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Date: 2026-01-08 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054 के अन्‍तर्गत राज्‍य सड़क निधि से अलीगढ़ मण्डल के अन्‍तर्गत विभिन्‍न जनपदों के कुल 05 विशेष मरम्‍मत के कार्यों हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति।

Issued by लोक निर्माण विभाग · लोक निर्माण विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, अनुरोध के अनुसार नीति पाठ का सारांश इस प्रकार है: **कार्यकारी सारांश** दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2025-2026 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054 के अन्तर्गत अलीगढ़ मण्डल के विभिन्न जनपदों में विशेष मरम्मत कार्यों के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। कुल लागत 6,48,68,000/- रुपये आंकी गई है, जिसमें से 2,27,04,000/- रुपये की राशि जारी की जाएगी। यह स्वीकृति कुछ नियमों और प्रतिबंधों के अधीन है, जिनका पालन किया जाना है। **मुख्य बातें** *स्वीकृति का दायरा* * अलीगढ़ मण्डल के विभिन्न जनपदों में कुल 5 विशेष मरम्मत कार्य शामिल हैं। * आवंटित राशि का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों के लिए किया जाना चाहिए, किसी अन्य मद में नहीं। *वित्तीय दिशानिर्देश* * कार्य की द्विरावृत्ति से बचा जाना चाहिए; पहले से स्वीकृत कार्य को आवंटित धनराशि तत्काल शासन को समर्पित की जाय। * आवंटित धनराशि का उपयोग 31 मार्च 2026 तक किया जाना चाहिए, और उपयोगिता प्रमाण पत्र 30 अप्रैल 2026 तक प्रस्तुत किया जाना चाहिए। *प्रशासनिक आवश्यकताएँ* * विस्तृत आगणन गठित कर सक्षम अधिकारी से प्राविधिक स्वीकृति प्राप्त की जानी चाहिए। * परियोजना की लागत और समय सीमा के अन्दर अवश्य पूर्ण करना आवश्यक है। * जी.एस.टी. का भुगतान भारत सरकार/राज्य सरकार के अनुसार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। * लेबर सेस का भुगतान श्रम विभाग को किया जाना चाहिए। * मानकों और विशिष्टियों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए। *उत्तरदायित्व* * संबंधित मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता द्वारा इन नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। * परियोजना की लागत में वृद्धि सम्बन्धित अधिकारियों के वेतन से वसूल की जाएगी। **प्रभाव विश्लेषण** *प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग* **प्रभाव:** परियोजना के तकनीकी पहलुओं का सत्यापन, मानकों का पालन सुनिश्चित करना और परियोजना से संबंधित बचत की जानकारी देना। **आवश्यक कार्रवाई:** कार्य से सम्बन्धित बचत (यदि हो तो) व कार्य पूर्णता इत्यादि की सूचना यथासमय शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जायेगा। *संबंधित मुख्य अभियंता और क्षेत्रीय अभियंता* **प्रभाव:** स्वीकृति की शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करना, उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करना और परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने के लिए जिम्मेदार होना। **आवश्यक कार्रवाई:** नियमों का पालन सुनिश्चित करना और परियोजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होना।

Key Entities Referenced

लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ: उत्तर प्रदेश का लोक निर्माण विभाग, जो सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए ज़िम्मेदार है अलीगढ़ मण्डल: उत्तर प्रदेश का एक प्रशासनिक प्रभाग, जिसमें अलीगढ़ क्षेत्र शामिल है राज्य सड़क निधि: उत्तर प्रदेश राज्य में सड़कों के विकास और रखरखाव के लिए समर्पित एक कोष वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054: 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए एक विशिष्ट अनुदान और लेखा शीर्षक, राज्य सड़क निधि के तहत व्यय को दर्शाता है मुख्य अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष: उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग में विकास और प्रशासन के प्रभारी प्रमुख अधिकारी
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WEAI-3/2026/3S/ 99486/23--26/004-23-002(002)/302/2025 प्रेषक, राजेश प्रताप सिंह, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। लोक निर्माण अनुभाग-] लखनऊ : दिनांक 08 जनवरी, 2026 विषय- वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से अलीगढ़ ASA के अन्तर्गत विभिन्‍न जनपदों के कुल्न 05 विशेष मरम्मत के कार्यों हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक मुख्य अभियंता (HO-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के अधोलिखित तालिका के स्तम्भ-2 में अंकित पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निम्न विवरणानुसार अलीगढ़ मण्डल के विभिन्‍न जनपदों के 05 विशेष मरम्मत कार्यों हेतु कुल ल्रागत BO 6,48,68,000/- (रूपये छ: करोड़ अड़तालीस लाख अड़सठ हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के साथ चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 के ल्ेखाशीर्षक-3054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से कुल BO 2,27,04,000/- (रूपये दो करोड़ सत्ताईस लाख चार हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपात्र सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- (धनराशि Go लाख में) मुख्य अभियन्ता | खण्ड/ जनपद | यूनिक कार्य का नाम क्षतिग्रस्त कुल अवमुक्त 0 (मु0-), का नाम कोड लम्बाई लागत धनराशि सं0 | लो0नि0वि0 का (कि0 मी0 पत्र संख्या व दि0 में) ] 2 3 | _ 4 | 5 |_6_| 7 | 8 | i0m॥/e3o6s89/8i 2x/n2o02n5s | USख . 20766 अलीगढ़.रारयााय.ामथ.ुमरथार ा मार्ग (ररााजज्य 8.060 305.20 06.82 अलीगढ़ मार्ग-80) के कि0मी0 (33;500) से 43;200) में विशेष मरम्मत का कार्य | 2 d0a॥t/e3 608958 22/ 22002255 प्राख.ख. 20076 विशेष मरम्मत के अन्अनत्रत्गंगतत चaणs्डhौyस 8.680 48.88 52.] अलीगढ़ से खुर्जा मार्ग वाया कसेरू जलाकसेरू मार्ग (अ0जि0मा0) की मरम्मत का कार्य। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |क्र | मुख्य अभियन्ता | खण्ड/ जनपद | यूनिक कार्य का नाम क्षतिग्रस्त कुल अवमुक्‍क्त 0 (मु0-), का नाम कोड लम्बाई लागत धनराशि सं0 | लो0नि0वि0 का (कि0 मी0 पत्र संख्या व दि0 में) 2 3 | 4 5 | 6 [| 7 | 6g 3 d/a3te6 80958/22//22002255 प्राख.ख. 3020 | ववीीररननगगरर से करन नगला लालगठी | 000 5.05 [7.87 हाथरस मार्ग 4 /368982/2025 ख 30275 बी। 3.000 79.79 27.95 कार 04॥22025 प्रा.ख. पी0बी0 मार्ग कि0मी0 489 से हाथरस हसायन ततारपुर मार्ग (अ0जि0मा0 5 d/n3o6 80958/24/9/29002358 प्राख.ख. 30308 एन0एएचच0 93 से वनगढ़ मार्ग .300 63.76 22.3I हाथरस कल योग- | 648.68 | 227.04 2 प्रश्गगत कार्य की दविरावृत्ति को रोकने की दृष्टि से प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0/नि0वि0, लखनऊ द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि उक्त कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। यदि दविरावृत्ति पायी जाय तो उस स्वीकृति को निरस्त करते हुए संबंधित कार्य पर आवंटित धनराशि शासन को तत्काल समर्पित की जाय। प्रश्तनगत कार्य को उस समय तक प्रारम्भ न किया जाय और न ही उन पर कोई व्यय भार लिया जाय जब तक कि स्वीकृत लागत के अन्तर्गत विस्तृत आगणन गठित कर उस पर सक्षम अधिकारी द्वारा प्राविधिक स्वीकृति प्रदान न कर दी जाय। यदि यह कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है तो समस्त उत्तरदायित्व संबंधित मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता/अधिशासी अभियंता का होगा। लेबर सेस की एक प्रतिशत धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। प्रायोजनान्तर्गत 78 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है। विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व स्टील, ग्रिट, बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के WER-38 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। यदि यह कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है तो समस्त उत्तरदायित्व संबंधित मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता/अधिशासी अभियंता का होगा। प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 3 मार्च, 2026 तक कर लिया जाय। कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण पत्र दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक शासन को निश्चित रूप से उपलब्ध करा दिया जाय। Watt कार्य हेतु आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय, वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशों/जञापों में उल्लिखित शर्तों के (70) (77) अनुसार बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों, स्थायी आदेशों आदि तथा राज्य सड़क निधि नियमावली में किये गये प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाय तथा किसी भी दशा में प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में न किया जाय। राज्य सड़क निधि हेतु गठित उ0प्र0 राज्य सड़क निधि प्रबंधन समिति cant अनुमोदित परियोजनाओं/प्रयोजनों के लिये ही स्वीकृत/आवंटित धनराशि का उपयोग किया जायेगा। यह सुनिश्चित किया जाय कि जिन प्रयोजनों हेतु राज्य सड़क निधि से धनराशि स्वीकृत हुई है वह उसी प्रायोजन हेतु व्यय की गयी है। विभाग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाय कि कार्य की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कार्य की अव्यवहारिकता दर्शाते हुए स्वीकृति निरस्त न हो। प्रश्नगत कार्य निर्धारित व अनुमोदित मानकों एवं विशिष्टियों के अनुरूप सम्पादित कराये जाय ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। यदि किसी अपरिहार्य परिस्थितिवश निर्धारित मानकों/विशिष्टियों में परिवर्तन किया जाना अपेक्षित हो तो, उक्त परिवर्तन/विचलन शासन की पूर्वानुमति से ही किया जाय। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0नि0वि0, लखनऊ SANT सुनिश्चित किया जायेगा कि आगणन में किसी भी प्रकार की त्रुटि न होने पाये। विभाग द्वारा यथावश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स नियमानुसार सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य की साप्ताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | - इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htty://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(2) प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ CANT प्रश्नगत कार्य से सम्बन्धित बचत (यदि हो तो) व कार्य पूर्णता इत्यादि की सूचना यथासमय शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जायेगा। (3) परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अन्दर अवश्य पूर्ण कर लिया जाये तथा टाइम ओवर रन एवं क्रास्ट ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण भविष्य में नहीं किया जायेगा। (74) वित्त विभाग के शासनादेश AO-0/202/sl-2-96/EH-202-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202 के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिल्क्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत 0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय- वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय-वित्त समिति दूवारा विचार नहीं किया जायेगा। (I5) वित्त विभाग के शासनादेश AEAN-0/2023/t-2-60/Ea-2023-7(4)/75, दिनांक 7 मई, 2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की जाये, किन्तु द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर HEC) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त न हो Uh! यदि निविदा के बाद कार्यों की लागत में कमी आती है, तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये। (76) प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन मेँ प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को यथावत मानते हुए किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई/चौड़ाई में परिवर्तन, संशोधन, स्वीकृत प्रायोजना के THT में परिवर्तन आदि शासन स्तर से अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। (77) परियोजना पूर्ण होने A fara की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की लागत में वृद्धि की दशा में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (H0-) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता गा यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | - इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htty://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |का होगा तथा भविष्य A यदि परियोजना की लागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा में लागत में बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी। (78) परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग का होगा। (79) जिन मार्गों के सृष्टि कोड अंकित नहीं है, उनके संबंध में प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ CANT यह सुनिश्चित किया जायेगा कि मार्ग लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व के हैं अथवा उनके लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व में न होने की दशा में संबंधित विभाग से अनापतिि प्राप्त किये जाने के उपरान्त कार्यवाही की जाय। (20) प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा वित्त विभाग के कार्यालय AT AkA-06/2025/a--352/48-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 तथा अन्य सुसंगत शासनादेशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (27) उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, मुख्य अभियन्ता (HO-I) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा। 2- इस संबंध में होने वाला व्यय कुल रू0 2,27,04,000/- (रूपये दो करोड़ सत्ताईस लाख चार हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-58 ल्लेखाशीर्षक "3054043370500 राज्य सड़क निधि से सड़कों का अनुरक्षण मानक मद 29 अनुरक्षण" के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप AEAT-6/2025/a--352/eH- 2025-23! /2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, राजेश प्रताप सिंह संयुक्त सचिव। ACAT-3/2026/3TS/99486( )/23-4-26/004-23-4002(002)/302/2025, तद्दिनांक प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- I- निजी सचिव, AIO मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश शासन। 2- निजी सचिव, मा0 राज्य मंत्री जी, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |महालेखाकार (लेखा Ud हकदारी), प्रथम/दवितीय Scat प्रदेश, प्रयागराज। जिलाधिकारी/कोषाधिकारी, संबंधित जनपद। मुख्य अभियंता(मुख्यालय-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ | मुख्य अभियंता, संबंधित क्षेत्र, लोक निर्माण विभाग। संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग। वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ | वेब मास्टर, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ | वेब अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ | लोक निर्माण अनुभाग-0/वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8, उ0प्र0 शासन। नोडल अधिकारी (आनलाइन बजट एलॉटमेंट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। गार्ड फाइल्र। आज्ञा से, अभिषेक गंगवार अनु सचिव | I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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