Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष-2025-26 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2025-08-01 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष-2025-26 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 13000.00 लाख के सापेक्ष कुल रू0 72,50,000.00 (रुपया बहत्तर लाख, पचास हजार) मात्र की वित्तीय स्वीकृति निर्गत किये जाने के संबंध में।

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Executive Summary & Key Takeaways

This document, dated August 1, 2025, from Piyush Verma, Special Secretary of the Uttar Pradesh Government, addresses the Commissioner and Director of Industries in Kanpur. It concerns the financial sanction of ₹72,50,000.00 (Rupees Seventy-Two Lakhs, Fifty Thousand only) from the Industrial Investment Promotion Scheme-2003 within the budget of Financial Year 2025-26 against the provision of ₹13000.00 lakhs. This relates to distributing 10% of the interest-free loan to eligible units under the scheme. The specific unit mentioned is M/s R.L.J. Conquest Pvt. Ltd. Chunar, Mirzapur which in the FY 2022-23, of the sanctioned loan amount of ₹724.95 lakhs, with a already distributed amount of ₹652.45, an amount of ₹72.50 lakhs will be further provided. The total amount sanctioned to this unit is ₹72.50 lakhs. Several rules and conditions apply, including direct transfer of funds via RTGS/NEFT, providing a utilization certificate, ensuring compliance with the scheme's terms, and proper accounting. The Uttar Pradesh Financial Corporation (UPFC) bears responsibility for loan recovery. Defaulting units will have their payments suspended, and delayed payments will incur a 1.25% monthly interest charge. UPFC is liable for any financial irregularities. The order is issued with the concurrence of the Finance Department, dated July 18, 2025. The expenditure of ₹72,50,000.00 will be charged under grant number 007, head 6885011900600, industrial investment promotion scheme, 2003 standard item 30 investment / loan. Copies are sent to various officials and departments, including the Accountant General, Private Secretary to the Principal Secretary, Chief Treasury Officer, Nodal Officer, Joint Commissioner, Director of Financial Statistics, and various sections within the Finance Department.

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: Industrial Investment Promotion Scheme - primary scheme under which financial incentives are being disbursed उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: Uttar Pradesh Financial Corporation - Responsible for disbursing and recovering loans under the scheme. उद्योग निदेशालय, कानपुर: Directorate of Industries, Kanpur - Involved in the process of verifying and forwarding documents related to the disbursement of incentives. उत्तर प्रदेश: State where the scheme is applicable.
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संख्या-60/2025/।267/77-6-2025/623733 प्रेषक, पीयूष वर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 _ लखनऊ: arr _04-08-2025 विषय:- वित्तीय वर्ष-2025-26 के बजट A औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 73000.00 लाख के सापेक्ष कुल रू0 72,50,000.00 (रुपया बहत्तर लाख, पचास हजार) मात्र की वित्तीय स्वीकृति निर्गत किये जाने के संबंध FI महोदय, उपर्युक्त विषयक प्रभारी, वि०्यो०वि०, उ०प्र० वित्तीय निगम, कानपुर के पत्र संख्या- l00/fafer/faaita/2025-26 दिनांक 24.05.2025 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके दूवारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाई को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की (0 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि रू0 (3000.00 लाख के सापेक्ष कुल रु* 72,50,000.00 (रुपया बहत्तर लाख, पचास हजार) मात्र की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत्‌ हैः- धनराशि (रू० लाख में) संख्या | इकाई का नाम वित्तीय स्वीकृत ऋण | वितरित की जा चुकी | अवमुक्त की जाने वाली वर्ष की धनराशि धनराशि धनराशि (स्वीकृति राशि (स्वीकृत धनराशि का. | का 0%) 90 प्रतिशत) . AO आर0एल0एजे0 | 2022-23 724.95 652.45 72.50 कॉनकास्ट FTO (रुपया Feat लाख, लि0 चुनार, पचास हजार मात्र) AAT | कुल धनराशि:- 72.50 (रुपया बहत्तर लाख, पचास हजार मात्र) 2- अतः इस सम्बन्ध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |रू.3000.00 लाख के सापेक्ष उपरोक्त इकाई को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किये जाने हेतु कुल धनराशि रू.72,50,000.00 (रुपया बहत्तर लाख, पचास हजार मात्र) की धनराशि आपके निर्वतन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत/अवमुक्त किए जाने की एतद्द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्ध . स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। 2. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र उ०प्र0 वित्तीय निगम cant हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग निदेशालय, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। 3. उ०प्र० वित्तीय निगम ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित व्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। 5. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते A नहीं रखा जाएगा। 6. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। 7. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। 8. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। 9. पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूत्री का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन GANT की जायेगी। 0. यदि इन इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्बबन्ध A डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाल्ली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। 4. fade निगम gant इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। i2. ऋण की वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। 3. किसी भी वितीय अनियमितता के लिए उ०प्र० वित्तीय निगम उत्तरदायी होगा। 4. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 27.03.2025 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 5. उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- इस संबंध में होने वाला व्यय GO 72,50,000.00 (रुपया बहत्तर लाख, पचास हजार मात्र) को चालू वितीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक A अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 6885047900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश कंप्यूटर CANT उत्पन्न अशासकीय AEA-E-6-2-X-2025-26, दिनांक 8.07.2025 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, पीयूष वर्मा विशेष सचिव। AEA-_60/2025/267()/77-6-2024/623733 तद्दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचना एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :- . महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2. निजी सचिव, प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, एवं लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन। 3. मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर/लखनऊ। 4. नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विश्ाग, उ०प्र० शासन। छा प्रभारी, वि०यो०वि०, उ०प्र० वित्तीय निगम, कानपुर के पत्र संख्या-00/विनि/वियोवि/2025-26 दिनांक 2.05.2025 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु | on संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 9. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 0. नियोजन अनुभाग-4/4 44. औद्योगिक विकास अनुभाग-2 2. गार्ड फाइल। 9? आज्ञा से, रामध्यान रावत उप सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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