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Date: 2026-01-12 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्‍तीय वर्ष-2025-26 में प्रदेश के कतिपय जनपदों के कुल 05 सेतुओं की मरम्मत का कार्य हेतु प्रशासकीय स्‍वीकृति के संबंध में।

Issued by लोक निर्माण विभाग · लोक निर्माण विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary** This document is an order from the Uttar Pradesh Government sanctioning administrative approval for the repair of five bridges in various districts of the state for the financial year 2025-26. The total sanctioned amount is ₹327.91 lakhs, and the allocated funds must be utilized by March 31, 2026, with a utilization certificate submitted by April 30, 2026. The order includes specific terms, conditions, and cost breakdowns for each bridge repair project. **Key Points / Main Content** * **Administrative Approval:** * Administrative approval is granted for the repair of five bridges in Uttar Pradesh for the financial year 2025-26. * The total approved cost is ₹327.91 lakhs. * **Project Details:** * Bridge 1: Bulandshahr district, Jahangirabad-Ahar road, repair work on a small bridge over the Neem River; Cost: ₹102.22 lakhs. * Bridge 2: Meerut district, Meerut-Baraut Road, special repair work of overpass bridge; Cost: ₹44.95 lakhs. * Bridge 3: Meerut district, Delhi-Nitipass Road, repair and improvement of damaged parts of the Partapur overpass bridge; Cost: ₹41.15 lakhs. * Bridge 4: Meerut district, protective work on the approach road to the bridge over the Kali River in village Pithlokar; Cost: ₹67.72 lakhs. * Bridge 5: Sonbhadra district, Rajgarh-Shahganj Road, special repair of the damaged bridge over the Belan River; Cost: ₹71.87 lakhs. * **Conditions and Restrictions:** * Prevent duplication of work with other schemes. * Ensure detailed estimates are prepared and technically approved before commencing work. * One percent of the funds should be paid to the Labour Department as labor cess. * Ensure GST is deposited regularly. * Utilize funds by March 31, 2026, and submit a utilization certificate by April 30, 2026. * Comply with budget manual and financial regulations. * The allocated funds should be used only for the approved purposes. * Ensure high-quality work is performed according to approved standards. * Obtain necessary statutory clearances and environmental clearances. * Strictly follow Government Order no. 6/2025/B-1-352/10-2025-231/2025, dated March 27, 2025. * **Funding Source:** * Expenditure will be met from the state plan (general) grant number-57 under the relevant budget head. **Impact Analysis** **Chief Engineer (Development) and Head of Department, Public Works Department, Lucknow** * **Impact:** Responsible for ensuring project adherence to the specified conditions, preventing duplication of work, overseeing quality, obtaining clearances, and submitting utilization certificates. * **Action Required:** Monitor project execution, ensure compliance with regulations, obtain technical approvals, prevent financial irregularities, and submit required documentation on time. **Finance Department** * **Impact:** Oversees the financial aspects of the project and ensures adherence to financial regulations. * **Action Required:** Process payments, monitor expenditure, and ensure that funds are used efficiently and effectively. **Related Circle/District Commissioners** * **Impact:** Responsible for overseeing the project within their jurisdiction and coordinating with the Public Works Department to ensure smooth execution. * **Action Required:** Facilitate project implementation by providing necessary support and resolving any local issues that may arise.

Key Entities Referenced

Lok Nirman Vibhag: Public Works Department, the primary implementing agency for the bridge repair work. Uttar Pradesh: The state where the bridge repair projects are located. Rajya Yojna (Samanya): State Plan (General), under which funds for the repair are allocated in FY 2025-26.
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PRAT-2/2026//203404/2026/23-6099/3/2026 प्रेषक, सुभाष राम, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 लखनऊ। लोक निर्माण अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 2 जनवरी, 2026 विषय:- वित्तीय वर्ष-2025-26 में प्रदेश के कतिपय जनपदों के कुल 05 सेतुओं की मरम्मत का कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक कायलिय प्रमुख अभियन्ता (सेतु विंग) उ0प्र0 लोक निर्माण विभाग, लखनऊ के कतिपय पत्र (तालिका के प्रस्तर-2 में अंकित) के संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष-2025-26 में प्रदेश के कतिपय जनपदों के कुल 05 सेतुओं की मरम्मत के कार्य हेतु तालिका के कॉलम-7 में अंकित कुल लागत रू0 327.9 लाख (रूपये तीन करोड़ सत्ताइस लाख इक्यान्वे हजार मात्र) की प्रशासकीय स्वीकृति निम्न विवरणानुसार तथा निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों सहित श्री राज्यपाल सहर्ष प्रदान करते है :- (धनराशि लाख रू0 में) * मुख्य अभियन्ता | जनपद कार्य का विवरण लागत GST कुल लागत | कार्यदार्य सेतु विंग) का (8 %) ((8 % संस्था पत्रांक GST सहित) (5+6) । 2 3 4 5 | 6 | 7 | 8 | t |॥/406609/26. बुलन्दशहर जनपद बुलन्दशहर में जहाँगीराबाद-आहार| 86.63 5.59 02.22 _ लिी0नि0वि0 Dt.06.07.26 मार्ग (अन्य जिला मार्ग) के कि0मी0 04 A नीम नदी पर स्थित लघु सेतु का अनुरक्षण व मुरक्षात्मक कार्य। 2 ॥/404044/26.. [ARS जनपद में मेरठ में मेरठ बडौत (राज्य म 38.0 6.85 44.95... लि0नि0वि0 Dt.03.0.26 RAN-79) के चैनेज 4.400 से 5.92 तक उपरिगामी सेतु पर बी0सी0 द्वारा विशेष मरम्मत का कार्य। 3 |॥/405057/26.. मिरठ जनपद मेरठ में दिल्ली-नीतिपास मार्ग (राज्य 34.88 6.27 40.5 लो0नि0वि0 Dt.05.02.26 मार्ग) के कि0मी0-54 में परतापुर उपरीगामी सेतु के क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत एवं सुधार का कार्य। 4 |॥/404042/26.. मिरठ जनपद मेरठ में ग्राम पिठलोकर में पडने वाली| 57.39 40.33 6772. लो0नि0वि0 9.03.0.26 काली नदी पर स्थित सेतु के पहुंच मार्ग पर मुरक्षात्मक कार्य के मरममत का कार्य। 5 |॥/325969/25 MAYS जिनपद सोनभद्र में राजगढ़ शाहगंज Ari] 60.9 0.96 7.87 लो0नि0वि0 Dt.3.0.25 (अन्य जिला मार्ग) के felo-ud चिनेज 73.4008 स्थिति बेलन नदी के क्षतिग्रस्त सेतु के विशेष मरम्मत का निर्माण कार्य। कुल योग 277.9] 50.00 327.9] 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |नियम व शर्तें/ प्रतिबन्धों () प्रश्नगत कार्य की द्विरावृत्ति को रोकने की दृष्टि से प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो०नि०वि०, लखनऊ द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि उक्त कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। यदि द्विरावृत्ति पायी जाय तो उस स्वीकृति को निरस्त करते हुए संबंधित कार्य पर आवंटित धनराशि शासन को तत्काल समर्पित की जाय। (2) प्रश्रगत कार्य को उस समय तक प्रारम्भ न किया जाय और न ही उन पर कोई व्यय भार लिया जाय जब तक कि स्वीकृत लागत के अन्तर्गत विस्तृत आगणन गठित कर उस पर सक्षम अधिकारी द्वारा प्राविधिक स्वीकृति प्रदान न कर दी जाय। यदि यह कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती है तो समस्त उत्तरदायित्व संबंधित मुख्य अभियंता/अधीक्षण अभियंता / अधिशासी अभियंता का होगा। (3) लेबर सेस की एक प्रतिशत धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। (4) प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोएनि0वि0, लखनऊ द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा की परियोजना में जी०एस०्टी० की धनराशि समय-समय पर स्वीकृति/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष नियमानुसार जमा की जायेगी। (5) प्रश्नगत कार्यों हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 37 मार्च, 2026 तक कर लिया जाय। कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण पत्र दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक शासन को निश्चित रूप से उपलब्ध करा दिया जाय। (6) WATT कार्य हेतु आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय, वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशों,ज्ञापों में उल्लिखित शर्तों के अनुसार बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों, स्थायी आदेशों आदि में किये गये प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाय तथा किसी भी दशा में प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में न किया जाय। (7) यह सुनिश्चित किया जाय कि जिन प्रयोजनों हेतु धनराशि स्वीकृत हुई है वह उसी प्रायोजन हेतु व्यय की गयी है। विभाग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाय कि कार्य की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कार्य की अव्यवहारिकता alc Su स्वीकृति निरस्त न हो। (8) प्रश्नगत कार्य निर्धारित व अनुमोदित मानकों एवं विशिष्टियों के अनुरूप सम्पादित कराये जाय ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। यदि किसी अपरिहार्य परिस्थितिवश निर्धारित मानकों/विशिष्षियों में परिवर्तन किया जाना अपेक्षित हो तो, Sad परिवर्तन/विचलन शासन की पूर्वानुमति से ही किया जाय। प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोग्निग्विग लखनऊ द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि आगणन में किसी भी प्रकार की त्रुटि न होने पाये। (9) विभाग द्वारा यथावश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स नियमानुसार सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। (0) प्रायोजनान्तर्गत यदि वन भूमि से संबंधित कार्य प्रस्तावित किया जाता है तो इस संबंध में आवश्यक वैधानिक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। (॥) प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ द्वारा वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप YO-6/2025/al--352/4e-2025-237/2025, दिनांक 27.03.2025 द्वारा सुसंगत शासनादेश का HAR: अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। 3- प्रश्नगत कार्यों पर होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना (सामान्य) के अनुदान संख्या-57 के अन्तर्गत लेखाशीर्षक-3054-सड़क तथा सेतु-04-जिला तथा अन्य सड़कें-800-अन्य व्यय- 04-पुलों का अनुरक्षण और मरम्मत-29-अनुरक्षण मद में राजस्व लेखा में अनुरक्षण कार्यों हेतु आय- 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |व्ययक से प्राप्त धनराशि रू0 730.00 करोड़, जिसे शासनादेश दिनांक 07.08.2025 द्वारा प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लो0नि0वि0 के निवर्तन पर रखा गया है, से Gad धनराशि का वहन किया जायेगा तथा उक्त कार्य के नामे डाला जायेगा। 4-.. यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप संख्या-6/2025/बी--352/दस-2025- 23॥/2025, दिनांक 27.03.2025 में प्रशासकीय विभाग को प्रतिनिधानित अधिकार के अन्तर्गत निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, (सुभाष राम) उप सचिव। संख्या एवं दिनांक ada प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :- I- महालेखाकार, प्रथम (निर्माण), उ0प्र0, प्रयागराज | 2- मण्डलायुक्त, सम्बन्धित मण्डल/ जिलाधिकारी, सम्बन्धित जनपद। 3- मुख्य अभियन्ता, सम्बश्चित क्षेत्र, लोक निर्माण विभाग। 4- मुख्य अभियन्ता (सेतु) लोक निर्माण विभाग, लखनऊ | 5- वित्त (व्यय नियंत्रण) अनुभाग-8 | 6- राज्य योजना आयोग अनुभाग-4/2 | 7- संबंधित कोषाधिकारी। 8- गार्ड फाइल | Sat से, (सुभाष राम) उप सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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