ज़रूर, मैं आपके लिए दस्तावेज़ का सारांश तैयार कर सकता हूँ।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2024-25 में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 5000.00 लाख रुपये (50 करोड़ रुपये) के आवंटन से संबंधित है। यह आवंटन अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा के अनुरोध पर किया गया है। श्री राज्यपाल ने इस आवंटन को अपनी सहमति दे दी है, जो कुछ नियमों और शर्तों के अधीन है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **धनराशि का आवंटन और उपयोग:**
* आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 5000.00 लाख रुपये (50 करोड़ रुपये) आवंटित किए गए हैं।
* आवंटित धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत लागत सीमा में परियोजना के स्वीकृत मदों पर ही किया जाना चाहिए।
* यूपीडा को स्वीकृत धनराशि निर्माणकर्ताओं को उनकी तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध करानी चाहिए।
* **अनुपालन और जवाबदेही:**
* यूपीडा को आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र और लेखा परीक्षा रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) और शासन को उपलब्ध करानी होगी।
* धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नियमानुसार किया जायेगा और व्यय में वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1 के दिशानिर्देशों का पालन किया जायेगा।
* आहरित धनराशि पर प्राप्त होने वाले किसी भी ब्याज को सरकारी खजाने में जमा किया जाना चाहिए।
* परियोजना की मूल स्वीकृति विषयक शासनादेश की शेष शर्ते यथावत रहेंगी।
* किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए यूपीडा उत्तरदायी होगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
* **यूपीडा:**
* **प्रभाव:** यूपीडा को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 5000.00 लाख रुपये (50 करोड़ रुपये) की धनराशि प्राप्त होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यूपीडा को यह सुनिश्चित करना होगा कि धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत लागत सीमा में परियोजना के स्वीकृत मदों पर ही किया जाए, सभी नियमों और शर्तों का पालन किया जाए, और उपयोगिता प्रमाण पत्र और लेखा परीक्षा रिपोर्ट समय पर जमा की जाए।
* **निर्माणकर्ता:**
* **प्रभाव:** निर्माणकर्ता परियोजना के लिए धनराशि प्राप्त करेंगे।
* **आवश्यक कार्रवाई:** निर्माणकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों के लिए किया जाए और यूपीडा के साथ सहयोग किया जाए।
* **महालेखाकार, (लेखा परीक्षा)**
* **प्रभाव:** महालेखाकार (लेखा परीक्षा) को यूपीडा से उपयोगिता प्रमाण पत्र और लेखा परीक्षा रिपोर्ट प्राप्त होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** महालेखाकार (लेखा परीक्षा) को प्राप्त दस्तावेजों की समीक्षा करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि धनराशि का उपयोग उचित तरीके से किया गया है।
* **शासन:**
* **प्रभाव:** शासन को यूपीडा से उपयोगिता प्रमाण पत्र और लेखा परीक्षा रिपोर्ट प्राप्त होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** शासन को परियोजना की प्रगति की निगरानी करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि परियोजना समय पर और बजट के भीतर पूरी हो।
Key Entities Referenced
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना: एक बुनियादी ढांचा परियोजना जिसे राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है, और इस दस्तावेज़ का प्राथमिक विषय है।
वित्त विभाग: वह विभाग जो धनराशि के व्यय और उपयोग के लिए दिशानिर्देश जारी करता है।
महालेखाकार, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज: वह कार्यालय जो परियोजना के खातों का ऑडिट करता है।
औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार: मंत्रालय जिसके तहत औद्योगिक विकास अनुभाग-3 आता है।
यूपीडा (UPIDA): उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण, जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए जिम्मेदार है।