वित्तीय वर्ष 2026-27 में वृन्दावन शोध संस्थान वृन्दावन (मथुरा) को - 20th August 2026 - संस्कृति विभाग - Gazette Notification PDF
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संख्या-197/2026/2190/चार-2026-1712410
प्रेषक,
राज कु मार,
संयुक्त सचिव,
उत् तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
चनदेशक,
संस् कृ चत चनदेशालय, उ0प्र0,
जवाहर भवन, लखनऊ ।
संस् कृ चत अनुभागः लखनऊः चदनांक 20 अगस् त, 2026
चवषय- चवत् तीय वषष 2026-27 में वृन्दावन शोध संस्थान वृन्दावन (मथुरा) को गैर वेतन मद में प्राचवधाचनत
धनराचश के सापेक्ष प्रथमकिश्त की स् वीकृ चत के सम् बन् ध में।
महोदय,
उपयुषक् त चवषयक अपने पत्र संख् या-888/सं0चन0-20(12-वृ0शो0सं0)/2020-24 चदनांक 10
जुलाई, 2026 एवं चनदेशक, वृन्दावन शोध संस्थान, वृन्दावन, मथुरा के पत्र संख्या- VI/उ0प्र0/गैर-वेतन/
वृ0शो0सं0 /2026-27/ 163 चदनांक 10 जून, 2026 का कृ पया संदभष ग्रहण करने का कष् ट करें चजसके
द्वारा चवत्तीय वषष 2026-27 में गैर वेतन मद के अंतगषत संस्थान को स्वीकृ त बजट के सापेक्ष चनम् नानुसार
कायष योजना पर अनुमोदन प्रदान करते हुए चवत्तीय वषष 2026-27 में गैर वेतन मद की प्रथम चकश्त
अवमुक्त चकये जाने का अनुरोध चकया गया है:-
वाकषिििायियोजना
वृन्दावन शोध संस्थान, वृन्दावन (मथुरा) को वषष 2026-27 में गैर वेतन बजट प्रावधान रू0 50.00 लाख के
सापेक्ष प्रस्ताचवत कायों की वाचषषक कायष योजना।
मद प्रस्ताकवतिायि बजट
वषष 2026-27 में चनम्न शोधपरक प्रकाशन प्रकाचशत चकए जाएंगे:-
1. वृन्दावन के घाट (संस्थान संग्रह एवं वाह्य स्थलो ंकी पांडुचलचपयो ंपर
आधाररत अध्ययन, स्थलीय सवेक्षण एवं प्रकाशन का कायष।
2. बंगला कै टलॉग भाग-1 का प्रकाशन ।
3. पांडुचलचपयो ंकी 'कखग' के अंग्रेजी अनुवाद का कायष एवं प्रकाशन
4. बंगला पांडुचलचप 'अमृत मंजरी' का प्रकाशन कायष (देबोपम दास)
शोधएवं रू0 12.00
5. हररनामामृत व्याकरण सूिीकरण एवं प्रकाशन (डॉ. राधा ब्लंदरमान
प्रिाशन लाख
एवं श्रीमती प्रगचत शमाष)
6. संस्कृ त कै टलॉग भाग-1 का संशोचधत संस्करण प्रकाशन कायष
7. चशक्षाष्टक गोष्ठी के शोध-पत्रो ंका संकलन, सम्पादन एवं प्रकाशन
8. ब्रज सचलला पचत्रका के 04 अंको ंका प्रकाशन
9. संस्थान के न्यूज लैटर का प्रकाशन (12 अंक)
10. ब्रोशर का प्रकाशन
पांडुकिकपएवं इस मद के अन्तगषत संस्थान के पाण्डुचलचप व संदभष पुस्तकालय की पुस्तको ं रू0 5.00
संदर्ि का सूिीकरण, कै टलॉचगंग तथा काडष तैयार करने, संगृहीत पाण्डुचलचपयो ं लाख
1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी ककया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in स ेसत्यापपत की जा सकती है ।पुस्तिािय की चवस्तृत कै टलाचगंग पाद चटप्पणी एवं सारांश सचहत, अचनधाषररत
सूचीिरणएवं पाण्डुचलचपयो ंका पृथककरण, चडचजटाईजेशन, पाण्डुचलचपयो ंको रखने हेतु
कविास बुकके श / काम्पैक्टर क्रय तथा पाण्डुचलचपयो,ं पत्र-पचत्रकाओ ंएवं चकताबो ं
का अचधग्रहण, वेबसाइट प्रबंधन, पुस्तक क्रय, बाईचडंग आचद सब्िचलत
है।
संस्थान में संगृहीत 30000 ग्रंथो में लगभग 2 करोड ग्रंथ पृष्ठ हैं। चजसमे से
30000 से 40000 फोचलयो का चप्रवेंचटव तथा 4000 से 5000 फोचलयो ंका
पांडुकिकपएवं
क्यूरेचटव संरक्षण तथा 10000 ग्रंथ पत्रको ंके धूमीकरण का कायष वैज्ञाचनक
संग्रहािय
पद्धचत से चकया जाएगा और संगृहीत समस्त ग्रन्थ का चनयचमत रखरखाव रू0 6.00
ििािृ कतयों
चकए जाने हेतु आवश्यक रसायन, चटश्यू पेपर, हैण्डमेड पेपर, अम्ल रचहत लाख
िासंरक्षणएवं
बोडष, वेस्टन (कोथली) आचद का क्रय कायष के अनुसार चकया जाएगा। इसके
कडकजटाईजेशन
साथ ही संस्थान की ग्रंथ संरक्षण प्रयोगशाला हेतु नवीन उपकरण एवं यंत्रो ं
का क्रय भी चकया जाना है।
ब्रज संस्कृ चत संग्रहालय में मूचतष, दुलषभ पाण्डुचलचपयााँ एवं पेंचटंग को छह
गैलररयो ं में प्रदचशषत चकया गया है। संग्रहालय की 6 वीचथकाओ ं के
ब्रजसंस्कृ कत
रखरखाव, संग्रहालय की सुरक्षा से संबंचधत उपकरणो ंका क्रय, संग्रहालय रू0 8.00
संग्रहाियएवं
की कलाकृ चतयो ं एवं पुरा सामग्री, चसक्ो ं की कै टलॉचगंग, संग्रहालय का लाख
प्रेक्षागृह
प्रिार-प्रसार, संग्रहालय की कलाकृ चतयो ंको आनलाइन करने प्रेक्षागृह के
रखरखाव आचद कायष इस मद में सब्िचलत हैं।
इस मद के अन्तगषत व्याख्यानो,ं कायषशालाओ,ं प्रदशषनी साचहब्िक
सेमीनार,
संगोचष्ठयो ं और सांस्कृ चतक कायषक्रमो ं हेतु प्रस्ताचवत है। संस्थान के ब्रज
िायिशािा, रू0 7.00
संस्कृ चत संग्रहालय, पाण्डुचलचप ग्रंथागार, संदभष पुस्तकालय एवं संरक्षण
प्रदशिनीएवं लाख
चवभागो ंद्वारा समय-समय पर कायषशालाएाँ / प्रचतयोचगताएाँ भी इसी मद से
व्याख्यान
आयोचजत की जाती हैं।
इस मद में आवश्यक व्यय की प्रचतपूचत चजसके अन्तगषत- टेलीफोन एवं
इण्टरनेट, स्टेशनरी, कम्यूटर-जीरॉक्स स्टेशनरी, इंक, चप्रचटंग, डीजल-
पेटरोल, डाक व्यय, चवद्युत सामग्री, यूनीफामष, स्वागत सत्कार, मानदेय,
िायािियव्यय
प्रिार-प्रसार, शोधाश्रम का रखरखाव, मशीनो ंएवं उपकरणो ंके रखरखाव, रू0 8.00
एवंकवद्युत
मरित व वाचषषक अनुबंध, कर व चकराया तथा ऑचफस के संिालन में होने लाख
कबि
वाले अन्य व्यय चकए जाने प्रस्ताचवत हैं। इसके अन्तगषत संस्थान के चवद्युत
चबल का भुगतान तथा संस्थान के पेयजल की पूचतष हेतु स्थाचपत पम्पहाउस
के चबल का व्यय इस मद में चकया जाना प्रस्ताचवत है।
संस्थानिा इस मद के अन्तगषत संस्थान व ब्रज संस्कृ चत संग्रहालय के लॉन का
रू0 2.00
र्वन रखरखाव, इलेब्क्टरक फै न्स का रखरखाव, संग्रहालय भवन की रंगाई पुताई
लाख
रखरखाव तथा अन्य सामान्य मरित आचद कायष कराया जाना प्रस्ताचवत है।
संस्थागत कायों से लखनऊ चदल्ली एवं अन्य स्थानो ं पर की जाने वाली
यात्राओ,ं संस्थान द्वारा आयोचजत समारोह, संगोष्ठी एवं व्याख्यानो ं में आने रू0 2.00
यात्राव्यय
वाले चवद्वानो ंतथा शासी पररषद एवं अन्य बैठको ंमें भाग लेने वाले सदस्ो ं लाख
को चकए जाने वाले यात्रा व्ययो ंके भुगतान आचद का व्यय प्रस्ताचवत है।
2. इस संबंध में मुझे यह कहने का चनदेश हुआ है चक चवत् तीय वषष 2026-27 में वृन्दावन शोध
संस्थान, वृन्दावन, मथुरा को 20-सहायता अनुदान-सामान् य (गैर वेतन) आयोजनेत्तर पक्ष में प्राचवधाचनत
धनराचश रू0 50.00 लाख के सापेक्ष प्रथम चकश् त के रूप में रू0 25.00िाख(रूपयेपच्चीसिाख
मात्र) की प्रशासकीय एवं चवत् तीय स् वीकृ चत चनगषत करते हुए धनराचश अवमुक् त करने की अनुमचत चनम् न
शतों/ प्रचतबन् धो ंके अधीन श्री राज् यपाल महोदय सहषष प्रदान करते है:-
1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी ककया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in स ेसत्यापपत की जा सकती है ।(1) स्वीकृ त धनराचश के आहरण/व्यय एवं अन्य कायषवाचहयो ं में चवत्त (आय - व्ययक) अनुभाग - 1
के कायाषलय ज्ञाप संख्या -4/2026/बी-1-812/दस-2026-231/2026 चदनांक 28 मािष, 2026
में चदये गये चदशा चनदेशो ंका पूणष अनुपालन सुचनचच त चकया जायेगा।
(2) स् वीकृ त धनराचश का व् यय के वल अनुमोचदत मद/योजनाओ ंपर चकया जायेगा।
(3) स् वीकृ त धनराचश कोषागार से एकमुश् त आहररत करने के बजाय आवश् यकतानुसार व् यय की
सीमा तक ही आहररत की जायेगी।
(4) प्रश् नगत स् वीकृ चत संस्कृ चत चनदेशालय/ वृन्दावन शोध संस्थान, वृन्दावन, मथुरा द्वारा उपलब् ध
करायी गयी सूिना के आधार पर दी जा रही है यचद बजट के सबंध में कोई सूिना गलत पायी
जाती है तो इसका उत् तरदाचयत्व संस्कृ चत चनदेशालय/ वृन्दावन शोध संस्थान, वृन्दावन, मथुरा का
होगा।
(5) यह भी सुचनचचत कर चलया जाय चक इन धनराचशयो ंका प्रदेशन ही अके ले चकसी प्रकार के व् यय
करने का अचधकार नही ंदेता, व् यय करने के चलए बजट मैनुअल और चवत् तीय हस् तपुब्स्तका के
सुसंगत चनयमो ं अथवा अन् य स् थाई आदेशो ं से शासकीय अथवा अन् य सक्षम प्राचधकारी की, जहॉ
आवश् यकता हो, व् यय करने के पूवष स् वीकृ चत प्राप् त कर ली जाय। उपयुषक् त स् वीकृ चत धनराचश के
सम् बन् ध में चवत् त चवभाग के चमतव् ययता सम् बन् धी आदेशो ंतथा व् यय पर चनयंत्रण के सम् बन् ध में चनगषत
शासनादेश का भी अनुपालन सुचनचचत चकया जायेगा।
(6) चवत् त (आय-व् ययक) अनुभाग-1 के कायाषलय ज्ञाप संख् या- 4/2026/बी-1-812/दस-2026-
231/2026 चदनांक 28 मािष, 2026 एवं चवत् तीय हस् तपुब्स्तका खण् ड-5 भाग-1 के चनयमो ंव इस
सम् बन् ध में समय-समय पर जारी शासनादेशो ंमें चदये गये चदशा चनदेशो ंका कडाई से अनुपालन
सुचनचचत चकया जायेगा। इसके साथ-साथ राजकीय धन व् यय करने में उ0प्र0 बजट मैनुअल के
प्रस् तर-12 में दी गई शतो की पूचतष तथा चवत् तीय औचित् य के मानको ं (स् टैण् डडसष आफ
फाइनेंचशयल प्रोप्राइटरी) का अनुपालन भी सुचनचचत चकया जाएगा।
(7) वृन्दावन शोध संस्थान, वृन्दावन, मथुरा द्वारा आगामी चकश् त अवमुक् त चकये जाने से पूवष इस
आशय का प्रमाण पत्र भी चदया जाना होगा चक चवगत वषों में अवमुक् त की गयी धनराचश के सापेक्ष
कोई धनराचश अवशेष एवं अप्रयुक् त शेष नही ंहै।
(8) वृन्दावन शोध संस्थान, वृन्दावन, मथुरा को पूवष वषों में स् वीकृ त /अवमुक् त अनुदान की धनराचश
से सम् बब्ित स् थानीय लेखा परीक्षा/आचडट ररपोटष शासन को उपलब् ध कराया जाना सुचनचचत
चकया जायेगा।
(9) उक् त स् वीकृ त धनराचश के व् यय से संबंचधत चबल / बाउिसष एवं सम् पूणष लेखा-जोखा सुरचक्षत रखा
जायेगा।
2. इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये25,00,000/- ( रुपयेपच्चीसिाखमात्र ) को िालू चवत्तीय
वषष 2026-27 के आय-व्ययक में अनुदानसंख्या 092 िेखाशीषिि2205001011200 वृन्दावन शोध
संस्थान वृन्दावन (मथुरा) को अनुदान- मानिमद 20 सहायता अनुदान - सामान्य (गैर वेतन) के नामे
डाला जायेगा।
3. यह आदेश चवत् त (आय-व् ययक) अनुभाग-1 के कायाषलय- ज्ञाप संख् या-4/2026/बी-1-812/दस-
2026-231/2026 चदनांक 28 मािष, 2026 में प्राप्त चदशा चनदेशो ं के अन् तगषत प्रशासकीय चवभागो ं को
प्रचतचनधाचनत अचधकारो ंके अन् तगषत चनगषत चकये जा रहे हैं।
भवदीय,
राज कु मार
संयुक्त सचिव।
1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी ककया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in स ेसत्यापपत की जा सकती है ।संख् या- 197 /2026 / 2190 (1)/िार-2026-1712410 तचिनांक
प्रचतचलचप चनम् नचलब्खत को सूिनाथष एवं आवश् यक कायषवाही हेतु प्रेचषत:-
1- महालेखाकार (लेखा व हकदारी) प्रथम/चद्वतीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
2- महालेखाकार (लेखा - परीक्षा) प्रथम/चद्वतीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
3- चनदेशक, स् थानीय चनचध लेखा परीक्षा चवभाग, उ0प्र0 प्रयागराज।
4- चवत् त चनयंत्रक, संस् कृ चत चनदेशालय, उ0प्र0 जवाहर भवन, लखनऊ ।
5- मुख् य कोषाचधकारी, कोषागार, जवाहर भवन, लखनऊ।
6- चनदेशक, वृंदावन शोध संस् थान, वृंदावन (मथुरा)।
7- चवत् त व् यय चनयंत्रण अनुभाग-7/चवत् त (आय-व् ययक) अनुभाग-1/चनयोजन अनुभाग-4, उ0प्र0
शासन।
8- गाडष फाइल।
आज्ञा से,
मनोज कु मार
अनु सचिव।
1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी ककया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in स ेसत्यापपत की जा सकती है ।