Date: 2026-01-08Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से वाराणसी मण्डल के अन्तर्गत के विभिन्न जनपदों के कुल 06 मार्गों के विशेष मरम्मत कार्यों हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति।
ज़रूर, यहाँ सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश**
दस्तावेज़ में वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से वाराणसी मण्डल के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों में 6 सड़कों के विशेष मरम्मत कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना के लिए कुल लागत रु. 4,24,52,000/- अनुमानित है, जिसमें से चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में रु. 1,48,58,000/- की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में निर्धारित शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
**मुख्य बातें**
*परियोजना स्वीकृति*
* वाराणसी मंडल में विभिन्न जनपदों के अन्तर्गत 6 मार्गों के विशेष मरम्मत कार्यों के लिए प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति।
* कुल लागत: रु. 4,24,52,000/-
* चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रारंभिक वित्तीय स्वीकृति: रु. 1,48,58,000/-
*शर्तें और प्रतिबंध*
* यह सुनिश्चित किया जाए कि परियोजनाओं में कोई अतिरेक न हो; स्वीकृति को निरस्त किया जाए और अतिरेक होने पर धनराशि तत्काल शासन को वापस कर दी जाए।
* विस्तृत आकलन और तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही कार्य शुरू किया जाए।
* श्रम विभाग को लेबर सेस का एक प्रतिशत भुगतान करें।
* जीएसटी भुगतान दिशानिर्देशों का पालन करें और सामग्री की खपत का मिलान करें।
* सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करें।
* आवंटित धनराशि का उपयोग 31 मार्च, 2026 तक करें और 30 अप्रैल, 2026 तक उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करें।
* राज्य सड़क निधि नियमावली का अनुपालन सुनिश्चित करें और धनराशि को अन्य मदों में न मोड़ें।
* यह सुनिश्चित करें कि राज्य सड़क निधि से स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों के लिए ही किया गया है।
* उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अनुमोदित मानकों और विशिष्टताओं के अनुरूप कार्य करें।
* सक्षम स्तर से वैधानिक अनापत्तियाँ और पर्यावरणीय मंज़ूरी प्राप्त करें।
* नियमित समीक्षा के माध्यम से परियोजना की समय सीमा का पालन सुनिश्चित करें।
* अनुमोदन के बिना स्कोप में कोई भी परिवर्तन न करें।
*वित्तीय आवश्यकताएँ*
* अनुदान संख्या-58 के तहत "राज्य सड़क निधि से सड़कों का अनुरक्षण मानक मद 29 अनुरक्षण" शीर्षक के अंतर्गत ₹1,48,58,000/- आवंटित किए जाएँ।
*अनुपालन और उत्तरदायित्व*
* यह सुनिश्चित करें कि मार्ग लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व के हैं या अन्य विभागों से अनापत्ति प्राप्त करें।
* प्रमुख अभियंता (विकास) और विभागाध्यक्ष सहित अधिकारियों को अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा।
* परियोजना लागत में वृद्धि होने पर संबंधित अधिकारियों के वेतन से वसूली की जाएगी।
**प्रभाव विश्लेषण**
**हितधारक:** प्रमुख अभियंता (विकास) और विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग
*प्रभाव:* परियोजना के मानकों का अनुपालन, समय पर पूर्णता और वित्तीय प्रबंधन के लिए उत्तरदायी। परियोजना के विवरण के अनुसार स्वीकृत कार्य का निष्पादन सुनिश्चित करें।
*आवश्यक कार्रवाई:* तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करें, निधियों का कुशलतापूर्वक उपयोग करें और नियमित रूप से प्रगति की निगरानी करें।
**हितधारक:** मुख्य अभियंता (मुख्यालय-1) और क्षेत्रीय मुख्य अभियंता
*प्रभाव:* क्षेत्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन और अनुपालन की निगरानी के लिए उत्तरदायी।
*आवश्यक कार्रवाई:* परियोजना की प्रगति की निगरानी करें, किसी भी समस्या का समाधान करें और परियोजना मानदंडों का पालन सुनिश्चित करें।
**हितधारक:** अधिशासी अभियंता
*प्रभाव:* परियोजना के निष्पादन और गुणवत्ता मानकों के रखरखाव के लिए उत्तरदायी।
*आवश्यक कार्रवाई:* समय पर निर्माण, गुणवत्ता मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करें और नियमित रूप से प्रगति की रिपोर्ट करें।
**हितधारक:** वित्त विभाग
*प्रभाव:* परियोजनाओं के लिए निधियों का आवंटन और निगरानी।
*आवश्यक कार्रवाई:* सुसंगत वित्तीय नियमों के अनुसार व्यय सुनिश्चित करें और वित्तीय विवरणों की समीक्षा करें।
**हितधारक:** संविदाकर्ता/कार्यदायी संस्थाएँ
*प्रभाव:* समझौते के अनुसार कार्य के निष्पादन के लिए उत्तरदायी।
*आवश्यक कार्रवाई:* निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यकताओं को पूरा करें, समय सीमा का पालन करें और गुणवत्ता मानकों को बनाए रखें।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश, लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य में लोक निर्माण विभाग का मुख्यालय। यह दस्तावेज़ के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि नीति यहीं से निकली है।
लोक निर्माण विभाग: उत्तर प्रदेश सरकार के तहत सड़क और बुनियादी ढांचे के निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार विभाग।
अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054: राज्य सड़क निधि के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विशेष रूप से आवंटित अनुदान संख्या और लेखा कोड।
राज्य सड़क निधि: उत्तर प्रदेश राज्य में सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए एक समर्पित निधि।
वाराणसी मण्डल: उत्तर प्रदेश में एक प्रशासनिक प्रभाग जो विशेष मरम्मत कार्यों के लिए निधि के आवंटन का प्राथमिक भौगोलिक क्षेत्र है।
WEAI-6/2026/3S/ 99469/23--26/004-23-002(002)/284/2025
प्रेषक,
राजेश प्रताप सिंह,
संयुक्त सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग,
उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
लोक निर्माण अनुभाग-] लखनऊ : दिनांक 08 जनवरी, 2026
विषय- वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054 के अन्तर्गत राज्य सड़क
निधि से वाराणसी मण्डल के अन्तर्गत के विभिन्न जनपदों के कुल 06 मार्गों के विशेष
मरम्मत कार्यो हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक मुख्य अभियंता (HO-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के अधोलिखित
तालिका के स्तम्भ-2 में अंकित पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के संबंध में मुझे यह
कहने का निदेश हुआ है कि निम्न विवरणानुसार वाराणसी मण्डल के अन्तर्गत के विभिन्न
जनपदों के कुल 06 मार्गों के विशेष मरम्मत कार्यों हेतु कुल लागत BO 4,24,52,000/- (रूपये
चार करोड़ चौबीस लाख बावन हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के साथ चालू
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 के लेखाशीर्षक-3054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि
से कुल BO ,48,58,000/- (रूपये एक करोड़ अड़तालीस लाख अट्ठावन हजार मात्र) की वित्तीय
स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष
स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
(धनराशि Go लाख में)
क्र मुख्य जनपद खण्ड| यूनिक मार्ग का नाम क्षतिग्र | कार्य की | अवमु
0 | अभियन्ता (मु0- | का नाम कोड ta लागत Fa
WO | ॥) का पत्रांक व लम्बाई धनराशि
दिनांक
2 3 |_4 | 5 | _ 6 | 7 | 8 |
I RQ 8508 /2025 date fowo | 50 मडियाहू (ईदगाह) से रसूलपुर होते। 4.000 74.93 26.23
जौनपुर हुए मैनपुर तक सम्पक मार्ग के
” Bator का कार्य। (विभिन्न
आबादी भाग AA 750 मी0
सी0सी0 सहित)
2 7/399302/2025, dt.- नि0खं0 640242 सजानगंज ब्लाक से ऊँचगांव 3.000 58.56 20.5
30-]2-2025 >>
जौनपुर सम्पर्क मार्ग के विशेष मरम्मत
का कार्य (600 मी0 सी0सी0
सहित)
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |क्र मुख्य जनपद खण्ड| यूनिक मार्ग का नाम क्षतिग्र | कार्य की | अवमु
0 | अभियन्ता (मु0- | का नाम कोड ta लागत Fa
WO | ॥) का पत्रांक व लम्बाई धनराशि
दिनांक
] 2 3 | 4 | 5 | _ ee 7 [_ & /
3 /37934/2025,dt.- ख 66082] चन्दौली ane नि नदौली 7 ससककललडडीीहहाा मार्ग से 0.440 70.. 2] 24..57
चंदौली निरीक्षण भवन सम्पर्क मार्ग के
चैनेज 0.60 से 0.6000 का
उच्चीकरण का कार्य।
4 7/4044556644//22002266,, 6.- प्राएRGख]ं 0 ठठ589 रानेपपुर र ममेैंं ममहहेेनन््दद््रर केघर . . . घर से होते £500 83.32 | ठठ.6
चंदौली हुए पात्र बस्ती टावर होते हुए
मुख्य नहर तक संपर्क मार्ग का
विशेष मरम्मत का कार्य।
गाजीपुर जनपद गाजीपुर में सैदपुर
चिरैयाकोट किमी. 4 से निकलकर
करमपुर राष्ट्रीय स्टेडियम होते
हुए खानपुर बाजार तक मार्ग
(अ0जि0मा0) के किमी-2 में
क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर 2
गुणे 2, 2 सेल के बाक्स कलवर्ट
का निर्माण कार्य।
है 7/399302/2025, dt.- प्रा0खं0 वा 67029 जनपद वाराणसी में लहर॒तायरा Drain 92.03 32.2]
30-]2-2025
राणसी फुलवरिया शिवपुर मार्ग पर पड़ने
वाले उपरिगामी हेतु सी0-4, सी0-
5 पर ड्रेन पाइप लगाने का कार्य।
कल योग-| 424.52 | 48.58
() प्रश्नगत कार्य की दविरावृत्ति को रोकने की दृष्टि से प्रमुख अभियंता(विकास) एवं
विभागाध्यक्ष, NOOO, लखनऊ द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि उक्त कार्य पूर्व
में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी
अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। यदि दविरावृत्ति पायी जाय
तो उस स्वीकृति को निरस्त करते हुए संबंधित कार्य पर आवंटित धनराशि शासन को
तत्काल समर्पित की जाय।
(2) प्रश्नगत कार्य को उस समय तक प्रारम्भ न किया जाय और न ही उन पर कोई व्यय
भार लिया जाय जब तक कि स्वीकृत लागत के अन्तर्गत विस्तृत आगणन गठित कर
उस पर सक्षम अधिकारी द्वारा प्राविधिक स्वीकृति प्रदान न कर दी जाय। यदि यह
कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है तो समस्त उत्तरदायित्व संबंधित मुख्य
अभियंता/अधीक्षण अभियंता/अधिशासी अभियंता का होगा।
(3) लेबर सेस की एक प्रतिशत धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त
धनराशि का भुगतान किया जायेगा।
I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है।
विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के
अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी
दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई
मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व स्टील, ग्रिट, बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक
मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये।
(5) प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के
प्रस्तर-38 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति
अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात
ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। यदि यह कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है तो समस्त
उत्तरदायित्व संबंधित मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता/अधिशासी अभियंता का होगा।
प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 3 मार्च, 2026 तक
कर लिया जाय। कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण पत्र दिनांक 30 अप्रैल 2026
तक शासन को निश्चित रूप से उपलब्ध करा दिया जाय।
(/) Watt कार्य हेतु आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय, वित्त विभाग द्वारा निर्गत
आदेशों/ज़ापों में उल्लिखित शर्तों के अनुसार बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के
नियमों, स्थायी आदेशों आदि तथा राज्य सड़क निधि नियमावली में किये गये प्राविधानों
का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाय तथा किसी भी दशा में प्रश्नगत कार्य हेतु
आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में न किया जाय।
राज्य सड़क निधि हेतु गठित SOW राज्य सड़क निधि प्रबंधन समिति द्वारा अनुमोदित
परियोजनाओं/प्रयोजनों के लिये ही स्वीकृत/आवंटित धनराशि का उपयोग किया जायेगा।
यह सुनिश्चित किया जाय कि जिन प्रयोजनों हेतु राज्य सड़क निधि से धनराशि स्वीकृत
हुई है वह उसी प्रायोजन हेतु व्यय की गयी है। विभाग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया
जाय कि कार्य की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कार्य की अव्यवहारिकता दर्शाते हुए स्वीकृति
निरस्त न हो।
प्रश्नगत कार्य निर्धारित व अनुमोदित मानकों एवं विशिष्टियों के अनुरूप सम्पादित कराये
जाय ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। यदि किसी अपरिहार्य परिस्थितिवश निर्धारित
मानकों/विशिष्टियों में परिवर्तन किया जाना अपेक्षित हो तो, उक्त परिवर्तन/विचलन शासन
की पूर्वानुमति से ही किया जाय। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0नि0वि0,
लखनऊ द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि आगणन में किसी भी प्रकार की त्रुटि न होने
पाये।
(0) विभाग द्वारा यथावश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स नियमानुसार
सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।
I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(44) परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण
कार्य की साप्ताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम
से कम एक बार समीक्षा विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की
जायेगी।
((2) प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा प्रश्नगत
कार्य से सम्बन्धित बचत (यदि हो तो) व कार्य पूर्णता इत्यादि की सूचना यथासमय
शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जायेगा।
(3) परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अन्दर अवश्य पूर्ण कर लिया जाये तथा टाइम ओवर
रन Ud क्रास्ट ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण भविष्य में नहीं किया
जायेगा।
(74) वित्त विभाग के शासनादेश AWO-0/202/al-2-96/4a-202-0/99, दिनांक 22 मार्च,
202 के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त
इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि
इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष
तकनीकी स्वीकृति की लागत (0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना
का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय-
वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना
पर व्यय-वित्त समिति दूवारा विचार नहीं किया जायेगा।
(I5) वित्त विभाग के शासनादेश AEAT-0/2023/t-2-60/EH-2023-7(4)/75, दिनांक (7 मई,
2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर
जारी की जाये, किन्तु दवितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की ल्रागत को निविदा
में प्राप्त मूल्य (CU कॉस्ट) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित
करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी
की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त
न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यों की लागत में कमी आती है, तो
(76)
(77)
बचत की धनराशि
को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये।
प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को
यथावत मानते हुए किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई/चौड़ाई में परिवर्तन, संशोधन,
स्वीकृत प्रायोजना के THT में परिवर्तन आदि शासन स्तर से अनुमोदन प्राप्त किये बिना
नहीं किया जायेगा।
परियोजना पूर्ण होने A fastest की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की लागत में
वृद्धि की दशा में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (HO0-) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता
का होगा तथा भ्रविष्य में यदि परियोजना की लागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा में
I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |लागत में बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता आदि
के वेतन से की जायेगी।
(48) परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस
परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता
(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग का होगा।
(9) जिन मार्गों के सृष्टि कोड अंकित नहीं है, उनके संबंध में प्रमुख अभियंता(विकास) एवं
विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि मार्ग
लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व के हैं अथवा उनके लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व में
न होने की दशा में संबंधित विभाग से Hasta प्राप्त किये जाने के उपरान्त कार्यवाही की
जाय।
(20) प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा वित्त विभाग
के कार्यालय ज्ञाप AkeA-06/2025/s-(-352/48-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च,
2025 तथा अन्य सुसंगत शासनादेशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
(2) उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास)
एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, मुख्य अभियन्ता (AO-l) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय
मुख्य अभियन्ता का होगा।
2- इस संबंध में होने वाला WO ,48,58,000/- (रूपये एक करोड़ अड़तालीस लाख अट्ठावन
हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-58 ल्रेखाशीर्षक
"3054043370500 राज्य सड़क निधि से सड़कों का अनुरक्षण मानक मद 29 अनुरक्षण" के
नामे डाला जायेगा।
3- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ATT AEA-6/2025/a--352/ea-
2025-23 /2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित
अधिकार के अंतर्गत feta किये जा रहे हैं।
भवदीय,
राजेश प्रताप सिंह
संयुक्त सचिव।
ACAT- 6/2026/3TS/99469( )/23-4-26/004-23-002(002)/284/2025, तद्दिनांक
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
|- निजी सचिव, मा0 मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश शासन।
2- निजी सचिव, माए0 राज्य मंत्री जी, ल्रोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन।
3- महालेखाकार (लेखा Ud हकदारी), प्रथम/दवितीय Scat प्रदेश, प्रयागराज।
4- जिलाधिकारी/कोषाधिकारी, संबंधित जनपद।
5- मुख्य अभियंता(मुख्यालय-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ |
6- मुख्य अभियंता, संबंधित क्षेत्र, लोक निर्माण विभाग।
7- संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ |
वेब मास्टर, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ |
वेब अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ |
लोक निर्माण अनुभाग-0/वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8, उ0प्र0 शासन।
नोडल अधिकारी (आनलाइन बजट एलॉटमेंट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन।
गार्ड फाइल्र।
आज्ञा से,
अभिषेक गंगवार
अनु सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |