Home India लोक निर्माण विभाग वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054 के अ...
Date: 2026-01-08 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054 के अन्‍तर्गत राज्‍य सड़क निधि से बस्‍ती मण्डल के अन्‍तर्गत जनपद बस्‍ती के कुल 01 विशेष मरम्‍मत के कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति।

Issued by लोक निर्माण विभाग · लोक निर्माण विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document provides administrative and financial sanction for special repairs to a section of road within the Basti Mandal, specifically within the Basti district. The project is funded under Grant No. 58, Head of Account 3054, State Road Fund, for the financial year 2025-26. The total sanctioned amount is ₹18,53,000, with project completion expected by March 31, 2026, and a utilization certificate due by April 30, 2026. **Key Points / Main Content** * **Project Approval:** * Administrative and financial approval granted for special repairs on a road within Basti district. * Project Name: Special repair of the additional and access road on the Kuano River, on the Sandih Ailakala road. * Total project cost: ₹52,97,000.00 * Amount sanctioned for the current fiscal year (2025-26): ₹18,53,000.00. * **Conditions and Restrictions:** * The Chief Engineer (Development) must ensure the project is not duplicated from any other scheme. If duplication is found, sanction should be revoked immediately. * Work should not commence, nor expenses incurred, until a detailed estimate is approved by a competent authority. * A 1% labor cess must be paid to the Labour Department. * GST at 18% is included in the project cost; the department is responsible for ensuring compliance. * Technical approval must be obtained before commencing work. * The allocated funds must be used by March 31, 2026, with the utilization certificate submitted by April 30, 2026. * Expenditure must comply with budget manual rules and State Road Fund regulations. * Allocated funds must only be used for the approved project and not diverted to other purposes. * The funds have been approved/allocated to approved projects/purposes by the U.P. State Road Fund Management Committee. * Funds sanctioned under the State Road Fund will only be used for its expense for the same intention. * The department must ensure the work's practicality is not reflected in the design, hence the design approval should not be cancelled. * Quality should be ensured by conforming to specifications and standards. Any necessary changes require prior government approval. * The department must obtain necessary legal and environmental clearances before construction begins. * Weekly project reviews must be conducted by the concerned Regional Chief Engineer, and monthly reviews by the Head of Department. * Information regarding any savings or project completion must be communicated to the government in a timely manner. * The project must be completed within the stipulated timeframe to avoid cost overruns. * After administrative and financial approval of the approved project, its DPR should be formed. * **Financial Procedures:** * Financial sanction and the first installment should be released on the assessed cost. * Subsequent installments should be released on the revised cost, after due diligence is followed and the cost is tendered. * **Other:** * No changes to the project's approved scope are permitted without government approval. * The Chief Engineer, Department Head, and Zonal Chief Engineer will be responsible for any delays or cost increases. * The Chief Engineer (Development) and Department Head must ensure that the roads that do not have a code number are registered to the Public Works Department. **Impact Analysis** **Key Stakeholders:** * **Chief Engineer (Development) & Head of Department, Public Works Department:** * **Impact:** Responsible for ensuring compliance with all terms and conditions, preventing duplication, obtaining approvals, quality of work, and timely completion. * **Action Required:** Ensure project aligns with existing plans, obtain technical and environmental clearances, conduct regular project reviews, and provide timely updates to the government. * **Zonal Chief Engineer:** * **Impact:** Responsible for project quality, preventing cost overruns, and managing project execution within budget. * **Action Required:** Conduct weekly project reviews, ensure compliance with technical specifications, and address any issues promptly. * **Executing Agency (Contractors/Sub-contractors):** * **Impact:** Responsible for executing the project within the sanctioned budget and timeframe, adhering to quality standards, and complying with labor laws. * **Action Required:** Obtain necessary approvals, commence work only after detailed estimates are approved, and execute the project in accordance with the specified standards and regulations. * **Finance Department:** * **Impact:** Responsible for overseeing the allocation and expenditure of funds, ensuring compliance with financial regulations, and verifying the utilization of funds. * **Action Required:** Ensure that the funds are allocated to the correct head of account and that the expenditure is in accordance with the sanctioned amount and terms and conditions.

Key Entities Referenced

Uttar Pradesh, Lucknow: Location where the Public Works Department (Lok Nirman Vibhag) is located, which is issuing the order Lok Nirman Vibhag (Public Works Department): The primary department responsible for executing the policy and ensuring its compliance, specifically related to road maintenance in Uttar Pradesh. State Road Fund: The source of funding for the road maintenance project approved in the order, specifically under budget head 3054. Basti Mandal: Administrative division in Uttar Pradesh where the road maintenance project is to be carried out Financial Year 2025-26: The fiscal year in which the funds are allocated and the project is expected to be executed.
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WEAT- 5/2026/3S/9957/23-4-26/004-23-002(002)/299/2025 प्रेषक, राजेश प्रताप सिंह, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। लोक निर्माण अनुभाग-] लखनऊ : दिनांक 08 जनवरी, 2026 विषय- वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से बस्ती मण्डल के अन्तर्गत जनपद बस्ती के कुल 0 विशेष मरम्मत के कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक मुख्य अभियंता (HO-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के अधोलिखित तालिका के स्तम्भ-2 में अंकित पत्रों दवारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निम्न विवरणानुसार बस्ती मण्डल के अन्तर्गत जनपद बस्ती के कुल 0 विशेष मरम्मत के कार्य हेतु कुल लागत BO 52,97,000/- (रूपये बावन लाख सत्तानबे हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के साथ चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 के ल्रेखाशीर्षक-3054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से कुल BO 8,53,000/- (रूपये अठ्ठारह लाख तिरपन हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- (धनराशि Go लाख में) क्र0 मुख्य जनपद खण्ड HI) यूनिक मार्ग का नाम क्षतिग्रस्त कार्य की |अवमुक्त ao | अभियन्ता (40-I) नाम कोड लम्बाई | लागत | धनराशि का पत्रांक व दिनांक । 2 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | Nee error नि.ख.- aecr]°92!9! | सांउडीह अइलाकला मार्ग पर | 3.000 | 52.97 | 8.53 कुआनों नदी पर अतिरिक्त एवं पहुच मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य | (।) प्रश्नगत कार्यों की दविरावृत्ति को रोकने की दृष्टि से प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0/नि0वि0, लखनऊ द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि उक्त कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। यदि दविरावृत्ति पायी जाय 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |तो उस स्वीकृति को निरस्त करते हुए संबंधित कार्य पर आवंटित धनराशि शासन को तत्काल समर्पित की जाय। Wed कार्यों को (5) (0) उस समय तक प्रारम्भ न किया जाय और न ही उन पर कोई व्यय भार लिया जाय जब तक कि स्वीकृत लागत के अन्तर्गत विस्तृत आगणन गठित कर उस पर सक्षम अधिकारी cant प्राविधिक स्वीकृति प्रदान न कर दी जाय। यदि यह कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है तो समस्त उत्तरदायित्व संबंधित मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता/अधिशासी अभियंता का होगा। लेबर सेस की एक प्रतिशत धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिल्रित की गयी है। विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार/राज्य सरकार can निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व स्टील, ग्रिट, बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। प्रश्नगत कार्यों प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के प्रस्तर-38 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। यदि यह कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है तो समस्त उत्तरदायित्व संबंधित मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता/अधिशासी अभियंता का होगा। Wats कार्यों हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 3 मार्च, 2026 तक कर लिया जाय। कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण पत्र दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक शासन को निश्चित रूप से उपलब्ध करा दिया जाय। Watt कार्यों हेतु आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय, वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशों/ज़ापों में उल्लिखित शर्तों के अनुसार बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों, स्थायी आदेशों आदि तथा राज्य सड़क निधि नियमावली में किये गये प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाय तथा किसी भी दशा में प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में न किया जाय। राज्य सड़क निधि हेतु गठित उ0प्र0 राज्य सड़क निधि प्रबंधन समिति द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं/प्रयोजनों के लिये ही स्वीकृत/आवंटित धनराशि का उपयोग किया जायेगा। यह सुनिश्चित किया जाय कि जिन प्रयोजनों हेतु राज्य सड़क निधि से धनराशि स्वीकृत हुई है वह उसी प्रायोजन हेतु व्यय की गयी है। विभाग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाय कि कार्य की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कार्य की अव्यवहारिकता दर्शाते हुए स्वीकृति निरस्त न हो। - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | - इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htty://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |प्रश्नगत कार्यों निर्धारित व अनुमोदित मानकों एवं विशिष्टियों के अनुरूप सम्पादित कराये जाय ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। यदि किसी अपरिहार्य परिस्थितिवश निर्धारित मानकों/विशिष्टियों में परिवर्तन किया जाना अपेक्षित हो तो, उक्त परिवर्तन/विचलन शासन की पूर्वानुम॒ति से ही किया जाय। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0नि0वि0, लखनऊ SANT सुनिश्चित किया जायेगा कि आगणन में किसी भी प्रकार की त्रुटि न होने पाये। (70) विभाग द्वारा यथावश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स नियमानुसार सक्षम स्तर (77) (72) (73) (74) (I5) (76) से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य की साप्ताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, त्रखनऊ द्वारा प्रश्नगत कार्य से सम्बन्धित बचत (यदि हो तो) व कार्य पूर्णता इत्यादि की सूचना यथासमय शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जायेगा। परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अन्दर अवश्य पूर्ण कर लिया जाये तथा टाइम ओवर रन एवं क्रास्ट ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण भविष्य में नहीं किया जायेगा। वित्त विभाग के शासनादेश WO-0/202/al-2-96/Ga-202-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202 के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिल्क्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत ॥0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय- वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय-वित्त समिति cant विचार नहीं किया जायेगा। वित्त विभाग के शासनादेश AEAN-0/2023/0-2-60/4a-2023-7(4)/75, दिनांक 7 मई, 2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की जाये, किन्तु द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की ल्रागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (CUS कॉस्ट) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यों की लागत में कमी आती है, तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये। प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को यथावत मानते हुए किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई/चौड़ाई में परिवर्तन, संशोधन, यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | - इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htty://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |स्वीकृत प्रायोजना के स्कोप A परिवर्तन आदि शासन स्तर से अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। (77) परियोजना पूर्ण होने में वित्र॒म्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की ल्रागत में वृद्धि की दशा में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (HO-l) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा तथा भविष्य में यदि परियोजना की लागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा में लागत में बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी। (78) परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग का होगा। (79) जिन मार्गों के सृष्टि कोड अंकित नहीं है, उनके संबंध में प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि मार्ग लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व के हैं अथवा उनके लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व में न होने की दशा में संबंधित विभाग से अनापति प्राप्त किये जाने के उपरान्त कार्यवाही की जाय। (20) प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप AeA-06/2025/s--352/4a-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 तथा अन्य सुसंगत शासनादेशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (27) उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, मुख्य अभियन्ता (मु0-) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा। 2- इस संबंध में होने वाला BO 78,53,000/- (रूपये अठठारह लाख तिरपन हजार मात्र) को वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-58 लेखाशीर्षक diel iN "3054043370500 राज्य सड़क निधि से सड़कों का अनुरक्षण मानक मद 29 अनुरक्षण" के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप WEAT-6/2025/a--352/eH- 2025-23 /2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उकतवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, राजेश प्रताप सिंह संयुक्त सचिव। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |WSAT- 5/2026/HTS/7995 7/23--26/004-23-002(002)/299/2025, तद्दिनांक प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- निजी सचिव, मा0 मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश शासन। निजी सचिव, AO राज्य मंत्री जी, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन। महालेखाकार (लेखा Ud हकदारी), प्रथम/दवितीय Scat प्रदेश, प्रयागराज। जिलाधिकारी/कोषाधिकारी, संबंधित जनपद। मुख्य अभियंता(मुख्यालय-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ | मुख्य अभियंता, संबंधित क्षेत्र, लोक निर्माण विभाग। संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग। वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ | वेब मास्टर, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ | वेब अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ | लोक निर्माण अनुभाग-0/वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8, उ0प्र0 शासन। नोडल अधिकारी (आनलाइन बजट एलॉॉटमेंट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। गार्ड फाइल्र। आज्ञा से, अभिषेक गंगवार अनु सचिव। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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