यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2024-25 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए निर्माणकर्ताओं को वीजीएफ निधि के भुगतान के संबंध में है। यह 28 नवंबर, 2024 को जारी किया गया है, और प्रयागराज से मेरठ परियोजना के लिए 52000.00 लाख रुपये जारी करने की मंजूरी देता है, जो शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन है।
मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:
निधि रिलीज:
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ परियोजना) के लिए कुल स्वीकृत लागत 666400.00 लाख रुपये में से 52000.00 लाख रुपये की राशि जारी की जा रही है।
पहले ही जारी की जा चुकी राशि 77000.00 लाख रुपये है।
नियम और शर्तें:
निधि तत्काल आवश्यकतानुसार यूपीडा द्वारा निकाली जानी चाहिए।
जारी की गई धनराशि स्वीकृत कार्य मदों और लागत सीमा के भीतर खर्च की जानी चाहिए।
आहरित निधि तत्काल आवश्यकतानुसार निर्माणकर्ताओं को दी जानी चाहिए।
यूपीडा को उपयोगिता प्रमाण पत्र, लेखापरीक्षित खाते और निर्धारित समय सीमा के भीतर राज्य सरकार को कार्य रिपोर्ट प्रदान करनी होगी।
निधि सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन के बाद लागू नियमों के अनुसार निकाली जानी चाहिए और 4 मार्च 2024 को जारी किए गए दिशा निर्देशों का अनुपालन किया जाना चाहिए।
वीजीएफ निधि कन्सेशनायर समझौते के अनुच्छेद 25 के अनुसार जारी की जानी चाहिए, जो कन्सेशनायरों के निर्माण में कुल पूंजी के उपयोग के अनुपात में जारी की जाएगी।
धनराशि का उपयोग वित्त विभाग द्वारा जारी आदेशों और स्थायी आदेशों के अनुपालन में किया जाना चाहिए, और किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
आहरित धनराशि पर ब्याज प्राप्त होने पर उसे राजकोष में जमा किया जाना चाहिए।
किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए यूपीडा जिम्मेदार होगा।
चालू वित्तीय वर्ष में व्यय पाँच अरब बीस करोड़ रुपये है जिसे मुख्य शीर्ष 5054033371400 गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना वीजीएफ के नामे डाला जाएगा।
प्रभाव विश्लेषण:
हितधारक: यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण)
प्रभाव: निधियों का वितरण और प्रबंधन करने और उल्लिखित निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार।
आवश्यक कार्रवाई: धन आहरित करें, आवंटित करें, उपयोग की निगरानी करें और वित्तीय दिशानिर्देशों का पालन करें, उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करें, और कन्सेशनायर समझौते के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करें।
हितधारक: गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माणकर्ताओं
प्रभाव: परियोजना के वित्तपोषण के लिए वीजीएफ निधि प्राप्त करना।
आवश्यक कार्रवाई: समय पर निधि प्राप्त करना और उनका उपयोग परियोजना के उद्देश्यों के लिए करना, जैसा कि यूपीडा के दिशानिर्देशों के अनुसार बताया गया है।
हितधारक: उत्तर प्रदेश सरकार
प्रभाव: गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना की वित्तीय प्रगति और अनुपालन।
आवश्यक कार्रवाई: यूपीडा और निर्माणकर्ताओं की गतिविधियों की निगरानी करना ताकि धन का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।
Key Entities Referenced
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ परियोजना): प्रयागराज से मेरठ तक गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में VGF धनराशि का भुगतान किया जाना है।
यूपीडा (UPIDA): उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, जो गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए धनराशि के वितरण और उपयोग के लिए जिम्मेदार है।
VGF (वी0जी0एफ0): वायबिलिटी गैप फंडिंग, गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माणकर्ता कन्सेशनायरों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी, जहां यूपीडा (UPIDA) का कार्यालय गोमती नगर में स्थित है, और जहां से यह शासनादेश जारी किया गया है।
वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश का वित्त विभाग, जिसके नियमों और बजट मैनुअल का पालन धनराशि के व्यय/उपयोग में किया जाना है।