यहाँ अनुरोधित प्रारूप में सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तार/नई औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 1500 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण की स्वीकृति से संबंधित है। यह धनराशि सार्वजनिक क्षेत्र और अन्य उपक्रमों के लिए ऋण के रूप में UPLCIDA के माध्यम से उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को आवंटित की जाएगी। यह स्वीकृति विभिन्न नियमों और शर्तों के अधीन है, जिसका अनुपालन करना होगा।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **धनराशि स्वीकृति:**
* वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 1500 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण की स्वीकृति।
* अनुदान संख्या 07 के लेखाशीर्षक 6875-अन्य उद्योगों के लिए कर्ज-60-अन्य उद्योग-190-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-03-मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना-30-निवेश/ऋण" के अंतर्गत प्राविधानित धनराशि रू0 500000.00 लाख में से अवशेष रूपये 250000.00 लाख (रुपये पच्चीस सौ करोड़ मात्र) में से रूपये 150000.00 लाख (रुपये पन्द्रह सौ करोड़ मात्र)
* **शर्ते और प्रतिबंध:**
* धनराशि जारी करने से पहले वित्त (आय-व्यय) अनुभाग-1 से पूर्व अनुमति आवश्यक है।
* धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए ही किया जाना चाहिए।
* धनराशि को बैंक खातों में नहीं रखा जाना चाहिए।
* आहरण तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए।
* सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त कर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति निर्गत करें।
* आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र यथासमय शासन को उपलब्ध करायें।
* **अनुपालन:**
* सभी संगत शासनादेशों और दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
* वित्तीय अनियमितताओं के लिए संबंधित प्राधिकरण उत्तरदायी होगा।
* परियोजना पर सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त कर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति निर्गत करें।
* व्यय नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**UPLCIDA (उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड):**
* **प्रभाव:** UPLCIDA को 1500 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त होगा, जिसका उपयोग मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तार/नई औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के तहत उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए किया जाएगा।
* **आवश्यक कार्रवाई:** जारी किए गए दिशानिर्देशों और शर्तों का पालन सुनिश्चित करें, धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए करें, संबंधित शासनादेशों का अनुपालन सुनिश्चित करें, उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करें, वित्तीय अनियमितताओं से बचें और धनराशि का प्रबंधन सावधानीपूर्वक करें।
**UPEIDA (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण):**
* **प्रभाव:** UPEIDA को UPLCIDA के माध्यम से धन प्राप्त होगा।
* **आवश्यक कार्रवाई:** UPLCIDA के साथ समन्वय करें।
Key Entities Referenced
मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना: मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में धनराशि की स्वीकृति से संबंधित योजना।
यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण): उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण, जिसके माध्यम से ऋण वितरित किया जाएगा।
यीडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, जो वित्त की स्वीकृति में शामिल है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-4: उत्तर प्रदेश सरकार का औद्योगिक विकास विभाग, जो इस प्रोत्साहन योजना को जारी करता है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में गठित समिति: यह समिति वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राविधानित रू0 5000 करोड़ के सापेक्ष अवशेष रूपये 2500 करोड़ में से रूपये 1500 करोड़ ब्याजमुक्त ऋण यूपीसीडा के माध्यम से उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को स्वीकृत किए जाने का निर्णय लिया।
AKAT-I /2024/ |/766475/2024/002-77-4099-236-2024
जयवीर सिंह,
संयुक्त सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
मुख्य कार्यपालक अधिकारी,
यूपीसीडा, लखनपुर,
कानपुर।
औद्योगिक विकास अनुभाग-4 लखनऊ : दिनांक 9थ0-2024
विषय:- मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नये औद्योगिक क्षेत्र&्प्रौद्साहिन योजना के
अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में धनराशि की स्वीकृति के संबंध Fl
महोदय,
उपर्युक्त विषयक अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, isha पत्र संख्या 3233/यूपीडा/
772 रणना/भू0अ0, दिनांक 04.09.2024 एवं मुख्य aR अधिकारी, यीडा के पत्र
संख्या वाई.ई.ए./वित्त/550/2024, दिनांक 3.08.2024 Gant किये गये अनुरोध के क्रम में
ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किए जाने सम्बन्धी कशीसलादेश संख्या:-4/2023/4577/77-4-23-
4389/22, दिनांक 02.08.2023 एवं शासनादेश “Aee:-63/2023/780/7 7-3-23-50aA/23,
7.0.2023 A उल्लिखित aaa जअवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त,
उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता मैं Atom समिति द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राविधानित
रू0 5000 करोड़ के सापेक्ष stags wa 2500 करोड़ में से रूपये (500 करोड़ ब्याजमुक्त
ऋण यूपीसीडा के Aa से उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण
(यूपीडा) को स्वीकृत weal का निर्णय लिया गया है।
2... इस संबंध AAS यह कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनुदान
संख्या 07 ey ces 6875-अन्य उद्योगों के लिए कर्ज-60-अन्य उद्योग-490-
Cds, Re के तथा अन्य उपक्रमों को. कर्ज-03-मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र
किरुजारीकैरणा/नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना-30-निवेश/ऋण'" के अन्तर्गत प्राविधानित
धनराशि रू0 500000.00 लाख में से अवशेष रूपये 250000.00 लाख (रुपये पच्चीस सौ
करोड़ मात्र) में से रूपये 50000.00 लाख (रुपये veces सौ करोड़ मात्र ) मुख्य कार्यपालक
अधिकारी, यूपीसीडा के निर्वतन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन
निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
नियम व शर्ते / प्रतिबन्धों
() निवर्तन पर रखी जा रही धनराशि व्यय किये जाने के पूर्व वित्त ( आय-व्ययक) अनुभाग-
| के कार्यालय-ज्ञाप संख्या(:- 7/2024/aT--294/aa-2024-23/2024 दिनांक 04.03.2024
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |एवं वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- 2 के शासनादेश दिनांक 07.42.2023 तथा शासनादेश
संख्याव:-4/2023/4577/77-4-23-4389/22, दिनांक 02.08.2023 एवं शासनादेश संख्या:-
63/2023/780/77-3-23-45एम/23, 4.0.2023 एव अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी
दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
(2) उपरोक्तानुसार प्राविधािनित धनराशि यूपीसीडा के निवर्तन पर रखते हुए यह स्पष्ट किया
जाता है कि धनराशि का प्रदेश (एलाटमेंट) मात्र किसी प्रकार का व्यय करने का प्राधिकार
नहीं देता है। व्यय करने के पूर्व जिन मामलों में बजट मैनुअल और फाइनेन्थियब्(हैएडबुक
के नियमों तथा स्थाई आदेशों के अन्तर्गत सम्बन्धित/सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति ged की
जानी हो, उन मामलों में व्यय किये जाने के पूर्व ऐसी स्वीकृति अवश्य प्रापूलवकुरैथल्ली जाये।
(3) यदि किसी व्यय के लिए शासन स्तर से वित्तीय एवं प्रशासकीर्यू रवीकति का प्रस्ताव
शासन को सन्दर्भित किया जाय, तो सन्दर्भित व्यय के लिये #औद्-ब्ययर्क में प्रावधानित
धनराशि की उपलब्धता इंगित करते हुए लेखाशीर्ष का भी उैट्लेख़ु प्रस्ताव में अंकित किया
जाय।
(4) निवर्तन पर रखी जा रही धनराशि का. sua sel प्रयोजन के लिए किया जायेगा
जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है।
(5) धनराशि का आहरण तात्कालिक आदरश्यरकक्ा के अनुसार किया जाएगा।
(6) निवर्तन पर रखी गयी धनराशि AL आहरैण कर बैंक Gal में नहीं रखा जायेगा।
(7) किसी भी वित्तीय अनियमित॒तान्के चलिए सम्बबन्धित प्राधिकरण स्वयं उत्तरदायी होगा।
(8) कार्यों की दविरावृच्चि/बुन्राबूत्ति न हो इसे भी सम्बन्धित प्राधिकरण अपने स्तर से
सुनिश्चित कर लेंगे।
(9) सम्बन्धित wiley वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-3 शासनादेश ACAT-2/207/a-3-
034/दस/2 %.७0(4)/2002 s0HO दिनांक 27.4.20I7 &% प्रावधान तथा
आवश्यैकुतानुसुस्थबजट मैनुअल के पैरा- 94 के तहत सक्षम स्तर का अनुमोदन अपने स्तर
से Wena लेंगे।
(0) सम्बन्धित प्राधिकरण प्रायोजना पर सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त कर प्रशासकीय
एवं वित्तीय स्वीकृति निर्गत करेंगे।
() आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र यथासमय शासन को उपलब्ध कराया
जायेगा।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 5,00,00,00,000 ( रुपये पन्द्रह अरब मात्र )
को चालू वित्तीय वर्ष 20242025 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |687560900300 मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण / नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन
योजना मानक मद 30 निवेश/ऋण के aA डाला जायेगा।
3- यह आदेश कंप्यूटर FANT उत्पन्न संख्या ६-6-94--2024-25-दिनांक:09-0-2024 मे
प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
(जयवीर सिंह)
संयुक्त सचिष्,
संख्या एव दिनाक तदैव।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु, प्रैषिते:-
|. निजी सचिव, मा0 मंत्री औद्योगिक विकास विभाग, SOV, शासन।
2. निजी सचिव, AIO राज्य मंत्री, औद्योगिक विकास Taser, उ0प्र0 शासन।
3. महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम/दृवितीय, उँ9प्र४ प्रद्मागराज/लखनऊ।
4. महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
5. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, ASAT
6. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यीडाईँ गरौ्नमबुद्धनगर |
7. संबंधित कोषाधिकारी।
8. संबंधित वित्त नियंत्रक
9. निदेशक, स्थानीय निधि, ear परीक्षा, उ0प्र0 प्रयागराज।
0. गार्ड फाईल।
आज्ञा से,
(जयवीर सिंह)
संयुक्त सचिव
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |