ज़रूर, यहाँ अनुरोधित संरचना का उपयोग करके नीति दस्तावेज़ का सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शहरी बाईपास/रिंग रोड/फ्लाईओवर निर्माण के लिए वर्तमान कार्यों के लिए आवंटित धन के बारे में है। इसके तहत कुल 4067.45 लाख रुपये के आवंटन को मंजूरी दी गई है, और यह आवंटन कुछ शर्तों के अधीन है, जिसका उल्लेख दस्तावेज़ में किया गया है। यह अनुमोदन 31 जनवरी, 2026 को जारी किया गया था।
**मुख्य बातें**
* **धनराशि का आवंटन:**
* शहरी बाईपास/रिंग रोड/फ्लाईओवर के लिए चार चालू कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 4067.45 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
* **विशेष परियोजना विवरण:**
* फिरोजाबाद: सुहाग नगर चौराहे से सुभाष चौक/जैन मंदिर तक 02 लेन सड़क ऊपरीगामी सेतु के निर्माण के लिए 1817.45 लाख रुपये आवंटित किए गए।
* अम्बेडकर नगर: अम्बेडकर नगर बाजार बाईपास के निर्माण के लिए 1000.00 लाख रुपये आवंटित किए गए।
* बलिया: लखनऊ-बलिया मार्ग पर सिया मोड़ से सिंगही होते हुए रामनगर तक सड़क को चौड़ा करने और मजबूत करने के लिए 1200.00 लाख रुपये आवंटित किए गए।
* सीतापुर: कल्ली नैमिषारण्य-पनाहगार मार्ग से बिलराया मार्ग से नैमिषारण्य मार्ग तक बाईपास के निर्माण के लिए 50.00 लाख रुपये आवंटित किए गए।
* **शर्ते एवं प्रतिबंध:**
* आवंटित राशि का उपयोग वित्तीय नियमों और विनियमों के अनुपालन के साथ किया जाना चाहिए और किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं।
* आवंटित धन के उपयोगिता प्रमाण पत्र महालेखाकार और सरकार को निर्धारित समय के भीतर प्रस्तुत करने होंगे।
* परियोजनाओं के संबंध में प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति विषयक सरकारी आदेशों की सभी शर्तों और प्रतिबंधों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
* विभागीय बजट के ऑनलाइन आवंटन से संबंधित वित्त विभाग के दिशानिर्देशों का पालन किया जाना है।
* आवंटित धन को खर्च करने से पहले वित्त विभाग द्वारा निर्दिष्ट प्रक्रियाओं और शर्तों का पालन किया जाना चाहिए।
**प्रभाव विश्लेषण**
**प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग:**
* **प्रभाव:** आवंटित धनराशि का उपयोग शहरी बाईपास/रिंग रोड/फ्लाईओवर के चालू कार्यों के लिए करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** नियमों और विनियमों के अनुसार निधि का आवंटन और उपयोग सुनिश्चित करें, उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करें और प्रशासनिक और वित्तीय निर्देशों का पालन करें।
**महालेखाकार:**
* **प्रभाव:** परियोजनाओं के लिए वित्तीय लेनदेन पर निगरानी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** कार्यों से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र और संपरिक्षित लेखा परीक्षा रिपोर्ट प्राप्त करना और सत्यापित करना।
**संबंधित मंडलायुक्त/जिलाधिकारी:**
* **प्रभाव:** अपने संबंधित क्षेत्रों में परियोजनाओं के निष्पादन में सहायता।
* **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजनाओं की निगरानी करना और निष्पादन में आवश्यक समर्थन सुनिश्चित करना।
**प्रबंध निदेशक, उ.प्र. राज्य सेतु निगम लि., लखनऊ:**
* **प्रभाव:** परियोजनाओं के निष्पादन में सहायता।
* **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजनाओं का प्रबंधन।
**मुख्य अभियन्ता और वित्त नियंत्रक, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ:**
* **प्रभाव:** वित्तीय नियंत्रण एवं निगरानी
* **आवश्यक कार्रवाई:** आवंटित धनराशि की उचित उपयोग सुनिश्चित करना और रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
Key Entities Referenced
लोक निर्माण विभाग, उ०प्र०: प्रमुख विभाग जो उत्तर प्रदेश में सड़कों और पुलों के निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।
वित्तीय वर्ष 2025-26: वह वित्तीय वर्ष जिसके लिए शहरों में बाईपास/रिंग रोड/फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए धन आवंटित किया जा रहा है।
बाईपास/रिंग रोड/फ्लाई ओवर: शहरी क्षेत्रों में यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए इन निर्माण परियोजनाओं को लक्षित किया गया है।
वित्त विभाग, उ0प्र0 शासन: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो वित्त से संबंधित मामलों को संभालता है, जैसे कि बजट आवंटन और वित्तीय नियमों का अनुपालन।
उत्तर प्रदेश शासन: वह सरकार जो इस नीति के प्रशासन के लिए जिम्मेदार है