Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2025-02-11 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 130.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू0 6,52,45,000.00 (रु० छः करोड़ बावन लाख पैतालिस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, नीचे सारांश दिया गया है: **कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट के लिए 6,52,45,000.00 रुपये (छह करोड़ बावन लाख पैंतालीस हजार रुपये मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी करने से संबंधित है। इस अनुमोदन से पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण के 90% का वितरण किया जा सकेगा। यह पत्र इस संबंध में पूर्व में किए गए अनुरोध का संदर्भ है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** * **वित्तीय स्वीकृति:** * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट के लिए कुल 6,52,45,000.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। * यह धनराशि पात्र इकाइयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण की 90% राशि वितरित करने के लिए है। * **धनराशि का वितरण:** * स्वीकृत धनराशि सीधे इकाई के बैंक खाते में आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। * उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऋण वितरित करने से पहले सभी पात्रता मानदंड पूरे किए गए हैं। * स्वीकृत धनराशि का आहरण तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर किया जायेगा। * **लेखा और जवाबदेही:** * स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। * धनराशि का उपयोग केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृति जारी की गई है। * पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। * **शर्तें और प्रतिबंध:** * इकाइयों को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन करना होगा। * यदि कोई इकाई ऋण वापसी में डिफ़ॉल्ट करती है, तो डिफ़ॉल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बंद कर दिया जाएगा। * विलंब से ऋण वापसी करने वाली इकाइयों से वसूला जाने वाला ब्याज (1.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। **प्रभाव विश्लेषण:** * **उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम:** * **प्रभाव:** स्वीकृत धनराशि को पात्र इकाइयों को वितरित करने और वसूली सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व। * **आवश्यक कार्रवाई:** इकाइयों की पात्रता की पुष्टि करना, धनराशि का हस्तांतरण करना, वसूली की निगरानी करना और किसी भी चूक की रिपोर्ट करना। * **आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग निदेशालय, कानपुर:** * **प्रभाव:** स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित उपयोगिता प्रमाण पत्र औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराना। * **पात्र औद्योगिक इकाइयाँ:** * **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अंतर्गत ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त करने की क्षमता। * **आवश्यक कार्रवाई:** योजना के पात्रता मानदंडों का पालन करना, आवश्यक दस्तावेज़ प्रदान करना और ऋण शर्तों के अनुसार ऋण चुकाना।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, कानपुर: एक वित्तीय संस्थान जो उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत ऋण वितरित करता है। औद्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का औद्योगिक विकास विभाग का एक अनुभाग, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 से संबंधित मामलों को देखता है। मे0 आर0एल0 जे0 कॉनकास्ट प्रा० चुनार, मिर्जापुर: एक पात्र इकाई (एलिजिबल एंटिटी) जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत ऋण प्राप्त कर रही है। उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 से सम्बंधित शासनादेश (सरकारी आदेश) जारी करती है।
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संख्या-0/2025/348/77-6-2024-6099/04/2022 प्रेषक, रामध्यान रावत, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 _ लखनऊ: दिनांक 4-02-2025 विषय:- वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधािनित धनराशि रूपये 730.56 करोड़ के सापेक्ष कुल BO 6,52,45,000.00 (रु* छः करोड़ बावन लाख पैतालिस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति के संबंध Al महोदय, उपर्युक्त विषयक प्रभारी, वि०्यो०वि०, उ०प्र० वित्तीय निगम, कानपुर के पत्र संख्या- 408/विनि/वियोवि/2024-25 दिनांक 8.2.2024 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके दूवारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाई को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की 90 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के fav योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि BO 30.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रु* 6,52,45,000.00 (eo छः करोड़ बावन लाख पैतालिस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत हैः- धनराशि (रू० लाख में) क्रमांक इकाई का नाम वित्तीय वर्ष ऋण स्वीकृत | अवमुक्त की जाने धनराशि वाली धनराशि (स्वीकृति राशि का 90%) व . AO आर0एल0जे0 2022-23 724.95 652.45 कॉनकास्ट WO dan, मिर्जापर। > > 652.45 (So छः करोड़ बावन लाख पैतालिस हजार मात्र) I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2- अतः इस सम्बन्ध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में प्राविधिनित धनराशि रू. 30.56 करोड़ (रुपये एक सौ तीस करोड़ छप्पन लाख मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु कुल 6,52,45,000.00 (vo छः करोड बायन लाख पैतालिस हजार मात्र) की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की Alo राज्यपाल महोदया सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती है। नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों ।. स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस sas को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। 2. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र उ0प्र0 वितृतीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग निदेशालय, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। 3. उ०प्र० वित्तीय निगम दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध मैं अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध A स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित व्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। 5. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। 6. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा रखा जाएगा। 7. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। 8. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। 9. पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। 0. यदि इन इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्बबन्ध A डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाल्ली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। 44. उ0प्र0 वित्तीय निगम gant इवाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 2. ऋण की वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। |3. किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए उ०प्र० वितृतीय निगम उत्तरदायी होगा। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। |5. उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 3- इस संबंध में होने वाला व्यय BO 6,52,45,000.00 (रु* छः करोड़ बावन लाख पैतालिस हजार मात्र) को चालू वितीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक मैं अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के aA डाला जायेगा। 4- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न अशासकीय संख्या-£-6-445-2(-2024-25, दिनांक 2..2024 A प्राप्त वित विभाग की सहमति से fasta किये जा रहे है। भवदीय, रामध्यान रावत उप सचिव। WEAl- 0/2025/3 48()/77-6-2024-6099/04/2022 तद्दिनांक। 0/2025/3 48()/77-6-2024-6099/04/2022 cal प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचना एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :- . महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2. मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर । 3. नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्र० शासन। 4. प्रभारी, वि०यो०वि०, उ०प्र० वित्तीय निगम, कानपुर के पत्र संख्या-408/विनि/वियोवि/2024-25 दिनांक 8.2.2024 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु | 5. संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। 6. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 7. वित्त (आय-व्ययक) 3eTsTaT-/4 8. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 9. नियोजन अनुभाग-/4 0. औद्योगिक विकास अनुभाग-2 . गार्ड फाइल। आज्ञा से, रामध्यान रावत उप सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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