**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, औद्योगिक विकास अनुभाग-3 द्वारा जारी किया गया, वित्तीय वर्ष 2025-26 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ परियोजना) के लिए वीजीएफ (वायबिलिटी गैप फंडिंग) के तहत 45648.00 लाख रुपये की धनराशि जारी करने को अधिकृत करता है। यह आवंटन, यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के अनुरोध के जवाब में है और कुछ शर्तों और दिशा-निर्देशों के अधीन है, जिनका पालन सुनिश्चित किया जाना है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **धनराशि आवंटन:** गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ परियोजना) के लिए वीजीएफ के तहत 45648.00 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
* **व्यय शर्तें:**
* धनराशि परियोजनान्तर्गत स्वीकृत मदों और लागत सीमा में ही खर्च की जानी चाहिए।
* आहरित धनराशि तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार निर्माणकर्ता कन्सेशनायरों को दी जाएगी।
* उपयोगिता प्रमाण पत्र/कार्य का सम्परीक्षित लेखा निर्धारित समय में जमा किया जाना चाहिए।
* धनराशि का व्यय वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1 के दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुए किया जाएगा।
* **कन्सेशनेयरों से संबंधित शर्तें:**
* कन्सेशनेयर समझौते के अनुच्छेद 25 के अनुसार, धनराशि कन्सेशनेयरों के ऋण की राशि के अनुपात में जारी की जाएगी।
* प्रशासकीय विभाग द्वारा कन्सेशनेयरों को भुगतान से पहले प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
* **सामान्य शर्तें:**
* धनराशि का व्यय वित्त विभाग के आदेशों और नियमों के अनुसार किया जाएगा।
* किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए यूपीडा उत्तरदायी होगा।
* यदि धनराशि पर कोई ब्याज प्राप्त होता है, तो उसे राजकोष में जमा किया जाएगा।
* **स्वीकृति और निर्गमन:** यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - 1 कार्यालय ज्ञाप दिनांक 27 मार्च, 2025 में प्रशासनिक विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किए जा रहे है।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण):**
* **प्रभाव:** गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वीजीएफ प्राप्त होगा और परियोजना को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार धनराशि आहरित करना, व्यय शर्तों का अनुपालन करना, समय पर लेखा जमा करना और कन्सेशनेयरों को भुगतान करते समय निर्धारित नियमों का पालन करना।
**निर्माणकर्ता कन्सेशनायर:**
* **प्रभाव:** गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण कार्य के लिए वीजीएफ के रूप में धनराशि प्राप्त होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कन्सेशनेयर समझौते के अनुसार धनराशि का उपयोग करना और यूपीडा के साथ समन्वय करना।
**महालेखाकार, प्रयागराज/लखनऊ:**
* **प्रभाव:** वित्त के उपयोग की लेखापरीक्षा और प्रमाणन प्रदान करने के लिए उत्तरदायी
* **आवश्यक कार्रवाई:** प्राप्त धनराशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र/कार्य का सम्परीक्षित लेखा निर्धारित समय में प्राप्त करना।
**वित्त विभाग:**
* **प्रभाव:** व्यय के लिए दिशा निर्देश और अनुमोदन प्रदान करना और धन के उचित उपयोग को सुनिश्चित करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** निर्गत आदेशों/ज्ञापों मं उल्लिखित शर्तों के अनुसार अनुपालन सुनिश्चित करना।
Key Entities Referenced
यूपीडा (UPIDA): उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Uttar Pradesh Expressway Industrial Development Authority); गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए धनराशि के उपयोग का प्रबंधन और निगरानी के लिए जिम्मेदार।
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (Ganga Expressway Project): प्रयागराज से मेरठ तक बनने वाली एक्सप्रेसवे परियोजना, जिसके लिए यह धनराशि जारी की जा रही है।
वित्त विभाग (Finance Department): अवमुक्त धनराशि के व्यय/उपयोग को विनियमित करने वाले नियमों और शर्तों को जारी करने के लिए जिम्मेदार है।
वी०जी०एफ० (VGF): वायबिलिटी गैप फंडिंग (Viability Gap Funding); गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए।
प्रयागराज: वह शहर जहां कार्यालय महालेखाकार और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा स्थित हैं।