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Date: 2026-02-04Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में न्याय विभाग के अनुदान सं0-42 के अन्तधर्गत लेखाशीर्ष 2235602000400 (राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) के मानक मद ''58 - आउट सोर्सिग सेवाओं हेतु भुगतान '' में पुनर्विनियोग के माध्यम से धनराशि रू0 2,50,00,000/- की स्वीकृति।
**Executive Summary**
This document, issued by the Uttar Pradesh government on January 29, 2026, approves the reallocation of ₹2,50,00,000 within the Department of Justice's budget for the fiscal year 2025-26. The funds are to be used for "Outsourcing Services Payment" under budget head 2235602000400, standard item 58 for the State Legal Services Authority and District Legal Services Authority. The order specifies conditions and restrictions for the reallocation.
**Key Points / Main Content**
* **Fund Reallocation Approval:**
* ₹2,50,00,000 is approved for reallocation from the salary head to "Outsourcing Services Payment" (standard item 58).
* **Conditions for Fund Utilization:**
* The reallocated funds must be spent within the fiscal year 2025-26 (by March 31, 2026) for the intended purpose.
* The allocated amount must not be deposited in any bank account.
* The funds must be used in compliance with financial rules and guidelines, ensuring propriety and due diligence.
* The reallocated funds should be spent within the current financial year (2025-26), and the concerned organization will be responsible for any audit objections arising from the failure to do so.
* Reallocation must comply with restrictions outlined in U.P. Budget Manual paragraphs 150, 151, and 154.
* **Compliance and Budgetary Matters:**
* The expenditure should be charged to the Justice Department's budget head 42 as per the details in BM-9 (R.E.-Budget-1-238-E-12-441-X-2025-26, dated 14-01-2026).
* Compliance with Office Memorandum of Finance (Income-Expenditure) Section-1, dated 27.03.2025 should be ensured.
* **Other:**
* The order is issued with the consent of the Finance Department.
* Funds can only be withdrawn and spent in accordance with need.
* Reallocation only ensures budget availability.
**Impact Analysis**
**Stakeholder: Uttar Pradesh State Legal Services Authority and District Legal Services Authority**
* **Impact:** The entities will receive additional funds for outsourcing services payment.
* **Action Required:** Ensure that the reallocated funds are used for the intended purpose within the fiscal year, adhering to all stipulated conditions and financial regulations.
**Stakeholder: Department of Justice, Uttar Pradesh**
* **Impact:** Responsible for monitoring the fund reallocation and ensuring compliance.
* **Action Required:** Adhere to all the financial rules and stipulations when releasing funds to the concerned agencies and be answerable for ensuring that the reallocated funds are used appropriately.
**Stakeholder: Finance Department**
* **Impact:** Responsible for overseeing the reallocation process.
* **Action Required:** Ensure compliance with budgetary regulations and guidelines, including the office memorandum dated 27.03.2025.
Key Entities Referenced
Uttar Pradesh Rajya Vidhik Sewa Pradhikaran: The Uttar Pradesh State Legal Services Authority, a key organization whose budget is being reallocated.
Nyay Vibhag (Justice Department): The Justice Department of Uttar Pradesh, which is reallocating funds within its budget.
Uttar Pradesh Budget Manual: Referenced document that outlines rules and restrictions for reallocating funds, specifically paragraphs 150, 151, and 154.
Lucknow: Location of the Uttar Pradesh State Legal Services Authority, indicating the geographical scope of the policy.
Vitta Vibhag (Finance Department): The Finance Department's consent is required for the order, indicating its oversight role.
संख्या-29/2026/ 220594/ld न्याय-9 (बजट)-2026- 07-9099/66/2024
प्रेषक,
उदय प्रताप सिंह,
प्रमुख सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
सदस्य सचिव,
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,
उ0प्र0, लखनऊ।
न्याय अनुभाग-9 (बजट) लखनऊ: दिनांक 29 जनवरी, 2026
विषय- चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 A न्याय विभाग के अनुदान सं0-42 के अन्तर्गत लेखाशीर्ष
2235602000400 (राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) के मानक मद "58
- आउट सोर्सिंग सेवाओं हेतु भुगतान " A पुनर्विनियोग के माध्यम से धनराशि BO 2,50,00,000/- की स्वीकृति।
महोदय,
अवगत कराना है कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में न्याय विभाग के अनुदान WO 42 के लेखाशीर्ष
2235602000400 (राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) के मानक मद " - वेतन "
में प्राविधानित धनराशि से seq लेखाशीर्ष के मानक मद "58 - आउट AT सेवाओं हेतु भुगतान " में संत्रग्न
बी0एम0-9 संख्या: (HN.S.-TslC--238-$-2-44-X-2025-26,feah 4-0I-2026)H उल्लिखित
विवरणानुसार BO 2,50,00,000/- (रूपये दो करोड पचास लाख मात्र) की धनराशि पुनर्विनियोग के माध्यम से
प्राविधानित किये जाने की निम्नलिखित शर्तो/प्रतिबन्धों के अधीन श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
i. जिस मद से पुनर्विनियोग किया जा रहा है, उस मद में वर्तमान वित्तीय वर्ष में पुनर्विनियोग प्रस्तावित
नहीं किया जायेगा।
2. जिस मद में पुनर्विनियोग किया जा रहा है, उस मद में वर्तमान वित्तीय वर्ष में पुनर्विनियोग प्रस्तावित
नहीं किया जायेगा।
3. प्रश्तगनत धनराशि की मांग जिस प्रयोजन हेतु की गयी है, उसी मद में आवश्यकतानुसार आहरित कर
व्यय की जायेगी।
4. पुनर्विनियोग की जाने वाली धनराशि का सदुपयोग चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 (दिनांक 3.03.2026
तक) में उसी कार्य के लिये किया जायेगा तथा स्वीकृत धनराशि आहरित कर किसी बैंक खाते में नहीं
रखा जायेगा।
5. पुनर्विनियोग मात्र बजट की उपलब्धता हेतु सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रश्नगत कार्य हेतु स्वीकृत
धनराशि के सम्बन्ध में समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति करते हुये औचित्य का परीक्षण कर लेने के
उपरान्त सुसंगत वित्तीय नियमों/निर्देशों के अनुसार धनराशि का उपयोग सुनिश्चित किया जायेगा।
6. पुनर्विनियोग की जाने वाली धनराशि का सदुपयोग वर्तमान वित्तीय वर्ष में न करने और उसके
फलस्वरूप होने वाले आडिट आपत्ति हेतु सम्बन्धित संस्था उत्तरदायी होगी।
7. यह सुनिश्चित किया जायेगा कि पुनर्विनियोग से उ0प्र0 बजट Aqsa के प्रस्तर- 50, 5 एवं 54 F
निर्टिष्ट प्रतिबन्धों“परिसीमाओं का उल्लंघन नही होगा।
I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।8. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4, के कार्यात्रय-ज्ञाप दिनांक 27.03.2025 में दी गयी व्यवस्था का अनुपालन
सुनिश्चित किया जाएगा |
2- इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय ae वित्तीय वर्ष 2025-26 में संलग्न प्रपत्र बी7एम0-9 संख्या
(3IN.S.-TaIC--23 8-8-2-44-X-2025-26 facie 4-0:-2026)H उल्लिखित विवरणानुसार न्याय
विभाग के अनुदान सं0- 42 के लेखाशीर्ष के नामे डाल्रा जायेगा तथा उक्त बी0एम0- 9 में उल्लिखित मानक
मद में हो रही सम्भावित बचत से बी0एम0-9 में उल्लिखित विवरणानुसार पुनर्विनियोग के माध्यम से वहन
किया जायेगा।
3- यह आदेश वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं।
संलग्नक- BAA
भवदीय,
(उदय प्रताप सिंद)
प्रमुख सचिव ।
संख्या उपर्युक्तानुसार, तददिनांक
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही Sq प्रेषितः
प्रधान महालेखाकार,(लेखा एवं हकदारी), प्रथम, SOUO प्रयागराज।
po
प्रधान महालेखकार, (लेखा परीक्षा), उ0प्र0 प्रयागराज |
निदेशक, वित्तीय सांख्यिकी निदेशालय, दशम तल, जवाहर भवन, लखनऊ।
वरिष्ठ कोषाधिकारी/ मुख्य कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ।
निजी सचिव, प्रमुख सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी, उ0प्र0 शासन।
श्री पीयूष कुमार, उपसचिव एवं नोडल अधिकारी (बजट एलाटमैंट)।
सब-यूजर, बजट एलाटमैंट (विभागाध्यक्ष स्तर), SOUO शासन।
वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग- 2/faed (आय-व्ययक) अनुभाग- 4 व 2
गार्डबुक न््याय-9(बजट)।
9७0 को पा FW rN PR
आजा से,
(मुकेश कुमार सिंह-॥)
विशेष सचिव |
I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।बी एम-9 (भाग - )
पुनर्विनियोग के लिए आवेदन / स्वीक्रृति
(संदर्भ : बजट मैनुअल का प्रस्तर- 58)
A007-20252026-re-22356020004-58-250lakh
विषय:- पुनर्विनियोग का प्रस्ताव
निम्ननिखित fatter से प्रस्तावित संक्रमण
आवेदन पत्र देने आवेदन पत्र संक्रमित वित्त विभाग संक्रमण के
दिनांक दिनांक संक्रमित ,
अनुदान लेखाशीर्ष मानक के दिनांक पर देने के दिनांक जाने वाली द्वारा संक्राण पशचात् शेष वित्तीय
" खा३ जाने वा
संख्या मद उपलब्ध अनुदान पर उपलब्ध धनराशि हेतु अनुमोदित अनुदान / वर्ष
नरा
/ विनियोग बचत धनराशि विनियोग
2235602000400 22,44,32,000 > 5000 000 |25000 000 ० Naoto 9,64,32,000
, 5 , , , 5 , , , 5 , ,
(राज्य विधिक सेवा रुपये बाईस रुपये Seca
. 04 रुपये दो करोड़ रुपये दो रुपये दो करोड़ sites 2025-
042... प्राधिकरण एवं | करोड़ dae करोड़ करोड़ चौंसठ
वेतन पचास लाख 8 पचास पचास लाख 2026
जिला विधिक सेवा लाख बत्तीस लाख बत्तीस
मात्र लाख मात्र. मात्र
प्राधिकरण) हजार मात्र हजार मात्र
z z
कुल
2,50,00,000 2,50,00,000
निम्नलिखित निधियो मे प्रस्तावित संक्रमण
े वित्त विभाग at संक्रमण के
वित्तीय वर्ष के _ संक्रमण हेतु
अनुदान अनुमोदित पशचात् उपलब्ध वित्तीय
; लेखाशीर्ष मानक मद लिए उपलब्ध / प्रस्तावित ,
संख्या संक्रमण की अनुदान / वर्ष
विनियोग धनराशि
धनराशि विनियोग
2235602000400 58
2,80,00,000 2,50,00,000
(राज्य विधिक सेवा (आउट
2,50,00,000 5,30,00,000
रुपये दो करोड़ रुपये दो करोड़
042... प्राधिकरण एवं जिला सोर्सिंग रुपये दो करोड़. रुपये पाँच करोड़ 2025
ait अस्सी लाख पचास लाख 2026
विधिक सेवा सेवाओं हेतु पचास लाख मात्र तीस लाख मात्र
मात्र मात्र
प्राधिकरण ) भुगतान)
कुल % 2,50,00,000 ₹ 2,50,00,000
कृपया उपरोक्त प्रस्ताव पर निम्नलिखित शर्तों के अधीन प्रशासनिक विभाग को अनुमोदन
देना चाहे :-
I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।l- उपलब्ध बचत का कारण निम्नानुसार है- वास्तविक व्यय के आधार WI
2- उल्लिखित उपलब्ध अनुदान के सापेक्ष अकिंत अधिक व्यय निम्नलिखित कारणों से है :- आय-
व्ययक में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध न होने के कारण।
3- प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त पुनर्विनियोग में उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के WEAN-50, 5]
में निर्दिष्ट प्रतिबन्धों /परिसीमओं का Sette नहीं होगा।
EA: RE-budget--238-E-2-44-X-2025-26-feath: 4-0-2026
सेवा में,
महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी)/प्रथम,
उत्तर प्रदेश प्रयागराज।
मुकेश कुमार सिंह-॥ अरूण कुमार
विशेष सचिव अनुसचिव
te: / , दिनांक- जनवरी, 2026
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :-
l. प्रधान महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम, उ0प्र0 प्रयागराज।
2 प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा), 50प्र0 प्रयागराज |
3- सदस्य सचिव, उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण।
4- निदेशक, वित्तीय सांख्यिकी निदेशालय, दशम तल, जवाहर भवन, लखनऊ
5- मुख्य कोषाधिकारी /कोषाधिकारी,जवाहर भवन, लखनऊ।
6- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-2
7- वित्त (आय-व्यय) अनुभाग- (तीन प्रतियों में)
8- गार्ड बुक, न्याय अनुभाग-9 (बजट)/ पुनर्विनियोग रजिस्टर।
आज़ा से
मुकेश कुमार सिंह-॥
विशेष सचिव
I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता बेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है।