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Date: 2025-03-24 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में धनराशि की स्वीकृति के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

निश्चित रूप से! अनुरोध के अनुसार दी गई नीति पाठ का सारांश नीचे दिया गया है: **कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़, जो उ.प्र. शासन द्वारा जारी किया गया है, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार/नई औद्योगिक प्रोत्साहन योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति को निर्दिष्ट करता है। 24 मार्च, 2025 के इस शासनादेश में UPSEIDA (यूपीडा) को मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्वतन पर शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन धनराशि रखने की अनुमति दी गई है। इस शासनादेश को जारी करने की वित्त विभाग की सहमति 7 मार्च, 2025 को प्राप्त हुई थी। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** * **धनराशि स्वीकृति:** * वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तार/नई औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 1000 करोड़ रुपये की स्वीकृति। * **वित्तीय प्रावधान:** * यह धनराशि अनुदान संख्या 07 के अंतर्गत निर्दिष्ट लेखाशीर्षक से प्राप्त की जाएगी। * इससे संबंधित व्यय को रुपये 10,00,00,00,000 (दस अरब रुपये मात्र) के हिसाब से बजट में दर्ज किया जाएगा। * **यूपीसीडा के लिए शर्तें एवं प्रतिबन्ध:** * धनराशि के उपयोग के लिए वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग के प्रासंगिक कार्यालय-ज्ञाप और शासनादेशों का पालन किया जाना चाहिए। * धनराशि का प्रयोग बजट मैनुअल और वित्तीय हैंडबुक के अनुसार किया जाना चाहिए, जिसमे सक्षम प्राधिकारी की आवश्यक स्वीकृतियाँ प्राप्त होनी चाहिए। * आवश्यकता पड़ने पर धनराशि का उपयोग करने के लिए शासन के विचारार्थ भेजे गए किसी भी व्यय प्रस्ताव में धन की उपलब्धता और संबंधित लेखाशीर्ष का उल्लेख किया जाना चाहिए। * यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निवर्तन पर रखी जा रही धनराशि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाए जिसके लिए वह स्वीकृत की गई है। * धनराशि केवल तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार आहरित की जानी चाहिए और बैंक खातों में नहीं रखी जानी चाहिए। * किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए संबंधित प्राधिकरण स्वयं उत्तरदायी होगा। * कार्य की द्विरावृत्ति/पुनरावृत्ति न हो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। * परियोजना के लिए सक्षम स्तर पर अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की जाएगी। * **अनुपालन और रिपोर्टिंग:** * आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को समय पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** यूपीसीडा (औद्योगिक विकास प्राधिकरण) * **प्रभाव:** निधि का प्रबंधन और वितरण * **आवश्यक कार्रवाई:** स्वीकृत शर्तों और दिशानिर्देशों का पालन करके आवंटित निधि का प्रभावी ढंग से वितरण करना। **हितधारक:** वित्त विभाग * **प्रभाव:** निधियों का आवंटन और व्यय का अनुमोदन * **आवश्यक कार्रवाई:** निधियों के निर्गमन की निगरानी करना और उचित उपयोग सुनिश्चित करना। **हितधारक:** उ.प्र. शासन (उद्योग विकास विभाग) * **प्रभाव:** औद्योगिक क्षेत्र के विकास और विस्तार के लिए नीति निर्माण और निगरानी * **आवश्यक कार्रवाई:** औद्योगिक विकास योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करना और सुनिश्चित करना कि धन का उपयोग इच्छित उद्देश्यों के लिए किया जाए।

Key Entities Referenced

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार और यूपीडा का स्थान। यह नीति उत्तर प्रदेश पर लागू होती है। मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना: वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के अंतर्गत धनराशि की स्वीकृति से संबंधित है। औद्योगिक विकास अनुभाग-4: अनुभाग जो मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना से संबंधित मामलों को संभालता है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा): वह संगठन जिसे मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के तहत वित्त प्राप्त होगा। वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग: धनराशि जारी करने से पहले अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए संदर्भित विभाग।
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EGCAT-2/2025//94832/2025/003-77-4099-236-2024 प्रेषक, जयवीर सिंह, संयुक्त सचिव, ऊ0प्र0 शासन। सेवा में, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीसीडा, लखनपुर, कानपुर | औद्योगिक विकास अनुभाग-4 लखनऊ : दिनांकु, 24.08.2025 विषय:- मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नये औद्योगिक Aart योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में धनराशि की स्वीकृति के CIR Ay महोदय, उपर्युक्त विषयक अपर मुख्य HUH Bry, यूपीडा के पत्र संख्या 525/यूपीडा 9/ 772 एण-ा(भू-अर्जन), दिनांक 20.2.2024 हारी किये गये अनुरोध के क्रम में ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किए जाने सम्बन्धी wayyy दिनांक 02.08.2023 के प्रस्तर 2.2 () में उल्लिखित व्यवस्थातुसार HAYA हैद्वं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2024-25 F प्राविधानित रू0 5000 करोड़ के सापेक्ष रूपये I000 करोड़ ब्याजमुक्त ऋण उत्तर#फैद्वैशएवसप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को स्वीकृत किए जाने क़ा PAWN CRT गया। 2. इस संबंध AAA Ue कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनुदान संख्या 07 केन््लेखाशीर्षकै 6875-अन्य उद्योगों के लिए कर्ज-60-अन्य उद्योग-90-सार्वजनिक क्षेत्र के जैतैथौ९..अन्य उपक्रमों को क्ज-03-मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नये FIA AT प्रौत्साहन योजना-30 निवेश ऋण" के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रू0 500090°00 लाख A से रूपये 00000.00 लाख (रुपये एक हजार करोड़ मात्र ) मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीसीडा के निर्वतन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं- नियम व शर्तें / प्रतिबन्धों () निवर्तन पर रखी जा रही धनराशि व्यय किये जाने के पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- | के कार्यालय-ज़ाप संख्या:-/2024/बी--294/दस-2024-23/2024 दिनांक 04.03.2024 एवं वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- 2 के शासनादेश दिनांक 07.i2.2023 तथा अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया. जायेगा। - Ue शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट ॥0://508587080650.00.80४.॥0से सत्यापित की जा सकती है |(2) उपरोक्तानुसार प्राविधानित धनराशि यूपीसीडा के निवर्तन पर रखते हुए यह स्पष्ट किया जाता है कि धनराशि का प्रदेश (एलाटमेंट) मात्र किसी प्रकार का व्यय करने का प्राधिकार नहीं देता है। व्यय करने के पूर्व जिन मामलों में बजट मैनुअल और फाइनेन्शियल हैण्डबुक के नियमों तथा स्थाई आदेशों के अन्तर्गत सम्बन्धित/सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति wa की जानी हो, उन मामलों में व्यय किये जाने के पूर्व ऐसी स्वीकृति अवश्य wa कर ली जाये। (3) यदि किसी व्यय के लिए शासन स्तर से वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव शासन को सन्दर्भित किया जाय, तो सन्दर्भित व्यय के लिये आय-व्ययक में प्रावधानित धनराशि की उपलब्धता इंगित करते हुए लेखाशीर्ष का भी उल्लेख प्रस्ताव में भंक्तिि[किया जाय। (4) निवर्तन पर रखी जा रही धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के feast जायेगा जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है। (5) धनराशि. pt आहरण तात्कालिक आवश्यकता के aa yrs जाएगा। (6) निवर्तन पर रखी गयी धनराशि का आहरण कर बैंक ९वीद्ो में नहीं रखा जायेगा। (7) किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए सम्बल्धित प्राधिकरण स्वयं उत्तरदायी होगा। (8) कार्यों की द्विरावृत्ति/पुनरावृत्ति a हो इसे भी Megha प्राधिकरण अपने स्तर से सुनिश्चित कर लेंगे। (9) सम्बन्धित प्राधिकरण वित्त (आय-व्ययक PP अतुभाग-3 शासनादेश AEA-2/20i7/a-3- 034/दस/207-00(4)/2002.. SOHO Nice = 27.44.20i7 bh प्रावधान तथा आवश्यकतानुसार बजट मैनुअल के WR 9६, कैं तहत सक्षम स्तर का अनुमोदन अपने स्तर से प्राप्त कर लेंगे। (I0) सम्बन्धित प्राधिकरण Yaa पर सक्षम स्तर का अनुमोदन Wa कर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति निर्गत करेंगे (4) आहरित धब्ब्राशि कैन्सचिक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र यथासमय शासन को उपलब्ध कराया जायेगा। 2- 38 संबंध में होने वाला व्यय रुपये 0,00,00,00,000 ( रुपये दस अरब मात्र ) को चालू बवितीस बूष 20242025 के आय-व्ययक A अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 657#609090300 मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण / नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजनौझमौनक मद 30 निवेश/ऋण के ATA डाला जायेगा। 3- ... यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या ६-6-227-2-2024-25-दिनांक:07-03-2025 मे प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, (जयवीर सिंह), संयुक्त सचिव - Ue शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट ॥0://508587080650.00.80४.॥0से सत्यापित की जा सकती है |संख्या एवं दिनांक तदैव। — io CO N DW UV + W प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ vd आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: - . निजी सचिव, मा0 मंत्री औद्योगिक विकास विभाग, ऊ0प्र0 शासन। ND. निजी सचिव, AIO राज्य मंत्री, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। . महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, S0U0 प्रयागराज/लखनऊ। ९७ NY . महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज। X . मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, लखनऊ। \ थे . संबंधित कोषाधिकारी। ९८ संबंधित वित्त नियंत्रक | दि . निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा, ऊ0प्र0 प्रयागराज। Q . गाई फाईल। XY eS आज्ञा से, S (जयवीर सिंह), 2 संयुक्त सचिव CG Ry \s l- Ue शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट ॥0://508587080650.00.80४.॥0से सत्यापित की जा सकती है |

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