ज़रूर, यहाँ अनुरोधित संरचना का उपयोग करके नीति पाठ का सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2024-25 में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये के आवंटन के संबंध में एक शासनादेश है। धनराशि यूपीडा को आवंटित की गई है, जो विशिष्ट नियमों और शर्तों के अधीन, तत्काल आवश्यकता के अनुसार इसे निकाल सकता है। आवंटन 23 सितंबर, 2024 को यूपीडा से प्राप्त एक अनुरोध के जवाब में किया गया है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*धनराशि का आवंटन और उपयोग:*
* गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
* यूपीडा को अपनी तत्काल ज़रूरतों के आधार पर स्वीकृत धनराशि निकालने की अनुमति है।
* आवंटित धनराशि का उपयोग केवल परियोजना के भीतर स्वीकृत कार्यों और लागतों के लिए किया जाना चाहिए।
* धनराशि का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता है।
*अनुपालन और रिपोर्टिंग:*
* यूपीडा को उपयोगिता प्रमाणपत्र और ऑडिट रिपोर्ट समय पर महालेखाकार और सरकार को जमा करनी होगी।
* धनराशि को सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद नियमों के अनुसार निकाला जाना चाहिए।
* वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।
* बजट मैनुअल और वित्तीय हैंडबुक के नियमों सहित स्थायी आदेशों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
*अन्य शर्तें:*
* यदि कोई ब्याज अर्जित होता है, तो उसे सरकारी खजाने में जमा किया जाना चाहिए।
* परियोजना को मूल मंजूरी देने वाला शासनादेश लागू रहता है।
* किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए यूपीडा जिम्मेदार होगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक: यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण)**
* **प्रभाव:** यूपीडा को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें धनराशि को आवश्यकतानुसार निकालना होगा, स्वीकृत कार्यों और लागत सीमाओं के भीतर धनराशि का उपयोग करना होगा, वित्तीय नियमों का पालन करना होगा और उपयोगिता प्रमाणपत्र और लेखा परीक्षा रिपोर्ट प्रदान करनी होगी।
**हितधारक: महालेखाकार (लेखा परीक्षा) और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग**
* **प्रभाव:** इन विभागों को यह सुनिश्चित करने के लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र और ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा करनी होगी कि धनराशि का सही तरीके से उपयोग किया गया है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें यूपीडा द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों का ऑडिट करना होगा और किसी भी विसंगति की रिपोर्ट करनी होगी।
**हितधारक: वित्त विभाग (उत्तर प्रदेश सरकार)**
* **प्रभाव:** वित्त विभाग को परियोजना के लिए धनराशि के आवंटन और उपयोग की निगरानी करनी होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें यूपीडा को आवश्यक निर्देश जारी करने और अनुपालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
Key Entities Referenced
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना: वित्तीय वर्ष 2024-25 में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए धनराशि का आवंटन।
यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण): गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना से संबंधित धनराशि के उपयोग के लिए मुख्य कार्यान्वयन एजेंसी।
औद्योगिक विकास अनुभाग-3: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए धनराशि आवंटन से संबंधित है।
वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1: वित्तीय प्रक्रियाओं और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए निधियों के व्यय को नियंत्रित करने वाले निर्देशों के अनुपालन को निर्देशित करता है।
उत्तर प्रदेश: गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना इस राज्य में स्थित है, इसलिए यह निधि आवंटन और परियोजना कार्यान्वयन के लिए भौगोलिक क्षेत्र निर्धारित करता है।