Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में गंगा एक्‍सप्रेसवे परियेाजना हेतु व...
Date: 2025-03-24 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में गंगा एक्‍सप्रेसवे परियेाजना हेतु वी0जी0एफ धनराशि के भुगतान के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा के संदर्भ में, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ परियोजना) हेतु निर्माणकर्ता कन्सेशनायरों को वी०जी०एफ० राशि के भुगतान की स्वीकृति के संबंध में है। राज्यपाल ने 185000.00 लाख (रुपये मात्र) की धनराशि के वितरण को मंजूरी दी है। यह निर्देश 24.03.2025 को जारी किया गया। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *वित्तीय अनुमोदन:* * वित्तीय वर्ष 2024-25 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ परियोजना) हेतु वी०जी०एफ० धनराशि के तौर पर स्वीकृत लागत 666400.00 लाख में से 185000.00 लाख रुपये का वितरण किया जाएगा, जिससे अब तक कुल वितरित धनराशि 199800.00 लाख रुपये हो जाएगी। *आवश्यकताएँ और प्रतिबंध:* * यूपीडा को तत्काल आवश्यकता के अनुसार स्वीकृत धनराशि निकालनी होगी। * अनुमोदित धन का उपयोग केवल परियोजना के स्वीकृत कार्य मदों और लागत सीमा के भीतर किया जाएगा। * वितरित धनराशि तत्काल जरूरतों के आधार पर निर्माणकर्ता कन्सेशनायरों को दी जानी है। * यूपीडा को आहरित धनराशि के लिए समय पर उपयोगिता प्रमाणपत्र और लेखा परीक्षा रिपोर्ट प्रदान करनी होगी। * स्वीकृत धन के व्यय में वित्त (आय व्ययक) अनुभाग - 1 के कार्यालय ज्ञाप संख्या सं 0-1/2024/बी-1-294/दस-2024-231/2024 दिनांक 04.03.2024 में जारी दिशा निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। *कन्सेशनेयर विनियम:* * कन्सेशनेयर समझौते के आर्टिकल 25 के अनुसार कन्सेशनेयरों द्वारा उक्त प्रोजेक्ट में लगायी जाने वाली स्वयं की कुल पूंजी के परियोजना के निर्माण में उपयोग हो जाने के उपरान्त, उनकी मांग पर यूपीडा द्वारा कन्सेशनेयर के वरिष्ठ उधारदाताओं (सीनियर लेन्डर्स) को उसके द्वारा कन्सेशनेयरों को प्रोजेक्ट निर्माण कार्य हेतु जारी किए जाने वाले ऋण की धनराशि के अनुपात में वी०जी०एफ० की धनराशि जारी की जानी है। *सामान्य अनुपालन:* * धनराशि का व्यय वित्त विभाग के नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए, और इसका उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता है। * धनराशि पर अर्जित किसी भी ब्याज को राजकोष में जमा किया जाना चाहिए। * किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए यूपीडा उत्तरदायी होगा। * यह व्यय अनुदान संख्या 007 के तहत लिया जाएगा। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक: यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण)** * **प्रभाव:** यूपीडा को परियोजना की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए धन प्राप्त होगा, लेकिन उसे वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने की आवश्यकता होगी। * **आवश्यक कार्रवाई:** आहरित धनराशि का विवेकपूर्ण ढंग से प्रबंधन करें, नियामक आवश्यकताओं का अनुपालन करें और धन के उपयोग के लिए समय पर रिपोर्ट जमा करें। **हितधारक: निर्माणकर्ता कन्सेशनायर:** * **प्रभाव:** वीजीएफ धन से परियोजना के निर्माण के लिए तत्काल वित्तीय आवश्यकताएं पूरी होंगी। * **आवश्यक कार्रवाई:** धन का उपयोग स्वीकृत उद्देश्यों के लिए करें और धन के उपयोग पर नियमित रूप से रिपोर्ट करें। **हितधारक: वरिष्ठ ऋणदाता (सीनियर लेन्डर्स):** * **प्रभाव:** परियोजनाओं के समय पर पूरा होने का आश्वासन मिलेगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** ऋण जारी करने और परियोजना प्रबंधन की निगरानी करें। **हितधारक: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार** * **प्रभाव:** परियोजना के पूरा होने से लाभ होगा जो आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे में सुधार में योगदान देगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** निधि उपयोग की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि परियोजना राज्य के नियमों और लक्ष्यों के साथ संरेखित हो।

Key Entities Referenced

गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ परियोजना): प्रयागराज से मेरठ तक गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना, जिसके लिए इस दस्तावेज़ में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए वी0जी0एफ0 धनराशि जारी की जा रही है। यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण): उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण, एक्सप्रेसवे परियोजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण। वी0जी0एफ0 (व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण): गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माणकर्ता कन्सेशनायरों को प्रदान किया जाने वाला व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण। औद्योगिक विकास अनुभाग-3: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वित्तीय अनुदान जारी करने में शामिल है। वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जिसकी नीतियाँ और दिशानिर्देश गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए धन के व्यय और उपयोग को नियंत्रित करते हैं।
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AkAT-25/2025/ |/9599/2025/005-77-3002-003-9-2024 जय वीर सिंह, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, पर्यटन भवन, गोमती नगर लखनऊ। ‘OQ औद्योगिक विकास अनुभाग-3 लखनऊ : दिनांक Se 03.2025 ' विषय:- वित्तीय वर्ष 2024-25 A गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हेतु वी0 शे के महोदय, Qe भुगतान के संबंध में | उपर्युक्त विषयक अपर मुख्य. कार्यपालक ast के. पत्रांक 2342/यूपीडा/गंगा/2024 दिनांक 2.03.2025 के Ss in A का निदेश हुआ है कि गंगा Vea परियोजना (प्रयागराज से मेरठ हेतु निर्माणकर्ता कन्सेशनायरों को वी0जी0एफ0 राशि हेतु FO 785000.0 मात्र) की धनराशि निम्नलिखित विवरण और शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैः > (धनराशि BO लाख में) #0 परियोजना/मद का GC) स्वीकृत लागत | अब तक अवमुक्त | वर्तमान A "| se धनराशि अवमुक्त धनराशि परियोजना 666400.00 99800.00 85000.00 से मेरठ परियोजना) वी0जी0एफ0 धनराशि नियम व शर्ते / प्रतिबन्धों (|) यूपीडा द्वारा उक्त स्वीकृत धनराशि तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार आहरित की जायेगी। (2) स्वीकृत की जा रही धनराशि परियोजनान्तर्गत स्वीकृत कार्य मदों पर और स्वीकृत लागत सीमा मैं ही व्यय किया जाना सुनिश्चित किया जाए। (3)आहरित धनराशि निर्माणकर्ता कन्सेशनायरों को तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार दी जायेगी। __ i. Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(4) यूपीडा का यह भी दायित्व है कि आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र /कार्य का सम्परीक्षित लेखा निधारिंत समयावधि में कार्यालय महालेखाकार, SOW प्रयागराज, कार्यालय स्थानीय निधि लेखा परीक्षा, उ0प्र0 प्रयागराज एवं शासन को उपलब्ध करा दिया जाए। (5) धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नियमानुसार किया जायेगा तथा स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्त (आय व्ययक) अनुभाग- । के कार्यालय AY संख्या सं 0- /2024/बी--294/दस-2024-23/2024 दिनांक 04.03.2024 दूवारा जारी दिशा निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (6) कन्सेशनेयर समझौते के आर्टिकल 25 अनुसार कन्सेशनेयरों द्वारा उक्त प्रोजेक्ट Acar जाने वाली स्वयं की कुल पूंजी के परियोजना के निर्माण में उपयोग हो जाने के Bea, Sahl मांग पर यूपीडा CANT कन्सेशनेयर के वरिष्ठ उधारदाताओं (सीनियर लेन्डर्स), Hh FAH CANT HAMAR को प्रोजेक्ट निर्माण कार्य हेतु जारी किए जाने वाले ऋण की ANP अनुपात में वी"जी०एफ० की धनराशि जारी की जानी है। प्रशासकीय विभाग GaNNseat प्राविधान का HAMAR को भुगतान किये जाने से पूर्व पूर्णतः अनुपालतुन्सुनिश्चित) किया जायेगा। (7) प्रश्नगत कार्य हेतु अवमुक्त धनराशि का व्यय/उपयोग्चऋदिल्लि:' विभाग द्वारा निर्गत आदेशों/ज्ञापों A उल्लिखित शर्तों के अनुसार , बजट AasiehUd बिल्लीय हैस्तपुस्तिका के नियमों , स्थायी आदेशों आदि का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चिक्तचिछुरलै हुए किया जायेगा तथा किसी भी दशा में प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनखूशिषषक suey किसी अन्य मद में नहीं किया जायेगा। (8) यदि आहरित धनराशि पर कोई Soy Med होता है तो उसे राजकोष में जमा किया जायेगा। (9) किसी भी वित्तीय अनियम्रिद्वती (किकैलिए यूपीडा उत्तरदायी होगा। 2- इस संबंध में होने areal coe रुपये 8,50,00,00,000 ( रुपये अठारह अरब पचास करोड़ मात्र ) को चालदक्तिये बे 2024-25 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 5054033874400 एक्सप्रेस-वे परियोजना हेतु वी.जी.एफ. धनराशि मानक मद 24 वृहत्‌ (AAO Ht के नामे डाला जायेगा। 3- सृहदीदेश fac (आय - व्ययक ) अनुभाग - ' के कार्यालय ज्ञाप संख्या - /2024/a- -294दूसै९0४4-23/2024, दिनाँक- 04-मार्च, 2024 A प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिशिधौ[िलै अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, (जय वीर सिंह) संयुक्त सचिव __ i. Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |संख्या एवं दिनांक तदैव। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- |. निजी सचिव, AIO मंत्रीजी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 2. निजी सचिव, AO राज्य मंत्री जी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 3. महालेखाकार, (लेखा परीक्षा) प्रथम/दवितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज/लखनऊ। 4. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उत्तर प्रदेश प्रयागराज। 5. मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी,कोषागार, जवाहर भवन, लखनऊ। 6. निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन लखनऊ। * Q 7.निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उ0प्र0 प्रयागराज। 3 थक 8. वित्त नियंत्रक, यूपीडा, पर्यटन भवन गोमती लखनऊ लखनऊ। 9. निजी सचिव, प्रमुख सचिव, औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्र० गे 044.. वविितत््तत ((ईआ-य6-) वअ्नयुयभका)ग -अ6न/ुऔभदा्गय-ो गिक विकास अनुभाग-2 SS* I2.alsa बजट एलाटमेन्ट सिस्टम। व 3. गार्ड फाइल। ON w आज्ञा से, (जय वीर सिंह) (है? संयुक्त सचिव __ i. Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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