**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2024-25 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ परियोजना) के लिए वीजीएफ (व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण) निधि जारी करने की स्वीकृति प्रदान करता है। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने निर्माणकर्ताओं को 35,000.00 लाख रुपये की धनराशि जारी करने को मंजूरी दी है, जो विशिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन है। जारी करने की तारीख 26 जुलाई 2024 है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*धनराशि स्वीकृति और उपयोग:*
* गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ परियोजना) के लिए 35,000.00 लाख रुपये (रुपये तीन अरब पचास करोड़ मात्र) की वीजीएफ निधि स्वीकृत की गई है।
* स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्य मदों पर स्वीकृत लागत सीमा के भीतर ही किया जाना चाहिए।
*आहरण और वितरण:*
* यूपीआईडीए तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार स्वीकृत धनराशि निकालेगा और निर्माणकर्ताओं को तात्कालिक आवश्यकताओं के अनुसार वितरित करेगा।
*अनुपालन और लेखा परीक्षा:*
* यूपीआईडीए को उपयोगिता प्रमाण पत्र, कार्य के लेखापरीक्षित खाते निर्धारित समय के भीतर महालेखाकार कार्यालय, प्रयागराज और सरकार को उपलब्ध कराने चाहिए।
* धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नियमानुसार किया जायेगा। वित्त (आय व्ययक) अनुभाग - 1 के कार्यालय ज्ञाप संख्या सं 0-1 /2024/ बी-1-294/ दस- 2024-231/2024 दिनांक 04.03.2024 द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
*कन्सेशनेयर समझौते:*
* कन्सेशनेयर समझौते के आर्टिकल 25 अनुसार कन्सेशनेयरों द्वारा उक्त प्रोजेक्ट में लगायी जाने वाली स्वयं की कुल पूंजी के परियोजना के निर्माण में उपयोग हो जाने के उपरान्त, उनकी मांग पर यूपीडा द्वारा कन्सेशनेयर के वरिष्ठ उधारदाताओं (सीनियर लेन्डर्स) को उसके द्वारा कन्सेशनेयरों को प्रोजेक्ट निर्माण कार्य हेतु जारी किए जाने वाले ऋण की धनराशि के अनुपात में वी०जी०एफ० की धनराशि जारी की जानी है।
*वित्तीय अनुपालन:*
* धनराशि का व्यय/उपयोग वित्त विभाग द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के अनुसार, बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों और स्थायी आदेशों के अनुसार किया जायेगा। आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में नहीं किया जायेगा।
* आहरित धनराशि पर अर्जित कोई भी ब्याज सरकारी खजाने में जमा किया जाना चाहिए।
*दायित्व:*
* किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए यूपीडा उत्तरदायी होगा।
*वित्तीय विवरण:*
* इससे जुड़ा व्यय 3,50,00,00,000 रुपये (रुपये तीन अरब पचास करोड़ मात्र) है, जिसे चालू वित्तीय वर्ष 2024-2025 के बजट में अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 5054033371400 गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए वीजीएफ निधि, मानक मद 24 वृहत निर्माण कार्य में समायोजित किया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण):**
* **प्रभाव:** यूपीडा को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए वीजीएफ निधि प्राप्त होगी। वे धन के संवितरण और उचित उपयोग के लिए जिम्मेदार हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यूपीडा को तत्काल आवश्यकता के अनुसार धनराशि आहरित करनी चाहिए, उचित उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए, निर्माणकर्ताओं को धनराशि वितरित करनी चाहिए और निर्धारित समयावधि के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना चाहिए। उन्हें वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों और शर्तों का पालन करना चाहिए।
**निर्माणकर्ता कन्सेशनायर:**
* **प्रभाव:** गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को क्रियान्वित करने वाले निर्माणकर्ताओं को परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए वीजीएफ निधि प्राप्त होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** निर्माणकर्ताओं को प्राप्त वीजीएफ धनराशि का उपयोग तत्काल आवश्यकताओं के अनुसार करना चाहिए और कन्सेशनेयर समझौते के आर्टिकल 25 में वर्णित शर्तों का पालन करना चाहिए।
**वरिष्ठ ऋणदाता (सीनियर लेन्डर्स):**
* **प्रभाव:** वरिष्ठ ऋणदाताओं को परियोजना के लिए वित्तपोषण मिलेगा, जिससे उनकी परियोजनाओं के ऋण जारी रखने की क्षमता प्रभावित होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** निर्माणकर्ताओं को प्रोजेक्ट निर्माण कार्य हेतु जारी किए जाने वाले ऋण की धनराशि के अनुपात में वी०जी०एफ० की धनराशि जारी की जानी है।
**वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार:**
* **प्रभाव:** वित्त विभाग गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वीजीएफ निधि के आवंटन और उपयोग की देखरेख करता है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** वित्त विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि धनराशि के उपयोग के संबंध में उनके दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए और सभी आवश्यक लेखा परीक्षा और अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा किया जाए।
Key Entities Referenced
यूपीडा (UPIDA): उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority); गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वी0जी0एफ0 राशि के वितरण में शामिल।
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ परियोजना): प्रयागराज से मेरठ को जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना; जिसके लिए जारी शासनादेश वित्तीय वर्ष 2024-25 में वायबिलिटी गैप फंडिंग (वी0जी0एफ0) से संबंधित है।
वी0जी0एफ0 (VGF): वायबिलिटी गैप फंडिंग; गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए आवंटित की जा रही वित्तीय सहायता।
औद्योगिक विकास अनुभाग-3: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो औद्योगिक विकास से संबंधित है; इस नीति दस्तावेज के जारीकर्ता।
वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो वित्तीय मामलों से संबंधित है; नीति के अनुसार निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।
सख्या-952/2024/
प्रेषक,
|/70864/2024/00I-77-3002-003-9-2024
सुजीत कुमार,
विशेष सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
मुख्य कार्यपालक अधिकारी,
यूपीडा, पर्यटन भवन,
गोमती नगर लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-3 लखनऊ : दिनांकन्श26*१७५%,2024
विषय:-वित्तीय वर्ष 2024-25 मैं गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज़न्से, ALS परियोजना)
हेतु वी0एजी0एफ0 की धनराशि की मांग के संबंध FI
महोदय,
उपर्युक्त विषयक अपर मुख्य. meh RTS यूपीडा
649/यूपीडा/गंगा/2024 दिनांक 07.07.2024 तथा Tale 56/यूपीडा/एफ0आई0/454(2)/
2024 दिनांक .07.2024 के संदर्भ A मुझे#यहै* कैहनै का निदेश हुआ है कि गंगा
एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ ARAM) हेतु निर्माणकर्ता कन्सेशनायरों को
वी0जी0एफ0 राशि हेतु BO 35000.00/ लेख़ै( रैपये तीन अरब पचास करोड़ मात्र) की
धनराशि निम्नलिखित विवरण और aver प्रतिबन्धों के अधीन अवमुक्त किये जाने की
श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करैसे हैः
(धनराशि रू0 लाख मैं)
क्र0 | परियोजलौ/
परियोजना
(प्रयागराज से मेरठ
परियोजना) हेतु
वी0जी0एफ0
धनराशि
के. पत्रांक
मद, कौ | स्वीकृत लागत अब तक वर्तमान में
स0 नाम अवमुक्त धनराशि |... अवमुक्त
धनराशि
5६ 2... 3... Pa 5...
7 गंगा एक्सप्रेसवे 400000.00 - 35000.00
5- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |नियम व शर्तें / प्रतिबन्धों
(।) यूपीडा दूवारा उक्त स्वीकृत धनराशि तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार आहरित की
जायेगी।
(2) स्वीकृत की जा रही धनराशि परियोजनान्तर्गत स्वीकृत कार्य मदों पर और स्वीकृत
लागत सीमा A ही व्यय किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
(3)आहरित धनराशि निर्माणकर्ता कन्सेशनायरों को तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार दी
जायेगी।
(4) यूपीडा का यह भी दायित्व है कि आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता Bary पत्र
(कार्य का सम्परीक्षित लेखा निधारिंत समयावधि में कार्यालय महालेखाकुरर..ैउ *0 प्र 0
प्रयागराज , कार्यालय स्थानीय निधि लेखा परीक्षा , उ 0 प्र 0 Wow VW शासन को
उपलब्ध करा दिया जाए।
(5) धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नि्यैझ्ानुसाश किया जायेगा तथा
स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्त (आय व्ययक) अनुभाग- च्छि As AMT संख्या सं 0-
| /2024/ बी- -294/ दस- 2024-23/2024 fect ७८ «+03.2024 दवारा जारी दिशा
निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया se
(6) कन्सेशनेयर समझौते के आर्टिकल 25 अल्सर ्सेशनेयरों दवारा उक्त प्रोजेक्ट मैं
लगायी जाने वाली स्वयं की कुल पूंजी MARAT के निर्माण में उपयोग हो जाने के
उपरान्त, उनकी मांग पर यूपीडा CaN ca के वरिष्ठ उधारदाताओं (सीनियर लेन्डर्स)
को उसके द्वारा कन्सेशनेयरों HME निर्माण कार्य हेतु जारी किए जाने वाले ऋण की
धनराशि के अनुपात में वी०जीँ फू की धनराशि जारी की जानी है। प्रशासकीय विभाग
CORT उक्त प्राविधानू का “कुल्सेशनैयरों को भुगतान किये जाने से पूर्व पूर्णतः अनुपालन
सुनिश्चित किया saan
(7) प्रश्नगत केर्य, हैँतु $अंवमुक्त धनराशि का व्यय/उपयोग वित्त विभाग cant निर्गत
आदेशों/ज्ञापों मैं ऊट्बिखित शर्तों के अनुसार , बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के
नियमों NEMA iret se का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जायेगा तथा
किसीन्शीदट्सा में प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में नहीं
कियाच््ञायैगा।
(8) यदि आहरित धनराशि पर कोई ब्याज प्राप्त होता है तो उसे राजकोष मैं जमा किया
जायेगा।
(9) किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए यूपीडा उत्तरदायी होगा।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 3,50,00,00,000 ( रुपये तीन अरब पचास करोड़
मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 20242025 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक
505403337400 गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना हेतु वी.जी.एफ. धनराशि मानक मद 24
Jed निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
l- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या ए-6-50-2-2024-25-दिनांक:8-7-2024 A
प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
(सुजीत कुमार)
विशेष सचिव
संख्या एवं दिनाक तदैव।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
I. निजी सचिव, AIO मंत्रीजी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभगि, उ0प्र0 शासन।
2. निजी सचिव, मा0 राज्य मंत्री जी, अवस्थापना एवं औद्योगिक faa विंग, उ0प्र0
शासन।
3. महालेखाकार, (लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उत्तर eM, प्रै्यूगराज/लखनऊ।
4. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीयु, उँन्नरूष्थदेश प्रयागराज।
5. मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी,कोषागार, जवाहर Mel, ATS |
6. निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालयु#नतीहर भवन लखनऊ।
7.निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा#बिअ्णि, डै0प्र0 प्रयागराज।
8. वित्त नियंत्रक, यूपीडा, पर्यटन eet लखनऊ लखनऊ।
9. निजी सचिव, प्रमुख सचिव, शद्ध्यॉगिक विकास विभाग, उ०प्र० शासन |
0. वित्त (ई-6) अनुभ्राग:0/शोदॉगिक विकास अनुभाग-2
4. वित्त (आय-दूययक़) झूनुभाग-
I2.clsa बजट | लल्मैंनहै सिस्टम।
3. गार्ड फाइलै।
आजा से,
(सुजीत कुमार)
विशेष सचिव
l- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |