Date: 2025-06-17Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
वित्तीय वर्ष 2025-26 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ) में जी0एस0टी0 के अतिरिक्त 06 प्रतिशत व्यय भार के दृष्टिगत विकासकर्ताओं को प्रतिपूर्ति हेतु धनराशि के आवंटन के सम्बन्ध में।
यहाँ अनुरोधित प्रारूप का उपयोग करते हुए दस्तावेज़ का सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ) में माल और सेवा कर (जीएसटी) के अलावा 6% व्यय के लिए डेवलपर्स को प्रतिपूर्ति करने के लिए 17200.00 लाख रुपये की धनराशि के आवंटन को मंजूरी देता है। इस आवंटन का समर्थन 18.07.2022 से जीएसटी दरों में वृद्धि और परिणामी "चेंज इन लॉ" प्रावधान के कारण परियोजना डेवलपर्स द्वारा किए गए अतिरिक्त खर्चों से होता है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*आवंटन विवरण:*
* गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ) को आवंटित कुल राशि 17200.00 लाख रुपये है।
* यह धनराशि वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए है।
*नियम और शर्तें:*
* धनराशि का आहरण केवल तत्काल आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए।
* धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए।
* यूपीडा को निर्धारित समय के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र, लेखा परीक्षित खाते और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज कार्यालय महालेखाकार, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा और सरकार को उपलब्ध कराने चाहिए।
* धनराशि के आहरण और व्यय वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सक्षम स्तर के अनुमोदन के अनुसार होने चाहिए।
* आवंटित धनराशि का उपयोग अन्य मदों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
* यदि आहरित धनराशि पर कोई ब्याज अर्जित होता है, तो उसे सरकारी खजाने में जमा किया जाना चाहिए।
* यूपीडा को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि टैक्स इनवॉइस 18 जुलाई, 2022 को या उसके बाद जारी किए गए हों और कन्सेशनेयर के अधिकारों और दायित्वों में "चेंज इन लॉ" आर्टिकल-41 के अनुसार कोई बदलाव नहीं हुआ हो।
* किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के लिए यूपीडा उत्तरदायी होगा।
*वित्तीय विवरण:*
* इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 1,72,00,00,000 को वित्तीय वर्ष 2025-2026 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 007 में समायोजित किया जाएगा।
* प्रतिपूर्ति को "वृहत् निर्माण कार्य" के तहत लेखा शीर्षक 5054033371700 के अंतर्गत माना जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
*यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी:*
*प्रभाव:* यूपीडा धन प्राप्त करता है और डेवलपर्स को प्रतिपूर्ति के वितरण की देखरेख करता है।
*आवश्यक कार्रवाई:* यूपीडा यह सुनिश्चित करे कि धन का उपयोग निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार किया जाए, समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करे और पारदर्शिता बनाए रखे।
*गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के विकासकर्ता:*
*प्रभाव:* गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के विकासकर्ता अपने अतिरिक्त जीएसटी व्यय के लिए प्रतिपूर्ति प्राप्त करते हैं।
*आवश्यक कार्रवाई:* डेवलपर्स को प्रतिपूर्ति के लिए आवश्यक दस्तावेज और चालान प्रदान करने होंगे और यूपीडा के साथ सहयोग करना होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके दावे "चेंज इन लॉ" खंड के अनुरूप हैं।
*लेखाकार, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा और वित्त विभाग:*
*प्रभाव:* ये विभाग आवंटन की निगरानी करते हैं, वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित करते हैं और व्यय का लेखा-जोखा रखते हैं।
*आवश्यक कार्रवाई:* इन विभागों को लेनदेन को सत्यापित करना होगा, उचित लेखांकन सुनिश्चित करना होगा और धन के उपयोग में कोई अनियमितता होने पर रिपोर्ट करनी होगी।
Key Entities Referenced
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ): वित्तीय वर्ष 2025-26 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ) में जी0एस0टी0 के अतिरिक्त 06 प्रतिशत व्यय भार के दृष्टिगत विकासकर्ताओं को प्रतिपूर्ति हेतु धनराशि के आवंटन के सम्बन्ध में।
यूपीडा: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UP Expressway Industrial Development Authority)
वित्त विभाग: राज्य सरकार के वित्तीय मामलों से संबंधित विभाग।
Change in Law: Article-41: अनुबंध का खंड जिसमें कानूनों में बदलाव के कारण होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति को संदर्भित किया गया है।
उत्तर प्रदेश: वह राज्य जिसके भीतर गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना स्थित है, जो नीति के दायरे को प्रभावित करता है
HAI-4/2025/ |/996299/2025/00-77-3002-003-3-2025
प्रेषक,
जयवीर सिंह,
संयुक्त सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, थी ५
यूपीडा पिकप भवन, \:
गोमती नगर AdaAs| SS
औद्योगिक विकास अनुभाग-3 लखनऊ : Nw Bias .2025
विषय:- वित्तीय वर्ष 2025-26 में गंगा एक्सप्रेसवे गए से मेरठ) में
जी0एस0टी0 के अतिरिक्त 06 प्रतिशत व्यय MX विकासकर्ताओं को
प्रतिपूर्ति हेतु धनराशि के आवंटन के सम्बन्ध é
महोदय,
उपर्युक्त विषयक अपर मुख्य अधिकारी, यूपीडा के पत्र सं0-
429/यूपीडा/ गंगा/2024-25, दिनांक 29 a 2025 के संदर्भ A मुझे यह कहने का
निदेश हुआ है कि भारत WH दिनांक 8.07.2022 से जी0एस0टी0 की दर
I2 प्रतिशत से बढ़ाकर Id कर दिए जाने के फलस्वरूप पी0पी0पी0 मोड पर
क्रियान्वित की — एक्सप्रेसवे परियोजना के निष्पादित अनुबन्ँध के
आर्टिकल 4 ५ in Law के अन्तर्गत गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के
विकासकर्ताओं9 एस0टी0 की 06 प्रतिशत अतिरिक्त व्यय-भार की प्रतिपूर्ति हेतु
mee के प्रथम त्रेमास के लिए रूपये 7200.00 लाख (रुपये एक
S मात्र) की धनराशि निम्नलिखित विवरण एवं शर्तों/प्रतिबन्धों के
किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:-
(धनराशि रूपये लाख में)
HO कार्य का नाम अब तक sara
HAST धनराशि
धनराशि
| | गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ) | 33728.00 | 7200.00
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हर्सताक्षर की आवर्शैथकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से Ada की जा सकती है |SSeS) | जी0एस0टी0 के अतिरिक्त 06 प्रतिशत व्यय-
भार के दृष्टिगत विकासकर्ताओं को वित्तीय वर्ष
2025-26 के प्रथम त्रैमास के लिए प्रतिपूर्ति हेतु
नियम व शर्ते / प्रतिबन्धों
() यूपीडा दूवारा उक्त स्वीकृत धनराशि का आहरण केवल तात्कालिक आवश्यकता के
अनुसार किया जायेगा। oe
(2) स्वीकृत धनराशि उसी प्रयोजन ed व्याय की जायेगी जिसके लिए
स्वीकृत की जा रही है।
(3) यूपीडा का यह भी दायित्व है कि आहरित धनराशि के सटेरजेनल T प्रमाण
पत्र /कार्य का सम्परीक्षित लेखा निधारिति समयावधि में 3040
प्रयागराज, कार्यालय स्थानीय निधि लेखा परीक्षा, 30 एवं शासन को
उपलब्ध करा दिया जाए।
(4) धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के नियमानसार किया जायेगा
तथा स्वीकृत धनराशि के व्यय में fad अनभाग-। के कार्यालय AT
का व्यय/उपयोग वित्त विभाग cant निर्गत
अनुसार, बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका
के नियमों, स्थायी pax का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया
जअानय्ेयग ाम दतथ सा र में प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग किसी nes जायेगा।
(6) SN शे पर कोई ब्याज प्राप्त होता है तो उसे राजकोष A किया
(7 cant यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कन्सेनशनेयर Gant भुगतान
हेतु प्रस्तुत किए गए sla से सम्बसन्धित Tax Invoice दिनांक 8 जुलाई, 2022
या उसके बाद की तिथि में Raise किए गए हो तथा साथ ही Change in Law:
पाए 6-4। के लागू होने के फलस्वारूप कन्सेशनेयर के Rights एवं Obligation #
परिवर्तन नहीं होगा।
(8) इसमें किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के लिए यूपीडा उत्तरदायी होगा।
2- sa संबंध में होने वाला व्यय रुपये ,72,00,00,000 ( रुपये एक अरब बहत्तर
करोड़ मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 20252026 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हर्सताक्षर की आवर्शैथकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सर्तैयापित की जा सकती है |लेखा शीर्षक 505403337700 गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना A जी.एस.टी. के
अतिरिक्त प्रतिशत व्ययभार के दृष्टिगत विकासकर्ताओं को प्रतिपूर्ति हेतु मानक मद
24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
3-.. यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - के कार्यालय ज्ञाप संख्या -
6/2025/बी--352/दस-2025-23/2025, दिनाँक- 27-मार्च, 2025 A प्रशासकीय
विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है।
sacra, Q
( seth
संख्या एवं दिनाक तदैव। — और
नर शव « प्रेषित:-
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक
{. निजी सचिव, मा0 मंत्रीजी, अवस्थापना एवं or विभाग, 3040
शासन।
2. निजी सचिव, AIO राज्य मंत्री जी, sata औद्योगिक विकास विभाग,
उ0प्र0 शासन।
मदिविल्लीय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ/प्रयागराज।
4. महालेखाकार, (लेखा एवं oa गारी)»प्रैथम/दवितीय, उत्तर प्रदेश प्रयागराज।
प्र *यूपीडा पर्यटन भवन गोमती नगर लखनऊ।
नियंत्रण) अनुभाग-6/औद्योगिक विकास अनुभाग-2
2.aAlsal बजट एलाटमेन्ट सिस्टम।
3. गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
(जयवीर सिंह)
संयुक्त सचिव
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हर्सताक्षर की आवर्शैथकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सर्तैयापित की जा सकती है |