Date: 2026-01-28Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान संख्या-32 चिकित्सा विभाग(एलोपैथी चिकित्सा) के अन्तर्गत राज्य आरोग्य निधि की स्थापना हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में।
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़, 2025-26 के वित्तीय वर्ष के लिए अनुदान संख्या-32 (एलोपैथिक चिकित्सा) के तहत राज्य आरोग्य निधि की स्थापना के लिए आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी करने के संबंध में है। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, निवर्तन पर रखी गई रु० 500.00 लाख की धनराशि को कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन सहर्ष स्वीकृत करते हैं।
**मुख्य बातें**
* **धनराशि का संवितरण और प्रबंधन**
* आवश्यकतानुसार राज्य कोषागार से समान किश्तों में धनराशि निकाली जानी चाहिए।
* स्वीकृत धनराशि का एकमुश्त आहरण नहीं किया जाएगा और न ही इसे बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
* यह धनराशि चिकित्सा संस्थानों/अस्पतालों को उनकी मांग के अनुसार उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
* **धनराशि का उपयोग और लेखा**
* स्वीकृत धनराशि का व्यय किसी अन्य शीर्ष के अंतर्गत नहीं किया जाना चाहिए।
* स्वीकृत धनराशि का पूरा लेखा-जोखा रखा जाना चाहिए और व्यय की स्थिति सरकार को समय-समय पर सूचित की जानी चाहिए।
* **अनुपालन और वित्तीय दिशानिर्देश**
* वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों का विशेष रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
* व्यय प्रबंधन और सरकारी व्यय में मितव्ययिता के संबंध में, 27 मार्च 2025 के कार्यालय ज्ञाप संख्या-6/2025/बी-1-352/दस-2025-231/2025 में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए।
* **वित्तीय विवरण**
* इस संबंध में किया गया व्यय वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान संख्या-32, लेखाशीर्षक-2210, चिकित्सा तथा लोक स्वास्थ्य, 80-सामान्य, 800-अन्य व्यय, 06-आरोग्य निधि की स्थापना, 42-अन्य व्यय के नामे डाला जायेगा।
**प्रभाव विश्लेषण**
**प्रमुख हितधारक: महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें, उ०प्र०, लखनऊ**
* **प्रभाव:** राज्य आरोग्य निधि की स्थापना के लिए 500 लाख रूपए की धनराशि का प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि धनराशि का उपयोग उल्लिखित शर्तों और प्रतिबंधों के अनुसार किया जाए, और नियमित आधार पर सरकार को व्यय की स्थिति की रिपोर्ट करें।
**प्रमुख हितधारक: चिकित्सा संस्थान/अस्पताल**
* **प्रभाव:** रोगियों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए राज्य आरोग्य निधि से धनराशि प्राप्त होगी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** चिकित्सा संस्थानों/अस्पतालों को अपनी धनराशि की आवश्यकताएँ प्रस्तुत करनी चाहिए, और धनराशि के व्यय का पूरा रिकॉर्ड रखना चाहिए।
**प्रमुख हितधारक: वित्त विभाग**
* **प्रभाव:** वे राज्य आरोग्य निधि के प्रबंधन की निगरानी और नियंत्रण के लिए जिम्मेदार होंगे।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है, व्यय की निगरानी करें और आवश्यक निर्देश जारी करें।
Key Entities Referenced
राज्य आरोग्य निधि: वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश राज्य में स्थापित की जाने वाली एक निधि, जिसका उद्देश्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
चिकित्सा विभाग (एलोपैथी चिकित्सा): अनुदान संख्या-32 के तहत उत्तर प्रदेश सरकार का चिकित्सा विभाग, जिसके अंतर्गत राज्य आरोग्य निधि की स्थापना की जा रही है।
वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1: उत्तर प्रदेश सरकार का वित्त विभाग का अनुभाग जो वित्तीय मामलों से संबंधित है और इस आदेश में संदर्भित है।
उत्तर प्रदेश: वह राज्य जहाँ यह नीति लागू होती है।
संख्या-]/2026/29/पांच--2026-5(97)/2टी0सी0
प्रेषक,
आर्यका अखौरी,
विशेष सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
महानिदेशक,
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें,
उ0प्र0, लखनऊ ।
चिकित्सा अनुभाग-। लखनऊ: दिनांक: 28 जनवरी, 2026
विषय:-वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान संख्या-32 चिकित्सा विभाग(एलोपैथी चिकित्सा) के
अन्तर्गत राज्य आरोग्य निधि की स्थापना हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति निर्गत
किये जाने के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक आपके पत्र संख्या-फ/चि050/2024-25/0623, दिनांक
06.08.2025 एवं पत्र AAMN-H/TIOS0/2025-26/23, दिनांक 0i.0:.2026 के संदर्भ में
मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य आरोग्य निधि हेतु
प्राविधानित धनराशि FO 500.00 लाख (पांच करोड़ मात्र), आपके निवर्तन पर रखे जाने की
श्री राज्यपाल महोदय, निम्नांकित शर्तों/प्रतिबन्धों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं,
कृपया तद्गुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें:-
(i) स्वीकृत की जा रही धनराशि का कोषागार से आहरण आवश्यकतानुसार समान रुप से
फेजिंग करते हुए किया जायेगा, जिससे प्रदेश के कैश फ्लो पर कोई विपरीत प्रभाव न
पड़े।
(2) स्वीकृत धनराशि का आहरण एकमुश्त रुप से नहीं किया जायेगा और न ही आहरित
धनराशि को किसी बैंक खाता आदि में जमा किया जायेगा।
(3) धनराशि का आहरण कर सम्बन्धित चिकित्सा संस्थानों /चिकित्सालयों को उनकी
मांग के अनुसार धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी।
(4) स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय किसी अन्य मद में कदापि नहीं किया जायेगा।
(5) स्वीकृत धनराशि का पूर्ण लेखा-जोखा रखा जायेगा तथा व्यय की स्थिति से शासन
को अवगत कराया जायेगा।
(6) वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप AeA-6/2025/asl--352/aa-
2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में दिये गये निर्देशों का अक्षरशः पालन
किया जायेगा तथा व्यय प्रबंधनएवं शासकीय व्यय में मितव्ययिता के सम्बन्ध में
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों का विशेष रुप से अनुपालन भी
सुनिश्चित किया जायेगा।
2- इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान संख्या-32,
लखाशीर्षक-220, चिकित्सा तथा लोक स्वास्थ्य, 80-सामान्य, 800-अन्य व्यय, 06-आरोग्य
निधि की स्थापना, 42-अन्य व्यय के AA डाला जायेगा।
3- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AT AEA-6/2025 /A--
352/दस-2025-23/2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 द्वारा प्रतिनिधानित अधिकारों के अधीन
निर्गत किये जा रहे हैं।
भवदीय,
आर्यका अखौरी
विशेष सचिव।
संख्या: (/2026/29(i)/UrI-I-2026-5(97)/i2at0M0, तददिनांक
प्रतिलिपि: निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही द्वेतु प्रेषितः-
l- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।
2- निदेशक (चिकित्सा उपचार), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें, 50प्र0, लखनऊ ।
3- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-3
4- वित्त नियंत्रक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें, 3000, लखनऊ ।
5-. मुख्य कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ।
6- चिकित्सा अनुभाग-6
7- Is Wise
आज्ञा से,
आर्यका अखौरी
विशेष सचिव |
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |