Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2025-03-27 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 130.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 5,80,52,025.00 (रूपये पांच करोड़ अस्सी लाख बावन हजार पच्चीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

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Executive Summary & Key Takeaways

यहां दिए गए नीति पाठ का सारांश है: **कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2024-25 में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत 5,80,52,025.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति से संबंधित है, जो 130.56 करोड़ रुपये की कुल आवंटित धनराशि के मुकाबले निर्धारित है। इस धनराशि का उद्देश्य ब्याज मुक्त ऋण वितरित करना है, और यह स्वीकृति कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन है। यह दस्तावेज़ 27 मार्च, 2025 को जारी किया गया था, और प्राप्तकर्ता से उल्लिखित दिशानिर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया जाता है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** * **वित्तीय स्वीकृति:** * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत पात्र इकाई को वितरित करने के लिए 5,80,52,025.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। * अनुमोदन सुयश पेपर मिल्स, बस्ती (पायनियर यूनिट) के लिए है, जो वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए है। * **धनराशि का वितरण:** * उक्त इकाई के बैंक खाते में सीधे आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से धनराशि स्थानांतरित की जानी चाहिए। * **अनुपालन और प्रलेखन:** * उपयोगिता प्रमाण पत्र संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल के माध्यम से शासन को प्रस्तुत किए जाने हैं। * पिकप द्वारा ऋण के वितरण से पहले, पात्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए, और सभी प्रक्रियाओं/कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया जाना चाहिए। * पिकप को स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा रखना चाहिए और इस धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए। * **शर्ते और प्रतिबंध:** * स्वीकृत धनराशि को किसी भी परिस्थिति में पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते में नहीं रखा जाना चाहिए। * इकाई को प्रोत्साहन योजना की शर्तों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करना होगा। * ऋण की वसूली का पूर्ण दायित्व पिकप पर होगा, और लापरवाही की स्थिति में, जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। * यदि इकाई ऋण के भुगतान में चूक करती है, तो आगे भुगतान बंद कर दिया जाएगा, और विलंब की स्थिति में, ब्याज राजकोष में जमा किया जाना चाहिए। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ * **प्रभाव:** उन्हें औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत धन के वितरण के लिए वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। * **आवश्यक कार्रवाई:** * यह सुनिश्चित करें कि धनराशि सुयश पेपर मिल्स, बस्ती को वितरित की जाए। * यह सुनिश्चित करें कि इकाई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 की शर्तों का पालन करती है। * धन के उपयोगिता प्रमाण पत्र एकत्र करें और उन्हें संबंधित अधिकारियों को प्रस्तुत करें। * धन के वितरण का रिकॉर्ड रखें। * दिशानिर्देशों का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि इकाई प्रोत्साहन योजना-2003 की शर्तों का पालन करे। * दिए गए ऋण की वसूली पर नज़र रखें। * यदि इकाई ऋण चुकाने में विफल रहती है, तो भुगतान रोकना होगा और चूक की तारीख से वसूल की जाने वाली राशि की निगरानी करनी होगी। * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। * पिकप द्वारा ऋण वितरण से पहले पात्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए, और प्रक्रियाओं/कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया जाना चाहिए। **अन्य हितधारक:** * महालेखाकार * आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर। * प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, कानपुर। * निदेशक, कोषागार, उत्तर प्रदेश। * मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। * नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्र० शासन * प्रबंध निदेशक, पिकप * निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। * वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1/4 * वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 * नियोजन अनुभाग-1/4 * औ‌द्योगिक विकास अनुभाग-2 * **प्रभाव:** सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रति प्राप्त करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** आवश्यक कार्रवाई करें।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना जिसका उद्देश्य राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है। औ‌द्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का औद्योगिक विकास विभाग का अनुभाग है जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी है। पीकप: उ०प्र० में औ‌द्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने वाली एक एजेंसी। उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश की सरकार मे० सुयश पेपर मिल्स, बस्ती: एक पात्र इकाई जिसे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है।
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WEAT-28/2025/475/77-6-2025-6099/432/209/233835 पीयूष वर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 _ लखनऊ: दिनांक 27.03.2025 विषय:- वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट मैं औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये (30.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 5,80,52,025.00 (रूपये पांच करोड़ अस्सी लाख बावन हजार पच्चीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, कृपया... उपर्युक्त. विषयक. पिकप.. के... पत्र... संख्या- SS -0- 20/3TS3TTSUITA/2003/2022-23/Vol-XII/7390, . दिनांक 25.02.2025 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाई को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि BO (30.56 करोड़ के सापेक्ष कुल कुल रू. 5,80,52,025.00 (रूपये पांच करोड़ अस्सी लाख बावन हजार पच्चीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत्‌ है:- K TEMISHS का नाम वित्तीय वर्ष स्वीकृत. धनराशिवितरण हेतु sek (रू0) की. जाने... ate धनराशि (रू0) 2 3 4 5 | मे० सुयश पेपरा2022-23 5,80,52,025.00 |5,80,52,025,00 fAcd, बस्ती (पायनियर इकाई) योग 5,80,52,025.00 [5,80,52,025.00 I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2-... अतः इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2003 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक मैं उद्योग विभाग के अनुदान संख्या-007 के लेखा शीर्षक- 6885- उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज- 0l- औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज- (90- सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज- 06- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 मानक मद 30- निवेश/ऋण मैं प्राविधानित धनराशि रू. 730.56a0s (रुपये एक सौ तीस करोड़ छप्पन लाख मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाई को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु कुल रू. 5,80,52,025.00 (रूपये पांच करोड़ अस्सी लाख बावन हजार पच्चीस मात्र) की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन santa किए जाने की एतद्द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं। नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों . Sq WERT के स्तम्भ 5 में अंकित धनराशि का भुगतान इकाई के बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। 2. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर संयुक्त आयुक्त, _ उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। 3. पिकप cant ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाड़ के संबंध मैं अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित व्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये. जाने सम्बन्धी . प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। 5. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। 6. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा। 7. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। 8. यह धनराशि पात्र इकाई को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |9. पात्र इकाई को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। I0.afe इकाई CART ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। 7.ftHq द्वारा इकाई को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 2.ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। |3.किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए पिकप उत्तरदायी होगा। 4.स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व faa (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AAT दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य सुसंगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। |5.पिकप cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 3- इस संबंध में होने वाला व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-007 लेखा शीर्षक-68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 4- .... उक्त आदेश कंप्यूटर GANT उत्पन्न अशासकीय संख्या-६-6-236-20-2024-25-दिनांक: 8.3.2025 में प्राप्त faa विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, पीयूष वर्मा विशेष सचिव। सख्या-28/2025/475/77-6-2025-6099/432/209/ 233835 तददिनांक। ददिना TI प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचना एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :- oa महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। AFA एवं निदेशक, उद्योग, HTT प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, Hig | निदेशक, कोषागार, उत्तर प्रदेश। मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्र० शासन। RF ७ न > I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |7. प्रबंध निदेशक, पिकप के पत्र संख्या- इन्स-0-20/आईआईपीएस/2003/2022-23//0- XI/390, दिनांक 25.02.2025 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु | 8. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 9. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 |0.वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 44.felavoteT अनुभाग-/4 2.औद्योगिक विकास अनुभाग-2 3.गार्ड फाइल आजा से, रामध्यान रावत उप सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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