Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2025-03-29 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 130.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 1,15,59,477.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत स्वीकृत ब्याज-मुक्त ऋण की राशि ₹1,15,59,477.00 के वितरण के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार से वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह स्वीकृति पिकप के एक अनुरोध पर आधारित है और इसमें तीन इकाइयों को आवंटित धनराशि के नियम और शर्तें शामिल हैं। दस्तावेज़ में कहा गया है कि यह आदेश कंप्यूटर द्वारा 28.03.2025 को जारी किया गया था। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** * **वित्तीय स्वीकृति:** * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत वर्ष 2024-25 के बजट के लिए ₹1,15,59,477.00 की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई। * **धनराशि का आवंटन:** * कुल राशि तीन पात्र इकाइयों को वितरित की जाएगी: * मै० जिन्दल सॉ लि०, मथुरा - ₹75,15,477.00 * मै० स्पर्श - ₹14,54,483.00 * मै० सुयश पेपर मिल्स, बस्ती - ₹25,89,517.00 * **धनराशि वितरण के नियम और शर्तें:** * धनराशि सीधे इकाइयों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जानी चाहिए। * पिकप से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना चाहिए और सरकार को प्रस्तुत किया जाना चाहिए। * ऋण वितरण से पहले, पात्र इकाइयों को पात्रता मानदंड़ों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। * स्वीकृत धनराशि केवल स्वीकृत मदों में ही खर्च की जानी चाहिए। * स्वीकृत धनराशि को आहरित करने से पहले, इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लें। * किसी भी डिफ़ॉल्ट के परिणामस्वरूप डिफ़ॉल्ट की तारीख से आगे आवंटित धन का भुगतान बंद हो जाएगा। * वितरण इकाई को प्रोत्साहन के दोहराव (डुप्लिकेसी) से बचना चाहिए। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** पिकप (PICUP) * **प्रभाव:** धन के संवितरण और ऋण की वसूली के लिए जिम्मेदार है। * **आवश्यक कार्रवाई:** इकाइयों को धनराशि का संवितरण करें, उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करें, अनुपालन सुनिश्चित करें और वसूली की निगरानी करें। **हितधारक:** स्वीकृत इकाइयाँ (मै० जिन्दल सॉ लि०, मै० स्पर्श, मै० सुयश पेपर मिल्स) * **प्रभाव:** उन्हें वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ब्याज-मुक्त ऋण प्राप्त होगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** फंड का उपयोग समझौते की शर्तों के अनुसार करें, और समय पर ऋण चुकाना सुनिश्चित करें। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार (उद्योग विभाग, वित्त विभाग) * **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है। * **आवश्यक कार्रवाई:** पिकप द्वारा वितरण और उपयोग की निगरानी करें और योजना के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें। **हितधारक:** संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ * **प्रभाव:** लखनऊ में संयुक्त आयुक्त को वितरण के बाद धन के उचित उपयोग की निगरानी करनी होती है। * **आवश्यक कार्रवाई:** पिकप द्वारा ऋण वितरण की निगरानी करें और धन के सदुपयोग पर संतुष्ट हों और फिर अगली किश्त का आहरण करें।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: एक योजना जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देना है। पिकप (PICUP): यह ऋण वितरण और वसूली के लिए उत्तरदायी कार्यान्वयन एजेंसी (इंप्लीमेंटिंग एजेंसी) है। औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4: यह अनुभाग औद्योगिक विकास से संबंधित वित्तीय मामलों के लिए जिम्मेदार है। उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार (उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार)।
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संख्या-32/2025/620/77-6-2025-6099/04/2022/623733 प्रेषक, पीयूष वर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 _ लखनऊ : दिनांक 29-03-2025 विषय:- वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट मैं औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 730.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 7,45,59,477.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक पिकप के पत्रांक-इन्स-आईआईपीएस-0/07-08/४०-४॥/489 दिनांक 8.03.2025(छायाप्रति संलग्न) का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्‌वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की (0 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए योजनान्तर्गत... आवंटित sate धनराशि. FO 30.56. करोड़ के. सापेक्ष कुल रू. 7,5,59,477.00 ( रूपया एक करोड़ पन्‍्द्रह लाख उनसठ हजार चार सौ सतहत्तर मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत्‌ है:- क्र.स.इकाई का नामवित्‌तीय वर्ष ब्याज मुक्त ऋण इकाई को 0 की वीकतिवितरण हेतु आहरित कीप्रतिशत धनराशि जाने. वाली NR की (सुवीकृत धनराशि का Is se प्रतिशत) धनराशि मै0 जिन्दल सॉँ2०77-48 7.5.54.774.00 75,5,477.00 6,76,39,297.00 लि0, मथुरा 2 मै0 स्पर्श 20]7-]8 ],45.44.827.00 ,30,90,344.00 [4.54.483.00 I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |इंडस्ट्रीज प्रा/लि0, कानपर oO HO सुयश पेपर 2020-2] 2,58,95,72.00 2,33,05,655.00) 25,89,57.00 faed, बस्ती pT ,55,94,773.00 4,5,59,477.00 0,40,35,296.00 2-0 «Ha: इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू. 730.56 करोड़ (रूपये एक अरब तीस करोड़ छप्पन लाख मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु कुल रू. ,5,59,477.00 ( रूपया एक करोड़ पन्द्रह लाख उन्सठ हजार चार Al सतहत्तर मात्र) की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत/अवमुक्त किए जाने की एतद्द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्ते/प्रतिबन्धों . स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। 2. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप cant हस्ताक्षरित कर संयुक्त आयुक्त, उद्योग, उद्योग मण्डल, लखनऊ के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। 3. पिकप cant ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध मैं अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये. जाने सम्बन्धी . प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। 5. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। 6. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा। 7. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |8. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। 9. पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। I0.af¢ इन इकाईयों दूवारा ऋण वापसी के सम्बन्ध A डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। 7.ftHq द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। I2.UT की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। I3.af€ पिकप carr किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप दूवारा शासन को .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। |4.स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप दूवारा ऋण वितरण का अऊनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ CANT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। |5.स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AM दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 6. पिकप यह सुनिश्चित करेंगे कि योजनान्तर्गत इकाइयों को प्रदान किया जाना प्रोत्साहन के लाभ में दूविरावृत्ति (Duplicacy) की स्थिति उत्पन्न न हो। 7.पिकप दूवारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 3- Sa संबंध में होने वाला व्यय रूपया. 7,5,59,477.00 ( रूपया एक करोड़ पनन्‍्द्रह लाख उनसठ हजार चार सो सतहत्तर मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 6885077900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4- ... यह. आदेश. कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न. संख्या-£-6-268-2(-2024-25, दिनांक 28.03.2025 मे प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। संलग्नक : यथोक्त। भवदीय, पीयूष वर्मा विशेष सचिव। संख्या- 32/2025/620()/77-6-2025-6099/i04/2022/623733 तद्दिनांक। 32/2025/620()/77-6-2025-6099/04/2022/623733 ical प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- l- महालेखाकार(लेखा एवं SHAN) प्रथम/दृवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2- निजी सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 3- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर । 4- निदेशक, कोषागार, उ0प्र0, लखनऊ। 5- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। 6- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमैंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 7- प्रबन्ध निदेशक, पिकप को पत्र संख्या-इनस-आईआईपीएस-0/07-08//0।-%//489 दिनांक 8.03.2025 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 8- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 9- _ वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-/4 I0- वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 I4- नियोजन अनुभाग-4/4 2- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 3- गार्ड फाइल। आज्ञा से, रामध्यान रावत उप सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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