Date: 2024-06-15Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 125.00 करोड़ के सापेक्ष रु. 55,41,83,555.00 (पचपन करोड़ इकतालीस लाख तिरासी हजार पाँच सौ पचपन मात्र) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में।
**कार्यकारी सारांश:**
दस्तावेज़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012 के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 55,41,83,555.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह अनुमोदन प्रबंधक (वित्त) पिकप के अनुरोध पर आधारित है, जिसमें चार योग्य इकाइयों को धनराशि का वितरण शामिल है। दस्तावेज़ में इन निधियों के उपयोग के लिए नियम, शर्तें और निर्देश शामिल हैं, जिसका लक्ष्य है कि इकाइयाँ 2024 में नियत तिथि तक उनका उपयोग कर लें।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*वित्तीय स्वीकृति:*
* औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012 के तहत योग्य इकाइयों को वितरित करने के लिए 55,41,83,555.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति।
* यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 125.00 करोड़ रुपये के कुल बजट के सापेक्ष है।
*धनराशि का वितरण और उपयोग:*
* प्रबंधक, पिकप के अनुरोध पर ही धनराशि जारी की जाएगी।
* धनराशि सीधे इकाइयों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी।
* संयुक्त निदेशक, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा हस्ताक्षरित उपयोगिता प्रमाणपत्र औद्योगिक विकास विभाग को प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
* पिकप को यह सत्यापित करना होगा कि वितरण से पहले इकाइयाँ योग्यता मानदंडों को पूरा करती हैं और कानूनी आवश्यकताओं का पालन करती हैं।
*नियम और शर्तें:*
* राजकोष से धनराशि का आहरण तात्कालिक आवश्यकताओं के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
* धनराशि को आहरित करके किसी बैंक खाते में जमा नहीं रखा जाना चाहिए।
* पिकप धनराशि का लेखा-जोखा रखेगा।
* धनराशि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया था।
* लाभार्थियों को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 की शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।
*वसूली और डिफ़ॉल्ट:*
* पात्र इकाइयों को वितरित ऋणों की वसूली के लिए पिकप पूरी तरह से उत्तरदायी होगा।
* यदि इकाइयाँ डिफ़ॉल्ट करती हैं, तो आगे भुगतान रोक दिया जाएगा।
* पिकप इकाइयों द्वारा दिए गए नियमों के अनुसार स्वीकृत ऋणों की वसूली के लिए प्रभावी उपाय करेगा।
* विलंबित भुगतान करने वाली इकाइयों पर 1.25% प्रतिमाह का ब्याज लगाया जाएगा, जिसे सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा।
*निगरानी और अनुमोदन:*
* धनराशि के आहरण का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ द्वारा किया जाएगा।
* संयुक्त आयुक्त धनराशि के सदुपयोग से संतुष्ट होने के बाद ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
* यह सुनिश्चित करें कि वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के निर्देशों का पालन किया जाए।
* पिकप, धनराशियाँ जारी करने से पहले इकाई की पात्रता और डेटा की सटीकता की जाँच करे।
*व्यय और लेखांकन:*
* व्यय को आय-व्ययक के अनुदान संख्या 007 और लेखा शीर्षक 6885011900700 के अंतर्गत दर्ज किया जाना है।
* यह आदेश वित्त विभाग की सहमति से जारी किया गया है।
**प्रभाव विश्लेषण**
*उत्तर प्रदेश सरकार*
**प्रभाव:** राज्य सरकार के बजटीय आवंटन और औद्योगिक विकास नीतियों का क्रियान्वयन।
**आवश्यक कार्रवाई:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन के तहत निधियों का उचित वितरण सुनिश्चित करना।
*संयुक्त निदेशक, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ*
**प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के कार्यान्वयन की निगरानी।
**आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करना कि निधियाँ सही ढंग से उपयोग की जा रही हैं और सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है।
*पिकप (उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम)*
**प्रभाव:** निधियों का वितरण और उनकी वसूली के लिए दायित्व।
**आवश्यक कार्रवाई:** पात्र इकाइयों को निधियों का वितरण, उपयोगिता प्रमाण पत्रों का प्रबंधन, ऋण की वसूली सुनिश्चित करना और राज्य सरकार को नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
*लाभार्थी इकाइयाँ (मेसर्स मंगलम सीमेंट लि. आदि)*
**प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करना।
**आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करना कि वे नियमावली की शर्तों का पालन करें, निधियों का कुशलतापूर्वक उपयोग करें और निर्धारित समय पर ऋण चुकाएँ।
*अन्य संबंधित विभाग*
**प्रभाव:** धन के वितरण और उपयोग से संबंधित प्रशासनिक कार्य।
**आवश्यक कार्रवाई:** उद्योग निदेशालय, वित्तीय सांख्यिकी निदेशालय और बजट आवंटन से संबंधित विभिन्न अनुभागों को कार्रवाई और अभिलेखों के लिए इस आदेश को ध्यान में रखना होगा।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012: उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना, जिसका उद्देश्य औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है।
पिकप (PICUP): संभवतः उत्तर प्रदेश में एक वित्तीय संस्थान या निगम जो औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने में शामिल है। दस्तावेज़ में धन के वितरण के लिए एक मध्यस्थ के रूप में इसका उल्लेख किया गया है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, वह प्राधिकरण जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012 के तहत धन स्वीकृत कर रहा है।
लखनऊ मण्डल, लखनऊ: लखनऊ क्षेत्र में उद्योग के संयुक्त निदेशक का कार्यालय, वह इकाई जो लखनऊ क्षेत्र में योजना के कार्यान्वयन में शामिल है।
W°EAT-27/2024/79/77-6-24-6002(099)/2/2022
प्रेषक,
मनोज कुमार मौर्य,
संयुक्त सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
संयुक्त निदेशक,
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 5-06-2024
विषय: वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 20i2 के
अन्तर्गत Wiad धनराशि रूपये 725.00 करोड़ के सापेक्ष रु. 55,47,83,555.00 (पचपन
करोड़ इकतालीस लाख तिरासी हजार पाँच सौ पचपन मात्र) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए
जाने के संबंध में।
महोदय,
कृपया उपर्युक्त विषयक प्रबन्धक (वित्त) पिकप के पत्रांक-इन्स-0-9/आई.आई.पी.
wa./2072/Vol. ॥४/4765 दिनांक 76.0:.2024 (मय संलग्नक छायाप्रति) का संदर्भ ग्रहण
करने का कष्ट करें, जिसके दूवारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Alote-20I2 के अन्तर्गत
पात्र चारों इकाईयों को वितरित करने हेतु प्राविधानित बजट धनराशि के सापेक्ष रु.
55,4,83,555.00 (पचपन करोड़ इकतालीस लाख तिरासी हजार पाँच सौ पचपन मात्र) की
वितीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध कराया
गया विवरण निम्नवत् है:-
धनराशि (रूपये में)
रे इकाई का नाम... वित्तीय वर्ष स्वीकृत धनराशि विवरण हेतु आहरित
की जाने वाली
धनराशि (स्वीकृत
धनराशि... का... 90
प्रतिशत)
मेसर्स मंगलम | 2022-23 9,62,20 359.00 7,65,98 323.00
लि०, सीमेन्ट
अलीगढ़
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |मेसर्स पारले wat 207-48 8,7,93,464.00 7,36,4,8.00
Wrefero, = जिला
वाराणसी
मेसर्स _ ब्रिन्दावन 2020-2 6,09,2,749.00 4,48,29.574.00
Vat इण्डस्ट्रीज
प्रा०लि०, मथुरा
मेसर्स _ ब्रिन्दावन 202-22 77.68.23,933.00 5,97,47,540.00
vat इण्डस्ट्रीज
प्रा०लि०, मथुरा
योग 6,57,59,505.00 99,4,83,555.00
2- अतः इस सम्बन्ध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि एतदद्वारा औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन योजना 20I2 के क्रियान्वयन हेतु वितीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में
प्राविधानित धनराशि रु.25.00 करोड़ (रुपये एक सौ पचचीस करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपर्युक्त
इकाईयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु रु. 55,47,83.555.00
(पचपन करोड़ इकतालीस लाख तिरासी हजार पाँच सौ पचपन मात्र) की धनराशि आपके
निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत
किए जाने की श्री राज्यपाल एतदद्वारा सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:-
नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों
.. प्रबंध निदेशक, पिकप की मांग पर धनराशि का आहरण किया जाएगा।
2. स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे
आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से 3tedRa की जाएगी।
3. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर
संयुक्त निदेशक, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ के माध्यम से तत्काल शासन के
औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों
को उपलब्ध कराया जाएगा।
4. पिकप दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से
पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित
ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओँ/विधिक औपचारिकताओं का पालन
कर लिया गया है।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |5. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया
जायेगा।
6. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी
खाते में नहीं रखा जाएगा।
7. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा।
8. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया
गया है।
9. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 (यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित करती हो।
|0. पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। वसूली
में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर HNN कार्यवाही शासन GaN की
जायेगी।
4. यदि इन इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्बन्ध मैं Hee किया जाता है तो डिफाल्ट
की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा।
2. पिकप दूवारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावलत्ली-202 (यथा संशोधित) मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी
व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
3. ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25
प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
4. यदि पिकप gant किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप cant
शासन को .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण व्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का
भुगतान किया जाना होगा।
|5. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता
का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ दूवारा किया जाएगा। पिकप
को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त
आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ दूवारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के
संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
6. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय
ज्ञाप दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य सुसंगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का
पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
7. पिकप cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की
शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- इस संबंध में होने वाला व्यय रु. 55.47,83,555.00 (पचपन करोड़ इकतालीस लाख
तिरासी हजार पाँच सौ पचपन मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2024-2025 के आय- व्ययक में
अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 688504900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना,
202 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा।
4- यह आदेश कंप्यूटर CANT उत्पन्न WEAT-E-6-73-x-2024-25 दिनांक 3-05-2024 A
प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं।
भवदीय,
मनोज कुमार मौर्य
संयुक्त सचिव।|
AEAI-2 /2024/479( )/77-6-24-6002(099)/2/2022| तहिनांक।
निम्नलिखित को सूचनार्थ Ud आवश्यक अभिलेख अभिलेखः-
l- महालेखाकार (लेख एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ०प्र०
Maat |
4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्र० शासन।
5-प्रबन्ध निदेशक, पिकप को. पत्रांक-इन्स-0-9/आई.आई.पी.एस./202 Vol.IV/765
दिनांक 6.07.2024 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु |
6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4
9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
I0- नियोजन अनुभाग-/4
II- औद्योगिक विकास अनुभाग-2
{2- गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
मनोज कुमार मौर्य
संयुक्त सचिव।|
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |