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Official Transcriptसख्या- i /2026/|/ 25347i/2026/i'-4099/53/2025 प्रेषक, अरविन्द सिंह, उप सचिव उ0प्र0 शासन। सेवा में, आयुक्त, राज्य कर, उ0प्र0, लखनऊ | राज्य कर अनुभाग-4 लखनऊ; दिनांक 27 फरवरी, 2026 विषय:-वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद-ललितपुर में मण्डल स्तरीय राज्य कर कार्यालय भवन के निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपयुक्त विषयक अपने पत्र संख्या-स0नि0-ललितपुर मण्डल HAO...
सख्या- i /2026/|/ 25347i/2026/i'-4099/53/2025 प्रेषक, अरविन्द सिंह, उप सचिव उ0प्र0 शासन। सेवा में, आयुक्त, राज्य कर, उ0प्र0, लखनऊ | राज्य कर अनुभाग-4 लखनऊ; दिनांक 27 फरवरी, 2026 विषय:-वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद-ललितपुर में मण्डल स्तरीय राज्य कर कार्यालय भवन के निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपयुक्त विषयक अपने पत्र संख्या-स0नि0-ललितपुर मण्डल HAO निर्माण/2025- 26/I007/Usa कर, दिनांक 06.2.2025 का कृपया सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा जनपद-ललितपुर में मण्डल स्तरीय राज्य कर कार्यालय भवन के निर्माण कार्य हेतु नामित कार्यदायी संस्था-लोक निर्माण विभाग से तैयार आगणन प्रस्ताव/डी0पी0आर0 लागत BO 777.95 लाख की प्रति उपत्रब्ध कराते हुए कार्य की प्रशासीय एवं वित्तीय स्वीकृति निर्गत किये जाने का अनुरोध किया गया है। 2- इस सम्बंध में मुझे यह कहने का face हुआ है कि जनपद-ललितपुर में मण्डल स्तरीय राज्य कर कार्यालय भवन के निर्माण कार्य eq प्रायोजना रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग द्वारा आंकलित लागत रु०0 743.44 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान संख्या-89 के अंतर्गत पूंजीपक्ष के लेखाशीर्षक 4059-0I-05-32-aelaal केन्द्रों एवं HAA भवनों का निमाण के मानक मद 24-वृहत् निर्माण कार्य में प्रावधानित बजट के सापेक्ष परियोजना की प्रथम किश्त के रूप A VO 37.72 लाख (रुपये तीन करोड़ इकहत्तर लाख Feat हजार मात्र) की वितीय स्वीकृति राज्यपाल महोदय निम्नलिखित शर्तों व प्रतिबंधों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं- नियम व शर्तों/प्रतिबन्धों- . प्रयोजनान्तर्गत समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाये। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ind सत्यापित की जा सकती है |प्रायोजना का गठन कार्यात्रय प्रमुख अभियन्ता, उ0प्र0, लोक निर्माण विभाग (भवन वर्ग) के पत्रांक-272 कैम्प/मु0अभि0 (भवन)/2023 दिनांक 0-i0-2023 तथा पत्रांक-294 कैम्प/मु0अभि0 (भवन)/2023 दिनांक 26-i0-2023 के द्वारा डीएएस0आरए० की दरों में फैक्टर/कास्ट SST का समावेश करते हुए कार्यात्रय प्रमुख अभियंता, उ0प्र0 के कार्यालय ज्ञाप सं0-249 कैम्प/मु०0अभि0 (भवन)/2025, दिनांक !-07-2025 A दिये गये निर्देशों के कम में डी0एस0आर० वर्ष 2023 की सिविलत्र कार्यो की दरों में 3 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए आगणन का गठन किया गया है। प्रायोजना रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग द्वारा प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन का परीक्षण किया गया है। कतिपय ऐसी कार्यमर्दे जिनकी दरें उक्त दरों में उपलब्ध नहीं है, उन्हें बाजार दरों के आधार पर प्रस्तावित की गयी है। वित्त विभाग के शासनादेश WO-I0/202I/al-2-96/AA-202-0/99 दिनांक 22 मार्च, 202। के अनुसार अनुमोदित प्रायोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के उपरान्त इसकी डी0पी0आर0 गठित करने के उपरान्त ही तकनीकी स्वीकृति fasta की जाय। यदि इस प्रकिया में यह परिल्रक्षित होता है की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष तकनीकी स्वीकृति की लागत i0 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है, तो प्रायोजना का पुनरीक्षित आगणन का गठन करते हुए 03 माह के भीतर पुनरीक्षित आगणन पर प्रभाग का अनुमोदन प्राप्त किया जाय, अन्यथा की स्थिति में पुनरीक्षित प्रायोजना पर प्रभाग द्वारा विचार नहीं किया जायेगा। वित्त विभाग के शासनादेश AO-0:/2023/U-2-60/GH-2023-7(4)/75, दिनांक 7 मई, 2023 के अनुसार परियोजना की वित्तीय स्वीकृति व प्रथम किश्त मूल्यांकित लागत पर जारी की जाये, किन्तु द्वितीय किश्त जारी करने से पूर्व परियोजना की लागत को निविदा में UTA मूल्य (टेण्डर HC) के अनुसार विहित प्रक्रिया का पात्नन करते हुए पुनरीक्षित करा लिया जाये। परियोजना की अनुवर्ती किश्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी की जायें ताकि कार्यदायी संस्था को कार्य की वास्तविक लागत से अधिक धनराशि अवमुक्त न हो सके। यदि निविदा के बाद कार्यो की लागत में कमी आती है तो बचत की धनराशि को सुसंगत वित्तीय नियमों के अन्तर्गत राजकोष में जमा किया जाये। प्रायोजना प्रस्ताव/आगणन में कन््टीजेन्सी मद में प्रस्तावित धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका में अनुमन्य Acl पर ही नियमानुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही किया जायेगा। प्रायोजनान्तर्गत 8 प्रतिशत की दर से जी0एस0टी0 की धनराशि सम्मिलित की गयी है। अपर आयुक्त ग्रेड-] राज्य कर, झाँसी जोन, झाँसी/कार्यदायी संस्था का दायित्व होगा कि भारत सरकार“राज्य सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जी0एस0टी0 का I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.ind सत्यापित की जा सकती है |भुगतान सुनिश्चित कराये। साथ ही यह भी दायित्व होगा कि प्रायोजना के निर्माण कार्यो में वास्तविक खपत (CONSUMED) हुई मुख्य सामग्री (सीमेन्ट/स्टील/ग्रिट/मौरंग इत्यादि) की मात्राओं का अनुपातिक/मानक मिलान करते हुए जी0एस0टी0 का भुगतान किया जाये। जी0एस0टी0 के सम्बन्ध में वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-8 के शासनादेश सं0-2/2022/ई-8-202/दस-2022, दिनांक ॥3 सितम्बर, 2022 में निहित व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।
7. दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा शासनादेश AO-5/202i/HIsaq नं0-65- 203/2/20I9-2, दिनांक 5 जनवरी, 202। के अनुपालन के क्रम में दिव्यांगजन हेतु दिव्यांगजन हितैषी /बाधारहित बनाये जाने के लिए भारत सरकार द्वारा निर्गत "Harmonized guidelines and standards for universal accessibility in India, 202/" दिये गये प्रावधानों के अनुसार अपर आयुक्त ग्रेड-] राज्य कर, झाँसी जोन, झॉँसी/कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण कराया जाना सुनिश्चित किया जाये।
8. प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की मात्राओं एवं विशिष्टियों को यथावत मानते हुए लागत का अनुमोदन किया गया है। मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था/अपर आयुक्त ग्रेड-] राज्य कर, झाँसी जोन, झाँसी का होगा।
9. प्रायोजना का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात् ही निर्माण प्रारम्भ कराया जाये।
0. प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित विशिष्टियों एंव प्रस्तावित प्राविधानों को यथावत मानते हुए किया गया है, जिनमें कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे नये कार्य को सम्मिलित करना, कार्यों के आकार में वृद्धि एवं अन्य उच्च विशिष्टियों इस्तेमाल करना इत्यादि प्रशासकीय विभाग के सक्षम स्तर का पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा।
44. प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (इप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति से पूर्व आयुक्त, राज्य कर, उ0प्र0 ल्खनऊ/अपर आयुक्त DS- राज्य कर, झाँसी जोन, झाँसी द्वारा यह सुनिश्चित कर लें कि sm कार्य पूर्व में न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना#कार्यक्रम में अच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। I2.nrt की गुणवत्ता, मानक एवं विशिष्टियों तथा प्रायोजना को निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत पूर्ण किये जाने की जिम्मेदारी अपर आयुक्त ग्रेड-] राज्य कर, झाँसी जोन, झाँसी /कार्यदायी संस्था की ह्ोगी। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ind सत्यापित की जा सकती है |43. आयुक्त, राज्य कर, उ0प्र0 लखनऊ/अपर आयुक्त VS- राज्य कर, झाँसी जोन, झाँसी द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि प्रश्नगत कार्य किसी अन्य कार्य योजना में सम्मित्रित नहीं है तथा इस हेतु पूर्व में किसी अन्य योजना/स्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की गई है।
44. स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय उन्हीं कार्यो/मदों में किया जायेगा, जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है, किन्ही अन्य कार्यो /मदोंपर धनराशि का व्यय अथवा व्ययावर्तन वित्तीय अनियमितता मानी जायेगी। I5.Hdqra की जा रही धनराशि आहरण एवं व्यय आवश्यकतानुसार किया जायेगा। स्वीकृत धनराशि को डाकघर/बैंक खाते आदि में नहीं रखा जायेगा तथा अवमुक्त धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराया जायेगा।
6. कार्यदायी संस्था द्वारा आगणन में अनुमोदित सीमा तक ही सेंटेज चार्ज दिया जायेगा।
47. 30a A वर्णित लेबर सेस की कुल धनराशि इस शर्त के अधीन अनुमन्य होगी कि श्रम विभाग का SFA धनराशि का भुगतान किया जायेगा। (8.fadt (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AT ASaA-6/2025/a-i-352/qa- 2025-23/2025 दिनांक 27.03.2025 में उल्लिखित दिशाननिर्देशों, वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानों एवं समय- समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। 3- इस संबंध में होने Tel व्यय रुपये ३,7,72,000 ( रुपये तीन करोड़ इकद्धत्तर लाख बदहत्तर हजार मात्र ) को ae वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 089 लेखा शीर्षक 4059040543200 सहायता केन्द्रों एवं कार्यालय भवनों का निर्माण मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय संख्या-ई-9-258/दस-2025-26, दिनांक
26.02.2026 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, अरविन्द सिंह उप सचिव। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ind सत्यापित की जा सकती है |संख्या व दिनांक, उपर्युक्तानुसार। प्रतिलिपि, निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक Heal eq प्रेषित: - l. महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, 50प्र0, प्रयागराज। महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागराज। oO अपर आयुक्त ग्रेड-] राज्य कर, झाँसी जोन, झाँसी। निदेशक, वित्तीय सांखयकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ | एडीशनल कमिश्नर (लेखा), राज्य कर, उ0प्र0, लखनऊ | मुख्य कोषाधिकारी /कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ। मुख्य कोषाधिकारी /कोषाधिकारी, झ्ञाँसी/ललितपुर। मुख्य अभियंता, निर्माण खंड (भवन विंग), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ। अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग, झाँसी सर्किल, sil
0. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-9/वित्त (आय-व्ययक)अनुभाग-, SOUO शासन। . नोडल अधिकारी, बजट अलाटमेंट सिस्टम, राज्य कर विभाग, उ0प्र0 शासन।
2. गार्ड फाइल। CO “3 DD WU SP W DY आज्ञा से, अरविन्द सिंह उप सचिव। I- यह शासनादेशइलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.ind सत्यापित की जा सकती है |