Home India न्याय विभाग चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में न्याय विभाग के अनुदान सं0-42 क...
Date: 2026-02-05 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में न्याय विभाग के अनुदान सं0-42 के अन्तर्गत लेखाशीर्ष 2014008001600 (ए.डी.आर. केन्द्र स्थापित करना तथा मध्यस्थों का प्रशिक्षण) के विभिन्न मानक मदों में पुनर्विनियोग के माध्यम से धनराशि रू0 3,00,00,000/- की स्वीकृति।

Issued by न्याय विभाग · न्याय विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document, issued by the Uttar Pradesh government on February 5, 2026, approves the reallocation of funds amounting to ₹3,00,00,000 (Rupees three crore only) within the Department of Justice's Grant No. 42 for the financial year 2025-26. These funds are to be used for various standard items under the head 2014008001600 (Establishment of ADR Centers and training of mediators). The reallocation is subject to certain conditions and restrictions, and the funds must be utilized by March 31, 2026. **Key Points / Main Content** * **Fund Reallocation Approval:** * ₹3,00,00,000 is reallocated from budget head 2235602000400 (State Legal Services Authority and District Legal Services Authority) to 2014008001600 (Establishment of ADR Centers and training of mediators). * This reallocation is approved by the Governor under specific terms and conditions. * **Conditions and Restrictions:** * Funds cannot be reallocated from a budget head if it has already been proposed for reallocation in the current financial year. * The allocated amount should be spent for the purpose for which it was requested, as required. * The reallocated funds must be utilized within the current financial year 2025-26 (up to 31.03.2026) for the intended purpose and not deposited in any bank account. * The financial norms and regulations must be followed to ensure proper usage of funds, ensuring availability of budget. * The concerned organization will be responsible for any audit objections if the funds are not utilized in the current financial year. * The reallocation must comply with restrictions outlined in paragraphs 150, 151, and 154 of the Uttar Pradesh Budget Manual. * The directives of the office memorandum dated 27.03.2025 issued by Finance (Income-Expenditure) Section-1 must be followed. * **Accounting and Expenditure:** * Expenditure related to this reallocation will be charged to the Department of Justice’s Grant No. 42 for the financial year 2025-26. * Savings from the standard item mentioned in BM-9 should be used for the reallocation. * **Approval Process:** * This order is issued with the consent of the Finance Department. * This decision is made with the consent of the Finance Department. **Impact Analysis** **Key Stakeholders:** Uttar Pradesh State Legal Services Authority, Department of Justice. **Impact:** * The State Legal Services Authority will receive reallocated funds to establish ADR (Alternative Dispute Resolution) centers and train mediators. **Action Required:** * The State Legal Services Authority must ensure funds are utilized by March 31, 2026.

Key Entities Referenced

न्याय विभाग: Uttar Pradesh's Department of Justice, the primary subject of the document concerning budget reallocation. उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण: Uttar Pradesh State Legal Services Authority, an entity directly impacted by the budget reallocation. अनुदान सं0-42: Grant number 42 of the Justice Department, the specific grant from which funds are being reallocated. उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल: The budget manual referenced for stipulations and restrictions on budget allocations. लखनऊ: Location of the State Legal Services Authority in Uttar Pradesh.
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संख्या-32/2026/ 227924 /सात न्‍याय-9 (बजट)-2026- 07-9002(00!)/62/2024 प्रेषक, उदय प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, सदस्य सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उ0प्र0, लखनऊ। न्याय अनुभाग-9 (बजट) लखनऊ: दिनांक 05 फरवरी, 2026 विषय- चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 A न्‍याय विभाग के अनुदान सं0-42 के अन्तर्गत लेखाशीर्ष 20400800I600 (ए.डी.आर. केन्द्र स्थापित करना तथा मध्यस्थों का प्रशिक्षण) के विभिन्‍न मानक मर्दों में पुनर्विनियोग के माध्यम से धनराशि रू0 3,00,00,000/- की स्वीकृति। महोदय, अवगत कराना है कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में न्याय विभाग के अनुदान WO 42 के लेखाशीर्ष 2235602000400 (राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) के मानक मद " - वेतन " में प्राविधानित धनराशि से लेखाशीर्ष 20:400800I600 के विभिन्‍न मानक Hel A संत्रग्न बी0एम0-9 संख्या: (HN.S.-TsIe--26-S-2-457-X-2025-26,fealeh 30-0i-2026)H उल्लिखित विवरणानुसार रू0 3,00,00,000/- (रूपये तीन करोड मात्र) की धनराशि पुनर्विनियोग के माध्यम से प्राविधानित किये जाने की निम्नलिखित शर्तों/प्रतिबन्धों के अधीन श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं;- . जिस मद से पुनर्विनियोग किया जा रहा है, उस मद में वर्तमान वित्तीय वर्ष में पुनर्विनियोग प्रस्तावित नहीं किया जायेगा। 2. जिस मद में पुनर्विनियोग किया जा रहा है, उस मद में वर्तमान वित्तीय वर्ष में पुनर्विनियोग प्रस्तावित नहीं किया जायेगा। 3. प्रश्तगनत धनराशि की मांग जिस प्रयोजन हेतु की गयी है, उसी मद A आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी। 4. पुनर्विनियोग की जाने वाली धनराशि का सदुपयोग चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 (दिनांक 3.03.2026 तक) में उसी कार्य के लिये किया जायेगा तथा स्वीकृत धनराशि आहरित कर किसी बैंक खाते में नहीं रखा जायेगा। 5. पुनर्विनियोग मात्र बजट की उपलब्धता हेतु सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रश्नगत कार्य हेतु स्वीकृत धनराशि के सम्बन्ध में समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति करते हुये औचित्य का परीक्षण कर लेने के उपरान्त सुसंगत वित्तीय नियमों/निर्देशों के अनुसार धनराशि का उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा। 6. पुनर्विनियोग की जाने वाली धनराशि का सदुपयोग वर्तमान वित्तीय वर्ष में a करने और उसके फलस्वरूप होने वाले आडिट आपत्ति हेतु सम्बन्धित संस्था उत्तरदायी होगी। 7. यह सुनिश्चित किया जायेगा कि पुनर्विनियोग से उ0प्र0 बजट Aqsa के प्रस्तर- 50, 5 एवं 54 F निर्टिष्ट प्रतिबन्धों“परिसीमाओं का उल्लंघन नही होगा। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।8. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4, के कार्यात्रय-ज्ञाप दिनांक 27.03.2025 में दी गयी व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा | 2- इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय ae वित्तीय वर्ष 2025-26 में संलग्न प्रपत्र बी7एम0-9 संख्या (3IN.S.-Tale--26-3-2-457-X-2025-26, feat 30-0:-2026) में उल्लिखित विवरणानुसार न्याय विभाग के अनुदान सं0- 42 के लेखाशीर्ष के नामे set जायेगा तथा उक्त बी0एम0- 9 F उल्लिखित मानक मद में हो रही सम्भावित बचत से बी0एम0-9 में उल्लिखित विवरणानुसार पुनर्विनियोग के माध्यम से वहन किया जायेगा। 3- यह आदेश वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। संलग्नक- BAA भवदीय, (उदय प्रताप सिंद) प्रमुख सचिव । संख्या उपर्युक्तानुसार, तददिनांक प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही Sq प्रेषितः प्रधान महालेखाकार,(लेखा एवं हकदारी), प्रथम, SOUO प्रयागराज। po प्रधान महालेखकार, (लेखा परीक्षा), 50प्र0 प्रयागराज | निदेशक, वित्तीय सांख्यिकी निदेशालय, दशम तल, जवाहर भवन, लखनऊ। वरिष्ठ कोषाधिकारी/ मुख्य कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ। निजी सचिव, प्रमुख सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी, उ0प्र0 शासन। श्री पीयूष कुमार, उपसचिव एवं नोडल अधिकारी (बजट एलाटमैंट)। सब-यूजर, बजट एलाटमेैंट (विभागाध्यक्ष स्तर), SOUO शासन। वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग- 2/faea (आय-व्ययक) अनुभाग- 4 व 2 गार्डबुक न्‍्याय-9(बजट)। won ou FW ७ RP आजा से, (मुकेश कुमार सिंह-॥) विशेष सचिव | I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।बी एम-9 (भाग - ) पुनर्विनियोग के लिए आवेदन / स्वीकृति (संदर्भ : बजट मैनुअल का प्रस्तर- 58) A007-20252026-re-2048006-07-09-3lakh विषय:- पुनर्विनियोग का प्रस्ताव निम्नलिखित निधियो से प्रस्तावित संक्रमण आवेदन पत्र देने आवेदन पत्र संक्रमित वित्त विभाग. संक्रमण के दिनांक दिनांक संक्रमित की र अनुदान मानक के दिनांक पर देने के दिनांक द्वारा संक्रमण पशचात्‌ शेष वित्तीय . लेखाशीर्ष जाने वाली संख्या मद उपलब्ध अनुदान पर उपलब्ध धनराशि हेतु अनुमोदित अनुदान / oa नराशि / विनियोग बचत धनराशि विनियोग 2235602000400 22,4,32,000 ० Mack 9,4,32,000 5,9 , , (राज्य विधिक सेवा रुपये बाईस है 3,00,00,000 3,00,00,000 रुपये उन्‍नीस , 04 रुपये पाँच 2025 042 प्राधिकरण एवं करोड़ dae रुपये तीन रुपये तीन करोड़ चौंदह (वितन करोड़ पचास 2026 जिला विधिक सेवा लाख बत्तीस करोड़ मात्र. करोड़ मात्र लाख बत्तीस लाख मात्र प्राधिकरण) हजार मात्र हजार मात्र z z कुल 3,00,00,000 3,00,00,000 निम्नलिखित निधियो A प्रस्तावित संक्रमण े वित्त विभाग द्वारा संक्रमण के वित्तीय वर्ष के _ संक्रमण हेतु अनुदान मानक अनुमोदित . पशचात्‌ उपलब्ध वित्तीय ' लेखाशीर्ष लिए उपलब्ध / प्रस्तावित ह संख्या मद संक्रमण की अनुदान / वर्ष विनियोग धनराशि धनराशि विनियोग 2044008004600 09 5,00,000 25,00,000 25,00,000 30,00,000 (ए.डी.आर. केन्द्र है 2025- 042 थापित (विद्युत रुपये पाँच लाख रुपये पच्चीस रुपये पच्चीस रुपये तीस लाख = करना तथा 2026 देय) मात्र लाख मात्र लाख मात्र मात्र मध्यस्थों का प्रशिक्षण) I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।वित्त विभाग द्वारा संक्रमण के वित्तीय वर्ष के _ संक्रमण हेतु अनुदान मानक अनुमोदित पशचात उपलब्ध वित्तीय ' लेखाशीर्ष लिए उपलब्ध / प्रस्तावित , 3 . संख्या मद संक्रमण की अनुदान / वर्ष विनियोग धनराशि धनराशि विनियोग 2044008004600 00 00 000 2,75,00,000 2,75,00,000 7,75,00,000 5, } } करोड कर = सात करोड (ए.डी.आर. केन्द्र 07 7 रुपये दो करोड़ रुपये दो करोड़ रुपये सात करोड़ >025- 042 थापित रुपये पाँच करोड़ स्थापित करना तथा. (मानदेय) Udek लाख. पचहत्तर लाख पचहत्तर लाख 2026 ox मात्र मध्यस्थों का प्रशिक्षण) मात्र मात्र मात्र कुल % 3,00,00,000 %3,00,00,000 कृपया उपरोक्त प्रस्ताव पर निम्नलिखित शर्तों के अधीन प्रशासनिक विभाग को अनुमोदन देना चाहे :- l- उपलब्ध बचत का कारण निम्नानुसार है- वास्तविक व्यय के आधार WI 2- उल्लिखित उपलब्ध अनुदान के सापेक्ष अकिंत अधिक व्यय निम्नलिखित कारणों से है :- आय- व्ययक में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध न होने के कारण। 3- प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त पुनर्विनियोग में उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के WEAN-50, 5] में निर्दिष्ट प्रतिबन्धों /परिसीमओं का Sead नहीं होगा। संख्या:१६-0५७०४९०(-१-264-6-42-457-)(-2025-26-दिनांक: 30-04-2026 सेवा में, महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी)/प्रथम, उत्तर प्रदेश प्रयागराज। मुकेश कुमार सिंह-॥ अरूण कुमार विशेष सचिव। अनुसचिव Get: / , दिनांक- फरवरी, 2026 प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक Harel eq प्रेषित :- I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।l-UUel महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम, उ0प्र0 प्रयागराज। 2 प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा), 50प्र0 प्रयागराज | 3- सदस्य सचिव, 5000 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण। 4- निदेशक, वित्तीय सांख्यिकी निदेशालय, दशम तल, जवाहर भवन, लखनऊ 5- मुख्य कोषाधिकारी /कोषाधिकारी,जवाहर भवन, लखनऊ। 6- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-2 7- वित्त (आय-व्यय) अनुभाग- (तीन प्रतियों में) 8- गार्ड बुक, न्याय अनुभाग-9 (बजट)/ पुनर्विनियोग रजिस्टर। आज़ा से मुकेश कुमार सिंह-॥ विशेष सचिव। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।

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