**Executive Summary**
This document is from the Uttar Pradesh Government, specifically the Public Works Department, regarding the administrative and financial sanction for two minor bridges in Lucknow and Shamli districts under the State (Urban) scheme for the financial year 2025-2026. It approves a total of Rs. 526.18 lakhs for the construction of these bridges, releasing Rs. 420.95 lakhs in the current financial year 2025-2026, subject to specific terms and conditions.
**Key Points / Main Content**
* **Financial Approval:** Administrative and financial approval granted for the construction of two minor bridges totaling Rs. 526.18 lakhs.
* **Funding Allocation:**
* Rs. 331.66 lakhs from grant number 57.
* Rs. 89.29 lakhs from grant number 83.
* A total of Rs. 420.95 lakhs released in the current financial year 2025-2026.
* **Project Details:**
* **Shamli:** Reconstruction of a bridge at Km-67 on the Meerut-Karnal road (Rs. 438.46 lakhs, allocated Rs 276.37 lakhs from grant 57 and Rs 74.40 lakhs from grant 83)
* **Lucknow:** Construction of an RCC box culvert in place of a hume pipe at Km-2 on the Mehara road (Rs. 87.72 lakhs, allocated Rs 55.29 lakhs from grant 57 and Rs 14.89 lakhs from grant 83)
* **Terms and Conditions:**
* Prior technical sanction to be obtained according to financial handbook volume 6, chapter 12, para 318.
* Land acquisition and utility shifting to be completed before construction begins.
* Expenditure to comply with financial handbook provisions and government orders.
* Drawings and estimations of the project must adhere to departmental rules and standards.
* Compliance with provisions of the financial department memorandum no. 6/2025/B-1-352/Das-2025-231/2025, dated 27-03-2025.
* Compliance with financial dept orders 01/2023/A-2-60/Das-2023-17(4)/75 dated 17-05-2023 and 02/2023/A-2-66/Das-2023-17(4)/75 dated 19-05-2023 for Centage charges.
* Ensure GST payments are made according to regulations, based on actual consumption of materials, and that GST provisions of various orders of the financial department is followed.
**Impact Analysis**
**Key Stakeholders:** Public Works Department, Local Administration, Finance Department
**Impact:** Responsible for the execution, monitoring, and compliance with the terms and conditions of the project.
**Action Required:**
* **Public Works Department:** Ensure adherence to all regulations, obtain necessary approvals, monitor project progress, and ensure responsible expenditure.
* **Local Administration:** Facilitate land acquisition and utility shifting.
* **Finance Department:** Monitor financial allocations and compliance with expenditure guidelines.
Key Entities Referenced
लोक निर्माण विभाग: Public Works Department (PWD), the primary department responsible for the execution of the policy.
लखनऊ: One of the two districts (along with Shamli) where the construction of the bridges is to take place, and the location of the PWD office issuing the order.
शामली: One of the two districts (along with Lucknow) where the construction of the bridges is to take place.
राज्य योजना (शहरी): State Planning (Urban), the plan under which the two bridges will be constructed.
संख्या-55 /2026/॥/25358/2026/23-6099/47/2026
प्रेषक,
सुबास राम,
उप सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग,
उ0प्र0) लखनऊ।
लोक निर्माण अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 27 फरवरी, 2026
विषय:- वित्तीय वर्ष 2025-2026 में राज्य योजना (शहरी) के अन्तर्गत जनपद लखनऊ एवं शामली के 02 लघु
सेतुओं की प्रशासकीय Ud वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक कारयलिय प्रमुख अभियन्ता (सेतु विंग), उ0प्र0 लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के
कतिपय पत्रांक (तालिका के प्रस्तर-2 में अंकित) के संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि
वित्तीय वर्ष 2025-2026 में राज्य योजना (शहरी) के अन्तर्गत जनपद लखनऊ एवं शामली के 02 लघु
सेतुओं के निर्माण कार्य हेतु कुल KO 526.8 लाख (रूपये पांच करोड़ छब्बीस लाख अटठारह हजार
मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति स्वीकृति प्रदान करते हुये अनुदान सं0-57 से KO 337.66
लाख एवं अनुदान सं0-83 से रू0 89.29 लाख अर्थात कुल धनराशि रू0 420.95 लाख (रूपये चार
करोड़ बीस लाख Gard हजार मात्र) की धनराशि चालू वित्तीय वर्ष 2025-2026 में निम्न विवरणानुसार
तथा निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों सहित अवमुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान
करते हैः-
(धनराशि लाख रूए में)
क्रं0 | मुख्य अभियन्ता | जनपद कार्य का नाम लागत [वित्तीय वर्ष 2025-26 में आवंटन | कार्यदार्यी
Yo | सेतुविंग का (लाखरू0 | अनुदान अनुदान | कुलयोग | संस्था
पत्रांक में सं0-57 | सं0-83 | (6+7)
2 3 4 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
{ 428782/26 | शामली. | जनपद शामली में मेरठ-करनाल मार्ग के | 43846 | 27637 | 74.40 | 35077 | लो0नि0वि0
[(24.0 26 किमी0-6ः में सेतु का पुनः निर्माण का कार्य
2 302788/25 मेहोरा AM & feporfio-2 में स्थित हयूम पाइप
लखनऊ | स्थान पर 6 GA के आर0सी0सी0 बाक्स | 87.72 55.29 489 | 70.8 लो0नि0वि0
Dt.08.0.25 ककलल््ववरर््टट ककाा निर्माण कार्य।
कुल योग 526.8 | 33.66 | 89.29 | 420.95
नियम शर्ते/प्रतिबन्धों
|- प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 Hens के प्रस्तर-38 में
वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा
सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय।
2- प्रायोजनान्तर्गत विभाग द्वारा सर्वप्रथम भूमि अधिग्रहण एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण किया जाये
तदोपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाये।
3- प्रयोजनान्तर्गत स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर
शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4- स्वीकृत धनराशि कार्य कीआवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी तथा आहरित धनराशि
बैंक/डाकघर में नहीं रखी जायेगी। प्रश्नगत स्वीकृति जिस कार्य/मद के लिये है, उसी कार्य/मद पर व्यय
Wee दशा में किया जायेगा।
5- अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की
जायेगी। निर्माण कार्य की लागत पर अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश
WO-W-2-23/S-209I-77(4)/75 दिनांक 25-0I-200 के साथ पठित शासनादेश WO-T-2-7606/ae-
20|4-7(4)/75 दिनांक ॥। नवम्बर 204 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित
की जायेगी तथा उक्त शासनादेश दिनांक 25-0-20॥ के संलग्नक में प्रदर्शित सम्बन्धित विभाग के प्राप्ति
लेखाशीर्षक 054- Sh तथा सेतु-800-अन्य प्राप्तियां-0 प्रतिशतता प्रभारों की वसूली में ट्रान्सफर Sct}
द्वारा क्रेडिट कर जमा की जायेगी।
6- लेबर Fe की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को Sad धनराशि का नियमानुसार
भुगतान किया जायेगा।
7- मूल्य हास निधि की धनराशि सुसंगत लेखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी जायेगी।
8- व्यय वित्त समिति द्वारा लगायी गयी शर्तों का पूर्णतय: अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
9- वित्त विभाग के शासनादेश FVAT-0/202/al-2-96/4H-202-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202 के
अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0
गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित होता है
कि प्रशासकीय Ud वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत i0 प्रतिशत से अधिक की
वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन
पर व्यय वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय
वित्त समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा।
0- वित्त विभाग के शासनादेश AWA -0I/2023/T-2-60/4N-2023-77(4)/75, दिनांक ॥7 मई,2023
के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की जाये, किन्तु
द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर कॉस्ट) के
अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें
पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से
अधिक धनराशि Hadad न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यो की लागत में कमी आती है तो बचत की
धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये।
॥- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में प्रस्तावित कन्टीजेन्सी मद में प्रावधानित धनराशि का व्यय सक्षम स्तर के
अनुमोदन के उपरान्त वित्तीय हस्तपुस्तिका में उल्लिखित कार्यमदों में ही किया जायेगा।
2- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित आकस्मिक व्यय मद में प्रस्तावित धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका में
अनुमन्य मदों पर ही नियमानुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही किया जायेगा।
3- प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है। विभाग का
दायित्व होगा कि भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का
भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो में
वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व स्टील, fe, बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं
का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |i4- लोक निर्माण विभाग द्वारा यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्य मद के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्यो के विभाग के
मुख्य अभियन्ता स्तर से अनुमोदित एवं परीक्षित भी हो। Gad के आधार पर ही यूटिलिटी शिफ्टिंग से
सम्बच्धित कार्य Fat में धनराशि अनुमन्य की जायेगी।
5- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यो की मात्राओं को यथावत मानते हुए मात्र दरों का परीक्षण किया गया
है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था/विभाग का
होगा।
6- यह सुनिश्चत किया जाय कि परियोजना में प्रस्तावित कार्य विभागीय नियमों/मानक के अन्तर्गत है।
॥7- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित मार्ग की लेपित चौड़ाई एवं फारमेशन चौड़ाई इत्यादि पक्के स्ट्रक्चर्स यथा
पुल, पुलिया, ड्रेन इत्यादित का निर्माण आई0आर0सी0/विभागीय मानकों (Standards) के अनुसार
कराये जाने का उत्तरदायित्व विभाग/कार्यदायी संस्था का होगा।
8- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित पुल/पुलियों का इक्सटेंशन-तथा-नाला-नाली आदि का निर्माण का निर्माण
का प्राविधान किया गया है। भविष्य में मार्ग के चौड़ीकरण की सम्भावना के दृष्टिगत मार्ग के सरिखण में
आने वाले पक्के KR (पुल/पुलिया/नाली इत्यादि) का निर्माण आई0आर0सी0/विभागीय मानकों में पूर्व
निर्धारित फारमेशन fase (चौड़ाई) के अनुसार ही कराया जाय।
9- परियोजना को निश्चित समयान्तर्गत पूर्ण कर लिया जाये तथा टाइम ओवर रन एवं Re ओवर रन
इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण भविष्य में नहीं किया जायेगा।
20- नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त
करने के उपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय।
2I- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को यथावत मानते हुये लागत
का आंकलन किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई/चोड़ाई में परिवर्तन, प्रस्तावित wee डिजाइन में
संशोधन, स्वीकृत प्रायोजना के स्कोप में परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये
बिना नहीं किया जायेगा।
22- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्य की द्विरावृत्ति (डुप्लकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की
तकनीकी स्वीकृति से पूर्व कार्यदायी संस्था/विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में
किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अंतर्गत न तो स्वीकृत है और न ही वर्तमान में किसी अन्य
योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
23- परियोजना पूर्ण होने में विलम्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की लागत में वृद्धि की दशा
में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य
अभियन्ता (मु0-) एवं Ward क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा तथा भविष्य में यदि परियोजना की
लागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा में लागत में बढ़ोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बश्धित क्षेत्रीय
मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी।
24- परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस परियोजना
के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्र प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग का होगा।
25- प्रायोजना का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही निर्माण प्रारम्भ कराया जाय।
26- परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य की
साप्ताहिक समीक्षा सम्बच्चित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा
विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |27- वित्त विभाग के Hares ज्ञाप संख्या-6/2025/बी-4-352/दस-2025-23॥/2025, दिनांक 27-03-
2025 में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
28- लोक निर्माण विभाग में सी0सी0एल0 प्रणाली समाप्त किए जाने के फलस्वरूप aay से सम्बन्धित
बजट के ऑन लाइन आवंटन किए जाने हेतु डी0/डी0ओ0 कोड आवंटन विषयक वित्त (आय-व्ययक)
अनुभाग-। के शासनादेश GRAT-0/2022/S--345/48-2022, दिनांक 04-05-2022 तथा कार्यमदों
के व्यय को सी0सी0एल0 प्रणाली से मुक्त रखते हुए सामान्य कोषागार प्रणाली से आच्छादित किए जाने
के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के कायलिय ज्ञाप संख्या-3/2022/ए-2-76/दस-2022-0(9)/95,
दिनांक 3-04-2022 में निहित व्यवस्था/शर्तों काअनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
29- Ye चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बच्धित वित्तीय प्रबंधन
विषयक वित्त विभाग के शासनादेश GRAT-0I/2023/U-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक ॥7-05-
2023 एवं शासनादेश संख्या-02/2023/ए-2-66/दस-2023-॥7(4)/75, दिनांक 9-05-2023 4
निर्धारित प्रक्रिया एवं निहित शर्तों का अक्षरश: अनुपालपन सुनिश्चित किया जायेगा।
30- उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं
विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (सेतु) एवं सम्बश्थित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का
होगा।
2-.. इस संबंध में होने वाला व्यय (7 +) रुपये 3,37,66,000 ( रुपये तीन करोड़ इकतीस लाख छियासठ
हजार मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 057 लेखा शीर्षक
50540400405 शहरी क्षेत्रों में सेतुओं का निर्माण (नये कार्य) मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य (2 ) रुपये
89,29,000 ( रुपये नवासी लाख उनतीस हजार मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे
अनुदान संख्या 083 लेखा शीर्षक 5054047890405 शहरी क्षेत्रों में सेतुओं का निर्माण (नये कार्य) मानक मद
24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-5-8-942-)(-2025-26, दिनांक 7-2-2026 मे प्राप्त वित्त
विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
(सुबास राम)
उप सचिव।
संख्या एवं दिनांक तदैव
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
I- महालेखाकार, प्रथम (निर्माण), उ0प्र0, प्रयागराज।
2- मण्डलायुक्त सम्बन्धित मण्डल/ जिलाधिकारी, सम्बन्धित जनपद।
3- मुख्य अभियन्ता, सम्बन्धी क्षेत्र, लोक निर्माण विभाग।
4- मुख्य अभियन्ता (सेतु) लोक निर्माण विभाग, लखनऊ |
5- वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ |
6- प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 राज्य सेतु निगम लिमिटेड, लखनऊ।
7- संबंधित कोषाधिकारी |
8- मुख्य कोषाधिकारी, आदर्श कोषागार, कलेक्ट्रे, लखनऊ |
9- वित्त (व्यय नियंत्रण) अनुभाग-8 |
0- समाज कल्याण (बजट प्रकोष्ठ)/राज्य योजना आयोग अनुभाग-/2 |
N- बजट आवंटन अधिकारी, लो0नि0वि0, उ0प्र0 शासन।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |42- गार्ड फाइल।
जज्ञ से,
(सुबास राम)
उप सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |