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Official Transcriptसंख्या- 210 /2026 / 2820 /चार-2026-1677231 प्रेषक, मनोज कु मार, अनु सनिव, उत् तर प्रदेश शासन। सेवा में, ननदेशक, संस् कृ नत ननदेशालय, उ0प्र0, जवाहर भवन, लखनऊ । संस्कृ तिअनुभाग: लखनऊ:तिनांक 07 अक्टूबर, 2026 नवषय:- नवत् तीय वषष 2026-27 में उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजानत संस्कृ नत संस्थान, लखनऊ को गैर वेतन मद में प्रानवधाननत धनरानश के सापेक्ष प्रथम नकश् त की स् वीकृ नत के सम् बन् ध...
संख्या- 210 /2026 / 2820 /चार-2026-1677231 प्रेषक, मनोज कु मार, अनु सनिव, उत् तर प्रदेश शासन। सेवा में, ननदेशक, संस् कृ नत ननदेशालय, उ0प्र0, जवाहर भवन, लखनऊ । संस्कृ तिअनुभाग: लखनऊ:तिनांक 07 अक्टूबर, 2026 नवषय:- नवत् तीय वषष 2026-27 में उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजानत संस्कृ नत संस्थान, लखनऊ को गैर वेतन मद में प्रानवधाननत धनरानश के सापेक्ष प्रथम नकश् त की स् वीकृ नत के सम् बन् ध में। महोदय, उपयुषक् त नवषयक अपने पत्र संख्या- 1722/सं0नन0-20(07-लो0एवंज0सं0सं0)/2020-21 नदनांक 22 नसतम्बर, 2026 का कृ पया संदभष ग्रहि करने का कष्ट करें, नजसके द्वारा ननदेशक, उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजानत संस्कृ नत संस्थान, लखनऊ के पत्र संख् या-447/05(बजट)/ उ0प्र0लो0ज0सं0 स0/2026-27 नदनांक 30 जुलाई, 2026 एवं पत्र संख् या-454/05(बजट)/ उ0प्र0लो0ज0सं0स0/ 2026-27 नदनांक 14 अगस्त, 2026 के क्रम में िालू नवत्तीय वषष 2026-27 में गैर वेतन मद में प्रानवधाननत धनरानश रू0 150.00 लाख के क्रम में प्रथम नकश्त की धनरानश रू0 50.00 लाख के सापेक्ष नदनांक 01 अप्रैल, 2026 को ओपननंग बैलेन्स के रूप में संस्थान के खाते में रू0 27,45,410.00 की अवशेष धनरानश के समायोजन के पश्चात प्रथम नकश्त की धनरानश रू0 22,54,590.00 की प्रशासकीय एवं नवत्तीय स्वीकृ नत प्रदान करने का अनुरोध नकया गया है। इसके साथ ही नवत्तीय वषष 2026-27 में सांस्कृ नतक कायषक्रमो ं का वानषषक कलैण्डर एवं अन्य गनतनवनधयो का व्यय नववरि ननम्नानुसार उपलब्ध कराया गया है:- अनुमातनि क्र0 तििरण धनराति ननदया गाती है, नदी संस्कृ नत पर आधाररत लोक नृत्य, लोक गीत एवं 1 20.00 लाख नकस्सागोई के कायषक्रम आनद 2 जनजातीय यात्रा कायषक्रम (पााँि नदवसीय जनजातीय जनपदो ंमें) 11.00 लाख 3 नबरसा मुण्डा के जन्म नदवस पर सात नदवसीय जनजातीय उत्सव कायषक्रम । 50.00 लाख शारदीय नवरानत्र या िैत्र नवरानत्र में नवधा के अन्तगषत 08 मण्डलो ं के 08 4 5.00 लाख नजलो ंके देवी मंनदरो ंमें भक्ति पर आधाररत सांस्कृ नतक कायषक्रम सृजन के अन्तगषत ग्रीष्मकालीन लोक गायन, लोक वादन, कठपुतली, लोक 5 5.00 लाख नाट्य, लोक नित्रकला आनद की कायषशालायें। (09 जनजातीय जनपदो ंमें) नवलुप्त होती नवधा-पुलुल पवष उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बंगाल की कठपुतली 6 10.00 लाख परम्परा पर आधाररत कायषक्रम संपदा कायषक्रम के अन्तगषत नवलुप्त हो रहे लोक गीतो,ं लोक गाथाओ ं की 7 2.00 लाख ररकानडिंग उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी में। 1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी नकया गया है, अत: इस पर हस् ताक्षर की आवश् यकता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमानिकता वेब साइट https://shasanadesh.up.gov.in से सत् यानपत की जा सकती है ।संस्थान द्वारा नदये जाने वाले दो पुरस्कार यथा-लोक एवं जनजातीय पुरस्कार 8 2.00 लाख पर व्यय 9 उच्च ननदेशो ंके क्रम में सांस्कृ नतक कायषक्रम 30.00 लाख 10 संस्थान में कायषरत आउटसोसष कानमषको ंके मानदेय पर वानषषक व्यय 25.00 लाख 11 संस्थान में ननदेशक की गाडी पर वानषषक व्यय 7.00 लाख संस्थान के कायाषलयीय व्यय, जैसे स्टेशनरी, कम्यूटर सामग्री, टोनर, 12 फोटोकापी मशानपर व्यय, फोटोपेपर, फाइल नलफाफा व अन्य नवनवध व्यय 8.00 लाख आनद पर वानषषक व्यय 13 संस्थान की बेवसाइट एवं इंटरनेट सेवा पर वानषषक व्यय 1.00 लाख संस्थान की वानषषक आनडट एवं जी०एस०टी०/टी०डी०एस० एवं आनद पर 14 1.00 लाख वानषषक व्यय नवत्तीय वषष 2026-27 में कायषक्रम मद में प्रानवधाननत धनरानश में से बित 15 धनरानश से अन्य कायषक्रमो ंके आयोजन कु लयोग 150.00 लाख
2. इस संबंध में मुझे यह कहने का ननदेश हुआ है नक उपयुषिानुसार कायषयोजना पर अनुमोदन के साथ ही उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजानत संस्कृ नत संस्थान, लखनऊ को नवत् तीय वषष 2026-27 में 20- सहायता अनुदान-सामान् य (गैर वेतन) मद में प्रानवधाननत धनरानश रू0 150.00 लाख सापेक्ष नदनांक 01 अप्रैल, 2026 को संस्थान के बैंक खाते मेंउपलब्ध रू0 27,45,410.00 का समायोजन करते हुएप्रथम तकश्तके रूप में रू0 22,54,590.00 (रूपयेबाईसलाखचौिनहजारपांचसौनब्बेमात्र) की प्रशासकीय एवं नवत् तीय स् वीकृ नत प्रदान करते हुए धनरानश अवमुक् त करने की अनुमनत ननम् ननलक्तख त शतों/ प्रनतबन् धो ंके अधीन श्री राज् यपाल सहषष प्रदान करते है:- ननयम व शतें / प्रनतबन्ध
(1) स्वीकृ त धनरानश के आहरि/व्यय एवं अन्य कायषवानहयो ं में नवत्त (आय - व्ययक) अनुभाग - 1 के कायाषलय ज्ञाप संख्या-4/2026/बी-1-812/दस-2026-231/2025, नदनााँक-28-मािष, 2026 में नदये गये नदशा ननदेशो ंका पूिष अनुपालन सुनननश्च त नकया जायेगा।
(2) स् वीकृ त धनरानश का व् यय के वल अनुमोनदत मद/योजनाओ ंपर नकया जायेगा।
(3) स् वीकृ त धनरानश कोषागार से एकमुश् त आहररत करने के बजाय आवश् यकतानुसार व् यय की सीमा तक ही आहररत की जायेगी।
(4) प्रश् नगत स् वीकृ नत संस्कृ नत ननदेशालय/ उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजानत संस्कृ नत संस्थान, लखनऊ द्वारा उपलब् ध करायी गयी सूिना के आधार पर दी जा रही है यनद बजट के सबंध में कोई सूिना गलत पायी जाती है तो इसका उत् तरदानयत् व संस्कृ नत ननदेशालय/ उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजानत संस्कृ नत संस्थान, लखनऊ का होगा।
(5) यह भी सुनननश्चत कर नलया जाय नक इन धनरानशयो ंका प्रदेशन ही अके ले नकसी प्रकार के व् यय करने का अनधकार नही ंदेता, व् यय करने के नलए बजट मैनुअल और नवत् तीय हस् तपुक्तस्तका के सुसंगत ननयमो ंअथवा अन् य स् थाई आदेशो ंसे शासकीय अथवा अन् य सक्षम प्रानधकारी की, जहॉ आवश् यकता हो, व् यय करने के पूवष स् वीकृ नत प्राप्त कर ली जाय। उपयुषक् त स् वीकृ त धनरानश के सम् बन् ध में नवत् त नवभाग के नमतव् ययता सम् बन् धी आदेशो ं तथा व् यय पर ननयंत्रि के सम् बन् ध में ननगषत शासनादेश का भी अनुपालन सुनननश्चत नकया जायेगा।
(6) नवत् त (आय-व् ययक) अनुभाग-1 के कायाषलय ज्ञाप संख्या -4/2026/बी-1-812/दस-2026- 231/2025, नदनााँक- 28-मािष, 2026 एवं नवत् तीय हस् तपुक्तस्तका खण् ड-5 भाग-1 के ननयमो ं व इस सम् बन् ध में समय-समय पर जारी शासनादेशो ं में नदये गये नदशा-ननदेशो ं का कडाई से अनुपालन सुनननश्चत नकया जायेगा। इसके साथ-साथ राजकीय धन व् यय करने में उ0प्र0 बजट 1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी नकया गया है, अत: इस पर हस् ताक्षर की आवश् यकता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमानिकता वेब साइट https://shasanadesh.up.gov.in से सत् यानपत की जा सकती है ।मैनुअल के प्रस् तर-12 में दी गई शतों की पूनतष तथा नवत् तीय औनित् य के मानको ं (स् टैण् डडसष आफ फाइनेंनशयल प्रोप्राइटरी) का अनुपालन भी सुनननश्चत नकया जाएगा।
(7) उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजानत संस्कृ नत संस्थान, लखनऊ द्वारा आगामी नकश् त अवमुक् त नकये जाने से पूवष इस आशय का प्रमाि पत्र भी नदया जाना होगा नक नवगत वषों में अवमुक् त की गयी धनरानश के सापेक्ष कोई धनरानश अवशेष एवं अप्रयुक् त शेष नही ंहै।
(8) उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजानत संस्कृ नत संस्थान, लखनऊ को पूवष वषों में स् वीकृ त /अवमुक् त अनुदान की धनरानश से सम् बक्तन्धत स् थानीय लेखा परीक्षा/आनडट ररपोटष शासन को उपलब् ध कराया जाना सुनननश्चत नकया जायेगा।
(9) उक् त स् वीकृ त धनरानश के व् यय से संबंनधत नबल / बाउिसष एवं सम् पूिष लेखा-जोखा सुरनक्षत रखा जायेगा।
3. इस संबंध में होने वाले व्यय रुपये22,54,590.00 (रूपयेबाईसलाखचौिनहजारपांच सौनब्बेमात्र) को िालू नवत्तीय वषष 2026-27 के आय-व्ययक मे अनुिानसंख्या 092 लेखािीर्षक 2205001012200 लोक एवं जनजातीय कला तथा सांस्कृ नतक संस्थान की स्थापना मानक मि 20 सहायता अनुदान - सामान्य (गैर वेतन) के नामे डाला जायेगा।
4. यह आदेश नवत् त (आय-व् ययक) अनुभाग-1 के कायाषलय- ज्ञाप संख्या- 4/2026/बी-1- 812/दस-2026-231/2025, नदनााँक- 28-मािष, 2026 में प्राप्त नदशा ननदेशो ं के अन् तगषत प्रशासकीय नवभागो ंको प्रनतननधाननत अनधकारो ंके अन् तगषत ननगषत नकये जा रहे हैं। भवदीय, मनोज कु मार अनु सनिव। संख्या- 210 /2026 / 2820 (1)/चार-2026-1677231 ितिनांक प्रनतनलनप ननम् ननलक्तखत को सूिनाथष एवं आवश् यक कायषवाही हेतु प्रेनषत:- 1- महालेखाकार (लेखा व हकदारी) प्रथम/नद्वतीय, उ0प्र0, प्रयागराज। 2- महालेखाकार (लेखा - परीक्षा) प्रथम/नद्वतीय, उ0प्र0, प्रयागराज। 3- नवत् त ननयंत्रक, संस् कृ नत ननदेशालय, उ0प्र0 जवाहर भवन, लखनऊ । 4- मुख् य कोषानधकारी, कोषागार, जवाहर भवन, लखनऊ। 5- ननदेशक, उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजानत संस्कृ नत संस् थान, लखनऊ। 6- नवत् त व् यय ननयंत्रि अनुभाग-7/नवत् त (आय-व् ययक) अनुभाग-1/ननयोजन अनुभाग-4, उ0प्र0 शासन। 7- गाडष फाइल। आज्ञा से, मनोज कु मार अनु सनिव। 1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी नकया गया है, अत: इस पर हस् ताक्षर की आवश् यकता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमानिकता वेब साइट https://shasanadesh.up.gov.in से सत् यानपत की जा सकती है ।