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Date: 2026-01-28 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

जनपद उन्‍नाव में आसीवन शाखा की बांयीं पटरी पर विभिन्‍न रीचों पर ब्रिक ऑन एज सोलिंग कार्य की परियोजना प्रशासकीय एवं वित्‍तीय स्‍वीकृति।

Issued by सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग · सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, यहाँ आपके अनुरोध के आधार पर सारांश दिया गया है। **कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश में उन्नाव जिले में आसीवन शाखा की बायीं पटरी पर ब्रिक ऑन एज सोलिंग कार्य की परियोजना के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। इस परियोजना की लागत 989.45 लाख रुपये है और चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत बजट से 494.72 लाख रुपये की पहली किश्त जारी की जाएगी। इस परियोजना को शुरू करने से पहले कुछ शर्तें और दिशानिर्देश निर्धारित किए गए हैं, जिनका विभाग को पालन करना होगा। **मुख्य बातें** * **वित्तीय स्वीकृति और विनियोजन:** * उन्नाव जिले में आसीवन शाखा में ब्रिक ऑन एज सोलिंग परियोजना के लिए 989.45 लाख रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति। * चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान संख्या-94 के तहत 494.72 लाख रुपये की पहली किश्त जारी की जाएगी। * **क्रियान्वयन से पहले की शर्तें:** * परियोजना शुरू करने से पहले प्रासंगिक नियमों के अनुसार सक्षम स्तर पर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करें। * कार्य निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और संबंधित मुख्य अभियंता गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। * स्वीकृत राशि को एकमुश्त न निकालें, धन की आवश्यकता के अनुसार खर्च करें, और जमा की गई राशि को बैंक खातों में न रखें। * वित्तीय स्वीकृतियों के संबंध में विभाग के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करें। * **व्यय और वित्तीय अनुपालन:** * स्वीकृत राशि का उपयोग वित्तीय हस्तपुस्तिका और सरकारी आदेशों के अनुसार करें, साथ ही मितव्ययिता सुनिश्चित करें। * प्रत्येक कार्य/मद में स्वीकृत राशि को उसी कार्य/मद के लिए खर्च करें; अनियमितता के लिए विभाग जिम्मेदार होगा। * यूपी बजट मैनुअल में उल्लिखित शर्तों को पूरा करें और वित्तीय औचित्य मानकों का अनुपालन करें। * **परियोजना प्रबंधन:** * वैधानिक आपत्तियां और पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करें। * उसी वित्तीय वर्ष के भीतर आवंटित राशि का उपयोग करें और निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करें। * विभागीय तकनीकी समिति की सिफारिशों का पालन करें। * परियोजना की मात्रा का निर्धारण करते समय निर्माण एजेंसियों/विभागों को पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। * **अतिरिक्त दिशा-निर्देश:** * निर्माण लागत और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित दिशानिर्देशों का पालन करें। * समय-समय पर स्वीकृत अधिष्ठान व्यय निधि जमा करें और विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करें। * श्रम विभाग को एक प्रतिशत श्रम उपकर की धनराशि का भुगतान करें। * प्रमुख अभियंता और विभागाध्यक्ष सुनिश्चित करें कि कार्य डुप्लिकेट न हों। * परियोजना समाप्त होने पर लेखा परीक्षित खाते और व्यय विवरण प्रदान करें। **प्रभाव विश्लेषण** * **हितधारक:** सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उन्नाव जिला, वित्त विभाग, निर्माण एजेंसियां। * **प्रभाव:** * **सिंचाई और जल संसाधन विभाग:** * **प्रभाव:** यह सुनिश्चित करना कि परियोजना बजटीय सीमाओं के भीतर समय पर और प्रभावी ढंग से पूरी हो, प्रासंगिक नियमों का अनुपालन और गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** उपरोक्त उल्लिखित शर्तों और दिशानिर्देशों का पालन करें और परियोजना के कार्यान्वयन की निगरानी करें। * **उन्नाव जिला:** * **प्रभाव:** आसियावन शाखा की बाईं पटरी में सुधार से लाभ होगा, जिससे संभावित रूप से सिंचाई दक्षता में सुधार और कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी। * **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना में किसी भी संभावित व्यवधान को कम करते हुए सुचारू क्रियान्वयन के लिए सहायता और सहयोग प्रदान करना। * **वित्त विभाग:** * **प्रभाव:** परियोजना की वित्तीय निगरानी, उचित व्यय और प्रासंगिक वित्तीय नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना की निगरानी करें कि वह विनियोजित बजट के भीतर रहे और वित्तीय नियमों का अनुपालन करें। * **निर्माण एजेंसियां:** * **प्रभाव:** विशिष्टताओं और समय सीमा के अनुसार परियोजना का क्रियान्वयन। * **आवश्यक कार्रवाई:** गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए परियोजना को कुशलतापूर्वक क्रियान्वित करना और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना।

Key Entities Referenced

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ०प्र०: उत्तर प्रदेश का सिंचाई और जल संसाधन विभाग, जो इस नीति के तहत परियोजना की मंजूरी और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है। जनपद उन्नाव: उत्तर प्रदेश का एक जिला जहां आसीवन शाखा की बांयीं पटरी पर ब्रिक ऑन एज सोलिंग कार्य की परियोजना प्रस्तावित है। आसीवन शाखा: उन्नाव जिले में एक सिंचाई शाखा, जिसकी बांयीं पटरी पर ब्रिक ऑन एज सोलिंग कार्य की परियोजना का उद्देश्य है। ब्रिक ऑन एज सोलिंग कार्य की परियोजना: आसीवन शाखा की बांयीं पटरी पर मिट्टी के कटाव को रोकने और पटरी को स्थिर करने के लिए ईंटों का उपयोग करके की जाने वाली सोलिंग का कार्य है। वित्त विभाग, उ०प्र०: उत्तर प्रदेश का वित्त विभाग, जिसकी सहमति से परियोजना के लिए बजट आवंटन और व्यय के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
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संख्या-65/2026/595पी/25-27-सिं०-4-/004-77-डब्ल्यू-परि0-2025 रमा Gd वर्मा, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र)0, लखनऊ। सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-4 लखनऊ:दिनांक: 28 जनवरी, 2026 विषय: जनपद उन्‍नाव में आसीवन शाखा की बांयीं पटरी पर विभिन्‍न रीचों पर ब्रिक ऑन एज सोलिंग कार्य की परियोजना प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक प्रमुख अभियन्ता (परियोजना), सिंचाई विभाग, उ0प्र), लखनऊ के पत्रांक संख्या-643/2042/ परियोजना/कैम्प/बजट, दिनांक 09.0.2025 द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि जनपद उन्‍नाव में आसीवन शाखा की बांयीं पटरी पर विभिन्‍न रीचों पर ब्रिक ऑन एज सोलिंग कार्य की परियोजना लागत रू0 989.45 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति तथा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान संख्या-94 के लेखा शीर्षक 4700-08-05-0-4-24 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रू0 800.00 लाख के सापेक्ष BO 494.72 (रुपये चार करोड़ चौरानवे लाख बहत्तर हजार मात्र) परियोजना के कार्यों हेतु प्रथम किश्त के रूप में निम्नांकित शर्तों के अधीन अवमुक्‍त किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- () प्रश्नगत परियोजना के कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व वित्तीय नियम संग्रह भाग-6 के अध्याय-42 के प्रस्तर-348 में वर्णित व्यवस्था के अनुसार प्रायोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जायेगी तथा सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात्‌ ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। (2) परियोजना के अन्तर्गत सम्मिलित कार्यों की विशिष्टियाँ, मानक/गुणवत्ता का दायित्व सम्बन्धित मुख्य अभियन्ता का होगा। उनके द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि कार्य निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर लिए जाएं। (3) स्वीकृत धनराशि एकमुश्त न आहरित कर कार्य की आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय की जायगी तथा आहरित धनराशि बैंक/डिपाजिट खाते में नहीं रखी जायेगी। (4) वित्त विभाग के कार्यालय-ज्ञाप संख्या:5/2025/बी-4-352/दस-2025-234/ 2025, दिनांक 27 मार्च, 2025 में वित्तीय स्वीकृतियां निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में दिए गये दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये तथा वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों एवं समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जाएगा। (5) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका के सुसंगत प्राविधानो, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुरूप किया जायेगा तथा मितव्ययिता के सम्बन्ध में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर निर्गत शासनादेशों में निहित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। (6) विभाग द्वारा प्रश्रगत धनराशि जिस कार्य/मद में स्वीकृत की जा रही है उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जायेगा, अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की अनियमितता के लिए इसका समस्त उत्तरदायित्व विभाग का होगा।(7) विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल 2- के प्रस्तर-42 में दी गयी शर्तों की पूर्ति तथा वित्तीय औचित्य के मानकों (स्टैण्डडर्स आफ फाइनेन्शियल प्रोप्राइटी) का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जायेगा। (8) विभाग द्वारा वैधानिक आपत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लियरेंश सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही परियोजना निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। (9) प्रश्नगत कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपभोग इसी वित्तीय वर्ष में कर लिया जाय तथा कार्य सम्पादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रत्येक दशा में शासन को निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। (0) विभागीय तकनीकी समिति की बैठक में लगायी गयी शर्तों का विभाग द्वारा पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा | प्रायोजना पर मात्राओं को निर्माण के समय सुनिश्चित किए जाने का पूर्ण उत्तरदायित्र कार्यदायी Gey विभाग का होगा। () परियोजनान्तर्गत Sco चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित वित्तीय प्रबन्धन के सम्बन्ध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश GSN-0/2023/U-2-60/aa-2023-7(4)/75 दिनांक 7.05.2023 तथा शासनादेश संख्या-02/ 2023/U-2-66/aqe-2023-7(4)/75 दिनांक 9.05.2023 में निहित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। (i2) परियोजनान्तर्गत अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/ आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की जायेगी। अधिष्ठान व्यय वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश FO-U-2-23/aq-20-7(4)/75 दिनांक 25.04.204 के साथ पठित शासनादेश GSA-C-2-606/Ga-204-7(4)/ 75, दिनांक 44 नवम्बर, 2044 द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। (3) 4 प्रतिशत लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया जायेगा। (4) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (डुप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। (5) कार्य पूर्ण होने पर कार्य के सम्परीक्षित लेखे तथा प्रश्नगत परियोजना हेतु Hayat की गयी धनराशि के व्यय का विवरण निर्धारित प्रपत्र बी0एम0-8 पर वित्त विभाग एवं शासन को प्रतिमाह निश्चित रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 4,94,72,000 ( रुपये चार करोड़ चौरानबे लाख बहत्तर हजार मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 094 लेखा शीर्षक 4700080544044 सम्बद्ध कार्य मानक मद 24 ded निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा। 3- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-&-8-790-)(-2025-26-दिनांक : 42-04-2026 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय रमा rd वर्मा संयुक्त सचिव।संख्या-65/2026/595पी/25-27-सिं0-4-/004-77-डब्ल्यू-परि0-2025, तद्दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- I- - HeeRAT RRA एवं हकदारी प्रथम/द्वितीय), उ0प्र0, प्रयागराज। 2- महालेखाकारलेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागराज। 3- प्रमुख अभियन्ता (परियोजना), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ। 4A —- मुख्य अभियन्ता (बजट), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ। 5- वित्तनियंत्रक, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, JOU, लखनऊ। 6- मुख्य अभियन्ता (शारदा), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, बरेली | 7-. मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी, उन्‍नाव, उ0प्र0। 8- अनु सचिव (लेखा), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0। 9- वित्त व्यय नियंत्रण अनुभाग-8/नियोजन अनुभाग-3 0- . सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-9 - गार्ड फाईल। आज्ञा से, रमेश चन्द्र अनु सचिव।

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