Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2024-08-30 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 130.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 10,60,000.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

This document, dated August 30, 2024, from the Industrial Development Section-6, Lucknow, and signed by Om Prakash Yadav, Joint Secretary, Uttar Pradesh Government, addresses the Commissioner and Director of Industries at the Directorate of Industries, Kanpur. It pertains to the financial sanction of ₹10,60,000.00 against the allocated ₹130.56 crore for the financial year 2024-25 under the Industrial Investment Promotion Scheme-2003. The document references U.P. Financial Corporation's letter no. 792/Vini/Viyovi/2024-25 dated 01.05.2024 regarding the allocation of funds for interest-free loans to eligible units under the scheme. The sanctioned amount is for Modern Packaging Pvt. Ltd., Gorakhpur, for the financial year 2017-18, with ₹10.60 lakhs proposed for release, corresponding to 10% of the sanctioned amount. The total sanctioned loan for the company is ₹106.00 lakhs, of which ₹95.40 lakhs has already been distributed. The document outlines several conditions and restrictions, including: * Funds to be transferred directly to the unit's bank account via RTGS/NEFT. * Utilization certificate to be submitted. * Due diligence on eligibility. * Drawdown based on immediate requirements only. * Funds to be used solely for the approved purpose. * UPFC to maintain accounts, ensure compliance with Industrial Investment Promotion Regulations-2012, and bear responsibility for loan recovery. * Default leads to termination of payments. * Interest on delayed repayments at 1.25% per month (simple interest), remitted to the exchequer. * Fund drawdown should be in line with the requirement, with assessment done by the Director of Industries, Uttar Pradesh, Kanpur. The expenditure will be charged to Grant No. 007, Head 6885011900600 Industrial Investment Promotion Scheme, 2003, Standard Item 30 Investment/Loan in the budget for the current financial year 2024-2025. This order is issued with the consent of the Finance Department vide Computer Generated No. E-6-41-X-2024-25, dated 09-07-2024. Copies of the document have been forwarded for information and necessary action to various officials, including the Accountant General, Chief Treasury Officer, Additional Chief Secretary, Managing Director, Nodal Officer, and Director of Statistics. The authenticity of the order can be verified on the website http://shasanadesh.up.gov.in.

Key Entities Referenced

औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: Industrial investment promotion scheme of 2003 under which financial sanction is being released. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: Uttar Pradesh Financial Corporation, the entity responsible for disbursing and recovering the loans. उद्योग निदेशालय, कानपुर: Directorate of Industries, Kanpur, involved in assessing need and monitoring loan distribution. औ‌द्योगिक विकास अनुभाग-6: Industrial Development Section-6, the department in UP government issuing order. Uttar Pradesh: The state in India where the policy is applicable.
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W°EAT-47/2024/720/77-6-2024-6002(099)/7/2027 ओम प्रकाश यादव, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 30 अगस्त, 2024 विषय:- वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट मैं औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के ATA प्राविधानित धनराशि रूपये (30.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 0,60,000.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 वित्तीय निगम के पत्रांक-792/विनि/वियोवि/2024-25, दिनांक 0.05.2024 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके दूवारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि BO 30.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 70,60,000.00 (रू0 दस लाख साठ हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है:- धनराशि (रू0 लाख में) क्रमांक इकाई का | वित्तीय वर्ष ऋण | वितरित की जा... अवमुक्त करने हेतु प्रस्तावित धनराशि नाम स्वीकृत | चुकी धनराशि (स्वीकृति राशि का 0%) धनराशि | (स्वीकृति राशि का 90 प्रतिशत) . AO माडर्न 207-48 06.00 95.40 0.60 पैकेजिंग प्रा्लि0, गोरखपु (वित्त वर्ष 207-8) | कुल... | 06.00 | 95.40 0.60 (रू0 दस लाख साठ हजार) I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2- अत: इस सम्बन्ध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि 6.(30.56 करोड़ (रूपये एक at तीस करोड़ छप्पन लाख मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को स्‌वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु कुल रू. 0,60,000.00 (रू0 दस लाख साठ हजार मात्र). की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की मा0 राज्यपाल महोदया सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों . स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। किसी परिस्थिति A धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। 6. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वितृतीय निगम पर होगा। वसूली में शिथिलता Wa जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन GANT की जायेगी। I0.af& इन इकाईयों cant ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |.3ceR प्रदेश वितृतीय निगम cant इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202(यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 2.ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। |3.यदि उत्तर प्रदेश वितृतीय निगम द्वारा किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो उत्तर प्रदेश वितृतीय निगम cant शासन को .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया. जाएगा। आवश्यकता का. आंकलन निदेशक, उद्योग, SACK प्रदेश, कानपुर द्वारा किया जाएगा। SAAT प्रदेश fades निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उततर प्रदेश वितृतीय निगम CART ऋण वितरण का अनुश्रवण भी निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर SIRT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। I5.fee भी वित्तीय अनियमितत के लिए उ0प्र0 वित्तीय निगम उत्तरदायी होगा। |6.स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AMT दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य संगत शासनादेशों दूवारा जारी दिशा- निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 7. उत्तर प्रदेश वितृतीय निगम द्वारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। |8.उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम शासनादेश संख्या-48/77-6-2024-6002(099)/9/2027, दिनांक 9.06.2024 का अनुपालन सुनिश्चित कराने का कष्ट करें। इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये कुल रू. 0,60,000 (रू0 दस लाख साठ हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2024-2025 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या- ह-6-4-20-2024-25, दिनांक 09-07- 2024 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, ओम प्रकाश यादव संयुक्त सचिव।| - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |ACAT-47/2024/20()/77-6-2024-6002(099)/7/202aaeate | प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- l- महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2- मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर। 3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 4- Yael निदेशक, पिकप। 5- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 6- प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम कानपुर को पत्रांक-792/विनि/वियोवि/2024-25 दिनांक 0.05.2024 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8- वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-/4 Q- वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 I0- नियोजन अनुभाग-/4 II- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 {2- गार्ड फाइल। आज्ञा से, ओम प्रकाश यादव संयुक्त सचिव।| I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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