**Executive Summary**
This document, dated February 4, 2026, from the Uttar Pradesh (UP) Government, concerns the administrative and financial sanction for the widening and strengthening of 3 charitable routes in the financial year 2025-26. A total of ₹1209.66 Lakh is approved for expenditure from the sanctioned cost of ₹4032.19 Lakh for the financial year 2025-26, subject to specific terms and conditions.
**Key Points / Main Content**
* **Project Approval and Funding:**
* Administrative and financial approval is granted for the widening and strengthening of 3 charitable routes.
* Total estimated cost: ₹4032.19 Lakh.
* Amount released for FY 2025-26: ₹1209.66 Lakh.
* The expenditure will be charged to budget head 5054043371100.
* **Project Details:**
* District Mathura: Widening and beautification of Govardhan drain bypass road (Length: 1.20 km, Proposed Allocation: ₹257.79 Lakh)
* District Sitapur: Widening and strengthening of 84 Kosiy Parikrama Marg from Ramgarh Chinese Mill to Pahla Ashram via Kakarghta (Length: 7.80 km, Proposed Allocation: ₹731.61 Lakh)
* District Sitapur: Widening and strengthening of the remaining part of Aant Imliya Chitrakoot (Daulatpur Mod) (Length: 2.50 km, Proposed Allocation: ₹220.26 Lakh)
* **Terms and Conditions:**
* Technical approval must be obtained before starting work.
* Land acquisition and utility shifting should be prioritized.
* Expenditure must adhere to financial handbooks and government orders.
* Withhold funds if they are not needed.
* Funds for contingencies and unforeseen expenditures are subject to approval.
* GST payments must adhere to government regulations and include a reconciliation of materials used.
* Utility shifting works must be approved by the Chief Engineer.
* The project must be completed within 18 months.
* Necessary statutory and environmental clearances are required.
* The approved specifications and work provisions must be followed. Any changes require prior approval from the Finance Committee.
* The responsibility for the project lies with the Chief Engineer (Development) and the Head of the Department, Public Works Department.
* The project should be registered on the CMIS portal.
**Impact Analysis**
**Stakeholder: Public Works Department (PWD)**
* **Impact:** Responsible for the overall execution and monitoring of the project.
* **Action Required:** Ensure adherence to all guidelines, obtain necessary approvals, monitor progress, and ensure the project’s completion within the stipulated time and budget.
**Stakeholder: Chief Engineer (Development) & Head of Department, PWD**
* **Impact:** Responsible for ensuring adherence to technical standards and project timelines.
* **Action Required:** Supervise project execution, conduct regular reviews, and ensure compliance with all terms and conditions.
**Stakeholder: Regional Chief Engineers**
* **Impact:** Responsible for monitoring the project, holding weekly reviews, and being accountable for any increases in project costs.
* **Action Required:** Oversee project execution, monitor progress, and conduct weekly reviews.
**Stakeholder: Finance Department**
* **Impact:** Oversee the financial management of the project and ensure compliance with financial regulations.
* **Action Required:** Ensure budgetary provisions are adhered to, and oversee the allocation of funds.
**Stakeholder: Concerned Executive Engineers**
* **Impact:** Responsible for the on-ground execution of the project as per the guidelines.
* **Action Required:** Carry out the work and ensure adherence to all guidelines, obtain necessary approvals, monitor progress, and ensure the project’s completion within the stipulated time and budget.
**Stakeholder: District Magistrates and Divisional Commissioners**
* **Impact:** Awareness and monitoring of the project within their respective jurisdictions.
* **Action Required:** Monitor project progress and ensure compliance with regulations.
Key Entities Referenced
Uttar Pradesh: The Indian state where the policy is applicable and where the Public Works Department (Lok Nirman Vibhag) is located.
Lok Nirman Vibhag (Public Works Department), Uttar Pradesh: The primary department responsible for executing the policy and its related projects. Includes various levels within the PWD hierarchy.
Financial Handbook, Volume-6: A reference guide containing the financial rules and regulations to be followed during project execution.
Annual budget 2025-26: The financial year for which the allotment is being done under head “5054043371100”.
Scheme for widening/strengthening of Charitable routes: A scheme undertaken to improve pilgrimage sites of religious importance
PBAT-2/2026/HIS/22725/2026/007-23-7002(099)/3/2025
प्रेषक,
अभिषेक गंगवार,
अनु सचिव,
उ0प्र0 शासन |
सेवा में,
प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष,
लोक निर्माण विभाग,
उ0प्र) लखनऊ।
लोक निर्माण अनुभाग-7 लखनऊ: दिनांक 04 फरवरी, 2026
विषय: वित्तीय वर्ष 2025-26 A धर्मार्थ योजनान्तर्गत 03 मार्गों के चौडीकरण एवं सुदृदीकरण
का कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक मुख्य अभियन्ता(मु0-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के कतिपय पत्रों
(तालिका के कॉलम-2 में अंकित) के संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि धर्मार्थ
मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़करण, नवनिर्माण एवं विकास हेतु एकमुश्त व्यवस्था योजनान्तर्गत
कतिपय क्षेत्रों के 03 मार्गों के चौडीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की व्यय वित्त समिति द्वारा
आंकलित लागत रूपये BO 4032.9 लाख (रुपये चालीस करोड बत्तीस लाख Becks हजार मात्र)
की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुये चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत
लागत के सापेक्ष BO 209.66 लाख (रुपये बारह करोड नौ लाख छियासठ हजार मात्र) व्यय हेतु
निम्नलिखित विवरणानुसार तथा शर्तो/प्रतिबन्धों सहित अवमुक्त किये जाने की श्री राज्यपाल
सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:-
(धनराशि रू0 लाख में)
= मुख्य अभियन्ता | खण्ड/ कार्य का नाम लम्बाई | लागत प्रस्तावित
(मु0-) के पत्रांक| जनपद कि0मी0 में धनावंटन
| 2 3 4 5 | 6 | 7
254feI0/04- growo PRS मथुरा A गोवर्धन 2a बाईपास मार्ग का ४० 257.79
Olfet0/25- मथरा चौडीकरण एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य। 959.29
26, दि0 8-09- ° cmis-20250000302720
25
266fe0/32- रामगठ चीनी मिल A पहला आश्रम होते हुए
2 OtfeT0/25 - नि0ख0 ककरघटा तक 84 कोसीय परिक्रमा ममाारर््गग aT 7800. | 243877 736!
26, दि0 30-09- | सीतापुर चौडीकरण एवं सुदृढीकरण का कार्य।
2025 CMIS-20250000302722
2374नि0/32- | नि०एख0 | आंट इमलिया चित्रकूट का अवशेष भाग(दौलतपुर
3 हि 3 2.500 | 734.9 220.26
Oife0/25- | सीतापर मोड) मार्ग[अ0जि0मा0) का चौडीकरण एवं
4- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |26, दि0 2-09- सुदृढीकरण का कार्य।
2025 ८5-2025000030272[
कुल योग| 4032.9 | 209.66
नियम व शर्तें/प्रतिबन्ध
I- प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय हस्तपुस्तिका, खण्ड-6 के HCAA-(2 H WEAL-38
में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त
कर ली जाय तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य प्रारम्भ
किया जाय।
प्रायोजनान्तर्गत विभाग द्वारा सर्वप्रथम भूमि अधिग्रहण एवं यूटिल्रिटी शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण
किया जाये तदोपरान्त ही मार्ग का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाये।
प्रयोजनान्तर्गत स्वीकत pa धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों, समय-
समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा।
स्वीकृत धनराशि कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायेगी तथा आहरित
धनराशि बैंक/डाकघर में नहीं रखी जायेगी। प्रश्नगत स्वीकृति जिस कार्य/मद के लिये है, उसी
कार्य/मद पर व्यय प्रत्येक दशा में किया जायेगा।
अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष
जमा की जायेगी। निर्माण कार्य की ल्रागत पर अधिष्ठान व्यय की धनराशि वित्त (लेखा)
अनुभाग-2 के शासनादेश AO-V-2-23/Ea-207-47(4)/75 दिनांक 25-0(-20i. के साथ
पठित शासनादेश AO-V-2-606/48-2074-7(4)/75 दिनांक ( नवम्बर 2044 cant जारी
विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी तथा उक्त शासनादेश दिनांक
25-0I-20 के dash में प्रदर्शित सम्बन्धित विभाग के प्राप्ति लेखाशीर्षक (054-qsH
तथा सेतु-800-अन्य प्राप्तियां-0 प्रतिशत प्रभारों की वसूली में ट्रान्सफर इन्ट्री दवारा क्रेडिट कर
जमा की जायेगी।
लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का
नियमानुसार भुगतान किया जायेगा।
मूल्य हास निधि की धनराशि सुसंगत लेखाशीर्षक में नियमानुसार जमा करायी जायेगी।
व्यय वित्त समिति gant लगायी गयी शर्तों का पूर्णतय: अनुपात्नन सुनिश्चित करेंगे।
प्रायोजना प्रस्ताव में 2.50 प्रतिशत की दर से Aedes चार्ज TAT किया गया है। लोक
निर्माण विभाग द्वारा समस्त मार्गों के अनुबन्धों में 5 वर्षीय अनुरक्षण हेतु भुगतान प्रक्रिया का
मानकीकरण से सम्बन्धित लोक निर्माण विभाग के पत्र संख्या-3689सी-ओ0पी0एम0
आर0सी0/मूल 23-24, दिनांक 7-02-2024 में दी गयी मददों/व्यवस्थानुसार Aces चार्ज
इत्यादि पर जी0एस0टी0 का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा।
I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |0-faca विभाग के शासनादेश WeAT-0/202/sI-2-96/aq-202-0/99, दिनांक 22 मार्च,
202 के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी
डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति निर्गत की जाय। यदि इस प्रक्रिया
में यह परिलक्षित होता है कि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की
लागत (0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन गठन
करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर व्यय वित्त समिति का अनुमोदन प्राप्त
किया जाय, अन्यथा की स्थिति मेँ पुनरीक्षित प्रायोजना पर व्यय वित्त समिति cant विचार
नहीं किया जायेगा।
44-facat विभाग के शासनादेश =AkA-07/2023/v-2-60/aH-2023-7(4)/75, दिनांक 7
मई,2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर
जारी की जाये, किन्तु द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में
प्राप्त मूल्य (टेण्डर ANC) के अनुसार विहित प्रक्रिया का Well करते हुए पुनरीक्षित करा लिया
जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि
कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त न हो सके। यदि
निविदा के बाद कार्यो की त्रागत में कमी आती है तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय
नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये।
2- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में प्रस्तावित कन्टीजेन्सी मद में प्रावधानित धनराशि का व्यय सक्षम
स्तर के अनुमोदन के उपरान्त वित्तीय हस्तपुस्तिका A उल्लिखित कार्यमदों A ही किया
जायेगा।
3- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित आकस्मिक व्यय मद में प्रस्तावित धनराशि का व्यय वित्तीय
हस्तपुस्तिका में अनुमनन्य मर्दों पर ही नियमानुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के
उपरान्त ही किया जायेगा।
4- प्रायोजनान्तर्गत (8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है।
विभाग का दायित्व होगा कि भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार
जी0एस0टी0 का भुगतान सुनिश्चित किया जाये। साथ ही विभाग का यह भी दायित्व होगा कि
प्रायोजना के निर्माण कार्यो में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट व
स्टील, fae, बिटुमिन इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए
जी0एस0टी0 भुगतान किया जाये।
(5-cte निर्माण विभाग द्वारा यूटित्रिटी शिफ्टिंग कार्य मद के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्यो के
विभाग के मुख्य अभियन्ता स्तर से अनुमोदित एवं परीक्षित भी हो। उक्त के आधार पर ही
यूटिलिटी शिफ्टिंग से सम्बन्धित कार्य मर्दों में धनराशि अनुमन्य की जायेगी।
I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |6- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यो की मात्राओं को यथावत मानते हुए मात्र दरों का परीक्षण किया
गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी
संस्था/विभाग का होगा।
7-46 सुनिश्चत किया जाय कि परियोजना मेँ प्रस्तावित कार्य विभागीय नियमों/मानक के
अन्तर्गत है।
।8- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित मार्ग की afta चौड़ाई एवं फारमेशन चौड़ाई इत्यादि पक्के स्ट्रक्चर्स
यथा पुल, पुत्रिया, st इत्यादित का निर्माण आई0आर0सी0/विभागीय मानकों (Standards)
के अनुसार कराये जाने का उत्तरदायित्व विभाग/कार्यदायी संस्था का होगा।
9- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित पुल्र/पुलियों का इक्सटेंशन-तथा-नाला-नाली आदि का निर्माण का
निर्माण का प्राविधान किया गया है। भविष्य में मार्ग के चौड़ीकरण की सम्भावना के दृष्टिगत
मार्ग के संरेखण में आने वाले पक्के स्ट्रक्चर (पुल्ा/पुलिया/नाली इत्यादि) का निर्माण
आई0आर0सी0/विभागीय मानकों में पूर्व निर्धारित फारमेशन विड्थ (चौड़ाई) के अनुसार ही
कराया जाय।
20- परियोजना को 8 माह के अन्दर पूर्ण कर लिया जाये तथा टाइम ओवर रन Ud क्रास्ट ओवर
रन इत्यादि के कारण प्रायोजना का पुनरीक्षण भविष्य मैं नहीं किया जायेगा।
2-मुख्यालय द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स
सक्षम स्तर से प्राप्त करने के उपरान्त ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय।
22- प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में प्रस्तावित विशिष्टियों एवं कार्य प्राविधानों को यथावत मानते हुये
लागत का आंकलन किया गया है। मार्ग निर्माण की लम्बाई/चौड़ाई A परिवर्तन, प्रस्तावित
pee डिजाइन में संशोधन, स्वीकृत प्रायोजना के स्कोप A परिवर्तन आदि व्यय वित्त समिति
का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा।
23- प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्य की दविरावृत्ति (डुप्लकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की
तकनीकी स्वीकृति से पूर्व कार्यदायी संस्था/विभाग cant यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह
कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अंतर्गत न तो स्वीकृत है और न ही वर्तमान में
किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
24- परियोजना पूर्ण होने में विल्रम्ब की स्थिति उत्पन्न होने अथवा परियोजना की लागत मैं वृद्धि
की दशा A इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक
निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (HO-) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता का होगा
तथा भविष्य में यदि परियोजना की लागत मेँ वृद्धि होती है तो ऐसी दशा मेँ लागत में
बढोत्तरी की कुल धनराशि की वसूली सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता आदि के वेतन से की
जायेगी।
4- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |25- परियोजना से सम्बन्धित समस्त तकनीकी पक्षों/तथ्यों व उनके परीक्षण/सत्यापन तथा इस
परियोजना के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पूर्ण उत्तरदायित्व प्रमुख अभियन्ता
(विकास) एवं विभागाध्यक्ष, cle निर्माण विभाग का होगा।
26- प्रायोजना का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही निर्माण प्रारम्भ
कराया जाय।
27-परियोजना की लागत व समय सीमा में बढोत्तरी न हो, इस हेतु परियोजना के निर्माण कार्य
की साप्ताहिक समीक्षा सम्बन्धित क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता द्वारा एवं माह में कम से कम एक
बार समीक्षा विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग के स्तर पर सुनिश्चित की जायेगी।
28- वित्त विभाग के कार्याल्रय AMT AeAI-6/2025/al-I-352/48-2025-23 /2025, दि0 27-03-
2025 में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
29- मुख्यालय द्वारा सी0सी0एल0 प्रणाली समाप्त किए जाने के फलस्वरूप at से सम्बन्धित
बजट के ऑन लाइन आवंटन किए जाने हेतु डी0डी0ओ0 कोड आवंटन विषयक वित्त (आय-
व्ययक) अनुभाग-। के शासनादेश ALAT-70/2022/al--345/Ea-2022, दिनांक 04-05-2022
तथा कार्यमदों के व्यय को सी0सी0एल0 प्रणाली से मुक्त रखते हुए सामान्य कोषागार प्रणाली
से आच्छादित किए जाने के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के कार्यात्रय ज्ञाप संख्या-
3/2022/0-2-76/G8-2022-0(9)/95, दिनांक 3-04-2022 में निहित व्यवस्था/शर्तों का
अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
30-सेन्टेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण ल्रागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय
प्रबंधन विषयक वित्त विभाग के शासनादेश AWkeA-07/2023/0-2-60/qa-2023-7(4)/75,
दिनांक 7-05-2023 एवं शासनादेश AkeAl-02/2023/t-2-66/44-2023-7(4)/75, दिनांक
9-05-2023 में निर्धारित प्रक्रिया एवं निहित शर्तों का अक्षरश: अनुपालपन सुनिश्चित किया
जायेगा।
3-उपरिलिखित सभी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने का दायित्व प्रमुख अभियन्ता(विकास)
एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग एवं मुख्य अभियन्ता (H0-l) एवं सम्बन्धित क्षेत्रीय
मुख्य अभियन्ता का होगा।
32- प्रश्गगत परियोजना को सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया गया है, जिसका
पंजीकरण संख्या तालिका में अंकित कर दिया है।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 2,09,66,000 (रुपये बारह करोड़ aot लाख छियासठ
हजार मात्र) को चाल्रू वित्तीय वर्ष 2025 - 26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 058 लेखा
शीर्षक 505404337700 धर्मार्थ मार्गों के चौड़ीकरण / सुदृढ़ीकरण, नवनिर्माण एवं विकास हेतु
एकमुश्त व्यवस्था (नये कार्य) मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के AA डाला जायेगा।
4- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या: E-8-728-X-2025-26, दिनांक: 29-2-2025 A
प्राप्त वित विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
अभिषेक गंगवार
अनु सचिव।
संख्या एवं दिनांक तदैव
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
\- निजी सचिव, मा0 मुख्यमंत्री जी, उ0प्र0।
2-निजी सचिव, मा? राज्यमंत्री जी, लोक निर्माण विभाग, SOWO शासन।
3-महालेखाकार(लेखा Ud हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज।
4- महालेखाकार(लेखा-परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, SOW प्रयागराज।
5-विशेष सचिव, धर्मार्थ कार्य अनुभाग, उ0प्र0 शासन।
5-सम्बन्धित मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी।
7- मुख्य अभियन्ता(मु0-), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ।
8- वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ।
9- सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग।
l0- सम्बन्धित वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी।
N-Beaieee अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग।
2-वित्त(व्यय नियंत्रण) अनु0-8/वित्त(आय-व्ययक) HeT0-, उ0प्र0 शासन।
3-IeF योजना आयोग-॥/2, उ0प्र0 शासन।
4-अधीक्षण अभियन्ता, नियोजन/परियोजना, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ।
I5-oteh निर्माण 34ef8TET-0/7I, उ0प्र0 शासन।
I6-cSe अधिकारी(आनलाईन बजट एलॉटमेन्ट सिस्टम),लोक निर्माण विभाग, उ0प्र)शासन।
I7- गार्ड फाईल।
आज्ञा से,
अभिषेक गंगवार
अनु सचिव |
4- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ine सत्यापित की जा सकती है |