Home India चिकित्‍सा शिक्षा एवं आयुष विभाग वित्तीय वर्ष 2025-26 में हृदय रोग संस्‍थान, कानपुर में मुख्‍...
Date: 2026-01-28 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2025-26 में हृदय रोग संस्‍थान, कानपुर में मुख्‍य भवन की मरम्‍मत/सुदृढ़ीकरण के कार्य के संबंध में।

Issued by चिकित्‍सा शिक्षा एवं आयुष विभाग · चिकित्‍सा शिक्षा एवं आयुष विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, यहाँ अनुरोधित संरचना के आधार पर दिए गए नीति पाठ का सारांश दिया गया है। **कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए हृदय रोग संस्थान, कानपुर में मुख्य भवन के रखरखाव/सुदृढ़ीकरण से संबंधित है। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल संस्थान के लिए स्वीकृत राशि 285.10 लाख रुपये में से 200.00 लाख रुपये (दो करोड़ रुपये) जारी करने की मंजूरी दे रहे हैं। इस आवंटन को कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन किया जाता है जैसा कि दस्तावेज़ में बताया गया है। **मुख्य बातें** *वित्तीय अनुमोदन और आवंटन:* * वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए हृदय रोग संस्थान, कानपुर के मुख्य भवन के रखरखाव/सुदृढ़ीकरण के लिए 200.00 लाख रुपये (दो करोड़ रुपये) जारी किए जा रहे हैं। * आवंटित निधि का व्यय प्राक्कलन में निर्दिष्ट विशिष्टताओं के अनुरूप होना चाहिए और पारदर्शी प्रक्रियाओं और ऑडिट के अधीन होना चाहिए। * आवंटित निधि का उपयोग केवल उन कार्यों/मदों के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए यह स्वीकृत की गई है। अन्य कार्यों/मदों के लिए व्यय वित्तीय अनियमितता माना जाएगा। *अनुपालन और प्रक्रियाएँ:* * निदेशक/कार्यदायी एजेंसी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुसंगत नियमों और प्रावधानों का पालन किया जाए, और समय पर तरीके से गुणवत्तापूर्ण कार्य और ऑडिट सुनिश्चित किए जाएँ। * निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ और पर्यावरणीय मंज़ूरियाँ सक्षम स्तर से प्राप्त की जानी चाहिए। * परियोजना लागत के संबंध में, चालू वित्त वर्ष में वित्त विभाग के प्रासंगिक सरकारी आदेशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। * मूल्यांकन समिति से पूर्व अनुमोदन प्राप्त किए बिना परियोजना के तहत कार्यों/विशिष्टताओं में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। * कार्यदायी एजेंसी द्वारा तकनीकी स्वीकृति जारी करने से पहले यदि परियोजना लागत में 10% से अधिक की वृद्धि होती है, तो संशोधित परियोजना प्रस्ताव पर समिति से पुन: अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य है। *अतिरिक्त निर्देश:* * परियोजना में प्रस्तावित कार्यों/स्थापना संबंधी कार्यों के डुप्लिकेट से बचने के लिए निर्माण इकाई/निदेशक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह कार्य पहले से किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत या प्रस्तावित नहीं है। * सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही परियोजना पर निर्माण कार्य किया जाएगा। * परियोजना का निर्माण स्वीकृत लागत के भीतर ही पूरा किया जाना चाहिए और कोई पुनरीक्षित अनुमान स्वीकार्य नहीं होगा। * स्वीकृत धनराशि को पीएलए/बैंक खाते में नहीं रखा जाएगा। * आगणन का परीक्षण किया गया है, और कार्यान्वयन से पहले कार्यदायी संस्था को प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर दरें प्राप्त करनी चाहिए। *वित्तीय दिशानिर्देश:* * आगणन में 18% जीएसटी और 10% सेन्टेज का प्रावधान है, जो नियमानुसार देय होगा। * आगणन में नियमानुसार श्रम उपकर देय होगा। * आगणन में विभागीय दक्षता के लिए 5% की कमी की गई है। * कार्यों में प्रयुक्त डिजाइन, सामग्री आदि के लिए कार्यदायी संस्था स्वयं उत्तरदायी होगी। *उल्लेखनीय शर्तें:* * परियोजना के कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था का स्वयं उत्तरदायी होना। * उल्लिखित दिशानिर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाना। * कार्यों को स्वीकृत लागत के भीतर पूरा किया जाना। *निधि आवंटन:* * रुपये 2,00,00,000 (दो करोड़ रुपये) का व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 031 लेखा शीर्षक 42100310568 राजकीय मेडिकल कालेजों का जीर्णोद्धार 24-वृहद निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। **प्रभाव विश्लेषण** *महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण, उ०प्र०, लखनऊ* **प्रभाव:** संस्था को परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त है। **आवश्यक कार्रवाई:** दस्तावेज में उल्लिखित शर्तों और प्रतिबंधों का पालन करते हुए आवंटित धन का प्रभावी ढंग से उपयोग सुनिश्चित करें। *निदेशक/कार्यदायी एजेंसी* **प्रभाव:** परियोजनाओं के प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण कार्य और पारदर्शिता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका। **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि परियोजनाएँ विनिर्देशों, नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करें, वैधानिक मंज़ूरी प्राप्त करें, और धन का उचित प्रबंधन करें। *वित्त नियंत्रक* **प्रभाव:** वित्तीय प्रबंधन और धन के उपयोग की निगरानी के लिए जिम्मेदार। **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि धन का व्यय प्रासंगिक वित्तीय नियमों का पालन करता है और अनुमोदन और ऑडिट की आवश्यकता को पूरा करता है। *अन्य विभाग और अधिकारी* **प्रभाव:** संबंधित विभाग और अधिकारी जैसे लेखाकार, प्रबंध निदेशक और कोषाधिकारी विशिष्ट कार्यों और जिम्मेदारियों को निष्पादित करते हैं। **आवश्यक कार्रवाई:** आवश्यकतानुसार कार्यों का पालन करें और परियोजना में अपनी भूमिकाओं के लिए दिए गए निर्देशों का पालन करें।

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हृदय रोग संस्थान, कानपुर: कानपुर में हृदय रोग संस्थान चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय, उ०प्र०, लखनऊ: चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के महानिदेशक को संबोधित वित्त विभाग, उ०प्र०: वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार उ०प्र० शासन: उत्तर प्रदेश सरकार
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फाइल AO-7-3002(002)/2/2026-03 26/2026/|/(29437/2026 प्रेषक, चन्द्र शेखर मिश्र, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण, उ0प्र0, लखनऊ। चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-3 लखनऊ : दिनांक 28 जनवरी, 2026 विषय:- वित्तीय वर्ष 2025-26 में हृदय रोग संस्थान, कानपुर में मुख्य भवन की मरम्मत/सुहृढ़ीकरण के कार्य के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक अपने पत्र संख्या-एमई/निर्माण/2025-26/430, दिनॉक 24.2.2025 का कृपया संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें। 2- इस संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि हृदय रोग संस्थान, कानपुर में मुख्य भवन की मरम्मत“सुद्ृढीकरण के कार्य हेतु तकनीकी समिति द्वारा अनुमोदित लागत BO 285.i0 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-34 के अधीन लेखाशीर्षक 4220-03- 05-68 में मानक मद-24-वृहद निर्माण कार्य में प्राविधानित धनराशि रू0 2500.00 लाख के सापेक्ष में रू0 200.00 लाख (रू0 दो करोड़ मात्र) की धनराशि अवमुक्त किये जाने की राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- 3- उपर्युक्त धनराशि के व्यय हेतु निम्नलिखित शर्तों/प्रतिबन्धों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा:- 4. सुसंगत नियमों एवं प्राविधानों का पालन करते हुए पारदर्शी प्रकिया के तहत प्राक्कलन में निर्धारित विशिष्टियों केअनुरूप समयबद्ध रूप से गुणवत्ता पूर्ण कार्य एवं आडिट कराये जाने की जिम्मेदारी निदेशक»कार्यदायी संस्था की होगी। 2. वित्त विभाग के नियम, शर्त व प्रतिबन्धों के अधीन कार्यवाही की जाये। 3. स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय उन्हीं कार्यो/मदों में किया जायेगा, जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है, fee! अन्य कार्यो/म्दों पर धनराशि का व्यय अथवा व्ययावर्तन वित्तीय अनियमितता मानी जायेगी। 4, निदेशक/कार्यदायी संस्था द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाए। 5. प्रायोजना की लागत के सम्बन्ध में ag वित्तीय वर्ष में वित्त विभाग के सुसंगत शासनादेशों में दी गयी व्यवस्थानुसार सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा। 6. प्रायोजनान्तर्गत कार्य मर्दों /विशिष्टियों में कोई परिवर्तन मूल्यांकन समिति का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा, इसके अतिरिक्त समिति द्वारा अनुमोदित कार्यों की कार्यदायी संस्था द्वारा तकनीकी स्वीकृति निर्गत करने के पूर्व विस्तृत डिजाइन»ड्राइंग बनाते समय प्रायोजना लागत में यदि 0 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होती है तो इस स्थिति से पुनरीक्षित प्रायोजना प्रस्ताव पर Ol माह के अन्दर समिति का पुन: अनुमोदन प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा अन्यथा बाद में पुनरीक्षित प्रायोजना लागत के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जायेगा। 7. प्रायोजना में प्रस्तावित कार्यों/स्थापना सम्बन्धी कार्य की डुप्लीकेसी को रोकने की दृष्टि से निर्माण इकाई /निदेशक द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना»कार्यक्रम के 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |अंतर्गत न तो स्वीकृत था और न ही वर्तमान में किसी अन्य योजना#कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। 8. प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही निर्माण कार्य कराया जाए। 9. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय-ज्ञाप AGAT-6/2025/a- -352/AA-2025-23/2025, दिनांक 27.03.2025 मैं उल्लिखित दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। 20. प्रायोजना का निर्माण स्वीकृत लागत मैं ही पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित कराया जाए। प्रायोजना का कोई पुनरीक्षित अनुमनय नहीं होगा। 44. स्वीकृत धनराशि को पी0एल0ए0“बैंक खाते में नहीं रखा जायेगा। 42. आगणन में प्राविधानित Hal की मात्राओं को यथावत्‌ मानते हुए आगणन का परीक्षण किया गया है। 43. क्रियान्वयन से पूर्व कार्यदायी संस्था द्वारा इन कार्यो हेतु प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर दरें प्राप्त कर निर्माण कार्य सुसंगत वित्तीय नियमों के आधार पर किया जाये। 44. आगणन में is प्रतिशत जी0एस0टी0 का प्राविधान किया गया है, जो नियमानुसार देय होगा। 45. आगणन में i0 प्रतिशत Aca का प्राविधान किया गया है, जो नियमानुसार देय होगा। 6. आगणन में लेबर सेस नियमानुसार देय होगा। 47. आगणन में विभागीय दक्षता हेतु 5 प्रतिशत कम कर दिया गया है। 8. कार्यो में प्रयुक्त डिजाइन , सामग्री आदि हेतु कार्यदायी संस्था स्वयं उत्तरदायी होगी। 4- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 2,00,00,000 ( रुपये दो करोड़ मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 03 लेखा शीर्षक 420030568 राजकीय मेडिकल कालेजों का जीर्णोद्धार 24-वृहद निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। 5-. यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 के कार्यालय-ज्ञाप ALA -6/2025/a-2-352/GH-2025-23/2025, दिनांक 27.03.2025 में प्रशासकीय विभाग को Sch प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, ( चन्द्र शेखर मिश्र) संयुक्त सचिव। संख्या:-ऊउपरोक्‍त, तद्दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- wow महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागराज। महालेखाकार, (सिवित्र आडिट) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागराज। निदेशक, हृदय रोग संस्थान, कानपुर। वित्त नियंत्रक, निदेशालय, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण, उ0प्र) लखनऊ। प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 प्रोजेक्ट कारपोरेशन लि0, लखनऊ। वित्त नियंत्रक, हृदय रोग संस्थान, कानपुर। वरिष्ठ कोषाधिकारी, कानपुर। वित्त (आय-व्ययक) HAAMT-/2, वित्त (व्यय नियंत्रण) अनुभाग-3 गार्ड फाइल। 0० ४ DY FwWwN FP आज्ञा से, ( चन्द्र शेखर मिश्र) संयुक्त सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |

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