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Date: 2026-02-04 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में न्या य विभाग के अनुदान सं0-42 के अन्तर्गत लेखाशीर्ष 2052000910300 (विधि कोष्ठक उत्तर प्रदेश भवन, नई दिल्ली) के विभिन्न मानक मदों में पुनर्विनियोग के माध्यम से धनराशि रू0 3,50,000/- की स्वीकृति।

Issued by न्याय विभाग · न्याय विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर। नीति पाठ का सारांश इस प्रकार है: **कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़, उत्तर प्रदेश शासन के न्याय विभाग द्वारा जारी किया गया है, चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान संख्या 42 के तहत लेखाशीर्ष 2052000910300 के अंतर्गत आने वाले विधि प्रकोष्ठ (उत्तर प्रदेश भवन, नई दिल्ली) के विभिन्न मानक मदों के लिए ₹3,50,000 की धनराशि के पुनर्विनियोग को स्वीकृत करता है। यह स्वीकृति कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन है, जिन्हें राज्यपाल ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। दस्तावेज़ 29 जनवरी, 2026 को जारी किया गया है। **मुख्य बातें** * पुनर्विनियोग की शर्तें: * जिस मद से पुनर्विनियोग किया जा रहा है, उसमें वर्तमान वित्तीय वर्ष में पुनर्विनियोग प्रस्तावित नहीं किया जाएगा। * जिस मद में पुनर्विनियोग किया जा रहा है, उसमें वर्तमान वित्तीय वर्ष में पुनर्विनियोग प्रस्तावित नहीं किया जाएगा। * पुनर्विनियोग की जाने वाली धनराशि का उपयोग 31 मार्च, 2026 तक किया जाएगा और स्वीकृत धनराशि बैंक खाते में नहीं रखी जाएगी। * धनराशि का उपयोग वित्तीय नियमों और निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा। * पुनर्विनियोग से उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के प्रस्तर 150, 151 और 154 में उल्लिखित प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं होगा। * वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय-ज्ञाप दिनांक 27.03.2025 में दी गयी व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। * व्यय का स्रोत: * यह व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में संलग्न प्रपत्र बी0एम0-9 संख्या के उल्लिखित विवरणानुसार न्याय विभाग के अनुदान संख्या- 42 के लेखाशीर्ष के नामे डाला जायेगा तथा उक्त बी०एम०- 9 में उल्लिखित मानक मद में हो रही सम्भावित बचत से बी0एम0-9 में उल्लिखित विवरणानुसार पुनर्विनियोग के माध्यम से वहन किया जायेगा। * यह आदेश वित्त विभाग की सहमति से जारी किया गया है। **प्रभाव विश्लेषण** **प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन:** * **प्रभाव:** इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी। * **आवश्यक कार्रवाई:** शर्तों और प्रतिबंधों का पालन करते हुए पुनर्विनियोग को स्वीकृत करना और व्यय को सुसंगत वित्तीय नियमों के अनुसार करना। **विशेष सचिव एवं अपर विधि परामर्शी, विधि प्रकोष्ठ, मा० उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली:** * **प्रभाव:** उन्हें संबंधित वित्तीय नियमों के अनुसार स्वीकृत धनराशि का उचित उपयोग सुनिश्चित करना होगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** स्वीकृत धनराशि का उपयोग 31 मार्च, 2026 से पहले करना सुनिश्चित करें और औपचारिकताओं का पालन करें। **वित्त विभाग:** * **प्रभाव:** पुनर्विनियोग के माध्यम से वित्तपोषण की सहमति प्रदान करना और सुसंगत नियमों के साथ व्यय की जांच करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** लेखाशीर्ष 2052000910300 के अंतर्गत व्यय के लिए वित्त का प्रावधान करना और यह सुनिश्चित करना कि यह बजट मैनुअल के अनुसार है।

Key Entities Referenced

न्याय विभाग, उत्तर प्रदेश शासन: चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में न्याय विभाग के अनुदान सं0-42 के अन्तर्गत लेखाशीर्ष 2052000910300 (विधि कोष्ठक उत्तर प्रदेश भवन, नई दिल्ली) के विभिन्न मानक मदों में पुनर्विनियोग की स्वीकृति से संबंधित। उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल: संदर्भित नीति दस्तावेज़, जिसके प्रस्तर 150, 151 एवं 154 में निर्दिष्ट प्रतिबन्धों/परिसीमाओं का पुनर्विनियोग में अनुपालन सुनिश्चित किया जाना है। विधि प्रकोष्ठ, मा० उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली: विधि प्रकोष्ठ, मा० उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली को संबोधित पत्र, जिसमें पुनर्विनियोग की स्वीकृति का उल्लेख है। वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार: वित्त विभाग की सहमति से यह आदेश निर्गत किए जा रहे हैं। बी0एम0-9: संलग्न प्रपत्र बी0एम0-9 संख्या (आर.ई.-बजट-1-239-ई-12-440-X-2025-26, दिनांक 14-01-2026) में उल्लिखित विवरणानुसार न्याय विभाग के अनुदान सं0- 42 के लेखाशीर्ष के नामे डाला जायेगा।
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संख्या-30/2026 /220586 /सात न्‍याय-9 (बजट)-2026- 07-9002(00)/67/2024 " प्रेषक, उदय प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, विशेष सचिव एवं अपर विधि परामर्शी, विधि प्रकोष्ठ, मा0 उच्चतम न्यायालय, नई दिल्‍ली। न्याय अनुभाग-9 (बजट) लखनऊ: दिनांक 29 जनवरी, 2026 विषय- चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 A न्‍याय विभाग के अनुदान सं0-42 के अन्तर्गत लेखाशीर्ष 205200090300 (विधि कोष्ठक उत्तर प्रदेश भवन, नई दिल्‍ली) के विभिन्‍न मानक मर्दों में पुनर्विनियोग के माध्यम से धनराशि BO 3,50,000/- की स्वीकृति। महोदय, अवगत कराना है कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में न्याय विभाग के अनुदान WO 42 के लेखाशीर्ष 205200090300 (विधि कोष्ठक उत्तर प्रदेश भवन, नई दिल्‍ली) के मानक मद " ॥- वेतन " में प्राविधानित धनराशि से उक्त लेखाशीर्ष के विभिन्‍न मानक Hel में संलग्न बी07एम0-9 AEA: (3N.S.-Tsle--239-S-2- 440-2(-2025-26,दिनांक 4-0-2026)H उल्लिखित विवरणानुसार रू0 3,50,000/- (रूपये तीन लाख पचास हजार मात्र) की धनराशि पुनर्विनियोग के माध्यम से प्राविधानित किये जाने की निम्नलिखित शर्तो/प्रतिबन्धों के अधीन श्री राज्यपात्र सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- i. जिस मद से पुनर्विनियोग किया जा रहा है, उस मद में वर्तमान वित्तीय वर्ष में पुनर्विनियोग प्रस्तावित नहीं किया जायेगा। 2. जिस मद में पुनर्विनियोग किया जा रहा है, उस मद में वर्तमान वित्तीय वर्ष में पुनर्विनियोग प्रस्तावित नहीं किया जायेगा। 3. प्रश्तगत धनराशि की मांग जिस प्रयोजन हेतु की गयी है, उसी मद में आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी। 4. पुनर्विनियोग की जाने वाली धनराशि का सदुपयोग चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 (दिनांक 3.03.2026 तक) में उसी कार्य के लिये किया जायेगा तथा स्वीकृत धनराशि आहरित कर किसी बैंक खाते में नही रखा जायेगा। 5. पुनर्विनियोग मात्र बजट की उपलब्धता हेतु सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रश्नगत कार्य हेतु स्वीकृत धनराशि के सम्बन्ध में समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति करते हुये औचित्य का परीक्षण कर लेने के उपरान्त सुसंगत वित्तीय नियमों/निर्देशों के अनुसार धनराशि का उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा। 6. पुनर्विनियोग की जाने वाली धनराशि का aqua वर्तमान वित्तीय वर्ष में न करने और उसके फलस्वरूप होने वाले आडिट आपत्ति हेतु सम्बन्धित संस्था उत्तरदायी होगी। 7. यह सुनिश्चित किया जायेगा कि पुनर्विनियोग से उ0प्र0 बजट मैनुअल के प्रस्तर- i50, 5 एवं 454 में निर्दिष्ट प्रतिबन्धों “परिसीमाओं का उल्लंघन नहीं होगा। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।8. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4, के कार्यालय-ज्ञाप दिनांक 27.03.2025 A दी गयी व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा | 2- इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय ae वित्तीय वर्ष 2025-26 में संलग्न प्रपत्र बी7एम0-9 संख्या (3N.S.-TaIC--23 9-8-2-440-X-2025-26, fect 4-0i-2026)H उल्लिखित विवरणानुसार न्याय विभाग के अनुदान सं0- 42 के लेखाशीर्ष के नामे डाल्रा जायेगा तथा उक्त बी0एम0- 9 में उल्लिखित मानक मद में हो रही सम्भावित बचत से बी0एम0-9 में उल्लिखित विवरणानुसार पुनर्विनियोग के माध्यम से वहन किया जायेगा। 3- यह आदेश वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। संलग्नक- यथोक्‍त भवदीय, (उदय प्रताप सिंद) प्रमुख सचिव । संख्या उपर्युक्तानुसार, तददिनांक प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही sq प्रेषितः 4. प्रधान महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ०प्र० प्रयागराज। 2. प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा), प्रथम /द्वितीय 50प्र0 प्रयागराज। 3. निदेशक, वित्तीय सांख्यिकी निदेशालय, दशम तल, जवाहर भवन, लखनऊ । 4. एडवोकेट आन रिकार्ड, उच्चतम न्यायालय, नई दिल्‍ली। 4. U एण्ड अकाण्ट आफिसर,यू0पी0 भवन नई दिल्‍ली। 5. निदेशक, स्थानीय निधि लेखा लेखा परीक्षा, उ0प्र0 प्रयागराज। 6 निजी सचिव, प्रमुख सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी, 50प्र0 शासन। 7 उप सचिव एवं नोडल अधिकारी (बजट एलाटमेन्ट) श्री पीयूष HANI 8 वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-42/वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। व 2 9 गार्डबुक न्‍्याय-9 (बजट)। आजा से, (मुकेश कुमार सिंह-॥) विशेष सचिव | I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।बी एम-9 (भाग - ) पुनर्विनियोग के लिए आवेदन / स्वीकृति (संदर्भ : बजट मैनुअल का प्रस्तर- 58) A007-20252026-re-2052 विषय:- पुनर्विनियोग का प्रस्ताव निम्नलिखित निधियो से प्रस्तावित संक्रमण आवेदन पत्र वित्त विभाग है आवेदन पत्र देने संक्रमित े संक्रमण के दिनांक देने के _ संक्रमित की द्वारा संक्रमण अनुदान मानक के दिनांक पर दिनांक पशचात्‌ शेष वित्तीय ' लेखाशीर्ष दिनांक पर जाने वाली हेतु संख्या मद उपलब्ध अनुदान अनुदान / वर्ष उपलब्ध धनराशि अनुमोदित / विनियोग विनियोग बचत धनराशि 4,34,50,000 2052000940300 4,38,00,000 3,50,000 ३,50,000 ३,50,000 एक करोड़ रुपये एक करो; (विधि कोष्ठक उत्तर 9, रुपये एक करोड़ रुपये तीन रुपये तीन रुपये तीन चौंतीस है 042 वेतन) अडतीस चौंतीस लाख 2025 प्रदेश भवन, नई (daa) अड़तीस लाख लाख पचास लाख पचास लाख पचास 2026 पचास हजार दिल्‍ली) मात्र हजार AA हजार मात्र हजार मात्र मात्र कुल % 3,50,000 ₹३,50,000 निम्नलिखित निधियों में प्रस्तावित संक्रमण े वित्त विभाग द्वारा संक्रमण के वित्तीय वर्ष के संक्रमण हेतु अनुदान अनुमोदित _ पशचात्‌ उपलब्ध वित्तीय . लेखाशीर्ष मानक मद लिए उपलब्ध प्रस्तावित , संख्या संक्रमण की अनुदान / वर्ष / विनियोग .. धनराशि धनराशि विनियोग 205200090300.. 5 ,70,000 20000. 50,000 2,20,000 2025. 042 (विधि कोष्ठक उत्त (गाड़ियों का. रुपये एक लाख ये पचास रुपये पचास रुपये दो लाख 2026 प्रदेश भवन, नई अनुरक्षण और सत्तर हजार. जार मात्र _ हजार मात्र बीस हजार मात्र I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।वित्त विभाग द्वारा संक्रमण के वित्तीय वर्ष के संक्रमण हेतु अनुदान अनुमोदित _ पशचात्‌ उपलब्ध वित्तीय " लेखाशीर्ष मानक मद लिए उपलब्ध प्रस्तावित संख्या संक्रमण की अनुदान / वर्ष / विनियोग धनराशि धनराशि विनियोग दिल्‍ली) पेट्रोल आदि की मात्र खरीद) 205200090300 2 ,00,000 ,00,000 ,00,000 2,00,000 (विधि कोष्ठक उत्तर (कार्यालय रुपये एक लाख रुपये दो arg «= 2025 रुपये एक लाख रुपये एक 042 प्रदेश भवन, नई फर्नीचर एवं 2026 मात्र मात्र मात्र लाख मात्र दिल्‍ली) उपकरण) 205200090300 3,00,000 2,00,000 2,00,000 5,00,000 (विधि कोष्ठक उत्तर 06 रुपये तीन रुपये दो रुपये दो 042 प्रदेश भवन, नई (अन्य भत्ते) लाख मात्र लाख मात्र दिल्‍ली) कुल रह 3,50,000 लाख. रुपये पाँच लाख 2025 2026 मात्र मात्र % 3,50,000 कृपया उपरोक्त प्रस्ताव पर निम्नलिखित शर्तों के अधीन प्रशासनिक विभाग को अनुमोदन देना चाहे :- l- उपलब्ध बचत का कारण निम्नानुसार है- वास्तविक व्यय के आधार WI 2- उल्लिखित उपलब्ध अनुदान के सापेक्ष अकिंत अधिक व्यय निम्नलिखित कारणों से है :- आय- व्ययक में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध न होने के कारण। 3- प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त पुनर्विनियोग में उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के WEAN-50, 5] में निर्दिष्ट प्रतिबन्धों /परिसीमओं का Sede नहीं होगा। ECA: RE-budget--239-E-2-440-X-2025-26-feat: 4-04-2026 सेवा में, I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी)/प्रथम, उत्तर प्रदेश प्रयागराज। मुकेश कुमार सिंह-॥ विशेष सचिव। अरूण कुमार अनुसचिव Gem: / , दिनांक- जनवरी, 2026 प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :- प्रधान महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम, 5000 प्रयागराज। 2 प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा), 50प्र0 प्रयागराज | 3- एडवोकेट आन रिकार्ड, उच्चतम न्यायालय, नई दिल्‍ली | 4- पे एण्ड एकाउण्ट आफीसर, यू0पी0 भवन, नई दिल्‍ली। 5- निदेशक, वित्तीय सांख्यिकी निदेशालय, प्रथम तल, जवाहर भवन, लखनऊ 6- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-2 7- वित्त (आय-व्यय) अनुभाग-। (तीन प्रतियों में) 8- गार्ड बुक, न्याय अनुभाग-9 (बजट)/ पुनर्विनियोग रजिस्टर। आज़ा से मुकेश कुमार सिंह-॥ विशेष सचिव। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।

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