Date: 2024-06-24Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 130.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू0 46,16,85,031.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट के लिए ₹46,16,85,031 की वित्तीय स्वीकृति जारी करता है। यह अनुमोदन रुपये 130.56 करोड़ के कुल बजट प्रावधान के सापेक्ष है और नौ मई 2024 के प्रबंध (वित्त) अनुभाग के एक संदर्भ पत्र को संदर्भित करता है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*स्वीकृत इकाइयाँ और धनराशि:*
* चार पात्र औद्योगिक इकाइयों को ब्याज-मुक्त ऋण के 90% के वितरण के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
* इन इकाइयों में मेसर्स ओमेक्स ऑटोज लिमिटेड, मेसर्स अम्बुजा सीमेंट्स लिमिटेड, मेसर्स जिंदल सॉ लिमिटेड और मेसर्स विसाका इंडस्ट्रीज लिमिटेड शामिल हैं।
* इन इकाइयों के लिए स्वीकृत और संवितरित की जाने वाली धनराशि की विशिष्ट मात्राएं दस्तावेज़ में सूचीबद्ध हैं।
*वितरण और नियम:*
* स्वीकृत धनराशि का भुगतान सीधे इकाई के बैंक खाते में RTGS/NFT के माध्यम से किया जाना चाहिए।
* धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization certificate) प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त और निदेशक, उद्योग, लखनऊ के माध्यम से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
* पिकप को ऋण वितरित करने से पहले पात्रता की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और प्रक्रियाओं / कानूनी औपचारिकताओं के अनुपालन को सुनिश्चित करना चाहिए।
* धनराशि की निकासी (Drawal) तत्काल आवश्यकता के आधार पर ट्रेजरी से की जानी चाहिए।
*वित्तीय और लेखा विवरण:*
* पिकप को स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा रखना आवश्यक है और खर्च केवल स्वीकृत मद में ही किया जाना चाहिए।
* धनराशि उन इकाइयों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए जो प्रोत्साहन योजना में उल्लिखित शर्तों का पूरी तरह से पालन करती हैं।
* पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली के लिए पिकप जिम्मेदार होगा, वसूली में किसी भी ढिलाई के लिए अनुवर्ती कार्रवाई की जाएगी।
*डिफ़ॉल्ट और ब्याज:*
* यदि इकाइयाँ ऋण वापसी में डिफ़ॉल्ट करती हैं, तो आगे संवितरण बंद कर दिया जाएगा।
* देरी से भुगतान के लिए ब्याज लिया जाएगा और उसे राजकोष में जमा किया जाएगा।
* पिकप द्वारा डिफ़ॉल्ट के मामले में, सरकार को ब्याज का भुगतान करना होगा।
*विविध शर्तें:*
* स्वीकृत धनराशि का वितरण एक महीने की आवश्यकताओं के अनुसार होगा, जिसका मूल्यांकन निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश द्वारा किया जाएगा।
* व्यय से पहले वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
* पिकप स्वीकृत धनराशि निकालने से पहले इकाई की पात्रता और आंकड़ों की शुद्धता का सत्यापन करे।
*लेखा और बजट आवंटन:*
* यह व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 के नामे डाला जायेगा।
**प्रभाव विश्लेषण**
**हितधारक:** औद्योगिक इकाइयाँ (मेसर्स ओमेक्स ऑटोज लिमिटेड, मेसर्स अम्बुजा सीमेंट्स लिमिटेड, मेसर्स जिंदल सॉ लिमिटेड, मेसर्स विसाका इंडस्ट्रीज लिमिटेड)
* **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अंतर्गत स्वीकृत ब्याजमुक्त ऋण की 90% धनराशि प्राप्त होगी, जो उनकी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करेगा।
* **आवश्यक कार्रवाई:** पात्रता सुनिश्चित करना, सभी नियम और विनियमों का अनुपालन करना और निधियों के उचित उपयोग के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना।
**हितधारक:** आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग निदेशालय, लखनऊ
* **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अंतर्गत इकाइयों को स्वीकृत धनराशि के संवितरण की प्रक्रिया की निगरानी करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करना कि इकाइयों की पात्रता सत्यापित हो जाए, निधियों का संवितरण सुचारू रूप से हो जाए और सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन हो जाए।
**हितधारक:** प्रबंध निदेशक, पिकप
* **प्रभाव:** पात्र इकाइयों को ऋण वितरण को प्रबंधित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार कि सभी नियम और विनियमों का पालन किया जाए।
* **आवश्यक कार्रवाई:** इकाइयों को धनराशि संवितरित करें, उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करें, रिकॉर्ड बनाए रखें और डिफ़ॉल्ट के मामले में वसूली के लिए आवश्यक कार्रवाई करें।
**हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार (उद्योग विभाग, वित्त विभाग)
* **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 को लागू करने और राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** संवितरण की निगरानी करना, उचित उपयोग सुनिश्चित करना और योजना के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक नीतिगत निर्णय लेना।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना जिसका उद्देश्य औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देना है।
उद्योग निदेशालय, लखनऊ: उत्तर प्रदेश का उद्योग विभाग जो औद्योगिक विकास प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन के लिए ज़िम्मेदार है।
पिकप (PICUP): संभवतः उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP) को संदर्भित करता है, ऋण वितरण और वसूली के लिए जिम्मेदार।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का एक विभाग जो औद्योगिक विकास के मामलों को देखता है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार।
WEAT-25/2024/439/77-6-2024-6099/04/2022
प्रेषक,
मनोज कुमार मौर्य,
संयुक्त सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग,
उद्योग निदेशालय, लखनऊ |
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 24-06-2024
विषय:- वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के
अन्तर्गत. प्राविधानित . धनराशि. रूपये. 430.56. ARIS के... सापेक्ष कुल
रू0 46,6,85,03.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में
महोदय,
उपर्युक्त. विषयक प्रबन्ध. (वित्त), «= पिकप . के... पत्र. संख्या- इन्स-
आईएआईए0पी0एस0/0/07-08//0.'४//464, दिनांक 09 AS 2024 का संदर्भ ग्रहण करने का
कष्ट करें, जिसके adn औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र
इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की 90 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि BO 30.56 करोड़ के
सापेक्ष कुल BO 46,76,85,037.00 (रू0 छियालिस करोड़ सोलह लाख पच्चासी हजार
इक्कतीस) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का
उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है:-
धनराशि (रू0 लाख में)
क्रम सं0 इकाई का नाम वित्तीय वर्ष ऋण स्वीकृत वितरण हेतु
धनराशि आहरित की जाने
वाली धनराशि
(स्वीकृत धनराशि
का 90 प्रतिशत)
I. AO ओमेक्स 208-9 2,48,4,568.00 | 9,33,57,4.00
ऑटोज लिए,
लखनऊ
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2. मे0 अम्बुजा 207-8 0,80,00,000.00 | 9,72,00,000.00
सीमेन्ट लिए,
गौतमबुदूध नगर
3. AO जिन्दल A | 207-8 7,9,54,774.00 | 6,76,39,297.00
लि0, मथुरा
4. मे0 विसाका 208-49 6,49,42,78.00 | 5,84,47,960.00
इण्डस्ट्रीज लि0, | 2079-20 9,00,44,848.00 | 4,50,40,363.00
रायबरेली
योग 5,29,83,368.00 | 46,6,85,03.00
2- अत: इस सम्बन्ध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में
प्राविधानित धनराशि रू0 730.56 करोड़ (रूपये एक सौ तीस करोड़ Sua लाख मात्र) के
सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु कुल रू0
46,6,85,03.00 (रू0 छियालिस करोड़ सोलह लाख पचासी हजार इकतीस) की धनराशि
आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने
की AIO राज्यपाल महोदया सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं:-
नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों
स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में
.
सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी।
स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित
कर आयुक्त Ud निदेशक उद्योग, लखनऊ के माध्यम से तत्काल शासन के
औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त
संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा।
पिकप दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर
से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि
प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये. जाने सम्बन्धी . प्रक्रियाओं/विधिक
औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है।
स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही
किया जायेगा।
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in A सत्यापित की जा सकती है |5. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य
किसी खाते में नहीं रखा जाएगा।
6. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा।
7. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत
किया गया है।
8. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन योजना-2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित करती हो।
9. पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा।
वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन
द्वारा की जायेगी।
0. यदि इन इकाईयों दूवारा ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो
डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया
जायेगा।
4. पिकप cant इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन योजना-2003 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी
तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
2.ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25
प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
3.afe पिकप cant किसी fea के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप
दूवारा शासन को .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की
अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा।
4. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानसार नुसार किया जाएगा।
आवश्यकता का. आंकलन निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ दूवारा किया
जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का
अनुश्रवण भी निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा किया जाएगा तथा
धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगल्ली किश्त का
आहरण किया जाएगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |।5. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के
कार्यालय AM दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-
निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
6. पिकप cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों
की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लैंगे।
2- इस संबंध मैं होने वाला व्यय रुपये 46,(6,85,03/ (रुपये areas करोड़ सोलह
लाख पचासी हजार इकतीस मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक
मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 688507900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना,
2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा।
3- ... यह आदेश कंप्यूटर GANT उत्पन्न संख्या-£-6-29-2(-2024-25 दिनांक-3-06-2924
मे प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
मनोज कुमार मौर्य
संयुक्त सचिव।|
UAT-25/2024/ 39()/77-6-2024-6099/04/2022dafecn | 04/2022तददिनां ical
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
l- महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0
शासन।
4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
5- प्रबन्ध निदेशक, पिकप को पत्रांक- sed-3Ts03TSOUTOva0/0/07-08/Vol.IV/764,
दिनांक 09 मई 2024 के क्रम मैं अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु।
6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8- वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-/4
Q- वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
I0- नियोजन अनुभाग-/4
II- औद्योगिक विकास अनुभाग-2
{2- गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
मनोज कुमार मौर्य
संयुक्त सचिव।|
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |