Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2024-06-24 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 130.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 9,59,50,000.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

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Executive Summary & Key Takeaways

This document, numbered संख्या-24/2024/1119/77-6-2024-6002(099)/7/2021पार्ट-3, issued by Manoj Kumar Maurya, Joint Secretary, Uttar Pradesh Government, to the Commissioner and Director of Industries, Directorate of Industries, Kanpur, dated June 24, 2024, approves the financial sanction of ₹9,59,50,000.00 against the provided ₹130.56 crore budget for the financial year 2024-25 under the Industrial Investment Promotion Scheme-2003. The document references U.P. Financial Corporation letter number 791/विनि/वियोवि/2024-25 dated 01.05.2024, requesting financial sanction to distribute 90% of the interest-free loan amount to eligible units under the Industrial Investment Promotion Scheme-2003. The approved amount is specifically allocated to: * M/s Kanodia Cement Limited, Bulandshahr for the financial year 2017-18: ₹959.50 lakh (90% of the sanctioned loan amount of ₹1066.12 lakh). The funds are to be transferred directly to the bank accounts of the concerned unit via RTGS/NEFT. The utility certification should be signed by the Managing Director, Uttar Pradesh Financial Corporation, and made available through the Commissioner and Director of Industries, Kanpur. The Director of Industries, Uttar Pradesh, Kanpur is responsible for assessing the needs, monitoring loan distribution and ensuring the proper use of funds. Key conditions include compliance with the Industrial Investment Promotion Scheme-2003 guidelines, Uttar Pradesh Financial Corporation's responsibility for loan recovery, and potential penalties for defaults, including interest charges on delayed payments (1.25% per month). The order is issued with the consent of the Finance Department, received on June 13, 2024, order number E-28-X-2024-25.

Key Entities Referenced

Industrial Investment Promotion Scheme-2003: The main scheme under which financial approvals are being granted to eligible units Uttar Pradesh Financial Corporation (UPFC): Responsible for disbursing and recovering the loan amounts under the scheme Kanpur: Location of the Directorate of Industries
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संख्या-24/2024/9/77-6-2024-6002(099)/7/202पार्ट-3 मनोज कुमार मौर्य, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 _ लखनऊ -: दिनांक 24-06-2024 विषय:- वित्तीय वर्ष-2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधािनित धनराशि रूपये (30.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 9,59,50,000.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 वित्तीय निगम के. पत्रांक-794/विनि/वियोवि/2024-25 दिनांक 0.05.2024 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की 90 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के ल्रिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि BO 30.56 करोड़ के सापेक्ष कुल रू. 9,59,50,000.00 (रू0 नौ करोड़ उनसठ लाख पचास हजार) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत्‌ है:- धनराशि (रू0 लाख में) क्रमांक। इकाई का नाम वित्त वर्ष ऋण स्वीकृत आहरित की जाने वाली धनराशि धनराशि (स्वीकृति राशि का 90%) . AO कनोडिया सीमेन्ट। 207-48 {066./2 959.50 लिमिटेड, बुलन्दशहर 2-0 अत: इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू. 730.56 करोड़ (रूपये एक at तीस करोड़ छप्पन लाख मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु कुल रू. 9,59,50,000.00 (रू0 नौ करोड़ उनसठ लाख पचास हजार) की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की ATO राज्यपाल महोदया सहर्ष स्वीकृति प्रदान करती हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों . स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। 3. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। 5. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। 6. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा रखा जाएगा। 7. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। 8. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। 9. पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व seat प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर ANAL कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। 0. यदि इन इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्बबन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। .3cce प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 2. ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। |3. यदि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम cant किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा शासन को .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर द्वारा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध मैं संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है ||5. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। |6. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 3- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 9,59,50,000 ( रुपये नौ करोड़ उनसठ लाख पचास हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-६-28-2(-2024-25, दिनांक 73-06-2024 A प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। AGCA-24/2024/I 9(4)/77-6-2024-6002(099)/7/2029e-3 तद्ुदिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- l- . महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2- मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर | 3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 4- alsa अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 5- Use निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम कानपुर को. पत्रांक-79/विनि/वियोवि/2024-25 दिनांक 07.05.2024 के क्रम A अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 6 आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। 7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8- वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-4/4 Q- वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 0- नियोजन अनुभाग-/4 t4- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 |2- गार्ड फाइल। आज्ञा से, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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