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Date: 2026-01-24Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान संख्या-11 के लेखाशीर्षक 2401-फसल कृषि कर्म-102-खाद्यान्नो की फसलें-05-कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिये कृषको के निजी नलकूपों को विद्युत आपूर्ति हेतु उत्तर प्रदेश विद्युत निगम को अनुदान योजना के मानक मद-27-सब्सिडी के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष चतुर्थ त्रैमास हेतु वित्तीय स्वीकृति
ज़रूर, यहाँ सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़, उत्तर प्रदेश शासन के कृषि विभाग द्वारा जारी एक सरकारी आदेश है, जो चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान संख्या-11 के अंतर्गत कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए किसानों के निजी नलकूपों को बिजली की आपूर्ति हेतु उत्तर प्रदेश विद्युत निगम को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। यह आदेश जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक के चतुर्थ त्रैमास के लिए 60000.00 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान करता है, जो कुछ नियम और शर्तों के अधीन है।
**मुख्य बातें**
*वित्तीय स्वीकृति*
* किसानों के निजी नलकूपों को विद्युत आपूर्ति हेतु उत्तर प्रदेश विद्युत निगम को अनुदान योजना के मानक मद-27-सब्सिडी के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के चतुर्थ त्रैमास के लिए 60000.00 लाख रुपये की मंजूरी।
* यह राशि अनुदान संख्या-11 के तहत लेखाशीर्षक 2401-फसल कृषि कर्म-102-खाद्यान्नों की फसलें-05-कृषि उत्पादन से संबंधित है।
*नियम एवं शर्तें*
* स्वीकृत धनराशि का उपयोग वित्तीय नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए।
* धनराशि का व्यय संगत शासनादेशों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए।
* धनराशि को स्वीकृत मदों पर ही खर्च किया जाना चाहिए, और मदों के बीच राशि का स्थानांतरण नहीं किया जाना चाहिए।
* स्वीकृत राशि कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा आवश्यकतानुसार उत्तर प्रदेश विद्युत निगम को उपलब्ध कराई जाएगी।
* व्यय धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाएगा, और अनुदानित धनराशि से लाभान्वित कृषकों का विवरण विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
* निर्गत वित्तीय स्वीकृति उपलब्ध बजट प्राविधान की सीमा के अन्तर्गत रखी जानी चाहिए।
* धनराशि के आहरण एवं व्यय के दौरान वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-6/2025/बी-1-352/दस-2025-231/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में दिये गये दिशा-निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण**
**कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश**
* **प्रभाव:** अनुदान का प्रबंधन और वितरण सुनिश्चित करने और निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** उत्तर प्रदेश विद्युत निगम को आवश्यकतानुसार धनराशि उपलब्ध कराना। व्यय का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना। लाभान्वित किसानों का विवरण वेबसाइट पर अपलोड करना।
**उत्तर प्रदेश विद्युत निगम**
* **प्रभाव:** किसानों के निजी नलकूपों को विद्युत आपूर्ति के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश से धनराशि प्राप्त करना और यह सुनिश्चित करना कि इसका उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए।
**किसान**
* **प्रभाव:** नलकूपों के लिए विद्युत आपूर्ति में सहायता, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कोई कार्रवाई निर्दिष्ट नहीं है, लेकिन उन्हें अनुदान से लाभान्वित होना चाहिए।
**वित्त विभाग**
* **प्रभाव:** धनराशि के उपयोग और पारदर्शिता की निगरानी करनी होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि धनराशि का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश विद्युत निगम: उत्तर प्रदेश की विद्युत कंपनी, जिसे निजी नलकूपों को विद्युत आपूर्ति के लिए अनुदान दिया जा रहा है।
कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के कृषि निदेशक, जिन्हें वित्तीय स्वीकृति का दायित्व सौंपा गया है और धनराशि उपलब्ध करानी है।
कृषि अनुभाग-2: उत्तर प्रदेश सरकार का कृषि अनुभाग, जो यह आदेश जारी कर रहा है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, जिसके द्वारा यह नीतिगत निर्णय लिया गया है।
अनुदान योजना के मानक मद-27-सब्सिडी: योजना के तहत सब्सिडी, जिसके अंतर्गत निजी नलकूपों को विद्युत आपूर्ति के लिए अनुदान दिया जा रहा है।
UAl-02/2026/00I-72/2026/(623258/2-2099/5/2022
प्रेषक,
सर्वेश कुमार सिंह,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
कृषि निदेशक,
उत्तर प्रदेश, ल्खनऊ।
कृषि अनुभाग-2 लखनऊ : दिनांक 24 जनवरी, 2026
विषय:-चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 A अनुदान AeA-il के लेखाशीर्षक 240i-haa कृषि HaH-02-
खाद्यान््नो की फसलें-05-कृषि उत्पादन में वृद्धि केलिये कृषको के निजी नलकूपों को विद्युत आपूर्ति हेतु
उत्तर प्रदेश विद्युत निगम को अनुदान योजना के मानक मद-27-सब्सिडी के अन्तर्गत प्राविधानित
धनराशि के सापेक्ष चतुर्थ त्रैमास हेतु वित्तीय स्वीकृति।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक कृपया अपने पत्र संख्या:अभि.-5-02/2744/लेखा-निजी नत्रकूप/अनुदान»
2025-26, दिनांक 09 जनवरी, 2026 के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि श्री राज्यपाल चालू
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान GA-l के लेखाशीर्षक 240-HaeT HY कर्म-02-खाद्यान्नों की
फसलें-05-कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिये कृषकों के निजी नलकूपों को विद्युत आपूर्ति हेतु उत्तर प्रदेश
विद्युत निगम को अनुदान योजना के मानक मद-27-सब्सिडी के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये
240000.00 लाख के सापेक्ष चतुर्थ aa (माह जनवरी, 2026 से मार्च, 2026) हेतु धनराशि रूपये
60000.00 लाख (रूपए छ: अरब मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्न शर्तों के अधीन प्रदान करते हैं:-
नियम व शर्ते £ प्रतिबन्धों
\. स्वीकृत धनराशि का व्यय सुसंगत वित्तीय नियमों एवं प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया
जाएगा।
2. स्वीकृत धनराशि का व्यय संगत शासनादेशों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा।
3. स्वीकृत धनराशि का व्यय उन्हीं मर्दों पर किया जाएगा, जिस मद के लिए धनराशि स्वीकृत की जा
रही है। किसी अन्य मद में न ही इसका व्यय किया जाएगा और न ही एक मद से दूसरे मद में इसका
व्यावर्तन किया जाएगा।
4. स्वीकृत की जा रही धनराशि को कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा एकमुश्त आहरण न करते हुए
आवश्यकतानुसार उत्तर प्रदेश विद्युत निगम को उपलब्ध करायी जायेगी। धनराशि आहरित कर
बैंक/डाकघर में नहीं रखी जाएगी।
5. स्वीकृत धनराशि का व्यय करते हुए व्यय धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाएगा
तथा अनुदानित धनराशि से लाभान्वित कृषकों का विवरण विभागीय वेब-साईट पर अपलोड किया
जाएगा।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |6. facta वित्तीय स्वीकृति उपलब्ध बजट प्राविधान की सीमा के अन्तर्गत रखने का दायित्व कृषि
निदेशक, उत्तर प्रदेश का होगा।
7. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि धनराशि का विभागाध्यक्ष“नियंत्रक अधिकारी के निर्वतन पर रखे
जाने मात्र से किसी प्रकार के व्यय करने का प्राधिकार नहीं देता है।
8. धनराशि के आहरण एवं व्यय के दौरान वित्त विभाग के कार्यात्रय ज्ञाप AeA -6/2025/si--352/aa-
2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 A दिये गये दिशा-निर्देशों का अनुपाल्नन अनिवार्य रूप से
सुनिश्चित किया जाएगा।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 6,00,00,00,000 ( रुपये छ: अरब मात्र) को ae वित्तीय वर्ष
2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 0 लेखा शीर्षक 24000:020500 कृषि उत्पादन में वृद्धि
के लिये कृषकों के निजी नलकूपों को विद्युत आपूर्ति हेतु उ.प्र. विद्युत निगम को अनुदान मानक मद 27-
सब्सिडी के नामे डाला जायेगा।
3- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यात्रय AT ACAl-6/2025/a--352/EA-2025-
23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत
निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
सर्वेश कुमार सिंह
विशेष सचिव।
ECA-02/2026/00-72()/2026/623258/2-2099/5/2022, तद्दिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: -
LACIASIPN (लेखा एवं हकदारी)-प्रथम “द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज,
2. प्रधान महालेखाकार (सिवित्र आडिट)-प्रथम»द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज,
3. अपर मुख्य सचिव»प्रमुख सचिव, ऊर्जा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन,
4. अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लि0, लखनऊ,
5. वित्त नियंत्रक, कृषि विभाग, लखनऊ,
6. मुख्य कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ,
7. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-4/बजट अनुभाग-/2/कृषि अनुभाग-5/नियोजन अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश
शासन,
8. गार्ड फाईल।
आज्ञा से,
सर्वेश कुमार सिंह
विशेष सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |