Date: 2025-02-11Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 130.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू0 19,45,21,000.00 (रू0 उन्नीस करोड़ पैतालिस लाख इक्कीस हजार मात्र)) की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।
This document, dated February 11, 2025, from the Uttar Pradesh Government, addresses the Commissioner and Director of Industries in Kanpur. It concerns the financial sanction for the Industrial Investment Promotion Scheme-2003 for the financial year 2024-25.
The government approves a total of ₹19,45,21,000.00 (Nineteen Crore Forty-Five Lakh Twenty-One Thousand Rupees) out of the budgeted amount of ₹130.56 crore.
The breakdown of the sanctioned amount for the eligible unit is as follows:
* **M/s Suruchi Foods Pvt. Ltd., Mathura (Financial Year 2019-20):**
* Loan Sanctioned: ₹2161.35 Lakh
* Amount to be Released (90%): ₹1945.21 Lakh
The total amount to be released is ₹1945.21 Lakh (₹19,45,21,000.00 - Nineteen Crore Forty-Five Lakh Twenty-One Thousand Rupees).
**Key Conditions and Restrictions:**
* The sanctioned amount must be transferred directly to the bank accounts of the respective units via RTGS/NEFT.
* Utilization certificates must be provided through proper channels.
* The Uttar Pradesh Financial Corporation (UPFC) must ensure eligibility before distributing loans.
* Withdrawals from the treasury should only be made based on immediate requirements.
* The funds must be used only for the approved purposes.
* The funds are to be provided to the eligible units fully compliant with the terms of Industrial Investment Promotion Scheme-2003
* The responsibility for the recovery of the disbursed loans lies with the UPFC.
* Defaulting units will have their payments stopped from the date of default.
* UPFC will implement effective measures to ensure the security of funds and will complete all formalities.
* Delayed loan repayments will incur interest at a rate of 1.25% per month (simple interest), to be deposited in the treasury.
* UPFC will be responsible for any financial irregularities.
* Compliance with the directives issued by the Finance (Income-Expenditure) Section-1's Office Order dated 04.03.2024 and other related government orders must be ensured.
* UPFC must verify the eligibility and accuracy of the data of the unit before withdrawing the sanctioned amount.
The expenditure will be charged to the grant number 007, accounting head 6885011900600, Industrial Investment Promotion Scheme, 2003, standard item 30, Investment/Loan in the income and expenditure for the financial year 2024-25.
The order is issued with the concurrence of the Finance Department vide unofficial number E-6-109-X-2024-25, dated 14.11.2024.
**Contact:**
Ramdhayan Rawat
Up Sachiv (Deputy Secretary)
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: The scheme under which financial approval for interest-free loans is being issued.
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, कानपुर: The Uttar Pradesh Financial Corporation is responsible for handling loan distribution and recovery under the scheme.
उद्योग निदेशालय, कानपुर: Office of the Commissioner and Director of Industries, Kanpur.
मथुरा: Location of one of the beneficiary industrial units.
औद्योगिक विकास अनुभाग-6: Industrial Development Section-6 of the Uttar Pradesh Government.
WEAT-09/2025/347/77-6-2024-6002(099)/7/202
प्रेषक,
रामध्यान रावत,
उप सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग,
उद्योग निदेशालय, कानपुर।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 _ लखनऊ: दिनांक 4-02-2025
विषय:- वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत
प्राविधानित धनराशि रूपये (30.56 करोड़ के सापेक्ष कुल BO 9,45,2,000.00 (रू0 उन्नीस
करोड़ पैतालिस लाख इक्कीस हजार मात्र)) की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक प्रभारी, वि०्यो०वि०, उ०प्र० वित्तीय निगम, कानपुर के पत्र संख्या-
407/विनि/वियोवि/2024-25 दिनांक (8.42.2024 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाई को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त
ऋण की 90 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए योजनान्तर्गत
आवंटित बजट धनराशि BO (30.56 करोड़ के सापेक्ष कुल BO 9,45,2,000.00 (WO उन्नीस
करोड़ पैतालिस लाख इक्कीस हजार मात्र)) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध
किया गया él पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत् है:-
धनराशि (रू० लाख में)
ai का नाम... वित्त वर्ष | ऋण सवीकृत | अवमुकत की जाने वाली धनराशि
धनराशि (सुवीकृति राशि का 90%)
. AO सुरूचि HSA |2079-20} 26.35 945.2
प्रा2लि0, मथुरा।
945.27
(रू0 उन्नीस करोड़ पैतालिस लाख
SHA हजार मात्र)
2- अतः इस सम्बन्ध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू.
30.56 करोड़ (रुपये एक सौ तीस करोड़ छप्पन लाख मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाई को स्वीकृत
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु कुल BO 9,45,27,000.00 (BO उन्नीस करोड़
पैतालिस लाख इककीस हजार मात्र)) की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित
शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की Alo राज्यपाल महोदया सहर्ष स्वीकृति प्रदान
करती है:-
नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों
।. स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस sas को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे
आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी।
2. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र उ0प्र0 वितृतीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त
एवं निदेशक उद्योग निदेशालय, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग
अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा।
3. उ०प्र० वित्तीय निगम दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध मैं अपने स्तर
से पात्रता के सम्बन्ध A स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित
ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया
गया है।
4. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा।
5. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में
नहीं रखा जाएगा।
6. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा।
7. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है।
8. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
योजना-2003 (यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
9. पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर
होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा
की जायेगी।
0. यदि इन इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्ब्बन्ध A डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की
तिथि से आगे दी जाने वाल्ली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा।
44. उ0प्र0 वितृतीय निगम द्वारा इवाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक
निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा
धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
2. ऋण की वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत
प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
|3. किसी भी वितीय अनियमितता के लिए उ०प्र० वित्तीय निगम उत्तरदायी होगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप
दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित किया जाएगा।
|5. उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों
की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
3- इस संबंध में होने वाला व्यय रू0 (9,45,2,000.00 (रू0 उननीस करोड़ पैतालिस लाख
SHA हजार मात्र)) को चालू वितीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 007 लेखा
शीर्षक 68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के
नामे डाला जायेगा।
4- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पनन अशासकौीय संख्या-६-6-09-2-2024-25, दिनांक
|4..2024 मैं प्राप्त fac विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
रामध्यान रावत
उप सचिव।
AEA -09/2025/3 47()/77-6-2024-6002(099)/7/202 तद्दिनांक|
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचना एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :-
. महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
2. मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर।
3. नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्र० शासन।
4. प्रभारी, वि०यो०वि०, उ०प्र० वित्तीय निगम, कानपुर को उनके पत्र संख्या-407/विनि/वियोवि/2024-
25 दिनांक 8.2.2024 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु |
5. संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
6. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
7. वित्त (आय-व्ययक) 3tefsTaT-/4
8. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
9. नियोजन अनुभाग-/4
0. औद्योगिक विकास अनुभाग-2
. गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
रामध्यान रावत
उप सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |