Date: 2025-07-17Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
वित्तीय वर्ष 2025-26 मे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण कार्य हेतु वित्त संस्थाओं से लिये गये ऋण के मूलधन की अदायगी हेतु धनराशि के आवंटन के संबंध में।
यहां दिए गए नीति पाठ का एक संक्षिप्त सारांश है:
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना से संबंधित है। यह परियोजना के लिए ऋण के मूलधन के पुनर्भुगतान को आवंटित 4687.00 लाख की धनराशि के बारे में है। यह राशि 1 जुलाई, 2025 से 30 सितंबर, 2025 तक आवश्यक है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **धनराशि आवंटन:**
* गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वित्त संस्थाओं से लिए गए ऋण के मूलधन के पुनर्भुगतान के लिए 4687.00 लाख आवंटित किए गए हैं।
* **धनराशि उपयोग पर शर्तें:**
* धनराशि को यूपीईआईडीए के बैंक खाते या अन्य खाते में नहीं रखा जाएगा, लेकिन उस बैंक खाते में जमा किया जाएगा जिससे ऋण प्राप्त किया गया था।
* धनराशि केवल उस उद्देश्य के लिए उपयोग की जाएगी जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया है।
* आवंटित धनराशि की तुलना में उपयोगिता प्रमाण पत्र निर्धारित समय में कार्यालय महालेखाकार को प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
* **अनुपालन आवश्यकताएँ:**
* धनराशि का आहरण सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन के बाद नियमों के अनुसार किया जाएगा।
* वित्त विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
* धनराशि का उपयोग वित्त विभाग के आदेशों और बजट मैनुअल के अनुसार होना चाहिए और इसका उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
**प्रभाव विश्लेषण:**
* **हितधारक:** यूपीडा (यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण)
* **प्रभाव:** यूपीडा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए आवश्यक धनराशि प्राप्त करता है और पुनर्भुगतान सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** स्वीकृत धनराशि को बैंक खाते में जमा करना और ऋणों के पुनर्भुगतान की शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करना।
* **हितधारक:** महालेखाकार कार्यालय
* **प्रभाव:** धन के उपयोग के बारे में जानकारी प्राप्त करता है
* **आवश्यक कार्रवाई:** लेखापरीक्षा और धन का मिलान करना।
* **हितधारक:** यूपी सरकार (औद्योगिक विकास विभाग)
* **प्रभाव:** यह परियोजना के लिए वित्त का प्रबंधन करता है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** शासन द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करना।
Key Entities Referenced
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना: गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना जिसका मुख्य उद्देश्य वित्त संस्थाओं से लिए गए ऋण के मूलधन का भुगतान करना है।
यूपीडा (UPIDA): उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, जो गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए धन के वितरण और उपयोग के लिए जिम्मेदार है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-3: औद्योगिक विकास विभाग का अनुभाग जो गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए धनराशि आवंटन से संबंधित है।
वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-1: वित्त विभाग का अनुभाग जो वित्तीय नियमों और दिशानिर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करता है।
उत्तर प्रदेश: राज्य जहां गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना स्थित है और जहां पॉलिसी लागू होती है।
संख्या-43/2025//028027/2025/002-77-2002-003--2023
प्रेषक,
निर्मेष कुमार शुक्ल,
उप सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नस “
यूपीडा, पिकप भवन, NX
गोमती नगर लखनऊ। 33७ थे
औद्योगिक विकास अनुभाग-3 लखनऊ कर दिनांक, .2025
विषय:- वित्तीय वर्ष 2025-26 A गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे कार्य हेतु
वित्त संस्थाओं से लिये गये ऋण के मूलधन की अदायगी हेतु oj
के संबंध
a १3
महोदय, Oo:
उपर्युक्त विषयक उप मुख्य ee) अधिकारी, यूपीडा के. पत्रांक
क69ि2 /गयोूरपखीपडुार/0 8ल/ि4ं4क7 एक्दसिपन्ारेंसकव े3 0“.06.a2025 e मुझे यह कहने का निदेश हुआ है os कार्य हेतु हेतु वित्त संस्थाओं से लिये
गये ऋण के मूलधन की अदायगी 0.07.2025 से दिनांक 30.09.2025 तक
आवश्यक धनराशि रु. 4687.00 छियालिस करोड़ सत्तासी लाख मात्र ) की
धनराशि एल रह बल कर विवरण एवं प्रतिबन्धों के अधीन अवमुक्त किये जाने की
श्री राज्यपाल सहर्ष हैं-
(धनराशि रू0 लाख में)
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क्र0स0 नर का नाम अब तक HAAS | अवमुक्त की
९
धनराशि जा रही
९
धनराशि
(|) मूलधन हेतु धनराशि का आहरण कर यूपीडा के बैंक खाते अथवा किसी अन्य बैंक खाते
मैं नहीं रखी जायेगी बल्कि जिस बैंक खाते से ऋण की धनराशि आहरित की गयी है उसी
बैंक खाते में मूलधन की धनराशि जमा की जायेगी।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(2) धनराशि. का. आहरण तात्कालिक आवश्यकता के. अनुसार किया. जाएगा।
(3) स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जायेगा जिसके लिए धनराशि
स्वीकृत की जा रही है।
(4) यूपीडा का यह भी दायित्व है कि आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र
(कार्य का सम्परीक्षित लेखा Maka समयावधि A कार्यालय महालेखाकार , उ0प्र0
प्रयागराज, कार्यालय स्थानीय निधि लेखा परीक्षा, उ0प्र0 प्रयागराज एवं शासन को उपलब्ध
करा दिया जाए।
(5) धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नियमानुसार cosy तथा
स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ag सैं
6/2025/बी-4-352/दस-2025-23/2025 दिनांक 27.03.2025 द्वारा जारी ५३ Qt का
पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
(6) प्रश्नगत कार्य हेतु अवमुक्त धनराशि का कर वित्त द्वारा निर्गत
आदेशों/ज्ञापों में उल्लिखित शर्तों के अनुसार, बजट मैनुअल,
नियमों, स्थायी आदेशों आदि का अक्षरश: अनुपालन
किसी भी दशा में प्रश्नतगत कार्य हेतु आवंटित कि किसी अन्य मद में नहीं
किया जायेगा।
(7) किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए होगा।
(निर्मेष कुमार शुक्ल)
उप सचिव
संख्या एवं दिनांक Aca]
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
|. निजी सचिव, AIO मंत्रीजी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
2. निजी सचिव, AO राज्य मंत्री जी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |शासन।
3. महालेखाकार, (लेखा परीक्षा) प्रथम/दवितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज/लखनऊ।
4. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उत्तर प्रदेश प्रयागराज |
5. मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ।
6. निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन लखनऊ।
7.निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उ0प्र0 प्रयागराज।
8. निजी सचिव, प्रमुख सचिव, औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्र० शासन |
9. वित्त (ई-6) अनुभाग-6/औद्योगिक विकास अनुभाग-2 कस <३
|0. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-
fae नियंत्रक, यूपीडा, पर्यटन भवन गोमती नगर लखनऊ। 3 ९
2.qISa बजट एलाटमेन्ट सिस्टम।
S
3. गार्ड पत्रावली।
SS आज्ञा से,
OS
Cy (निर्मेष कुमार शुक्ल)
उप सचिव
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |