Home India लोक निर्माण विभाग वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-5054 के अ...
Date: 2026-01-29 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-5054 के अन्‍तर्गत राज्‍य सड़क निधि से मुरादाबाद मण्‍डल के अन्‍तर्गत जनपद अमरोहा में हाफिज फीडर मार्ग (अ0जि0मा0) के चैनेज 0.300 से 0.800 तक मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति।

Issued by लोक निर्माण विभाग · लोक निर्माण विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document is an order (संख्या-56/2026/आई/1221212/23-1-26/001-23-1002(002)/10/2026) issued by the Joint Secretary of Uttar Pradesh, Rajesh Pratap Singh, on January 29, 2026. It grants administrative and financial approval for widening and strengthening the Hafiz Feeder road in Amroha district. The total approved cost is ₹1,37,19,000, and a financial release of ₹13,39,000 is approved under specific conditions for the financial year 2025-26, subject to compliance with specified conditions. The work needs to be completed by March 31, 2026, and a utilization certificate needs to be submitted to the government by April 30, 2026. **Key Points / Main Content** * **Project Approval:** * Administrative and financial sanction is granted for widening and strengthening of Hafiz Feeder road in Amroha district from chainage 0.300 to 0.800. * Total project cost is ₹1,37,19,000. * ₹13,39,000 is released from the state road fund under grant number 58, account head 5054 for the financial year 2025-26. * **Financial Conditions & Compliance:** * Duplication of work must be avoided; any conflicting approval should be revoked, and funds returned. * Funds must be used only for the approved project. * Expenditure must comply with budget manual, financial handbook, and state road fund regulations. * Technical approval from a competent authority must be obtained before commencing work. * Overhead expenses must be deposited against sanctioned amount. * GST payments must be made as per government regulations. * Land acquisition and utility shifting must be completed before starting road construction. * If the project involves forest land, necessary legal clearance must be obtained. * **Project Execution & Monitoring:** * Ensure quality standards and specifications are met during execution. * Weekly reviews by the regional Chief Engineer and monthly reviews by the Head of the Public Works Department (PWD) are required. * The project must be completed by March 31, 2026, and a utilization certificate submitted by April 30, 2026. * Any savings from the project must be reported to the government. * **Additional Directives:** * Labor cess payment is subject to conditions of the labor department. * Expenditure on incidental expenses must be within limits. * IRC/departmental standards for permanent structures on the road should be followed. **Impact Analysis** **Stakeholder: Chief Engineer (Development) & Head of Department, Public Works Department (PWD), Lucknow** * **Impact:** Responsible for ensuring compliance with all conditions, preventing duplication of work, and proper expenditure of funds. * **Action Required:** Ensure works are not previously sanctioned and are not covered by any existing program, make sure that the quality standards are met during execution and reporting savings. **Stakeholder: Chief Engineer (Region)** * **Impact:** Overall responsible and accountable for project delays or cost overruns. * **Action Required:** Conduct weekly reviews of project progress and report to the Head of PWD. **Stakeholder: Concerned Executive Engineer** * **Impact:** Ensure conditions are followed and quality is maintained. * **Action Required:** Implement conditions for execution, ensure quality and prevent cost overruns. **Stakeholder: District Magistrate/Treasury Officer of Amroha District** * **Impact:** Informational Notice * **Action Required:** Implement conditions for execution, ensure quality and prevent cost overruns. **Stakeholder: Government of Uttar Pradesh** * **Impact:** Funds need to be accounted for. They need to be informed by April 30, 2026 about the utilization of the funds. * **Action Required:** None, unless they do not receive funds utilization by April 30, 2026.

Key Entities Referenced

राज्य सड़क निधि: A fund used for road construction and maintenance, specifically mentioned as the source of funds for this project. लोक निर्माण विभाग: The Public Works Department, the primary agency responsible for the execution and oversight of the road project. जनपद अमरोहा: The district where the road project is located, specifying its geographical scope. वित्तीय वर्ष 2025-26: The fiscal year for which the funds are allocated for the road project. मुरादाबाद मण्डल: The division which जनपद अमरोहा falls under.
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PCA-5 6/2026/3S/2222/23-I-26/00I-23-002(002)/0/ 2026 56/2026/3$/2222/23--26/00I-23-!002(002)/0/ 2026 प्रेषक, राजेश प्रताप सिंह, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। लोक निर्माण अनुभाग- लखनऊ : दिनांक 29 जनवरी, 2026 विषय- वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 लेखाशीर्षक-5054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से मुरादाबाद मण्डल के अन्तर्गत जनपद अमरोहा में हाफिज Hist मार्ग (HOTS) के चैनेज 0.300 से 0.800 तक मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपयुक्त विषयक मुख्य अभियंता (HO-i), लोक निर्माण विभाग, ल्खनऊ के अधोलिखित तालिका के स्तम्भ-2 में अंकित पत्र द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि निम्नलिखित विवरणानुसार मुरादाबाद मण्डत्र के अन्तर्गत जनपद अमरोहा में हाफिज फीडर मार्ग (अ0जि०मा0) के चैनेज 0.300 से 0.800 तक मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुद्ृढ़ीकरण का कार्य हेतु कुल लागत रू0 ,37,9,000/- (रूपये एक करोड़ सैंतीस लाख उनीस हजार मात्र) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के साथ चालत्रू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं0-58 के लेखाशीर्षक-5054 के अन्तर्गत राज्य सड़क निधि से कुल BO 3,39,000/- (रूपये ALS लाख उन्तालीस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपात्र Bet स्वीकृति प्रदान करते हैं:- (धनराशि रू0 लाख में) ° मुख्य अभियन्ता | खण्ड/ कार्य का नाम लम्बाई | कार्य की 5 वर्षीय | कुल लागत | अवमुक्त HO (]0-), जनपद का (कि0मी0 लागत अनुरक्षण | (05 वर्षीय | धनराशि लो0नि0वि0 का नाम में) (3% | की लागत | अनुरक्षण पत्र संख्या व जी0एस0 (8 % 8 % SHO feo टी0 सहित) | जी0एस0टी | एस0टी0 0 सहित) सहित) ] 2 3 | 4. 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | . | 32:3f80/629- | प्राएखं० | जनपद अमरोहा में हाफिज | 0.500 | 33.93 3.26 37.9 3.39 oifet0/25- 26, | अमरोहा | फीडर मार्ग (अ0जि0०मा0) के दिनांक चैनेज 0.300 से 0.800 तक 06.44.2025 मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुद्ृढ़ीकरण का कार्य। () प्रश्नगत कार्य की द्विरावृत्ति को रोकने की दृष्टि से प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0नि0वि०0, लखनऊ द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि sch कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना»कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना»कार्यक्रम में आच्छादित किया I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |जाना प्रस्तावित है। यदि द्विरावृत्ति पायी जाय तो उस स्वीकृति को निरस्त करते हुए संबंधित कार्य पर आवंटित धनराशि शासन को तत्काल समर्पित की जाय। (2) राज्य सड़क निधि हेतु गठित उ0प्र0 राज्य सड़क निधि प्रबंधन समिति द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं /प्रयोजनों के लिये ही स्वीकृत/आवंटित धनराशि का उपयोग किया जायेगा। यह सुनिश्चित किया जाय कि जिन प्रयोजनों हेतु राज्य सड़क निधि से धनराशि स्वीकृत हुई है वह उसी प्रायोजन हेतु व्यय की गयी है। विभाग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाय कि कार्य की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कार्य की अव्यवहारिकता दर्शाते हुए स्वीकृति निरस्त न हो। (3) प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय, वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशों»जापों में उल्लिखित शर्तों के (4) (5) (6) (7) (8) अनुसार बजट Aqsa एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमाँ, स्थायी आदेशों आदि तथा राज्य सड़क निधि नियमावली में किये गये प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाय तथा किसी भी दशा में प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में न किया जाय। प्रश्तगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के प्रस्तर-3॥8 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम EN से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। यदि यह कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है तो समस्त उत्तरदायित्व संबंधित मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता/अधिशासी अभियंता का होगा। अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष ही जमा की जायेगी। अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त(लेखा) अनुभाग-2 के संशोधित शासनादेश सं0- W-2-606/GH-20I4-74(4)/75, दिनांक 27.4.4 द्वारा जारी संशोधित»परिवर्तित व्यवस्था के अनुसार राजकीय विभागों द्वारा कैश क्रेडिट लिमिट(सी0सी0एल0) प्रणाली व डिपार्टमेंट क्रेडिट लिमिट(डी0सी0एल0) प्रणाली के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यों पर दिनांक 0:.04.20i4 A सेन्टेज कार्याश (लागत I00) का 6.875 प्रतिशत सेन्टेज/अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-। के शासनादेश विभाग PO-st-i-90/GH- 20i-23/20, दिनांक 27.03.20l के संत्रग्नक में प्रदर्शित प्राप्ति लेखाशीर्षक- ”054-00-800-05-00-00'* में ट्रान्‍न्सफर इंट्री डाटा क्रेडिट करके जमा की जायेगी। Geta चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबंधन विषयक वित्त विभाग के शासनादेश AeA-0l/2023/N-2-60/AH-2023-i7(4)/75, दिनांक 7.05.2023 एवं शासनादेश AA -02/2023/U-2-66/AG-2023-:7(4)/75, दिनांक 9.05.2023 में निर्धारित प्रक्रिया एवं निहित शर्तों का HANA: अनुपात्रन सुनिश्चित किया जायेगा। प्रायोजनान्तर्गत विभाग द्वारा सर्वप्रथम भूमि अधिग्रहण एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण किया जाये तदोपरान्त ही मार्ग का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाये। प्रायोजनान्तर्गत यदि वन भूमि से संबंधित कार्य प्रस्तावित किया जाता है तो इस संबंध में आवश्यक वैधानिक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(9) लेबर सेस की एक प्रतिशत धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। (0) प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिल्रित की गयी है। विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार»राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व स्टील, ग्रिट, बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये। (I) मूल्य ae आरक्षित निधि की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/ आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष ही (2) (3) (4) (5) (6) (7) (78) (9) जमा की जायेगी। मूल्य ae आरक्षित निधि की धनराशि शासनादेश AO-3280(4)23- 9-05-25-20एसी/05, दिनांक 27.09.2005 एवं शासनादेश FO-3:3/23-9-20:3-20T/ 04 टीसी, दिनांक 4.03.43 में की गई व्यवस्था के अनुसार लेखाशीर्षक” 054-Gsh तथा सेतु-800- अन्य प्राप्तियां-04-टूल्स एवं प्लाण्ट Hr waar में जमा करायी जायेगी। Wasted आकस्मिक व्यय मद में प्रस्तावित धनराशि का व्यय, वित्तीय हस्तपुस्तिका में अनुमन्य Acl पर ही नियमानुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही किया जायेगा। प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित पुल/पुलियों का इक्सटेंशन-तथा-नाला-नाली आदि के निर्माण का प्राविधान किया गया है। भविष्य मेँ मार्ग के चौड़ीकरण की सम्भावना के दृष्टिगत मार्ग के संरेखण में आने वाले पक्के Te (पुल“पुलिया»नाली इत्यादि) का निमीण आई0आर०0सी0/ विभागीय मानकों में पूर्व निर्धारित फारमेशन विडृथ (चौड़ाई) के अनुसार ही कराया जाय। परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हैतु परियोजना के निर्माण कार्य की साप्ताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक बार समीक्षा विभागाध्यक्ष, ल्रोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी। प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 3i मार्च, 2026 तक कर Toa जाय। कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण पत्र दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक शासन को निश्चित रूप से उपलब्ध करा दिया जाय। प्रश्नगत कार्य निर्धारित व अनुमोदित मानकों एवं विशिष्टियों के अनुरूप सम्पादित कराये जाय ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। यदि किसी अपरिहार्य परिस्थितिवश निर्धारित मानकॉ»विशिष्टियों में परिवर्तन किया जाना अपेक्षित हो तो, उक्त परिवर्तन/विचल्न शासनकी पूर्वानुमति से ही किया जाय। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0नि0वि0, लखनऊ द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि आगणन मेँ किसी भी प्रकार की त्रुटि न होने पाये। विभाग द्वारा यथावश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स नियमानुसार सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0/नि0वि0, लखनऊ द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्यों हेतु पंचवर्षीय अनुरक्षण की स्वीकृति के सम्बन्ध में शासनादेश में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कार्यवाही की जाय। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा प्रश्नगत कार्य से सम्बन्धित बचत (यदि हो तो) व कार्य पूर्णता इत्यादि की सूचना यथासमय शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जायेगा। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(20) परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अन्दर अवश्य पूर्ण कर लिया जाये तथा टाइम ओवर रन Ud PRC ओवर रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण भविष्य A नहीं किया जायेगा। (2) वित्त विभाग के शासनादेश WO-0/2022/al-2-96/EH-202-20/99, दिनांक 22 मार्च, 2024 के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की ara यदि इस प्रक्रिया में यह परिलक्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत 40 प्रतिशत से अधिककी वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय-वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय-वित्त समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा। (22) वित्त विभाग के शासनादेश AEAM-0l/2023/N-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक i7 मई, 2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की जाये, किन्तु द्वितीय fred जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में प्राप्त मूल्य (टेण्डर कॉस्ट) के अनुसार fated प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि sagged न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यों की लागत में कमी आती है, तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये। (23) प्रस्ताव का परीक्षण लागत आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को (24) (25) (26) (27) यथावत मानते हुए किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई“चौड़ाई में परिवर्तन, प्रस्तावित wee डिजाइन में संशोधन, स्वीकृत प्रायोजना के स्कोप में परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। प्रमुख अभियंता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, ल्रोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा वित्त विभाग के कार्यालय AT WO-6/2025 /H--352/GH-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 एवं अन्य सुसंगत शासनादेशों में दिये गये निर्देशों का पूर्णतया अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। परियोजना पूर्ण होने में वित्रम्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की लागत में वृद्धि की दशा में इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (A0-i) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्‍्ता का होगा तथा भविष्य में यदि परियोजना की लागत में वृद्धि होती है तो ऐसी दशा में लागत में बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की जायेगी। परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों»तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख aaa (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग का होगा। उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, मुख्य अभियन्ता (A0-l) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा। I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |इस संबंध में होने वाला व्यय BO 3,39,000/- (रूपये ALS लाख उन्तालीस हजार मात्र) 2- को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-58 लेखाशीर्षक- 5054043375800 राज्य सड़क निधि से सड़कों का निर्माण/सुदृढीकरण/चौड़ीकरण मानक मद 24-वृहत निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप संख्या-6/2025/बी-- 3- 352/G8-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, राजेश प्रताप सिंह, संयुक्त सचिव। ABA-5 6/2026/3$/2222()/23-I-26/00I-23-!002(002)/I0/2026, में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत तद्दिनांक Wate निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: - निजी सचिव, AIO मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश शासन। निजी सचिव, मा0 राज्य मंत्री जी, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन। महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), प्रथम»द्वितीय उत्ततर प्रदेश, प्रयागराज। जिलाधिकारी »/कोषाधिकारी, संबंधित जनपद। मुख्य अभियंता(मुख्यालय-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ | मुख्य अभियंता, संबंधित क्षेत्र, लोक निर्माण विभाग। संबंधित अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग। वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ | वेब मास्टर, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ | वेब अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ | लोक निर्माण अनुभाग-0/वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8, उ0प्र0 शासन। नोडल अधिकारी (आनलाइन बजट एलॉटमेंट सिस्टम), लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन। गार्ड फाइल्र। आज्ञा से, अभिषेक गंगवार अनु सचिव। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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