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Date: 2026-01-08 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054 के अन्‍तर्गत राज्‍य सड़क निधि से बरेली मण्डल के अन्‍तर्गत विभिन्‍न जनपदों के कुल 11 विशेष मरम्‍मत के कार्यों हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति।

Issued by लोक निर्माण विभाग · लोक निर्माण विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document grants administrative and financial approval for 11 special repair projects in the Bareilly division under the State Road Fund, specifically under Grant No. 58, Account Code 3054, for the financial year 2025-26. The total approved cost for these projects is ₹7,72,00,000, with an initial financial release of ₹2,70,19,000. The approval is subject to specific conditions and restrictions, and the funds must be utilized by March 31, 2026. **Key Points / Main Content** * **Approval for Special Repair Projects:** * Administrative and financial approval granted for 11 special repair projects in various districts under the Bareilly division. * The total approved cost is ₹7,72,00,000. * The initial financial release for the current financial year (2025-26) is ₹2,70,19,000 from the State Road Fund under Grant No. 58, Account Code 3054. * **Project Details (Sample):** * **Project 1:** Construction of a 35m culvert and approach road on the Lalpur Khadar to Mauzampur rural road in the flood-affected area of Badaun district. * Unique Code: 190478. * Length: 0.095 km. * Total cost: ₹100.17 lakh. * Released amount: ₹35.06 lakh. * **Project 2:** Construction of a 25m culvert and approach road on the Lalpur Khadar to Sherpur road in the flood-affected area of Badaun district. * Unique Code: 190048. * Length: 0.065 km. * Total cost: ₹70.98 lakh. * Released amount: ₹24.84 lakh. * **Conditions and Restrictions:** * Detailed estimates must be prepared and technically approved by a competent authority before commencing work. * 1% of the funds should be given to the Labor Department for labor cess. * The department is responsible for ensuring GST payment as per government regulations. * Technical approval must be obtained before starting any work. * The funds must be utilized by March 31, 2026, and a utilization certificate must be submitted by April 30, 2026. * Funds should only be used for the approved purpose and must comply with financial regulations and the State Road Fund rules. * **Project Oversight:** * The Chief Engineer (Development) and Head of Department, Public Works Department, Lucknow, must ensure there is no duplication of the project with any existing or proposed scheme. * Any savings from the project must be promptly reported to the government. * The project must be completed within the stipulated timeframe to avoid cost overruns. * There should be no errors in the calculation. * **Legal and Environmental Compliance:** * Necessary legal and environmental clearances must be obtained before starting construction. **Impact Analysis** **Chief Engineer (Development) and Head of Department, Public Works Department, Lucknow** * **Impact:** Responsible for ensuring that the work is not duplicated, preventing inaccuracies in the calculation, overseeing the project, obtaining necessary clearance and ensuring fund utilization. * **Action Required:** Ensure the absence of duplication, oversight, and submission of information and ensure there are no errors in the calculation. **Chief Engineer (MU-1)** * **Impact:** Responsible for monitoring project execution and adherence to conditions and restrictions. * **Action Required:** Ensure effective monitoring of project implementation and adherence to set guidelines. **Related Regional Chief Engineer** * **Impact:** Responsible for monitoring project execution and adherence to conditions and restrictions. * **Action Required:** Ensure effective monitoring of project implementation and adherence to set guidelines. **Executive Engineer (Concerned)** * **Impact:** Responsible for preparing detailed estimates and ensuring technical approval is obtained. * **Action Required:** Prepare a detailed estimate and obtain technical approval before starting the project.

Key Entities Referenced

लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ: Public Works Department, Uttar Pradesh, Lucknow; the primary department affected by this order. राज्य सड़क निधि: State Roads Fund; the source of funding for the road maintenance projects. बरेली मण्डल: Bareilly Division; the geographical area where the projects are located. वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054: Financial Year 2025-26 under Grant No. 58, Head of Account 3054; the specific budget allocation for these works.
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WEAI-07/2026/3TS/ 99523/23--26/004-23-002(002)/296/2025 प्रेषक, राजेश प्रताप सिंह, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। लोक निर्माण अनुभाग-] लखनऊ : दिनांक 08 जनवरी, 2026 विषय- वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-3054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से बरेली मण्डल के अन्तर्गत विभिन्‍न जनपदों के कुल विशेष मरम्मत के कार्यों हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक मुख्य अभियंता (HO-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के अधोलिखित तालिका के स्तम्भ-2 में अंकित पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निम्न विवरणानुसार बरेली मण्डल के अन्तर्गत विभिन्‍न जनपदों के कुल विशेष मरम्मतके कार्यों हेतु कुल लागत रू0 7,72,00,000/- (रूपये सात करोड़ बहत्तर लाख मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के साथ चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 के लेखाशीर्षक-3054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से कुल BO 2,70,9,000/- (रूपये दो करोड़ सत्तर लाख उन्‍नीस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- (धनराशि Go लाख में) क्र | मुख्य अभियन्ता खण्ड/ यूनिक कार्य का नाम क्षतिग्र कुल Waar 0 | (40-), लोएनि0वि0 | जनपद का कोड ta लागत धनराशि सं0 | का पत्र संख्या व नाम लम्बाई feo (कि0 मी0 में) ] 2 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | बदायूं क्षेत्र लालपुर खादर से मौजमपुर मार्ग ग्रामीण मार्ग पर 35 मी0 रपटाएवं पहुँच मार्ग का निर्माण। बदायूं क्षेत्र लालपुर खादर मार्ग से शेरपुर मार्ग (ग्रामीण मार्ग) पर 25मी0 Wel एवं पहुंच मार्ग का निर्माण यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |क्र | मुख्य अभियन्ता खण्ड/ यूनिक कार्य का नाम क्षतिग्र कुल sara O | (मु0-), ल्रोणएनि0वि0 | जनपद का कोड ta लागत धनराशि सं0 | का पत्र संख्या व नाम लम्बाई दि0 (कि0 मी0 में) ] 2 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 3 0/3608958 22/22002255 date प्राख.ख. 20544 केसरपुर सिसिया मार्ग से लहिया 3.000 60.42 2.5 बरेली होते हुए नवादा ब्रहम्नान सम्पर्क मार्ग। 4 7/3608958 22/22002255 date प्राख.ख. 20084 फरीदपपुर र Med ककैैननाालल HHT7 डा7ं डा 5.000 08.47 37.96 बरेली सम्पक्क मार्ग। 5 0/3608958 22/22002255 date प्राख.ख. 2038] बरेली MAAR मार्ग के fanकि मी0 3 2.400 48.4] 6.94 बरेली से गूंगा वाया म्यूढ़ी खुर्द कला सम्पक्क मार्ग। ः 0/382245/2025 date खं। ¥6/2/9025 प्रा0ख7ं 0 200479 जनपद बरेली aमें बल्लिया शीशगढ़ 2.000 58.9] 20.62 बरेली मार्ग से रामपुर की सीमा तक (अ0जि0मा0) की मरम्मत का कार्य। 7 7/382245/2025 date खं। 9/9095 प्रा0ख7ं 0 200462 जनपद बरेली ममेेंं गुरूवारा जोखनपपुर 0.5]0 49.2] 7.22 बरेली पुरैनिया मार्ग की मरम्मत एवं सुधार का कार्य। / 7/3609589॥62/22002255 date प्राख.ख. UP‘2e2sqV R | एल0बी0 मार्ग से सिमरिया सम्पर्क .50 55.35 9.37 शाहजहांपु मार्ग की विशेष मरम्मत का कार्य र / /3690859/62/ 22002255 date प्राख.ख. 220455 । उदयपपुरर कटैया मार्ग से अम्बेडकर 0.500 544] 9.04 शाहजहांपु पार्क तक मार्ग की विशेष मरम्मत र का कार्य 0 | ॥39479868./92-022050,8 d ate- fe¥OखंW।O -2 220658 दिवियापुर से कटका बहादुरपुर 2.750 .76 39.2 शाहजहांपु सम्पर्क मार्ग पर सी0सी0 मार्ग एवं र नाली निर्माण तथा शेष भाग की मरम्मत का कार्य। ii | ॥394788/2025, date- खं। 220602 तिकोला aie fe¥OW0-2 तिको+ ला से ददुुललररााममईई ससमम््पपरर््कक मार्ग 0.800 53.9] 8.87 शाहजहांपु पर सी0सी0 एवं नाली निर्माण का र्‌ कार्य | कल योग- | 772.00 | 270.9 2 (l) प्रश्नगत कार्य की दविरावृत्ति को रोकने की दृष्टि A प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0/नि0वि0, लखनऊ द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि उक्त कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। यदि दविरावृत्ति पायी जाय तो उस स्वीकृति को निरस्त करते हुए संबंधित कार्य पर आवंटित धनराशि शासन को तत्काल समर्पित की जाय। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |Wed कार्य को उस समय तक प्रारम्भ न किया जाय और न ही उन पर कोई व्यय भार लिया जाय जब तक कि स्वीकृत लागत के अन्तर्गत विस्तृत आगणन गठित कर उस पर सक्षम अधिकारी cant प्राविधिक स्वीकृति प्रदान न कर दी जाय। यदि यह कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है तो समस्त उत्तरदायित्व संबंधित मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता/अधिशासी अभियंता का होगा। लेबर सेस की एक प्रतिशत धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है। विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व स्टील, ग्रिट, बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। (5) प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के प्रस्तर-38 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। यदि यह कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है तो समस्त उत्तरदायित्व संबंधित मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता/अधिशासी अभियंता का होगा। WaT कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 34 मार्च, 2026 तक कर लिया जाय। कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण पत्र दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक शासन को निश्चित रूप से उपलब्ध करा दिया जाय। प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय, वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशों/ज्ञापों में उल्लिखित शर्तों के अनुसार बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों, स्थायी आदेशों आदि तथा राज्य सड़क निधि नियमावली में किये गये प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाय तथा किसी भी दशा में प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में न किया जाय। राज्य सड़क निधि हेतु गठित उ0प्र0 राज्य सड़क निधि प्रबंधन समिति द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं/प्रयोजनों के लिये ही स्वीकृत/आवंटित धनराशि का उपयोग किया जायेगा। यह सुनिश्चित किया जाय कि जिन प्रयोजनों हेतु राज्य सड़क निधि से धनराशि स्वीकृत हुई है वह उसी प्रायोजन हेतु व्यय की गयी है। विभाग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | - इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htty://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |जाय कि कार्य की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कार्य की अव्यवहारिकता दर्शाते हुए स्वीकृति निरस्त न हो। WaT कार्य निर्धारित व अनुमोदित मानकों एवं विशिष्टियों के अनुरूप सम्पादित कराये जाय ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। यदि किसी अपरिहार्य परिस्थितिवश निर्धारित मानकों/विशिष्टियों में परिवर्तन किया जाना अपेक्षित हो तो, उक्त परिवर्तन/विचलन शासन की पूर्वानुमति से ही किया जाय। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0नि0वि0, लखनऊ CANT सुनिश्चित किया जायेगा कि आगणन में किसी भी प्रकार की त्रुटि न होने पाये। (70) विभाग द्वारा यथावश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स नियमानुसार सक्षम स्तर (77) (72) (73) (74) (I5) से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य की साप्ताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा प्रश्नगत कार्य से सम्बन्धित बचत (यदि हो तो) व कार्य पूर्णता इत्यादि की सूचना यथासमय शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जायेगा। परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अन्दर अवश्य पूर्ण कर लिया जाये तथा टाइम ओवर रन एवं PIES ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण भविष्य में नहीं किया जायेगा। वित्त विभाग के शासनादेश WO-40/202/st-2-96/4a-202-0/99, दिनांक 22 मार्च, 202 के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिल्क्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत 0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय- वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय-वित्त समिति दूवारा विचार नहीं किया जायेगा। वित्त विभाग के शासनादेश AEAN-0/2023/t-2-60/qa-2023-7(4)/75, दिनांक 7 मई, 2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |पर जारी की जाये, किन्तु द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की ल्रागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर HEC) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यों की लागत में कमी आती है, तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये। (76) प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को यथावत मानते हुए किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई/चौड़ाई में परिवर्तन, संशोधन, स्वीकृत प्रायोजना के THT में परिवर्तन आदि शासन स्तर से अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। (77) परियोजना पूर्ण होने में वित्र॒म्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की ल्रागत में वृद्धि की दशा में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (HO-l) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा तथा भविष्य में यदि परियोजना की ल्रागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा में लागत में बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी। (78) परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग का होगा। (79) जिन मार्गों के सृष्टि कोड अंकित नहीं है, उनके संबंध में प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि मार्ग लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व के हैं अथवा उनके लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व में न होने की दशा में संबंधित विभाग से अनापतति प्राप्त किये जाने के उपरान्त कार्यवाही की जाय। (20) प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा वित्त विभाग के कार्यालय AMT AEA-06/2025/a-7-352/aa-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 तथा अन्य सुसंगत शासनादेशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। गा यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | - इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htty://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(2) उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपात्न सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, मुख्य अभियन्ता (HO-) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा। 2- इस संबंध में होने वाल्रा व्यय BO 2,70,49,000/- (रूपये दो करोड़ सत्तर लाख उन्‍नीस हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-58 ल्लेखाशीर्षक "3054043370500 राज्य सड़क निधि से सड़कों का अनुरक्षण मानक मद 29 अनुरक्षण" के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ATT AEA-6/2025/a--352/ea- 2025-23 /2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, राजेश प्रताप सिंह संयुक्त सचिव। ASAT-07/2026/HTS/99523( )/23-4-26/004-23-002(002)/296/2025, तददिनांक प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- i- — निजी सचिव, ATO मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश शासन। 2- निजी सचिव, माए0 राज्य मंत्री जी, ल्रोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन। 3- महालेखाकार (लेखा Ud हकदारी), प्रथम/द्‌वितीय Scat प्रदेश, प्रयागराज। 4- जिलाधिकारी/कोषाधिकारी, संबंधित जनपद। 5- मुख्य अभियंता(मुख्यालय-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ | 6- मुख्य अभियंता, संबंधित क्षेत्र, लोक निर्माण विभाग। 7- संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग। 8- वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ | 9- वेब मास्टर, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ | 0- वेब अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ | V4- लोक निर्माण अनुभाग-0/वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8, उ0प्र0 शासन। 42- नोडल अधिकारी (आनलाइन बजट एलॉटमेंट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। 43- गार्ड फाइल्र। आज्ञा से, अभिषेक गंगवार अनु सचिव । 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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