Home India लोक निर्माण विभाग वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-5054 के अ...
Date: 2026-01-29 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-5054 के अन्‍तर्गत राज्‍य सड़क निधि से मेरठ मण्‍डल के अन्‍तर्गत जनपद मेरठ में मेरठ पौड़ी मार्ग के किमी0 20 से सांधन शहजादपुर एवं शाहकुलीपुर होते हुये मेरठ करनाल मार्ग (एन0एच0-709ए) किमी0 26 तक (चैनेज 3.300 से 12.300 तक) चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति।

Issued by लोक निर्माण विभाग · लोक निर्माण विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** The document is an administrative and financial sanction issued by the Uttar Pradesh government for widening and strengthening work on the Meerut-Karnal road (NH-709A) under the State Road Fund, specifically for the fiscal year 2025-26. The sanctioned amount is Rs. 1,52,38,000, released from budget number 5054043375800, and the project has a deadline of March 31, 2026, for fund utilization. A utilization certificate is required by April 30, 2026. **Key Points / Main Content** * **Project Approval and Funding:** * Administrative and financial approval is granted for the widening and strengthening of the Meerut-Pauri to Meerut-Karnal road (NH-709A) from Km 20 to Km 26 in the Meerut region. * The total estimated cost of the project is Rs. 15,58,46,000. * Rs. 1,52,38,000 is sanctioned from the State Road Fund under Grant No. 58, Head 5054 for the current financial year (2025-26). * **Conditions and Restrictions:** * The Chief Engineer (Development) must ensure no duplication with other projects. If duplication is found, the approval will be revoked, and funds must be returned. * Funds are to be used only for projects approved by the UP State Road Fund Management Committee. * Expenditure must comply with budget manuals, financial handbooks, and State Road Fund regulations. * Prior technical approval must be obtained at a competent level before commencing the work as per financial regulations. * **Financial and Expenditure Guidelines:** * Establishment expenses will be deposited relative to the sanctioned amount. * Santage charges (6.875% of the cost) are to be deposited under the specified receipt head, in accordance with the government orders. * GST (18%) is included, and the department is responsible for ensuring its payment according to government regulations. * A proportional/standard reconciliation of the quantities of essential construction materials (cement, steel, bitumen, etc.) should be done while making GST payments. * The amount of depreciation reserve fund should be deposited in the specified accounting head. * **Project Execution and Monitoring:** * Land acquisition and utility shifting must be completed before starting road construction. * Necessary statutory clearances must be obtained if the project involves forest land. * Weekly reviews by the regional Chief Engineer and monthly reviews by the Head of the Public Works Department are mandatory to ensure project completion within the specified time and cost. * Expenditure must be completed by March 31, 2026, and a utilization certificate must be submitted by April 30, 2026. * The work must be carried out as per the approved standards. * **Other Important Provisions:** * The project should be completed within the stipulated timeframe. * DPR must be constituted before technical sanction is issued. * The initial installment should be released based on the assessed cost, but subsequent installments should be released based on the revised cost (tender cost) following prescribed procedures. **Impact Analysis** **Chief Engineer (Development) and Head of the Public Works Department** * **Impact:** Responsible for ensuring no duplication of projects, compliance with all conditions, obtaining necessary clearances, and monitoring project progress. * **Action Required:** Ensure funds are used correctly, obtain technical approval, oversee project execution, and report progress to the government. **Regional Chief Engineer and Concerned Executive Engineer** * **Impact:** Oversee project implementation and quality of work and are responsible for delays or cost overruns. * **Action Required:** Conduct weekly reviews, ensure compliance with standards, and monitor the project to ensure timely completion. **Finance Department** * **Impact:** Monitor expenditure and compliance with financial regulations. * **Action Required:** Ensure funds are released as per government orders and guidelines, and that the project adheres to financial norms.

Key Entities Referenced

State Road Fund: Fund used for the construction and strengthening of roads. Grant No. 58, Head of Account-5054: Specific budgetary allocation for road works. Public Works Department (Lok Nirman Vibhag), Uttar Pradesh: Primary department responsible for implementing the road construction project. Meerut: District where the road construction is taking place. Meerut-Pauri Road to Meerut-Karnal Road (NH-709A): Specific road section undergoing widening and strengthening.
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WEAT-57/2026/3i7S/22222/23--26/00I-23-002(002)/45/2026 प्रेषक, राजेश प्रताप सिंह, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। लोक निर्माण अनुभाग- लखनऊ : दिनांक 29 जनवरी, 2026 विषय- वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-5054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से मेरठ मण्डल के अन्तर्गत जनपद मेरठ में मेरठ ast मार्ग के किमी0 20 से सांधन शहजादपुर एवं शाहकुलीपुर होते हुये मेरठ करनाल मार्ग (एन0एच0-709ए) किमी0 26 तक (चैनेज 3.300 से 2.300 तक) चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक मुख्य अभियंता (H0-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के अधोलिखित तालिका के स्तम्भ-2 में अंकित पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निम्नलिखित विवरणानुसार मेरठ मण्डल के अन्तर्गत जनपद मेरठ में मेरठ पौड़ी मार्ग के किमी0 20 से सांधन शहजादपुर एवं शाहकुलीपुर होते हुये मेरठ करनाल मार्ग (एन0एच0-709ए) किमी0 26 तक (चैनेज 3.300 से (2.300 तक) चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य हेतु कुल लागत BO 5,58,46,000/- (रूपये पन्द्रह करोड़ अठठावन लाख छियालीस हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के साथ चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 के ल्ेखाशीर्षक-5054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से कुल BO 7,52,38,000/- (रूपये एक करोड़ बावन लाख अड़तीस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नत्रिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपात्र सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- (धनराशि Go लाख में) क्र0 | मुख्य अभियन्ता | खण्ड/ जनपद कार्य का नाम लम्बाई | कार्य की | 5 वर्षीय | कुल लागत | अवमुक्त सं0 (0-), का नाम (कि0मी0 लागत | अनुरक्षण | (05 वर्षीय | धनराशि लो0नि0वि0 का में) (48 % | की लागत | अनुरक्षण पत्र संख्या व जी0एस0 | (8 % 8 % feo टी0 जी0एस0 जी0 सहित) टी0 एस0टी0 सहित) सहित) 2 3 |... 4. | 5 | 6 | 7 fr gs | 9 | . | 3856fAo/ti6e | प्रा0खं0 मेरठ | मेरठ पौड़ी मार्ग केकिमी0 20 | 9.000 | 523.89 | 34.57 558.46 | 52.38 04नि0/25- 26, से सांधन शहजादपुर एवं दिनांक शाहकुलीपुर होते हुये मेरठ 9.42.2025 करनात्र मार्ग (एन0एच0-709ए) किमी0 26 तक (delat 3.300 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |क्र0 मुख्य अभियन्ता | खण्ड/ जनपद कार्य का नाम लम्बाई | कार्य की | 5 वर्षीय | कुल लागत | अवमुक्त सं0 (मु0-), का नाम (कि0मी0 लागत अनुरक्षण | (05 वर्षीय | धनराशि लो0नि0वि0 का में) (48 % | की लागत | अनुरक्षण पत्र संख्या व जी0एस0 | (8 % 8 % दि0 टी0 जी0एस0 जी0 सहित) टी0 एस0टी0 सहित) सहित) 2 3 |. 4 सकझ 5 | 6 | 7 | $ [| | 9 | से 2.300 तक) चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य। (7) प्रश्तगत कार्य की ट्विरावृत्ति को रोकने की दृष्टि से प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0नि0वि0, लखनऊ द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि उक्त कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। यदि द्विरावृत्ति पायी जाय तो उस स्वीकृति को निरस्त करते हुए संबंधित कार्य पर आवंटित धनराशि शासन को तत्कात्र समर्पित की जाय। (2) राज्य सड़क निधि हेतु गठित उ0प्र0 राज्य सड़क निधि प्रबंधन समिति द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं/प्रयोजनों के लिये ही स्वीकृत/आवंटित धनराशि का उपयोग किया जायेगा। यह सुनिश्चित किया जाय कि जिन प्रयोजनों हेतु राज्य सड़क निधि से धनराशि स्वीकृत हुई है वह उसी प्रायोजन हेतु व्यय की गयी है। विभाग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाय कि कार्य की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कार्य की अव्यवहारिकता दर्शाते हुए स्वीकृति निरस्त न हो। (3) प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय, वित्त विभाग द्वारा fasta आदेशों/ज़ापों में उल्लिखित शर्तों के (4) (5) अनुसार बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों, स्थायी आदेशों आदि तथा राज्य सड़क निधि नियमावली में किये गये प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाय तथा किसी भी दशा मेँ प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में न किया जाय। प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-42 के प्रस्तर-38 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। यदि यह कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है तो समस्त उत्तरदायित्व संबंधित मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता/अधिशासी अभियंता का होगा। अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष ही जमा की जायेगी। अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त(लेखा) अनुभाग-2 के संशोधित शासनादेश सं0- U-2-606/E8-204-74(4)/75, दिनांक (7.44.44 द्वारा जारी संशोधित/परिवर्तित व्यवस्था के अनुसार राजकीय विभागों द्वारा कैश क्रेडिट ल्रिमिट(सी0सी0एल0) प्रणाली व डिपार्टमेंट क्रेडिट लिमिट(डी0सी0एल0) प्रणाली के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यों पर दिनांक 07.04.204 से सेन्टेज कार्याश(ल्ागत (00) का 6.875 प्रतिशत सेन्टेज/अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त(आय-व्ययक) 3ePSTT- के शासनादेश विभाग AO-s-7-90V/ea- 207-237/204, दिनांक 27.03.20ii के संलग्नक में प्रदर्शित प्राप्ति लेखाशीर्षक- ”7054-00-800-05-00-00" में ट्रान्सफर इंट्री डाटा क्रेडिट करके जमा की जायेगी। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(6) Geta चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबंधन विषयक वित्त विभाग के शासनादेश BeA-04/2023/v-2-60/4a-2023-7(4)/75, दिनांक 7.05.2023 एवं शासनादेश BEAI-02/2023/U-2-66/G4-2023-7(4)/75, दिनांक 9.05.2023 में निर्धारित प्रक्रिया एवं निहित शर्तों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (7) प्रायोजनान्तर्गत विभाग द्वारा सर्वप्रथम भूमि अधिग्रहण एवं यूटित्रिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण किया जाये तदोपरान्त ही मार्ग का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाये। (8) प्रायोजनान्तर्गत यदि वन भूमि से संबंधित कार्य प्रस्तावित किया जाता है तो इस संबंध में आवश्यक वैधानिक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। (9) लेबर सेस की एक प्रतिशत धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। (70) प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिल्रित की गयी है। विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व स्टील, ग्रिट, बिटु॒मिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। (77) मूल्य हास आरक्षित निधि की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/ आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष ही जमा की जायेगी। मूल्य हास आरक्षित निधि की धनराशि शासनादेश WO-3280()23-9- 05-25-20एसी/05, दिनांक 24.09.2005 एवं शासनादेश A0-343/23-9-203-2008/04 टीसी, दिनांक 74.03.3 A की गई व्यवस्था के अनुसार लेखाशीर्षक” 054-ash तथा सेतु-800-अन्य प्राप्तियां-04-टूल्स एवं प्ल्लाण्ट की प्राप्तियां" में जमा करायी जायेगी। (72) प्रायोजनान्तर्गत आकस्मिक व्यय मद में प्रस्तावित धनराशि का व्यय, वित्तीय हस्तपुस्तिका में TACT मर्दों पर ही नियमानुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही किया जायेगा। (73) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित पुल/पुलियों का इक्सटेंशन-तथा-नाल्रा-नाली आदि के निर्माण का प्राविधान किया गया है। भविष्य में मार्ग के चौड़ीकरण की सम्भावना के दृष्टिगत मार्ग के संरेखण में आने वाले पक्के स्ट्रक्चर (पुल/पुलिया/नाली इत्यादि) का निर्माण आई0आर0सी0/ विभागीय मानकों में पूर्व निर्धारित फारमेशन fase (चौड़ाई) के अनुसार ही कराया जाय। (74) परियोजना की लागत व समय सीमा मैं बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य की साप्ताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी। (75) प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 3 मार्च, 2026 तक कर लिया जाय। कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण पत्र दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक शासन को निश्चित रूप से उपलब्ध करा दिया जाय। (76) प्रश्नगत कार्य निर्धारित व अनुमोदित मानकों एवं विशिष्टियों के अनुरूप सम्पादित कराये जाय ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो ahi यदि किसी अपरिहार्य परिस्थितिवश निर्धारित मानकों/विशिष्टियों में परिवर्तन किया जाना अपेक्षित हो तो, उक्त परिवर्तन/विचलन शासन की पूर्वानुमति से ही किया जाय। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0नि0वि0, लखनऊ cant सुनिश्चित किया जायेगा किआगणन मैं किसी भी प्रकार की त्रुटि न होने पाये। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(7) विभाग द्वारा यथावश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स नियमानुसार सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। (78) प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोएनि0वि0, लखनऊ द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्यों हेतु पंचवर्षीय अनुरक्षण की स्वीकृति के सम्बन्ध में शासनादेश में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कार्यवाही की जाय। (79) प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा प्रश्नगत कार्य से सम्बन्धित बचत (यदि हो तो) व कार्य पूर्णता इत्यादि की सूचना यथासमय शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जायेगा। (20) परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अन्दर अवश्य पूर्ण कर त्रिया जाये तथा टाइम ओवर रन Ud PRC ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण भविष्य A नहीं किया जायेगा। (2) वित्त विभाग के शासनादेश सं0-40/2024/बी-2-96/दस-202-40/99, दिनांक 22 मार्च, 2024 के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की ल्रागत 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय-वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय-वित्त समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा। (22) वित्त विभाग के शासनादेश WeAT-0/2023/T-2-60/4a-2023-7(4)/75, दिनांक 7 मई, 2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित aad पर जारी की जाये, किन्तु दवितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर कॉस्ट) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती fred पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यों की लागत मेँ कमी आती है, तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये। (23) प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को (24) यथावत मानते हुए किया गया él मार्ग निर्माण की ल्म्बाई/चौड़ाई में परिवर्तन, प्रस्तावित क्रस्ट डिजाइन में संशोधन, स्वीकृत प्रायोजना के tar मैं परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ cant वित्त विभाग के कार्यालय AMT W0-6/2025/s--352/aa-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 एवं अन्य सुसंगत शासनादेशों में दिये गये निर्देशों का पूर्णतया अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। oO (25) विभागीय व्यय वित्त समिति द्वारा लगायी गयी शर्तों का पूर्णतय: अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (26) परियोजना पूर्ण होने में fara की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की ल्रागत में वृद्धि की दशा A इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (HO-I) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा तथा भविष्य I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |में यदि परियोजना की लागत A वृद्धि होती है at ऐसी दशा A amd A बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी। (27) परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग का होगा। (28) उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, मुख्य अभियन्ता (H0-) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा। 2- इस संबंध में होने वाला व्यय BO ,52,38,000/- (रूपये एक करोड़ बावन लाख अड़तीस हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-58 लेखाशीर्षक- 5054043375800 राज्य सड़क निधि से सड़कों का निर्माण/सुदृढ़करण/चौड़ीकरण मानक मद 24-वृहत निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप WLAT-6/2025/a--352/eH- 2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, राजेश प्रताप सिंह, संयुक्त सचिव। MCAT-57/2026/3TS/224222( )/23--26/00I-23-7002(002)/5/2026, तददिनांक 22222( )/23--26/00-23-002(002)/5/2026, | प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- निजी सचिव, मा0 मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश शासन। निजी सचिव, AO राज्य मंत्री जी, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन। महालेखाकार (लेखा Ud हकदारी), प्रथम/द्‌वितीय Scat प्रदेश, प्रयागराज। जिलाधिकारी/कोषाधिकारी, संबंधित जनपद। मुख्य अभियंता(मुख्यालय-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ | मुख्य अभियंता, संबंधित क्षैत्र, लोक निर्माण विभाग। संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग। वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ | वेब मास्टर, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ | वेब अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ | लोक निर्माण अनुभाग-0/वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8, उ0प्र0 शासन। नोडल अधिकारी (आनलाइन बजट एलॉटमेंट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। गार्ड फाइल्र। आज्ञा से, अभिषेक गंगवार अनु सचिव । I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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