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Date: 2025-01-24 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024 के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

यहां उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस और रक्षा इकाई और रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024 का सारांश दिया गया है: **कार्यकारी सारांश:** दस्तावेज़ में उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस और रक्षा इकाई और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2024 का वर्णन है, जो उत्तर प्रदेश राज्य में एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने का एक रणनीतिक दृष्टिकोण है। यह नीति राज्य को एयरोस्पेस और रक्षा गतिविधियों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास करती है। यह अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने, निवेश को आकर्षित करने और इस क्षेत्र में 1 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रोत्साहन, सब्सिडी और सहायता प्रदान करता है। यह नीति अधिसूचना जारी होने की तिथि से 5 वर्षों तक प्रभावी रहेगी या जब तक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस विषय पर अगली नीति जारी नहीं कर दी जाती। **मुख्य बातें:** * **उद्देश्य और लक्ष्य:** * अगले 5 वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना। * एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में 1 लाख रोजगार के अवसर पैदा करना। * औद्योगिक कॉरिडोर के विकास के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाना। * **फोकस क्षेत्र:** * एयरोस्पेस * रक्षा * रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) * अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) * कौशल विकास एवं प्रशिक्षण * अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी * एआई आधारित प्लेटफार्म * रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम एकीकरण * रक्षा साइबर सुरक्षा * रक्षा परीक्षण * यूएवी (UAV) * **अनुदान और प्रोत्साहन:** * पूंजीगत उपादान (पूंजीगत सब्सिडी) * परिवहन शुल्क पर छूट * हरित उद्योग के लिए सब्सिडी * सामान्य सुविधा केंद्र/कौशल एवं प्रशिक्षण केंद्र को सहायता * महिला उद्यमियों को सहायता * विपणन सहायता * पेटेंट लागत/गुणवत्ता प्रमाणन के लिए प्रोत्साहन * प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए सहायता * अनुसंधान एवं विकास तथा परीक्षण सुविधाओं के लिए सहायता * **पात्रता मानदंड:** * प्री-एक्जिस्टिंग रक्षा/एयरोस्पेस क्षेत्र से जुड़े सामानों/ उपकरणों की आपूर्ति की हो। * रक्षा/ एयरोस्पेस क्षेत्र में पहली बार उद्यम करने वाले स्टार्टअप या एमएसएमई इकाइयों को भी नीति के अनुसार प्रोत्साहन के लिए विचार किया जाएगा। * ऐसे ए एंड डी इकाइयों से वित्तीय अनुदान या आपूर्ति आदेश प्राप्त किया गया हो। * भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय की ऑफसेट योजना के अंतर्गत किसी विदेशी ओईएम से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं या आपूर्ति आदेश प्राप्त किया है। * सेना, नौसेना, वायु सेना, अर्धसैनिक प्रतिष्ठानों, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), आदि के लिए डिजाइन और विकास के लिए असेंबली, निर्माण के क्षेत्र में काम किया है। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** उत्तर प्रदेश में एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग के भीतर और बाहर कंपनियां। * **प्रभाव:** इन कंपनियों को राज्य में स्थापित करने या विस्तार करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचा समर्थन और नियामक सहायता मिलती है, जिससे विकास हो सकता है और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ सकती है। * **आवश्यक कार्रवाई:** नए प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए इस नीति में शामिल मानदंडों को पूरा करते हुए आवेदन करें। **हितधारक:** भारत के भीतर और बाहर निवेशक। * **प्रभाव:** एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में निवेश करना अब अधिक आकर्षक है। * **आवश्यक कार्रवाई:** नीति में उल्लिखित प्रोत्साहनों का लाभ उठाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य में संभावित निवेश के अवसरों का पता लगाएं। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयाँ (डीपीएसयू)। * **प्रभाव:** राज्य सरकार से अधिक सहायता प्राप्त करें। * **आवश्यक कार्रवाई:** सुविधाओं के विकास में सरकारी सहायता का लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार के साथ सहयोग करें। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश राज्य के भीतर छोटे और मध्यम उद्यम (एसएमई)। * **प्रभाव:** प्रोत्साहित किया जा सकता है। * **आवश्यक कार्रवाई:** एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में अवसरों का पता लगाएं और समर्थन का लाभ उठाने के लिए नीति में उल्लिखित मानदंडों को पूरा करने की दिशा में काम करें।

Key Entities Referenced

उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित एक नीति जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन और निवेश को आकर्षित करना है। यह 2018 की पूर्ववर्ती नीति का प्रतिस्थापन (रिप्लेसमेंट) है। अनुच्छेद 162: भारतीय संविधान का अनुच्छेद जिसके तहत कार्यपालिका शक्तियों का प्रयोग करके राज्यपाल 'उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024' को प्रख्यापित करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं। उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा (UPDIC): उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित रक्षा औद्योगिक गलियारा, जो इस नीति का एक महत्वपूर्ण तत्व है और एयरोस्पेस और रक्षा गतिविधियों के लिए एक हब के रूप में उत्तर प्रदेश को स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश: वह राज्य जिस पर नीति लागू होती है और जहां एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022: यह नीति औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन को बढ़ावा देने के लिए है।
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उत्तर प्रदेश शासन औद्योगिक विकास अनुभाग-6 संख्या- 04 /2025/92/77-6-2025-एल.सी. 03/208 लखनऊ : दिनांक 24 जनवरी, 2025 अधिसूचना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 762 के अन्तर्गत कार्यपालिका शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्री राज्यपाल "उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024" को प्रख्यापित करने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं। 2- "उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024" संलग्न है। आलोक कुमार प्रमुख सचिव। संख्या- 04 /2025/492()/77-6-2025-ve. At. 03/20i8 तद्दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- 9.4 9. 9 छा Fk ७ न > महालेखाकार, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज। समस्त अपर मुख्य सचिवसचिव/प्रमुख सचिव/, उत्तर प्रदेश शासन। स्टाफ ऑफिसर, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश। मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू।0पी0 समस्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश। समस्त मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश। समस्त विभागाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश। प्रबन्ध निदेशक, पिकप। 0.आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, HiT | 47.feleei, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज। 2.समस्त अनुभाग, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग। 3.गार्ड फाइल। आज्ञा से, रामध्यान रावत उप सचिव। - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024विषयसूची : प्रस्तावना विजन, मिशन और लक्ष्य 2 2.4 विजन 22 मिशन 2.3. लक्ष्य उद्देश्य . पॉलिसी का दायरा > उत्तर प्रदेश में लाभ की स्थिति 54 उच्च स्तरीय बुनियादी सुविधाएं 52 रक्षा औद्योगिक गलियारा 53 मौजूदा विनिर्माण आधार 54 अनुसंघान एवं विकास पारिस्थितिकी तंत्र 55 उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसर 5.6... मजबूत बुनियादी ढांचा 57 कुशल कार्यबल 5.8 सक्रिय सरकारी नीतियाँ 5.9. मजबूत रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा फोकस सेक्टर 7. TR 7.2. रक्षा 7.3. रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल, (एमआरओ) 74 अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) 75 . कौशल विकास एवं प्रशिक्षण . 7.6. .अंतंरिक्ष प्रौद्योगिकी 7.7. एआई-आधारित प्लेटफार्म 7.8. रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम एकीकरण 7.9. रक्षा साइबर सुरक्षा 7.40 रक्षा परीक्षण 7.4. aya परिमाषाएँ 84 एयरोस्पेस ,तथा रक्षा उत्पाद8.2 एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाइयां 8.3. मेगा एंकर एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाइयाँ 8.4 एंकर एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाइयां 8.5. विक्रेता ए एंड डी इकाइयाँ 86 एमएसएमई इकाइयां 8.7. एयरोस्पेस तथा रक्षा (ए एंड डी ) आधारित स्टार्टअप 8.8. रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयाँ 8.9 निजी रक्षा और एयरोस्पेस पार्क 8.0 अन्य परिभाषाएँ अनुदान एवं प्रोत्साहन Grants & incentives) 9.4 Yuittd उपादान (Capital Subsidy) 9.2 परिवहन शुल्क पर छूट (Rebate on Transportation Charges ) 93 हरित उद्योग के लिए सब्सिडी (Subsidy for Green infrastructure) 94 सामान्य सुविधा केंद्र /कौशल एवं प्रशिक्षण केंद्र को सहायता (Support to Common Facility Centre / Skilling & Training Centre) 9.5. महिला उद्यमियों को सहायता (Support to Women Entrepreneurs) 9.6. विपणन सहायता (Marketing Assistance) 9.7. पेटेंट लागत 0 7 2 ,/ गुणवत्ता प्रमाणन के लिए प्रोत्साहन (incentive for Patent Cost/Quality Certification) 98 प्रशिक्षण एव कौशल विकास के लिए सहायता (5 upport for Training and Skill Development ) 99 अनुसंधान एवं विकास तथा परीक्षण सुविधाओं के लिए सहायता (Assistance for Research and Development and Testing Faci lities) व्यापार करने में सहजता (Ease of Doing Business) नीति कार्यान्वयन ए एंड डी क्षेत्र के भीतर कंपनी का स्थानांतरण अतिरिक्त टिप्पणी अनुलग्नक - । - संक्षिप्ताक्षरों की शब्दावली काप्रस्तावना- राष्ट्र की प्रगति और सुरक्षा में महती यौगदान के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ' एयरोस्पेस एवं रक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका के निर्वहन eg भविष्य का खाका प्रस्तुत किया a जा रहा है | ante संवृद्धि, प्रौद्योगिकीय उन्नयन एवं राष्ट्रीय सुरक्षा को गति प्रदान किये जाने एवं इन क्षेत्रों की अपार सम्भावनाओं की महत्ता को मान्यता प्रदान किये जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा विगत वर्षों में उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस एवं रक्षा नीति 2048 का . प्रख्यापन किया गया था। तदनुकम में उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस एवं रक्षा नीति 2024 का निरूपण प्रस्तावित है। प्रस्तावित नीति वर्ष 208 में प्रख्यापित नीति का द्वितीय संस्करण है। | प्रस्तावित नीति का निरूपण एयरोस्पेस एवं रक्षा उद्योग के क्षेत्र में नवाचार, सहयोग एवं उद्यमिता को पोषित करने वाले ठोस पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य सरकार के संकल्प को दर्शाता है। उत्तर प्रदेश को एयरोस्पेस एवं रक्षा गतिविधियों के हब के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश की अद्वितीय शक्तियों, रणनीतिक AU, कुशल कार्यबल एवं समृद्ध विरासत का :दोहन करना है। प्रस्तावित नीति का प्राथमिक उद्देश्य एक ऐसा सक्षम वातावरण तैयार करना है, जो _ घरेलू एवं .विदेशी निवेशों को आकर्षित करे, अनुसंधान और विकांस को प्रोत्साहित करे और विश्व स्तरीय विनिर्माण सुविधाओं की स्थापना में सहूलियत प्रदान करे। राज्य का उद्देश्य एक -व्यापक बुनियादी ढांचा नेटवर्क विकसित करना है जो डिजाइन, विनिर्माण, अनुरक्षण, मरम्मत और ओवरहाल सहित ए एंड डी क्षेत्रों की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को. सहायता प्रदान कर सके | | | ं इन उद्योगों की उभरती मांगों को पूरा करने में सक्षम एक कुशल और ज्ञानयुक्त कार्यबल को पोषित करने के महत्व राज्य के संज्ञान में है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का निर्माण एवं कौशल विकास के अवसर प्रदान करने के लिए शैक्षणिक _ संस्थानों, प्रशिक्षण केंद्रों एवं उद्योग विशेषज्ञों के साथ सहयोग का प्रस्ताव है। राज्य का लक्ष्य सतत्‌ अधिगम एवं नवाचार की संस्कृति के. पोषण द्वारा ए एंड डी क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए हमारे ose को सशक्त बनाना है। उत्तर प्रदेश सरकार राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सतत एवं टिकाऊ विकास व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों का संरक्षण, तथा एयरोस्पेस और रक्षा गतिविधियों के पारिस्थितिकीय असर को कम करना हमारी नीति कार्यान्वयन का मर्म है | उत्तर प्रदेश सरकार अपनी बहुआयामी शक्ति के आधार पर वैश्विक ए एंड डी उद्योग के लिए अपने विनिर्माण आधार को स्थापित करने के लिए प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है। व | - © \ एस ao2. विजन, मिशन और लक्ष्य 2i विजन उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रदेश को एक अग्रणी एयरोस्पेस तथा रक्षा केंद्र बनाना है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी क्षमताओं, नवाचार एवं वैश्विक सहयोग को गति मिल सके | 22 मिशन नीति का उद्देश्य नवाचार, सहयोग एवं उत्कृष्टता के माध्यम से उत्तर प्रदेश के एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र को सशक्त बनाना है, साथ ही निम्नांकित अवधारणात्मक frst के आलोक में सुरक्षा और प्रौद्योगिकीय उन्नयन सुनिश्चित करना है:- 0 उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा (UPDIC) 4 एक मजबूत, विश्व, स्तरीय, उच्च प्रौद्योगिकी और कुशल ए एंड डी विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र बनाना। (ii आवश्यक सुविधा और समर्थन प्रदान करके UPDIC Ay एंड डी क्षेत्र में वैश्विक और भारतीय निवेशकों को आकर्षित करना | (iii) ए एंड डी क्षेत्र में (iv (v) (vi) | (vii) (vill) (ix) (x) (xi) (xii) os आधुनिकतम केंद्र विकसित करने के लिए स्टार्टअप और निवेशकों को आकर्षित करना | उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा (UPpic) में ए एंड डी क्षेत्र में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को आकर्षित करना | उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा (.?00) में स्टार्टअप और एम0एस0एम0ई0 _ के कौशल और क्षमता विकास के लिए ए एंड डी आधारित सामान्य सुविधा केंद्र बनाना | एमएसएमई को आवश्यक सुविधा और समर्थन प्रदान करके राज्य में एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना | ए एंड डी क्षेत्र के लिए निर्यात saps विनिर्माण आधार विकसित करना। राज्य में प्रमुख एएंडडी विनिर्माण परियोजनाओं और डीपीएसयू को आकर्षित करना | निरंतर प्रौद्योगिकी उन्नयन के साथ ए एंड डी क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना | राज्य में उन कंपनियों के विकास को बढ़ावा देना जो ए 'एंड डी में भारत की आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण का समर्थन करती हैं | ए0आई0 और सॉफ्टवेयर विकास केंद्र को प्रोत्साहित करना। अनुसंधान एवं विकास केंद्रों के साथ-साथ एक कौशल केंद्र की स्थापना करना। | tL23 लक्ष्य () arTa 5 वर्षों में रुपये 50,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करना | () ए.एंड डी क्षेत्र में लाख रोजगार के अवसर सृजित करना। 3... उद्देश्य उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर को निवेश, आधुनिकता, उत्पादों के विनिर्माण एवं सेवाएं प्रदान करने के fig Wa गंतव्य बनाना तथा ए एंड डी क्षेत्र में शुरू से अंत तक इकोसिस्टम बनाना। इसके साथ ही उपलब्ध संसाधनों को एकत्रित करते हुए राज्य में रोजगार के अवसर सृजित करना | (i) नीति का नाम “उत्तर प्रदेश एयरोस्पेंस तथा रक्षा. इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति- 2024” है। iy यह नीति “उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति -. coi8 (यंथासंशोधित)" को अवकमित करते हुए अगली नीति प्रख्यापन होने तक प्रभावी रहेगी | | (0)ऐसी औद्योगिक इकाईयां जो उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति - 2024 से आच्छादित नहीं है वे उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगी । (५)यह नीति निम्नलिखित विवरणानुसार पूर्ववर्ती नीति को अवकमित करती है- a) अधिसूचना... संख्या-2792/77-6748-एलसी-03,/8... लखनऊ दिनांक oS |6-जुलाई-208 | (2) अधिसूचना. संख्या-976 /77—-8-209- Ve HI-03 / 208 लखनऊ दिनांक _. 05-दिसंबरे-209 (3) अधिसूचना. संख्या-02,/ 202। / 26 / 77—-6—2—-Uetel—-03 / 208 टीसी-१ दिनांक 44-जनवरी-202 (4) अधिसूचना संख्या-36 / 2022 / 2090 / 77—6—2022-UeI-03 /8 लखनऊ दिनांक i7—-3TeI-2022, (5) अधिसूचना ' संख्या-37 / 2023 /224 / 77—6—2023-UAHI-03 /8 लखनऊ दिनांक 45-जून-2023 (५) यह नीति अधिसूचना निर्गमन की तिथि से आगामी 05 वर्ष तक अथवा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस विषय oy अगली. नीति प्रख्यापित होने तक प्रभावी रहेगी | ही4. नीति का क्षेत्र (स्कोप) (i) . उत्तर प्रदेश को ए एंड डी विनिर्माण के लिए वरीयत्तम स्थलों में से एक के रूप में स्थापित करना | (il) ए एंड डी विनिर्माण क्षेत्रों के (iii) (v) (vi) लिए निजी औद्योगिक पार्कों को बढ़ावा देना। रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राज्य में सहायक इकाइयों को जोड़ने तथा बाजार के अंतर को पाटना। औद्योगिक क्लस्टर की स्थापना एवं सुविधा प्रदान करना, जो एक्सप्रेसवे .और समर्पित रक्षा /एयरोस्पेस गलियारों के साथ विकसित er रक्षा क्षेत्र के लिए Pratap विनिर्माण आधार विकसित करना। राज्य में प्रमुख ए एंड डी विनिर्माण परियोजनाओं तथा रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (DPSU) को आकर्षित करना | (vi) ए एंड डी क्षेत्र में सहायक उद्योग और एमएसएमई के विकास को बढ़ावा देना । (भा) ए एंड डी क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना तथा निरंतर प्रौद्योगिकी उन्नयन सुनिश्चित करना। (ix) एयरोस्पेस तथा रक्षा के क्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने और तकनीकी उन्नयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कानपुर, वाराणसी व अन्य स्थानों पर तकनीकी सुविधा केंद्रों की स्थापना, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में एम0एस0एम0ई0 और ए एंड डी उद्योग की सहायता करना होगा। (x) ए एंड डी सेक्टर में कौशल विकास एवं रणनीतिक .ज्ञान को बढ़ावा देना व समर्थन करना | (xi) भारत में नए ऑफसेट दायित्वों के लिए नामित कंपनियों तथा संस्थानों के माध्यम से राज्य में सकल निवेश का महत्वपूर्ण हिस्सा आकर्षित करना। (xi) ए एंड डी विनिर्माण पार्क /क्लस्टर के लिए बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हवाई / सड़क / रेल जैसे परिवहन के साधन प्रदान करना तथा उन्हें समृद्ध करना। (xii) राज्य में कार्यरत एम0एस0एम0ई0 के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के साथ-साथ नई "इकाइयों को आकर्षित करने के उद्देश्य से सीएफसी (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) स्थापित किए जाएंगे, जो एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र को उत्पाद डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, एकीकृत विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास केंद्रों की स्थापना, प्रशिक्षण केंद्र, परीक्षण और प्रमाणन जैसी सार्वमौमिक सुविधाएं ‘tL करेंगे | 7(xiv) भारत सरकार द्वारा आरम्भ की गई रक्षा परीक्षण अवसंरचना (OTIS) योजना में उत्तर प्रदेश राज्य की ए एंड डी विनिर्माण इकाई का समर्थन करने के fy प्रतिभाग करेगा। इसके अलावा, डीटीआई योजना के दिशा निर्देशों के अनुसार राज्य में उक्त सुविधाओं की स्थापना का समर्थन करने के लिए गलियारे के निर्धारित area में चिन्हित भूमि एवं वित्तीय सहायता प्रदान करेगा | (xv) देश के उत्तरी क्षेत्र में रखरखाव एवं ओवरहाल क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए गलियारे में ए एंड डी आधारित एमआरओ स्थापित करना | 5 उत्तर प्रदेश में लाभ की स्थिति उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है। उत्तर प्रदेश ए एवं डी क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में तीव्रता से उदित हो रहा है। अपने रणनीतिक अवस्थान, मजबूत बुनियादी ढांचे, कुशल कार्यबल, और तत्पर सरकारी नीतियों के साथ उत्तर प्रदेश ए एंड डी क्षेत्र के विकास हेतु बहुल लाभ की स्थिति में है। इस नीति का उद्देश्य उन प्रमुख लाभों को प्रमुखता से दर्शाना है, जो उत्तर प्रदेश को इन क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाए एवं साथ ही साथ राज्य की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव का अध्ययन करें| उत्तर प्रदेश समृद्ध संसाधन आधार के साथ देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसका राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 9.2 प्रतिशत का योगदान है| राज्य में भारत का सबसे बड़ा उपभोक्ता आधार है, जिसकी आबादी लगभग 25 करोड़ है। उत्तर प्रदेश को जनसांख्यिकीय . लाभांश (इसकी 56 प्रतिशत आबादी कामकाजी आयु वर्ग के अंतर्गत आती है) का एक बड़ा लाभ है, जो भविष्य के विकास के लिए एक प्रमुख संचालक होगा। 54 उच्च स्तरीय बुनियादी सुविधाएं. स्वर्णिम चतुर्भुज के किनारे रणनीतिक रूप से स्थित यह राज्य प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है, जो 8,949 रूट किलोमीटर से अधिक विस्तृत है। . गाजियाबाद के दादरी से मुंबई के जवाहरलाल नेहरू. बंदरगाह तक फैला पश्चिमी समर्पित माल गलियारा (Western Dedicated Freight Corridor) बंदरगाहों तक परिवहन समय को कम करके राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तैयार है| | इसी तरह पश्चिमी क्षेत्र को देश के पूर्वी हिस्से से जोड़ने वाले पूर्वी समर्पित माल ढुलाई गलियारे ( Estern Dedicated Freight Corridor ) का 57 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश के बोडाकी, दादरी, गौतम बुद्ध नगर से होकर गुजरता है। डब्ल्यूडीएफसी एवं ईडीएफसी के समानांतर चलने. वाले दिल्‍ली मुंबई औद्योगिक गलियारे और अमृतसर कोलकाता औद्योगिक गलियारे के कैचमेंट एरिया का काफी हिस्सा उत्तर प्रदेश में की ° ) \पड़ता है। डब्ल्यूडीएफसी और ईडीएफसी परियोजनाओं से अधिकतम मूल्य प्राप्त करने के लिए राज्य गलियारों के साथ ग्रेटर नोएडा, इलाहाबाद, कानपुर आदि शहरों में ' एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स तथा औद्योगिक एकीकृत टाउनशिप के विकास को प्रोत्साहित कर रहा है। उत्तर प्रदेश में मौजूदा लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में मुरादाबाद रेल से जुड़ा संयुक्त घरेलू एवं EXIM टर्मिनल, कानपुर में रेल से जुड़ा प्राइवेट फ्रेट टर्मिनल और इनलैंड कंटेनर डिपो (cb), दादरी आदि शामिल हैं। इनके अलावा नोएडा, बोराकी और वाराणसी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स / ट्रांसपोर्ट हब भी प्रस्तावित हैं। कानपुर, नोएडा, वाराणसी, गाजियाबाद आदि जैसे मौजूदा निवेश हॉटस्पॉट के अलावा, दादरी नोएडा गाजियाबाद निवेश क्षेत्र, मेरठ मुजफ्फरनगर निवेश क्षेत्र, दीन दयाल उपाध्याय TR (मुगलसराय)-वाराणसी-मिर्जापुर निवेश क्षेत्र जैसे नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित हो रहे हैं। राज्य के कनेक्टिविटी नेटवर्क में पहले से ही विकसित एक्सप्रेसवे जैसे पूर्वांचल RON, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे आदि शामिल हैं, 4 लेन और ४6 लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग; राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, प्रयागराज, वाराणसी और हल्दिया समुद्री बंदरगाह आदि को जोड़ने वाले ॥५४४-। (राष्ट्रीय जलमार्ग-4) से हवाई, जल, सड़क और रेल का एक नेटवर्क बनने की उम्मीद है, जो राज्य के उद्योगों एवं विनिर्माण इकाइयों को परिवहन के विभिन्‍न साधनों के. बीच सहजता से स्विच करने में. मदद करेगा ताकि वे अपने माल को भारत और विदेशों के बाजारों में आसानी से भेज सकें | लखनऊ, कानपुर, मेरठ और वाराणसी में आने वाली मल्टी-सिटी मेट्रो रेल परियोजनाएँ और जेवर में आने वाले अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों से भी राज्य की कनेक्टिविटी लाभ को Yged प्रदान करेगी | 52 रक्षा औद्योगिक गलियारा फरवरी 208 में सम्पन्न “उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट' में भारत सरकार द्वारा रुपये 20,000.00 करोड़ के रक्षा गलियारे की घोषणा की गई थी। यह गलियारा उत्तर प्रदेश के मध्यांचल, पश्चिमांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है तथा इससे एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। इस गलियारे में कुल 06 नोड अर्थात अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर और लखनऊ हैं | | इन जिलों में एम0एस0एम0ई0 का मजबूत आनुषंगिक आधार है, जो रक्षा विनिर्माण की जरूरतों को पूरा करने तथा कच्चे माल, श्रम आदि की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए है। डीएमआईसी (mic) एवं एकेआईसी (AKIC) के साथ पड़ने के *कारण कॉरिडोर को अद्वितीय स्थान का लाभ मिलता है। इसके अलावा आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को मजबूत कनेक्टिविटी का ् लाभ प्रदान करते हैं । 5.3. मौजूदा विनिर्माण आधार OO उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र की इकाइयाँ हैं, जो ए एंड डी क्षेत्र में कई तरह के उत्पाद बनाती हैं। स्थानीय प्रतिभागियों से विभिन्‍न घटकों और सामग्रियों की खरीद करके सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयाँ (PSU) राज्य में एक मजबूत _ स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र का आधार बनाती हैं। प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों में नौ भारतीय आयुध कारखाने, तीन हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) विनिर्माण न इकाइयाँ आदि शामिल हैं | तालिका — 7: उत्तर प्रदेश में नवगठित डीपीएसयू (PSUs) की सूची AWEIL — मुख्यालय कानपुर | मध्यम और उच्च क्षमता वाली बंदूकें, खाली खोल (shell empties) ः AWEIL - मुख्यालय कानपुर | लघु शस्त्र (small arm 5) | AWEIL - मुख्यालय कानपुर | उच्च क्षमता वाला आयुध एवं अतिरिक्त बैरल, . | 32 fated | TCL - मुख्यालय कानपुर चमंडा उत्पादों, कपड़ा उत्पादों, पर्वतारोहण . उपकरण सहित इंजीनियरिंग उपकरण Gi -कानपुर | IL -कानपुर विभिन्‍न प्रकार के पैराशूट TCL - मुख्यालय कानपुर सभी युद्ध में. प्रयोग होने वाले. कपड़े, ं टेक्सटाइल और oe सामग्री TCL - मुख्यालय कानपुर Se और अन्य वस्त्र निर्मित सामग्री AWEIL - मुख्यालय कानपुर | कार्बाइन का उत्पादन (परियोजना स्तर पर) AWEIL. 7 MIL अमेठी | IRRPL — AK — 203 असॉल्ट राइफलें | (कोरवा) तालिका-3: उत्तर प्रदेश में एचएएल की प्रमुख विनिर्माण इकाइयाँ. एचएएल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट | घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाजारों के लिए | डिवीजन, - कानपुर हल्के परिवहन, विमान तथा gat विमान के. निर्माण, रख-रखाव, अनुरक्षण, उच्चीकरण में मूलभूत (Core) क्षमता। यह प्रभाग विमान के रख-रखाव, AMT तथा उपकरणों का ‘| ओवरहाल भी करता है। यह मानव रहित वायु .. | वाहन (UAVsh के इंजनों तथा हाइड्रोलिक i0 \\\सिस्टम की सर्विसिंग करता है। एचएएल सहायक... प्रभाग, | हाइड्रोलिक्स, इंजन ईंधन, एयर कंडीशनिंग एवं लखनऊ | प्रेशराइजेशन, फ्लाइट कंट्रोल, Slot एवं ब्रेक, जाइरो. (Gyro) Vd afta इंस्ट्रमेंट्स, इलेक्ट्रिकल पावर जेनरेशन US कंट्रोल सिस्टम, अंडरकैरियेजेस (Undercarriages), आक्सीजन एवं इलेक्ट्रानिक सिस्टम, ईंधन कंटेंट गेज इत्यादि का विनिर्माण | एचएएल एवियोनिक्स डिवीजन, | मिग-27 एम sats, मिराज-2000, एलसीए कोरवा (LCA), जगुआर, sats, एजेटी-हॉक एयरकाफ्ट पर लगाए गये विभिन्‍न एविओनिक्स प्रणालियों के लिए विनिर्माण तथा अनुरक्षण की सुविधा | उपर्युक्त .सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के अलावा कई निजी क्षेत्र की इकाइयां भी राज्य में ए एंड डी क्षेत्र में कपड़ा, इंजीनियरिंग उत्पादों और घटकों आदि के विनिर्माण में लगी हुई हैं। 5.4. अनुसंधान एवं विकास पारिस्थितिकी तंत्र राज्य में अनुसंधान एवं विकास में लगे कई शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थान हैं | राज्य. में आईआईटी-कानपुर, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी जैसे प्रमुख संस्थान हैं साथ ही विश्वविद्यालय, कॉलेज, पॉलिटेक्निक, अनुसंधान संस्थान, उत्कृष्टता केंद्र और अन्य पेशेवर संस्थान हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के रक्षा सामग्री और स्टोर अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (OMSRDE), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) आदि जैसे प्रमुख सरकारी क्षेत्र के अनुसंधान एवं विकास संस्थान हैं, जो अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र केलिए एक उत्कृष्ट अनुसंधान नुसंध न एवं विकास पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करते हैं । इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश में लखनऊ और आगरा में स्थित 7 डिवीजनों वाली प्रमुख फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएँ आधुनिक तकनीकों एवं उपकरणों के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस की सहायता कर रही हैं । 55 उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसर उत्कृष्ट अवसंरचना, सुविधाओं और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र समर्थन के साथ यह नीति ए एंड डी क्षेत्र के निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने का प्रयोजन रखती है:- हर | |कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़; चित्रकूट तथा लखनऊ जैसे उत्तर प्रदेश (i) डिफेंस इण्डस्ट्रयल कॉरिडोर नोड्स ' पर रक्षा प्रौद्योगिकी पार्क एवं अन्य जिलों में इसका विस्तार। व रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों के साथ विस्तार या साझेदारी | (it) कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़, चित्रकूट तथा लखनऊ जैसे रक्षा कॉरिडोर (iii) नोड्स में इसके विस्तार की संभावना के साथ एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी ue की स्थापना | 7 तोपखाने एवं अन्य सैन्य हथियारों / उपकरणों के लिए फायरिंग Yat सहित (iv) परीक्षण और सत्यापन केंद्र की स्थापना। . ड्रोन /यूएवी प्रोटोटाइप के लिए विनिर्माण एवं परीक्षण सुविधाएं | (v) विमान, हेलीकॉप्टर विनिर्माण तथा संयोजन इकाइयां और इसके रखरखाव की (vi) सुविधाएं | न सैन्य / एयरोस्पेस वाहनों और उनके घटकों के विकास तथा विनिर्माण के लिए (vii) इकाइंयों की स्थापना | vi i) पुलिस आधुनिकीकरण एवं कम तीव्रता वाले 'संघर्ष में उपयोगी हथियारों और सेंसर उपकरणों का विनिर्माण | आगरा, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, नोएडा आदि में इलेक्ट्रॉनिक्स, (x) आईटी //आईटीईएस हब | ं अलीगढ़ में धातु परिशुद्धताी कार्यों, आगरा में फाउंड्री आदि सहित इंजीनियरिंग (x) ं हब | oe ए एंड डी क्षेत्र के लिए चमड़ा, कपड़ा, जूते तथा अन्य सहायक उपकरणों के (xi) लिए विनिर्माण इकाइयां | (xii) हथियार, हथियार प्रणाली, गोला-बारूद विस्फोटक एवं सहायक घटकों के विनिर्माण के लिए केंद्र। ं ए एंड डी से संबंधित विशेष सामग्री,/ विशिष्ट ख़ाद्य विनिर्माण और पैकेजिंग केंद्रों (xiii) की स्थापना | विशेष सामग्री / विशिष्ट ए एंड डी पैकेजिंग : उद्योग की स्थापना | (xiv) \ ~ 2मजबूत बुनियादी ढांचा 5.6 राज्य सरकार ने ए एंड डी सेक्टरों को सहायता देने के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास में महत्त्वपूर्ण निवेश किया है। उत्तर प्रदेश में कई एयरोस्पेस पार्क, .विशेष आर्थिक aa (SEZs) तथा इन उद्योगों को समर्पित औद्योगिक क्लस्टर हैं | राज्य की राजधानी लखनऊ में एयरोस्पेस हब है, जिसमें प्रतिष्ठित कंपनियां, शोध संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र हैं। अच्छी तरह से जुड़े हवाई अड्डों, सड़क एवं रेल नेटवर्क. तथा समर्पित बिजली आपूर्ति की मौजूदगी बुनियादी ढांचे की रीढ़ को और मजबूत बनाती है। कुशल कार्यबल 5.7 उत्तर प्रदेश में कुशल जनशक्ति का एक बड़ा समूह है, जो ए एंड डी कंपनियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करता है। राज्य अपने शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें तकनीकी विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज और व्यावसायिक . प्रशिक्षण केंद्र शामिल हैं। ये संस्थान एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, एवियोनिक्स, रक्षा प्रौद्योगिकी और संबंधित विषयों में विशेष कार्यक्रम प्रदान करते हैं, जिससे उच्च कुशल पेशेवरों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होती है। राज्य सरकार ने कौशल विकास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ाने के लिए पहल भी शुरू की है, जिससे प्रतिभा पूल को और बढ़ावा मिलता है। 5.8 तत्पर सरकारी नीतियां (Proactive ) उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेश आकर्षित करने और ए एंड डी क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रगतिशील नीतियों और पहलों को लागू किया है। "उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति" कंपनियों को राज्य में विनिर्माण इकाइयाँ, अनुसंधान सुविधाएँ और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित, करने के लिए प्रोत्साहन, कर लाभ और सब्सिडी प्रदान करती है। इंसके अतिरिक्त सरकार ने एकल खिडकी (Single-Window) निकासी प्रणाली स्थापित की है, प्रक्रियाओं को सरल बनाया है और व्यापार करने में सहजता (Ease of Doing Business) प्रदान की है। 5.9 मजबूत रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र उत्तर प्रदेश का मजबूत रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र, जिसमें रक्षा प्रतिष्ठान, अनुसंधान संस्थान एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम शामिल हैं, ए एंड डी कंपनियों के लिए एक सहायक वातावरण बनाता है। राज्य में कई रक्षा उत्पादन इकाइयाँ, आयुध कारखाने और अनुसंधान प्रयोगशालाएँ हैं, जिनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड BEL) तथा रक्षा शा एवं विकास संगठन (DRDO) | : 3' जामिल हैं। ये संस्थायें सहयोग के अवसर, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, आधुनिकता एवं ज्ञान साझा करने में योगदान प्रदान करती हैं । 6. उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा रक्षा मंत्रालय ERI वर्ष 2025-26 तक एयरोस्पेस तथा रक्षा (ए एंड डी) उत्पादन को दोगुना करके. 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर और निर्यात wl 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसा आकलन है कि वर्ष 2047 तक एयरोस्पेस तथा रक्षा विनिर्माण क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद में 25 प्रतिशत योगदान होगा | "मेक इन इंडिया” पहल के अंतर्गत एयरोस्पेस तथा रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को प्रमुख संकेन्द्रित क्षेत्र के रूप में पहचान की ag है, और उसी के कम में रक्षा मंत्रालय (MoD) भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश तथा तमिलनाडु में दो रक्षा औद्योगिक गलियारे (DICs) स्थापित किये गये हैं। उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा (UPDIC) एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसे अंतर्गत पूरे प्रदेश में 06 नोड्स स्थापित करने. की योजना बनाई गई है| ये नोड्स उत्तर प्रदेश के छः जिलों में हैं, जहां राज्य द्वारा औद्योगिक-ग्रेड बिजली, पानी, सड़क और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के संदर्भ में आवश्यक बुनियादी ढांचे के प्रावधान के साथ-साथ भूमि बैंक बनाए गए हैं। इन awe को विभिन्‍न, राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्गों के निकटता एवं एक्सप्रेसवे (मौजूदा और निर्माणाधीन) के नेटवर्क द्वारा समर्थित होने के कारण चुना गया है। उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा (UPDIC) बनाकर केंद्र ने राज्य सरकार के लिए भारतीय और वैश्विक ए एंड डी उद्योग के लिए विश्व स्तरीय विनिर्माण केंद्र के निर्माण की शुरुआत करने के द्वार खोल दिए हैं। ... राज्य में औद्योगीकरण का एक मुख्य उद्देश्य राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ाना, रक्षा सामग्री के लिए आत्मनिर्भरता उत्पन्न करना एवं रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्‍न प्रोत्साहनों के साथ उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024 तैयार की गई el. 7. फोकस tad भारत के सर्वाधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश द्वारा ए एंड डी उद्योग में संवृद्धि एवं नवाचार को गति प्रदान करने हेतु रणनीतिक रूप से प्रमुख फोकस क्षेत्रों की पहचान की ं गई है। ee A एयरोस्पेस उत्तर प्रदेश सक्रिय रूप से एयरोस्पेस विनिर्माण एवं असेंबली को फोकस सेक्टर के रूप में बढ़ावा दे रहा है। राज्य का लक्ष्य दी आकर्षित करना तथा विमान और 44इंजन घटकों, एवियोनिक्स सिस्टम और समग्र संरचनाओं सहित एयरोस्पेस विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को सुविधाजनक बनाना है। 7.2 रक्षा उत्तर प्रदेश के लिए रक्षा क्षेत्र का बहुत महत्व है, क्योंकि इसकी रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र एवं रणनीतिक स्थान बहुत मजबूत है। राज्य का लक्ष्य रक्षा विनिर्माण, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम एकीकरण में अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है। सरकार उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों को विकसित करने, स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने तथा सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण प्रयासों का. समर्थन करने के लिए रक्षा कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों और रक्षा प्रतिष्ठानों के बीच साझेदारी को प्रोत्साहित करती है। फोकस क्षेत्रों में रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली एवं संचार प्रौद्योगिकियों का . उत्पादन शामिल है। 7.3. अनुरक्षण, मरम्मत एवं ओवरहाल (MRO) एमआरओ घटक में वृद्धि ' की संभावना को पहचानते हुए, उत्तर प्रदेश विमान, हेलीकॉप्टर, इंजन और घटकों के लिए एमआरओ सुविधाओं की स्थापना को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रहा है। राज्य सरकार वैश्विक मानकों का पालन करने वाली समर्पित एमआरओ सुविधाओं को विकसित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के साथ सहयोग कर रही है। एमआरओ सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करने का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली रखरखाव सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ाना, एयरलाइनों के लिए परिचालन लागत को कम करना तथा विमानन क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है। 74 अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) उत्तर प्रदेश अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास पर महत्त्वपूर्ण जोर देता है। राज्य का उद्देश्य उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के बीच साझेदारी के माध्यम से आधुनिकता, तकनीकी विकास एवं स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देना है। सरकार ने सहयोगी अनुसंधान परियोजनाओं को सुविधाजनक बनाने और आधुनिक की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान एवं विकास केंद्र तथा आधुनिक de स्थापित किए हैं। ये पहल उन्नत सामग्री, प्रणोदन प्रणाली, मानव रहित हवाई. वाहन (यूएवी) और एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करती हैं | 7.5. कौशल विकास एवं प्रशिक्षण ए एंड डी क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश ने कौशल विकास एवं प्रशिक्षण को “ie दी है। राज्य सरकार ने विशेष 5प्रशिक्षण केंद्र और संस्थान स्थापित किए हैं, जो एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, एवियोनिक्स, विमान रखरखाव तथा अन्य प्रासंगिक विषयों में पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। इन पहलों का उद्देश्य स्थानीय कार्यबल की रोजगार क्षमता को बढ़ाना, कुशल पेशेवरों का एक | प्रतिभा पूल बनाना तथा औद्योगिक शैक्षणिक अंतर को पाटना है। 7.6. अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी उत्तर प्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण क्षमता को पहचानता है और इस क्षेत्र में खुद को एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखता है। राज्य उपग्रह निर्माण, उपग्रह अनुप्रयोगों एवं अंतरिक्ष अनुसंधान के विकास को सक्रिय रूप @ प्रोत्साहित कर रहा है। राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों, निजी कंपनियों और . अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देकर, उत्तर प्रदेश का लक्ष्य आधुनिकता को बढ़ावा देना, अत्याधुनिक उपग्रह प्रौद्योगिकी को विकसित करना तथा कृषि, मौसम पूर्वानुमान, संचार एवं आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अंतरिक्ष-आधारित . समाधानों के अनुप्रयोग को बढ़ावा देना है। 7.7. एआई-आधारित प्लेटफार्म | उत्तर प्रदेश ए एंड डी क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के एकीकरण पर बहुत बल देता है। राज्य का लक्ष्य एआई-आधारित प्लेटफॉर्म विकसित करना है, जो परिचालन दक्षता, निर्णय लेने और पूर्वानुमान विश्लेषण को बढ़ाता है। एआई-केंद्रित कंपनियों, स्टार्टअप एवं शोध संस्थांनों के साथ साझेदारी को बढ़ावा देकर, UR प्रदेश रक्षा प्रणालियों को अनुकूलित करने, प्रक्रियाओं को स्वचालित करने, स्थितिजन्य जागरूकता में सुधार करने और साइबर सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के लिए एआई . प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना चाहता है। 7.8. रक्षा इलेक्ट्रानिक्स और सिस्टम एकीकरण उत्तर प्रदेश रक्षा उद्योग के आधुनिकीकरण में रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम एकीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानता है। राज्य का लक्ष्य रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों एवं रक्षा प्रतिष्ठानों के बीच साझेदारी को प्रोत्साहित करके इस क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है। रडार, संचार प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तथा कमांड एवं नियंत्रण प्रणाली सहित उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। स्वदेशी विनिर्माण और आधुनिकता को बढ़ावा देकर, उत्तर प्रदेश का लक्ष्य देश के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता | कम करना है। 79 रक्षा साइबर सुरक्षा डिजिटल प्रौद्योगिकियों एवं परस्पर जुड़ी प्रणालियों पर बढ़ती निर्भरता को देखते हुए, उत्तर प्रदेश ए एंड डी क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा की महत्ता को पहचानता है। राज्य 6का लक्ष्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, रक्षा प्रणालियों एवं संवेदनशील डेटा की सुरक्षा के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा समाधान विकसित करना है। 7.0 रक्षा परीक्षण(0& ९४८९ Testing) रक्षा परीक्षण सुविधाएं राज्य के रक्षा उत्पादन तथा विकास के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अपनी रणनीतिक स्थिति एवं मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ, उत्तर प्रदेश रक्षा परीक्षण गतिविधियों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। यह गलियारा अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाएं प्रदान करता है, जो. रक्षा प्रणाली और प्रौद्योगिकी की एक विस्तृत श्रृंखला को पूरा करता है। ये परीक्षण केंद्र उन्नत उपकरणों से सुसज्जित हैं, जो हथियारों, वाहनों, संचार प्रणालियों और अन्य सहित विभिन्‍न रक्षा उपकरणों के व्यापक मूल्यांकन को सक्षम करते S| रक्षा परीक्षण पर समर्पित ध्यान यह सुनिश्चित करता है कि गलियारा रक्षा निर्माताओं के लिए अपने उत्पादों के प्रदर्शन, विश्वसनीयता और सुरक्षा को मान्य करने के लिए एक विश्वसनीय एवं भरोसेमंद गंतव्य बन जाए। उत्तर प्रदेश में विशेष परीक्षण विशेषज्ञता एवं संसाधनों की उपलब्धता राज्य में रक्षा उद्योग की समग्र प्रतिस्पर्धत्मकता और आकर्षण को बढ़ाती है, जो देश की रक्षा क्षमताओं में महत्वपूर्ण योगदान देती है | 7.44 यूएवी (UAVs) | मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) उत्तर प्रदेश राज्य के भीतर रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में एक केंद्र बिंदु के रूप में उदित हुआ है। प्रौद्योगिकी में प्रगति और आधुनिक युद्ध क्षमताओं पर बढ़ते जोर के साथ, यूएवी टोही, निगरानी तथा सामरिक संचालन के लिए अपरिहार्य उपकरण बन गए हैं। उत्तर प्रदेश ने अपने मजबूत रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के साथ इस बढ़ते बाजार का लाभ उठाने के लिए खुद को रणनीतिक रूप से तैयार किया है। अनुसंधान एवं विकास में राज्य, के निवेश, रक्षा संगठनों के साथ सहयोग के साथ, इसे यूएवी उत्पादन में सबसे आगे a गया है। यह क्षेत्र न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान देता है बल्कि उत्तर प्रदेश के भीतर पर्याप्त आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर भी प्रदान करता है, जिससे यह भारत के रक्षा उद्योग परिदृश्य में एक प्रमुख प्रतिभागी बन गया है| परिमाषाएँ 84 Vara तथा रक्षा उत्पाद यह निर्धारित करने के लिए कि कोई उत्पाद ,/ प्रौद्योगिकी रक्षा अथवा एयरोस्पेस की श्रेणी में है या नहीं भारत सरकार या अधिकृत एजेंसियों की किसी नीति, योजना या किसी अन्य संबंधित दस्तावेज में निहित प्रावधान / परिभाषा का संदर्भ लिया are | 7रक्षा /एयरोस्पेस इकाई उत्पादों में सामग्री, उपकरण /घटक संयोजन इकाइयाँ, उप-संयोजन और घटक शामिल होंगे। ए एंड डी उत्पादों के परिवहन के लिए ए एंड डी इकाइयों के अंतर्गत विशेष wae वाहन / भंडारण पर भी विचार किया जाएगा। 8.2. एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाइयां uw डी मूल्य श्रृंखला में ए एंड डी उत्पादों का. निर्माण . करने वाले सभी आपूर्तिकर्ताओं को इस नीति में ए एंड डी इकाइयाँ माना जायेगा। मेगा एंकर ए .एंड डी इकाइयाँ, एंकर ए एंड डी इकाइयाँ, विक्रेता ए एंड डी इकाइयाँ, एमएसएमई ए एंड डी इकाइयाँ, स्टार्टअप ए एंड डी इकाइयाँ, व रक्षा एवं एयरोस्पेस से सम्बन्धित MRO जैसा कि इस नीति में परिभाषित है, ए एण्ड डी इकाई के रूप में इस नीति के अन्तर्गत प्रोत्साहन के | लिए पात्र होंगी | किसी भी इकाई में, निम्नलिखित मानदंडों में से कम. से कम एक को पूरा करना | ं | अनिवार्य होगा: — i) od परिभाषित रक्षा /एयरोस्पेस क्षेत्र से संबंधित सामग्री /उपकरण की आपूर्ति दि की गयी हो। न — (i) रक्षा /एयरोस्पेस क्षेत्र में पहली बार उद्यम करने वाले स्टार्टअप या एमएसएमई इकाइयों को भी नीति के अनुसार प्रोत्साहन के लिए विचार किया जाएगा |. (un) जैसा कि पहले परिभाषित किया गया है ए एंड डी इकाइयों से वित्तीय अनुदान या आपूर्ति आदेश प्राप्त किया गया हो। (४). यदि किसी आवेदक ने भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय की ऑफसेट योजना के अन्तर्गत किसी विदेशी ओईएम से समझौता ज्ञापन We हस्ताक्षर किए हैं या आपूर्ति ' आदेश प्राप्त किया है। न (Vv) सेना, नौसेना, वायु सेना, अर्धसैनिक प्रतिष्ठानों, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), आदि के लिए डिजाइन और विकास के लिए असेंबली, निर्माण के क्षेत्र में काम किया है। vu) ए एंड डी क्षेत्र के तहत वर्गीकृत भारतीय या विदेशी ओईएम को विनिर्माण / परीक्षण a प्रूफिंग / पार्ट्स _ विनिर्माण /उप-असेंबली / असेंबली और आपूर्ति | (vi) ए एंड डी क्षेत्रों में नई विनिर्माण इकाइयाँ, fore उक्त उत्पादों के विनिर्माण के लिए लाइसेंस प्राप्त हुआ है| (vil) एयरोस्पेस एवं रक्षा से:सम्बन्धित MRO Unit को ए एण्ड डी पॉलिसी के सभी प्रोत्साहन ST होगें। .... \ 88.3. मेगा एंकर एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाइयाँ वैश्विक या भारतीय मूल उपकरण निर्माता (Oem), जो ए एंड डी क्षेत्र के उत्पादों का निर्माण या सम्बिन्धित कार्य करते हैं और ,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करते हैं । ए एंड डी क्षेत्र की मेगा एंकर इकाइयाँ इस नीति के तहत दिए जा रहे प्रोत्साहनों के अलावा भारत सरकार द्वारा अधिकृत अतिरिक्त अनुकूलित प्रोत्साहन और छूट पैकेज प्राप्त करने की भी हकदार होंगी। MRO इकाइयां निवेश के अनुसार ए एण्ड डी इकाई, एंकर इकाई या मेगा एंकर इकाई के रूप में परिभाषित की व्यहरित की जायेगी | नोटः- इस नीति में परिभाषित एंकर ए एंड डी इकाइयों पर लागू सभी प्रोत्साहन मेगा एंकर ए एंड डी इकाइयों पर भी लागू होंगे। 8.4 एंकर एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाइयाँ वैश्विक या भारतीय ओईएम जो ए एंड डी प्लेटफार्मों को डिजाइन और विनिर्माण करते हैं और निम्नलिखित श्रेणियों में निवेश करते हैं:- | OP a TS — बुन्देलखण्ड (चित्रकूट तथा झांसी नोड) 200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश या कम से एवं पूर्वांचल. कम 000 प्रत्यक्ष रोजगार सुजित करना मध्यांचल तथा. पश्चिमांचल (आगरा, | 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश या कम से अलीगढ़, कानपुर एवं लखनऊ Als) कम 500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना 8.5... विक्रेता (Vendor) एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाइयाँ एंकर ए एंड डी इकाई के समान क्लस्टर में स्थित इकाइयाँ तथा अपने अंतिम veel का कम से कमं 40 प्रतिशत एंकर ए एंड डी इकाई को आपूर्ति करती हों | 8.6. एम0एस0एमएई0 इकाइयां उत्तर प्रदेश सरकार एम0एस0एम0ई0 अधिनियम 2020 में एम0एस0एम0ई0 के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित एम0एस0एम0ई0 परिभाषा का पालन करेगी। एम0एस0एम0ई0 की परिभाषा समय-समय पर भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वचालित रूप से संशोधित की जाएगी। एम0एस0एम0ई0 इकाई ए एंड डी आपूर्तिकर्ता के रूप में योग्य होगी यदि उसका कम से कम 50 प्रतिशत टर्नओवर विनिर्माण से आता है और ए एंड डी मूल्य श्रृंखला में मेगा एंकर या एंकर ए एंड डी इकाई या विक्रेता (Vendor) ए एंड डी इकाइयों या रक्षा पीएसयू को आपूर्ति करती हों | 8.7 एयरोस्पेस तथा रक्षा (ए एंड डी) आधारित स्टार्टअप © किसी इकाई को स्टार्टअप माना जाएगा यदि वह उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग. (डीपीआईआईटी) द्वारा मान्यता प्राप्त है तु Ra सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों को 9पूरा करती है, अधिसूचना संख्या जीएसआर 364 (ई) दिनांक 47.04.208 के अनुसार, जैसा कि राजपत्र अधिसूचना संख्या जीएसआर 34 (ई) दिनांक 76.07.2049 के अनुसार संशोधित किया गया है (और समय-समय पर संशोधित किया जा सकता है)। इसके अलावा, इस नीति के तहत एक इकाई को ए एंड डी आधारित स्टार्टअप माना .जाएगा (पैरा 8. देखें), यदि वह ए एंड डी क्षेत्र में काम करती हों या इसमें प्रवेश करने का इरादा रखती हों | 8.8. रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयाँ oot रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम a9 निजी एयरोस्पेंस तथा रक्षा पार्क उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में ए एंड डी पार्कों को बढ़ावा देगी खासकर उन क्षेत्रों में जहां पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत है। ये पार्क “प्लग-एंड-प्ले' औद्योगिक बुनियादी ढांचा प्रदान करेंगे, जिससे कंपनियां अपने मुख्य व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी | ou एंड डी पार्क के विकास के लिए पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। रणनीतिक डेवलपर्स उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) से जमीन खरीद सकते हैं या खुद भी जमीन ले सकते हैं । 8.40 अन्य RATE () . प्रभावी तिथि का अर्थ है- वह तिथि जब यह नीति प्रभावी होती है, जो इस. नीति की ं ं अधिसूचना या शासनादेश की तिथि है। (i) विस्तार का अर्थ है- जहाँ कोई मौजूदा औद्योगिक उपक्रम नए पूंजी निवेश के माध्यम से अपने सकल ब्लॉक को कम से कम 25 प्रतिशत तक बढ़ाता है। (ii) विविधीकरण का अर्थ है- जहाँ कीई मौजूदा औद्योगिक उपक्रम पूरी तरह से अलग उत्पाद... (न कि केवल मौजूदा उत्पाद का एक प्रकार) का निर्माण करता है। इसके अलावा विविधीकरण के त्तहत प्रोत्साहन के. लिए पात्र होने के लिए औद्योगिक उपक्रम को नए पूंजी निवेश के माध्यम से अपने सकल ब्लॉक की कम से कम 25 प्रतिशत तक बढ़ाना होगा या इस नीति में परिभाषित एंकर श्रेणी के रूप में aden प्राप्त करनी होगी, जो भी कम हो। (iv) कट-ऑफ तिथि का अर्थ है:- «.... यदि निवेश पॉलिसी की प्रभावी तिथि को या उसके बाद आरम्भ होता है, तो पॉलिसी की प्रभावी अवधि के भीतर आने वाली परियोजना के निवेश की शुरुआत की ं तिथि। «..... यदि निवेश प्रभावी तिथि से पहले प्रारम्भ होता है, तो पॉलिसी की प्रभावी तिथि । यदि प्रभावी तिथि से पहले केवल भूमि का थी किया जाता है, तो पूंजी निवेश के 20अन्तर्गत परिभाषित किसी भी अन्य शीर्ष (भूमि को छोड़कर के लिए पहला निवेश प्रभावी तिथि को या उसके बाद किए जाने की तिथि को कट-ऑफ तिथि माना. जाएगा | (४) वाणिज्यिक उत्पादन wea करने की तिथि से तात्पर्य उस तिथि से है, जिस दिन औद्योगिक उपक्रम अपना वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करता है | (Vi) पात्र पूंजी निवेश के लिए रक्षा औद्योगिक उपक्रम द्वारा वहन की जाने वाली निम्नलिखित लागत पर विचार किया जाएगा — (क) भूमि की विकास yom के साथ (Ree चारदीवारी, आंतरिक सड़कों का निर्माण तथा अन्य बुनियादी ढांचागत सुविधाओं सहित) | (खो स्थायी भवन का अर्थ है परियोजना के लिए निर्मित नया भवन, जिसमें प्रशासनिक भवन भी शामिल है। संयंत्र और मशीनरी की स्थापना, अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों, इन-हाउस परीक्षण सुविधाओं, भंडारण सुविधाओं और विनिर्माण प्रक्रिया से संबंधित अन्य भवनों और श्रमिकों के लिए छात्रावास /शयनगृह, कार्यालय स्थान एवं प्रशासनिक परिसर से संबंधित भवन के लिए निर्मित नए भवनों की लागत वास्तविक व्यय के अनुसार मानी जाएगी | @) अन्य निर्माण का अर्थ है कम्पाउंड दीवार और गेट, सुरक्षा केबिन, आंतरिक सड़कें, बोरवेल, पानी की टंकी, पानी और गैस के लिए आंतरिक पाइपलाइन नेटवर्क तथा अन्य संबंधित निर्माण | (a) प्लांट तथा मशीनरी का अर्थ है नया स्वदेशी ,/“आयातित प्लांट और मशीनरी, उपयोगिताएँ (Utilities), डाई, Ales, जिग्स व फिक्सचर और प्लांट के भीतर स्वामित्व एवं उपयोग किए जाने वाले समान उत्पादन उपकरण; परिवहन, नींव, निर्माण, स्थापना एवं fairer की लागत। विद्युतीकरण लागत में सब-स्टेशन और ट्रांसफार्मर की लागत शामिल होगी। ऐसे अन्य और उपकरण, जो उत्पादों के निर्माण के लिए सहायक हैं, भी शामिल किए जाएंगे। . प्लांट और मशीनरी में गैर-पारंपरिक ऊर्जा के उत्पादन के लिए प्लांट भी _ शामिल होंगे; अनुसंधान तथा विकास; केवल औद्योगिक इकाई के परिसर के भीतर परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहन, और ऐसे परिसर के भीतर माल के परिवहन में विशेष रूप से उपयोग किए जाने वाले सामग्री हैंडलिंग उपकरण; औद्योगिक. उपक्रम. के. परिसर के. भीतर स्थापित कैप्टिव _ बिजली उत्पादन ,/सह-उत्पादन के लिए प्लांट, जिसमें से कम से कम 75 प्रतिशत बिजली औद्योगिक उपक्रम के स्वयं के उपयोग के लिए होनी चाहिए। पानी के शुद्धिकरण के लिए प्लांट, प्रदूषण नियंत्रण उपायों के लिए संयंत्र, जिसमें एकन्रीकरण, उपचार बहिःस्राव / उत्सर्जन या ठोस /गैसीय खतरनाक अपशिष्ट के निपटान की सुविधा शामिल है; डीजल जनरेटिंग सेट और बॉयलर। (|. 2(ड़) gaa सुविधाओं का अर्थ है - ऐसी नई सड़कें, सीवर लाइन, जल निकासी, बिजली लाइन, रेलवे साइडिंग अवसंरचना (इकाई के संचालन के लिए आवश्यक ऐसी अन्य सुविधाओं सहित), जो उपक्रम के परिसर को मुख्य अवसंरचना ट्रंक लाइनों से जोड़ती हैं। उक्त के अलावा औद्योगिक उपक्रम द्वारा स्वयं के उपयोग के लिए पर्यावरण संरक्षण अवसंरचना, . सीवेज उपचार संयंत्र और बिजली फीडर की स्थापना भी शामिल की जाएगी | न a) अयोग्य पूंजी निवेश में शामिल हैं - कार्यशील पूंजी, सद्भावना (Goodwill), प्रारंभिक एवं पूर्व-संचालन व्यय, पूंजीकृत ब्याज, प्रौद्योगिकी / तकनीकी जानकारी प्राप्त करने के लिए पुस्तकों में पूंजीकृत व्यय, परामर्श शुल्क, Wicd, डिजाइन एवं चित्र, पेटेंट, लाइसेंस, सॉफ्टवेयर तथा बौद्धिक संपदा अधिकार और बिजली उत्पादन, इस नीति में परिभाषित पूंजी निवेश के प्लांट vd मशीनरी शीर्ष के तहत उल्लिखित कैप्टिव उपयोग को छोड़कर। पूंजी निवेश की गणना के लिए ऐसे शीर्षों पर विचार नहीं किया जाएगा। 9 अनुदान और प्रोत्साहन (Grants & In centives) | : (क) इस नीति के अंतर्गत एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाइयों को निम्नानुसार रियायतें प्रदान ं की जाएंगी:- :. राज्य के भौगोलिक क्षेत्रों में स्थापित इकाई wr प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे | «मेगा एंकर एवं एंकर ए एंड डी इकाइयों को अपने भूमि क्षेत्र के 20 प्रतिशत भाग में विक्रेतो (Vendor) की इकाई स्थापित करने की अनुमति होगी | «रक्षा गलियारे के नोड्स में कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा आवंटित भूमि पार्सल के लिए पट्टा किराया io वर्ष. की अवधि के लिए भूमि लागत का + प्रतिशत तथा 40 वर्ष Sate अवधि के लिए 5 प्रतिशत होगा । उपर्युक्त सुविधाएं उत्तर प्रदेश -एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा i उत्तर प्रदेश -एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (युपीडा) द्वारा उत्तर प्रदेश. औद्योगिक विकास अधिनियम, 4976 के प्रावधान के अनुसार प्रदान के SRT] अधिनियम, 976 के प्रावधान के अनुसार प्रदान की जाएंगी | (ख) नीति के अन्तर्गत इकाईयों को निम्नानुसार we एंड (Front ended subsidy)- प्रदान किया जायेगा-. (i) भूमि प्रोत्साहन (Land Subsidy) ं ० इस नीति में पहले .परिभाषित मेगा एंकर एवं एंकर ए एंड डी इकाइयों को रक्षा गलियारे में भूमि के सकल विक्रय मूल्य का 25 प्रतिशत छूट दी जाएगी | (ii) स्टाम्प देय पर छूट . (Stamp Duty Exemption) . इस नीति में आच्छादित पात्र इंकाईयों को भूमि कय,// पट्टा विलेख (लीज SIs) पर देय verry ड्यूटी में t00 प्रतिशत की छूट अनुमन्य 'होगी | स्टाम्प देय पर छूट के लिए er की धनराशि के बराबर की बैंक गारंटी स्टाम्प एवं निबन्धन कार्यालय में सम्बिन्धत शासनादेश के अनुसार जमा की जायेगी |9.4 पूंजीगत उपादान (Capital Subsidy) ए एंड डी सेक्टर की सभी एयरोस्पेस तथा रक्षा विनिर्माण इकाइयां पश्चिमांचल और मध्यांचल में 25 प्रतिशत की दर से पश्चशिरा (Back ended) पूंजीगत सब्सिडी के लिए पात्र होंगी | | बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्र में स्थापित की जा रही सभी एयरोस्पेस तथा रक्षा विनिर्माण इकाइयां 35 प्रतिशत की दर से पश्चशिरा (Back ended) पूंजीगत सब्सिडी के लिए पात्र होंगी | परियोजनाएं नीचे दी गई तालिका में दिए गए अनुसार समान वार्षिक feed में संवितरण का लाभ उठा सकती हैं:-- ए एंड डी विनिर्माण इकाइयों के लिए पूंजीगत सब्सिडी [वितरण अवधि) - कुल सब्सिडी राशि | | safer रुपये 500 करोड़ तक 5 वर्ष रुपये 500 करोड़ — 4000 करोड़ रुपये 40 वर्ष रुपये i000 करोड़ से ऊपर 45 वर्ष 40 प्रतिशत आयातित सेकेंड हैंड मशीनरी पूंजीगत उपादान (Capital Subsidy) के लिए पात्र होगी । (क). नीति के अनुसार, विभिन्‍न श्रेणियों की ए एंड डी इकाइयों के लिए प्रस्तावित पात्र निवेश की अवधि निम्नानुसार होगी:- (i) मेगा एंकर इकाइयों के मामले में पॉलिसी की dear अवधि के भीतर आने वाली कट-ऑफ तिथि से 7 वर्ष | (i) Var इकाइयों के मामले में पॉलिसी की वैधता अवधि के भीतर आने वाली कट-ऑफ तिथि से 5 वर्ष | (ii) अन्य ए एंड डी इकाइयों (एम0एस0एएम0एई0 / विक्रेता इकाइयों / स्टार्टअप) के मामले में पॉलिसी की वैधता अवधि के भीतर आने वाली कट-ऑफ तिथि से 4 वर्ष | (ख) VS मामले भी पात्र पूंजी निवेश के अंतर्गत आएंगे, जिनमें निवेश शुरू होने की तिथि प्रभावी तिथि से ठीक पहले के 5 वर्ष की अवधि के भीतर है (सभी श्रेणियों के लिए) बशर्ते कि ऐसे मामलों में वाणिज्यिक उत्पादन प्रभावी तिथि के बाद शुरू हो और कम से कम 80 प्रतिशत पूंजी निवेश प्रभावी तिथि के बाद किया गया हो। इस स्थिति में सब्सिडी हेतु प्रभावी तिथि के बाद किया गुया निवेश ही पात्र पूंजी निवेश माना जायेगा | ; 23(ग) aff औद्योगिक gaat कार्यान्वयन के विभिन्‍न चरणों में स्थापना करना चाहती हैं, तो आवेदन प्रस्तुत करते समय डीपीआर में इसे अवश्य लाया जाना चाहिए। इसके अलावा डीपीआर में उल्लिखिंत स्थापना के चरणों को उक्त वर्णित अवधि के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। 92 परिवहन Yow पर छूट (Rebate on Transportation Charges ) (i) संयंत्र और मशीनरी के परिवहन के लिएः- सभी ए एंड डी इकाइयां आयातित उपकरण, संयंत्र और मशीनरी के परिवहन पर परिवहन लांगत के 50 प्रतिशत की परिवहन सब्सिडी के लिए पात्र होंगी, जो लॉजिस्टिक पार्कों/ परिवहन केंद्रों और बंदरगाह /बंदरगाह से राज्य में उत्पादन के स्थान तक होगी। अधिकतम सीमा 5 ं करोड़ रुपये होगी | ji) तैयार उत्पादों के परिवहन के लिएः- सभी ए एड डी इकाइयां वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ होने की तारीख से 5 साल की अवधि के लिए इकाई से लॉजिस्टिक पार्को / परिवहन del, बंदरगाह / बंदरगाह तक तैयार उत्पादों के परिवहन पर घरेलू और निर्यात दोनों के लिए परिवहन arta के 50 प्रतिशत की परिवहन सब्सिडी के लिए पात्र होंगी, जो प्रति वर्ष 5 करोड़ रुपये की अधिकतम सीमा तक होगी | 9.3. हरित अवसंरचना के लिए सब्सिडी (Subsidy for Green Infrastructure) पर्यावरण संरक्षण अवसंरचना स्थापित करने की लागत पर 25 प्रतिशत सब्सिडी, व अधिकतम 4 करोड़ रुपये | "पर्यावरण संरक्षण अवसंरचना' में एयर वाटर एण्ड स्वायल प्रदूषण को कम करने के कार्य जैसे wat वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन कणिका तत्व नियंत्रण प्रणाली / औद्योगिक उत्सर्जन स्क्रबर/ इलेक्ट्रॉनिक अवक्षेपक | ं 9.4. सामान्य सुविधा केंद्र /कौशल एवं प्रशिक्षण केंद्र को सहायता (Support to Common Facility Centre / Skilling & Training Centre) सामान्य सुविधा केंद्र / alert एवं प्रशिक्षण केंद्र राज्य में ए एंड डी विनिर्माण के पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने में सहायता करेंगे। राज्य पूंजी निवेश का 50 .... प्रतिशत एवं प्रति केंद्र अधिकतम t0 करोड़ रुपये प्रदान करेगा | 9.5. महिला उद्यमियों को सहायता (Support to Women Entrepreneurs) महिला उद्यमियों को सभी लागू सब्सिडी पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत प्रदान किया जाएगा। 9.6 विपणन सहायता (Marketing Assistance) राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो और क्रेता-विक्रेता बैठकों में भाग लेने वाले एमे0एस0एम0ई0 और स्टार्टअप को स्थापना की तारीख से 05 वर्ष की अवधि के लिए विपणन सहायता | 24 \.(i) अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों के लिए is लाख रुपये। (प्रति वर्ष 4 आयोजन) | (i) राष्ट्रीय आयोजनों के लिए 5 लाख रुपये (प्रति वर्ष 4 आयोजन) | पेटेंट लागत 9.7 / गुणवत्ता प्रमाणन के लिए प्रोत्साहन (Incentive for Patent Cost/Quality Certification) उत्तर प्रदेश सरकार पेटेंट पंजीकरण और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए किए गए wat के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी:- (i) te शुल्क प्रतिपूर्ति:--ए एंड डी इकाइयों को घरेलू पेटेंट पंजीकरण के लिए पेटेंट शुल्क के i00 प्रतिशत तथा अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट पंजीकरण के लिए पेटेंट शुल्क के 50 प्रतिशत्‌ तक प्रतिपूर्ति की जायेगी, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति इकाई रु.25 लाख तक होगी, समस्त इकाइयों को देय प्रतिपूर्ति की वार्षिक अधिकतम सीमा wi करोड़ होगी | यह प्रतिपूर्ति केवल पेटेंट मंजूरी rant) होने के बाद ही की जाएगी। (it) गुणवत्ता प्रमाणन:ः- उत्तर प्रदेश सरकार इस नीति के cea: परिभाषित © एम0एस0एम0ई0 इकाइयों को vya-gi00 श्रृंखला, एनएडीसीएपी आदि जैसे गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने. के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी । प्रति वर्ष प्रति ए एंड डी इकाई अधिकतम । लाख रुपये तक प्रमाणन शुल्क की 400 प्रतिशत प्रतिपूर्ति- की जाएगी | (ii) ट्रेडमार्क पंजीकरण:-- ट्रेडमार्क पंजीकरण आवेदन शुल्क की पूरी तरह से प्रतिपूर्ति की जाएगी, अधिकतम रुपये i लाख प्रति इकाई प्रति वर्ष । प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए सहायता (Support for Training and Skill Development ) () मौजूदा कौशल प्रशिक्षण आधार को मजबूत करनाः- जहां भी संभव हो, Ua: प्रदेश सरकार समय-समय पर सरकारी आईटीआई / पॉलिटेक्निक में उद्योग के परामर्श से ए एंड डी क्षेत्र में अनुकूलित पाठ्यक्रम शुरू करेगी | (i) कौशल विकास को समर्थन देने के लिए सब्सिडी:- प्रत्येक रक्षा इकाई के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 4 वर्ष की अवधि के लिए प्रति व्यक्ति प्रति माह 40,.000 रुपये की सीमा तक अधिकतम 20 लोगों 'को कौशल प्रदान करने की लागत वहन करेगी। अनुसंधान एवं विकास तथा परीक्षण सुविधाओं के लिए सहायता (Assistance for Research and Development and Testing Facilities) राज्य अग्रणी तकनीकी संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) के रूप में विकसित करने के लिए सहायता प्रदान करेगा। एक संस्थान को एक में 0 करोड़ रुपये की सहायता मिल सकती है। 250. - व्यापार करने में सहजता (Ease of Doing Business) राज्य की औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन (EP) नीति, 2022 के विजन और मिशन को आगे बढ़ाते हुए, यह नीति wos में व्यापार में सहजता (Ease of Doing Business) | भी सुनिश्चित करती et (i) एकल खिड़की (Single Window) —- ए एंड. डी विनिर्माण इकाइयों को सभी आवश्यक अनुमोदन और मंजूरी राज्य की एकल खिड़की प्रणाली के - माध्यम से एक ही sae नीचे प्रदान की जाएगी, ज़िसकी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा निगरानी (monitoring) की. जाएगी | () ... प्रोत्साहनों (incentives) का समेकित भुगतान: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरण सभी अनुमेय सुविधाओं / प्रोत्साहनों के लिए नोडल एजेंसी व होगी | (ii) प्रक्रियाओं का सरलीकरण:- इस नीति का उद्देश्य मौजूदा नियामक व्यवस्था को युक्तिसंगत बनाना और स्व-प्रमाणन, मान्य अनुमोदन और तीसरे पक्ष H प्रमाणीकरण का समर्थन करके प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। (iv) . श्रम परमिट:- उत्तर प्रदेश सरकार ए एंड डी उद्योग को संबंधित कानूनों की आर्पश्यकताओं के अधीन लचीली रोजगार शर्तों, काम, के घंटे, 3-शिफ्ट में महिलाओं के रोजगार, संविदा श्रमिकों की भर्ती की अनुमति देगी | (४). बुनियादी सुविधाएं:- रक्षा नोड के तहत अधिग्रहीत नव विकसित औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत प्रणाली, जलापूर्ति; सीवर और सड़क की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। रक्षा नोड के तहत अधिग्रहीत नव विकसित औद्योगिक क्षेत्र में भूमि के सीमांकन और सुरक्षा के लिए परिधीय चारदीवारी का निर्माण किया जाएगा। विद्युत आपूर्ति संहिता-2005 (यथा संशोधित) में निहित प्राविधानों के अनुसार नई विद्युत प्रणाली विकसित करने तथा उक्त क्षेत्र में आने वाली ऊर्जा विभाग की परिसम्पत्तियों तथा बिजली के wal, विद्युत लाइन्स, संब-स्टेशनों इत्यादि के विस्थापन में आने वाले व्यय की धनराशि का वहन अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग /आवेदनकर्ता द्वारा किया जायेगा। प्राक्कलित धनराशि जमा किये जाने के उपरान्त शिफ्टिंग/ नये विद्युत संयोजन का कार्य सम्बन्धित विद्युत वितरण निगम . लि० / उ०प्र० पावर ट्रासमिशन कारपोरेशन लि० द्वारा कराया. जायेगा | यदि अवस्थापना एव औद्योगिक विकास विभाग /आवेदनकर्ता स्वयं कार्य करना चाहता है at विभागीय नियमानुसार निर्धारित सुपरविजन चार्ज जमाकर, स्वयं भी कार्य कर सकता है। उक्त विकास हेतु ROW देने का उत्तरदायित्व जिला प्रशासन का होगा तथा यदि किसीउपकेन्द्र का नवनिर्माण, परियोजना हेतु किया जाना आवश्यक होगा तो इस हेतु भूमि की व्यवस्था भी, जिला प्रशासन द्वारा की जायेगी। (vi) औद्योगिक qem— उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में सुरक्षित औद्योगिक वातावरण प्रदान करेगी | (Vil) इस नीति में प्रदान की गई सुविधाओं / छूटों की स्वीकृति की प्रक्रिया वही होगी जो उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 में दी गई है। नीति कार्यान्वयन () यह नीति इसकी अधिसूचना (notification) की तिथि से प्रभावी होगी तथा 5 वर्ष की अवधि तक या अगली नीति अधिसूचित (notified) होने तक प्रभावी रहेगी | (i) ae नीति उन निवेशकों पर लागू होगी, जो इस नीति के प्रभावी होने की तिथि के बाद निवेश करेंगे और -नई नीति के तहत लेटर ऑफ कंफर्ट / पुष्टिकृत (Confirm) आवंटन प्राप्त करेंगे | (ii) यदि किसी भी स्तर पर ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, जिसमें नीति में किसी संशोधन या अधिक्रमण की आवश्यकता होती है, तो केवल मंत्रि परिषद को ही ऐसे MMT /अधिक्रमण को मंजूरी देने का अधिकार होगा। (iv) इस नीति में किसी भी संशोधन के मामले में, नीति संशोधन से पहले स्वीकृत किए गए प्रतिबद्ध प्रोत्साहन वापस नहीं लिए जाएंगे और इकाई लाभ के लिए पात्र बनी रहेगी | Vv) ऐसे मामलों के लिए, जो उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति — 20:8 (यथासंशोधित) के तहत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रोत्साहन के लिए लेटर आफ कम्फर्ट जारी करने हेतु विचाराधीन हैं, उनके पास इस नई नीति के तहत आवेदन करने का एक बार का विकल्प होगा यदि वे इस नई नीति के तहत निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार पात्र हैं या उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेंस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति - 2078 (यथासंशोधित) के तहत विचार जारी रखते el इस विकल्प का प्रयोग इस नीति के तहत नियमों की अधिसूचना की तारीख से एक महीने के बाद नहीं किया जा सकता है। Vi) सरकार द्वारा निवेश मित्र से जुड़ा एक ऑनलाइन प्रोत्साहन प्रबंधन पोर्टल (00५४5) शुरू किया जाएगा। लॉन्च होने के बाद, एक तिथि निर्दिष्ट की जाएगी, जिसके बाद इस नीति के ded प्रोत्साहन के लिए आवेदन केवल पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे तथा आवेदकों को एक “Te प्रदान की जाएगी। . 27.(vii) यदि कोई पात्र औद्योगिक उपक्रम, इस नीति के तहत स्वीकृत प्रोत्साहनों के वित्तरण की अवधि के दौरान, राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरंण (NCLT) के आदेशों के अनुसार या अन्यथा किसी नई इकाई द्वारा अधिग्रहित किया जाता है, तो ऐसी उत्तराधिकारी इकाई शेष अवधि के लिए प्रोत्साहित इकाई के लिए शेष प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए पात्र होगी, जिसके दौरान मूल औद्योगिक उपक्रम ने इस नीति के तहत स्वीकृतत प्रोत्साहनों का लाभ उठाया होगा। ऐसी उत्तराधिकारी इकाई को मूल प्रोत्साहित इकाई को प्रोत्साहन स्वीकृत और वितरित करते समय मूल रूप से निर्धारित सभी नियमों और शर्तों कों पूरा करना होगा। . न Will) विलयन /विघटन / एकीकरण / संविधान में परिवर्तन तथा ऐसे किसी अन्य मामले के माध्यम से गठित उत्तराधिकारी संस्थाएं इस नीति के अंतर्गत ऐसे प्रोत्साहनों के लिए पात्र होंगी, oer fe मूल औद्योगिक इकाई पर लागू था। 2. ए एंड डी क्षेत्र के भीतर कंपनी का स्थानांतरण कंपनियों को ए एंड डी क्षेत्र के भीतर वैकल्पिक उत्पाद में स्थानांतरित करने अनुमति है। नए आवेदन के माध्यम से एक नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) की स्वीकृति अनिवार्य है. भले ही पिछली परियोजना / उत्पाद के लिए निवेश शुरू किया गया हो या नहीं । अतिरिक्त टिप्पणी . रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र इकाइयाँ (डीपीएसयू) को अपनी , सुविधाएं (परीक्षण सुविधाएं, प्रयोगशालाएं, सहायक सुविधाएं और कर्मचारियों के लिए आवास जैसी सामान्य उपयोग सुविधाएं आदि) बनाने के लिए पट्टे के आधार पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी |. > इस नीति में उल्लिखित सब्सिडी के अलावा, 3000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली अल्ट्रा-एंकर ए एंड डी इकाइयों को केस-टू-केस आधार पर प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा | 3... प्रोत्साहन नई ए एंड डी इकाइयों के साथ-साथ विस्तार/विविधीकरण के तहत परियोजनाओं के लिए लागू होंगे, बशर्ते . ऐसी इकाइयां नई इकाइयों की तरह निवेश मानदंडों को पूरा करती हों । | 4 इस नीति के अंतर्गत प्रोत्साहन प्राप्त करने वाली परियोजनाएं राज्य सरकार की किसी अन्य नीति के अंतर्गत प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होंगी । इस नीति में art प्राप्त करने वाली इकाई राज्य सरकार की किसी अन्य नीति से लाभ नहीं प्राप्त करेगी । परन्तु भारत सरकार की नीति के अन्तर्गत लाभ प्राप्त कर सकती है। 5. ... विस्तार,/विविधीकरण से तात्पर्य है - जहां इस नीति में परिभाषित मौजूदा ए एंड डी इकाई नए निवेश का उपयोग करके अपने सकल ब्लॉक को कम से कम 25 प्रतिशत तक बढ़ाती है | 286. Uae प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति - 2024 के अंतर्गत देय प्रोत्साहन व छूट उपलब्ध कराने हेतु यूपीडा नोडल संस्था होगी जो शासन स्तर से इस सम्बन्ध में जारी art निर्देश के अनुसार कार्यवाही सम्पादित करायेगी | 7. उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, यूपीडा के अन्तर्गत अधिक से अधिक निवेश को. प्रोत्साहन देने के लिए नीति के तहत ई.सी.आई. पर देय प्रोत्साहन ही निवेश प्रोत्साहन की अधिकतम सीमा होगी | . है पिपोए पौ पी ले वि पी मे मै? जि "मैं "है? 29अनुलग्नक ।- werent की शब्दावली freer | संक्षिप्तीकरण न ए एंड डी (aap) एयरोस्पेस तथा रक्षा wea). | (al) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 'एकेआईसी (cic) | (200) ततसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा _ एयरोस्पेस RCH और उपकरण अनुसंधान एवं | एएसईआरडीसी (aseroc) विकास केंद्र 'एडब्लूडआईएल (awe) | | एडवांस्ड वेपंस एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड ava (Be) बनारस हिंदू विश्वविद्यालय बी एच यू (Buu) बीएन (Bn) बिलियन सामान सुक्यिकेंदं सीएफसी डीबीटी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (crs) सुविघा केंद्र डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर : डीबीटी (DBT) रक्षा औद्योगिक गलियारे डीआईसी (0 | Cs) ः दिल्‍ली मुंबई औद्योगिक गलियारा डीएमआईसी (Dac) रक्षा सामग्री भंडार और अनुसंधान एवं विकास | डीएमएसआरडीई (0५5९०६) प्रतिष्ठान ं उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग डीपीआईआईटी (our) डीपीआर (opr) विस्तृत परियोजना रिपोर्ट डीपीएसयू (0०५८५) रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र इकाइयाँ डीआरडीओ (0९०0) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन Saag (on) (oT!) रक्षा परीक्षण अवसंरचना . ईडीएफसी (६०१८) पर्वी समर्पित we कारिडोर 'एक्जिम (xm) (exim ) faa amt आयात एफएआर (FAR) फ्लोर एरिया अनुपात | एफएसआई Gs) (FSi) फ्लोर स्पेस इंडेक्स जीडीपी (Gop) 'सकल घरेलू उत्पाद... घरेलू उत्पाद | जीआईएल Gu (GIL) ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड 'एचएएल ia) (HAL) हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड 'एचक्यू हुप | (न0) mares आईसीडी (00) अंतर्देशीय कंटेनर डिपो आइंडीईएक्स (0०६५) नवाचार... | आईआईईपी (vee) (EP) औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन 30आईआईटी (iT) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईइएनआर (ine) भारतीय रुपया आईओटी (०7) | इंटरनेट आफ fore आईटी हा) सूचना प्रौद्योगिकी आईटीईएस (ites) ) सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएँ आईटीआईस (5) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एलसीए (ica) हल्का लड़ाकू विमान एलओसी (Loc) Gea के पत्र एलआरयू (९05) लाइन रिप्लेसमेंट इकाइयाँ एमएल (Mt) मशीन लर्निंग एमओडी (Mop) रक्षा मंत्रालय एमआरओ (MRO) रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल एमएसएमई (smes) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम एनएडीसीएपी (napcap) राष्ट्रीय एयरोस्पेस और रक्षा shar प्रत्यायन कार्यकम एनडब्ल्यू (nw) राष्ट्रीय जलमार्ग ओईएम (Em) गुल उपकरण निर्माता पीआईएल (Pi) जनहित याचिका सर्च पीएलआई (Pu) उत्पादन से जुड़ा प्रोत्साहन पीएसयू (Psus) सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइया आर एण्ड डी (९६०) पंघान एवं विकास एसईजेड (५६८५) विशेष आर्थिक क्षेत्र एसजीएसटी (sest) राज्य वस्तु एवं सेवा कर टीसीएल (0) ट्रप कम्फर्ट्स लिमिटेड यूएवी (uavs) मानवरहित हवाई वाहन यूपीडीआईसी (uepic) उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा यूपीईआईडीए (0०६08) उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यूएसडी (050) यूनाइटेड स्टेट्स डालर ae (vat) मूल्य वर्घित कर डब्ल्यूडीएफसी (woec) वेस्टर्न डेडिकेटेड We कारिडोर वाईआईएल (vi) यंत्र इंडिया लिमिटेड 3].

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