसके अन्तर्गत .
यूनीफाईड ट्रांसपोर्ट नैटवर्क . जिसमें मल्टी मॉडल कॉरीडोर एवं
लॉजिस्टिक पार्क शामिल हैं, को प्रोत्साहित किया जाता है।
८. चाईना- विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा कम कीमत पर भूमि उपलब्ध
कराना, टैक्स फ्री एवं अन्य सब्सिडी मल्टी मॉडल लाजिस्टिक हब के
विकास के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
0. रसिया-
|. रसियन रेलवेज (RZD) इन्वेस्टमेंट vor इसमें सरकारी रेल
कम्पनी, मल्टी मॉडल टर्मिनल व लाजिस्टिक पार्क का ज्वाईट
वेंचर में विकास के लिए धनराशि उपलब्ध कराती है |
lil. फॉर ईस्ट डेवलपमेंट प्रोग्राम-- रसियन सरकार ने टैक्स इन्सेन्टिव
और सब्सिडी, लॉजिस्टिक प्रोजेक्ट्स, जिसमें मल्टी मॉडल
लॉजिस्टिक पार्क शामिल हैं को फॉर see में प्रमोट करने के लिए
उपलब्ध कराती है।
€. ब्राजील-
i. नेशनल लाजिस्टिक एण्ड ट्रांसपोर्ट प्लान- इसके अन्तर्गत
लॉजिस्टिक कॉरीडोर और मल्टी मॉडल फैसिलिटीज पब्लिक ..
प्राईवेट पार्टनरशिप में विकसित किये जाते हैं।
ii, इन्वेस्टमेंट पार्टनरशिप प्रोग्राम (PPI) इसमें ब्राजील की सरकार
विभिन्न वित्तीय व रेगुलेटरी इन्सेन्टिव जैसे- टैक्स बेनीफिट
आदि लॉजिस्टिक इन्फास्ट्रक्चवर के विकास के लिए उपलब्ध
कराती है|f. यूनाईटेड अरब अमीरात-
दुबई इण्डस्ट्रियल स्ट्रैटजी 2030- इस esi के अन्तर्गत मल्टी
मॉडल इन्फ़ास्ट्रक्चर, जिसमें समुद्र, वायु व रोड ट्रांसपोर्ट को
शामिल करते हुए मल्टी मॉडल इन्फास्ट्रक्चर विकसित किया जाए
उसके लिए इन्सेन्टिव उपलब्ध कराया जाता है।
ii, फ्री जोन्स- जावेल अली OF जोन में लॉजिस्टिक पार्क निर्माण में
टैक्स एग्जम्पशन उपलब्ध कराया जाता है।
8. भारत सरकार द्वारा भारत माला प्रोजेक्ट के अन्तर्गत 35 मल्टी मॉडल
लॉजिस्टिक पार्क पी0पी0पी0 मोड -पर देश में विकसित करने का लक्ष्य
रखा गया है |
॥. भारत के विभिन्न राज्यों में वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक के ऊपर
लैण्ड सब्सिडी, कैपिटल सब्सिडी व इन्टरेस्ट सब्सिडी उपलब्ध कराए
जाने. का प्राविधान है, परन्तु मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के विषय
. पर कोई नीति नहीं है।
42... मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की वायबिलिटी / सफलता इस बात पर
निर्भर करती है कि यह कन्जम्पशन सेंटर तथा इण्डस्ट्रियल क्लस्टर के कितने .
समीप है| मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की सफलता रेल, रोड व एयर फ्रेट
से नजदीकी पर भी निर्भर करती है। उपरोक्त अवस्थापना सुविधाओं से युक्त
era सेंटर व इण्डस्ट्रियल grey के पास भूमि की लागत अधिक होती
है।
43. मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के लिए बहुत बड़े क्षेत्रफल की भी
आवश्यकता होती है तथा इनके सफल संचालन के लिए विकासकर्ता को are
माईल रेल, रोड तथा वायु हेतु कनेक्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण करने एवं AS
टैक्नोलॉजी आधारित मशीनों में बड़ी राशि निवेश करने की आवश्यकता होती
है।
44. प्रदेश में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क नीति-2024 के क्रियान्वयन के
लिए इन्वेस्ट यू0पी0 नोडल संस्था होगी |
45. पात्रता मानदंड: उक्त नीति के अंतर्गत द000 करोड़ के न्यूनतम निवेश
वाली मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) परियोजना प्रोत्साहन हेतु
पात्र होगी |
6... पात्र निवेश अवधि (ईआईपी): प्राधिकरणों की नीति के अनुसार |
77. ... प्रोत्साहन पैकेज:
फ्रट-एंड लैंड सब्सिडी: ऐसी परियोजनाओं को 30 प्रतिशत की अप-फ्रन्ट लैण्ड
सब्सिडी दी जाएगी। यह लैण्ड सब्सिडी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों अथवा
राज्य सरकार की किसी संस्था द्वारा लीज पर आवंटित किए जाने वाले भूखण्ड
पर ही अनुमन्य होगी। ऐसी सब्सिडी आवंटन के समय राज्य सरकार की संस्था
द्वारा निर्धारित वास्तविक आवंटन मूल्य पर प्रदान की जाएगी | |
औद्योगिक विकास प्राधिकरण अथवा राज्य सरकार की किसी संस्था at भूमि की
. वर्तमान दर में 30 प्रतिशत घटाते हुए लागत आंकलित करेगी और उक्त लागत
आवंटी से प्राप्त करने के बाद भूमि लीज पर उपलब्ध करायेंगे। 30 प्रतिशत की
धनराशि के Rae के लिए प्राधिकरण शासन को प्रस्ताव उपलब्ध
कराएगा। उपरोक्त रि-इम्बरस्मेंट हेतु बजट में पृथक मद सृजित कर के धनराशि
प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाएगी | न |
Be एण्ड लैण्ड सब्सिडी प्राप्त करने वाली कम्पनी / संस्था को प्रधिकरण द्वारा
. आवंटित भूमि प्राधिकरण के पक्ष में कार्यशील होने / वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ
करने तक बंधक रखनी होगी। - (प्राधिकरण द्वारा अनुमन्य अवधि में
... कार्यशील / वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ नहीं करने की दशा में we ws लैंड
सब्सिडी की धनराशि प्राधिकरण द्वारा i2 प्रतिशत ब्याज के साथ कम्पनी / संस्था
से वसूल किया जाएगा |)
. 48. इस नीति के अंतर्गत प्रोत्साहन प्राप्त करने वाली परियोजनाएं राज्य सरकार
की किसी अन्य नीति के अन्तर्गत प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होगी |
i9. इन नीति के अंतर्गत परियोजनाओं की संस्तुति करने हेतु मुख्य सचिव, :
उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में एक “उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति!
(HLEC) का गठन एक पृथक शासनादेश के माध्यम से किया जाएगा, इसमें
_ संबंधित विभागों यथा आवास एवं शहरी नियोजन, राजस्व, वित्त, न्याय, औद्योगिक
विकास, परिवहन, नियोजन, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन आदि के सदस्यों के साथ
नोडल संस्था के प्रमुख सदस्य संयोजक होंगे | .थक हू
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| हर |
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'उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति' (HLEC) द्वारा पात्रता प्रमाण पत्र निर्गत
करने की संस्तुति पर मा0 मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्राप्त किया जाएंगा। ge
एण्ड लैंड सब्सिडी की धनराशि का वितरण “उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति' की
संस्तुति पर मा0 मंत्रिपरिषद के अनुमोदनोपरान्त किया जाएगा।
20. इस नीति की व्याख्या के लिए किसी भी wea की आवश्यकता की
स्थिति में ser स्तरीय प्राधिकृत समिति' (HLEC) से परामर्श किया जाएगा cen
mo औद्योगिक विकास मंत्री द्वारा अनुमोदित wea स्तरीय प्राधिकृत समिति' की
.. संस्तुतियों को अंतिम माना जाएगा। नीति में संशोधन HLEC की संस्तुतियों .पर
mo मंत्रिपरिषद के अनुमोदनोपरान्त किया जा सकेगा।
LL dtcttttdet th it Ltt e कावाकाफकक LL Li |