Date: 2026-02-27Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
जनपद चित्रकूट के विकास खण्ड, राजापुर की 3 अद्द (गढ़ौली नं0-1, गढ़ौली नं0-2 एवं सुरसेन) बंधियों की क्षमता पुनर्स्थापना कार्य की परियोजना हेतु की वित्तीय स्वीकृति के सम्बंध में।
**Executive Summary**
This document grants financial approval for a project focused on restoring the capacity of three dams (Garhauli No. 1, Garhauli No. 2, and Sursen) in the Rajapur development block of Chitrakoot district. A financial sanction of Rs 50 Lakh has been approved in the current financial year 2025-26 for the same. The order outlines various terms and conditions for fund utilization and implementation.
**Key Points / Main Content**
* **Project Approval:**
* Administrative and financial approval granted for the project to restore the capacity of three dams in Chitrakoot district.
* Approved project cost is Rs 377.61 Lakh.
* Rs 50 Lakh is sanctioned from budget allocation for the year 2025-26 under Grant No-94, irrigation department (construction work) to start project work.
* **Conditions & Restrictions:**
* Prior technical approval from a competent authority is mandatory before project commencement.
* The executing agency/department is fully responsible for ensuring the accuracy of quantities during construction.
* Project construction must be completed in a timely manner.
* Expenditure must comply with financial regulations and government orders.
* Funds must be used only for the approved projects.
* Funds should be withdrawn from the treasury as needed and not kept in bank/post office/PLA/deposit accounts.
* All necessary legal and environmental clearances must be obtained before construction begins.
* Expenditure on establishment must be deposited in proportion to the amount sanctioned/allotted.
* Labor Cess has to be paid to the labor department.
* Administrative department should prevent the duplication of work under the project before approval.
* The guidelines issued by the Finance (Income-Expenditure) Section-1 and Finance (Accounts) Section-2 must be followed.
**Impact Analysis**
**Stakeholder: Rajiv Kumar Vats, Joint Secretary, UP Government**
* **Impact:** Responsible for ensuring compliance with the conditions and proper utilization of funds for the dam restoration project.
* **Action Required:** Ensure the sanctioned funds are used efficiently and effectively.
**Stakeholder: Principal Engineer and Head of Department, Irrigation and Water Resources Department, UP**
* **Impact:** Responsible for overseeing the implementation of the project.
* **Action Required:** Ensure the project is completed on time, within budget, and in compliance with regulations.
**Stakeholder: Chitrakoot District Administration**
* **Impact:** Responsible for the successful execution of the project and its positive impact on the local community.
* **Action Required:** Coordinate with the irrigation department and other stakeholders to ensure smooth implementation of the project.
Key Entities Referenced
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ: Irrigation and Water Resources Department, Uttar Pradesh, Lucknow: Key department responsible for the scheme's implementation and oversight.
जनपद चित्रकूट: District Chitrakoot: Location where the dam restoration project will take place.
वित्तीय हस्त-पुस्तिका, खण्ड-6: Financial Handbook, Volume-6: Referenced for rules and guidelines in paragraph 318.
संख्या- 75 /2026/00॥/287/26-27-सिं0-9-22 एस0ए0वी0/26
प्रेषक,
राजीव कुमार वत्स,
संयुक्त सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष,
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग,
उ0प्र), लखनऊ।
सिंचाई एवं जल संसाधन अनुभाग-9 लखनऊ, दिनांक:27«फरेवरी, 2026
विषयः जनपद चित्रकूट के विकास खण्ड, राजापुर की 3 अद्द (गढ़ौली A0-7, गढ़ौलीःनं0-2 एवं सुरसेन) बंधियों
की क्षमता पुनर्स्थापना कार्य की परियोजना हेतु की वित्तीय स्वीकृति के सम्बंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक मुख्य अभियन्ता (बजट), सिंचाई एवं जल संसाधन Fa, SOW, लखनऊ के पत्र संख्यादिनांक
46-2-2026, के संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि WATE Rapa ds विकास खण्ड, राजापुर की 3 HE
(गढ़ौली नं0-4, गढ़ौली नं0-2 एवं सुरसेन) बंधियों की क्षमता «पुनर्स्थापना कार्य की परियोजना की अनुमोदित
लागत रू0 377.64 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान/करते हुये चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान
संख्या-94 सिंचाई विभाग (निर्माण कार्य) के parstita4702-70-04-23-24 जनपद चित्रकूट के अन्तर्गत विभिन्न
बन्धियों की क्षमता पुनर्स्थापना की परियोजना हेतु Raed व्यवस्था( नई) के अन्तर्गत प्राविधानित बजट धनराशि रू0
550.50 लाख में से रू0 50.00 लाख (रू0 पचासध्लाख मांत्र ) परियोजना के कार्यों पर औपचारिक रूप से व्यय बहन किये
जाने हेतु आपके निवर्तन पर रखे जाने की श्री/रौज्यपाल' निम्नलिखित शर्तों के अधीन सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं -
नियमव शर्तें/प्रतिबन्धों
(() प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ HLS पूर्व वित्तीय हस्त-पुस्तिका, खण्ड-6 के अध्याय-2 के प्रस्तर-348 में वर्णित व्यवस्था
के अनुसार प्रायोजज्नञा पर सक्षम स्तर की तकनीकी स्वीकृति अवश्य प्राप्त कर ली जायेगी तथा सक्षम स्तर से
तकनीकी स्वीकृति प्राप्त Sle पश्चात ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।
(2) मात्राओं को निर्माणके समय सुनिश्चित किये जाने का पूर्ण उत्तरदायित्व कार्यदायी संस्था/विभाग का होगा।
(3) प्रायोजनाहका त्तिर्माण कार्य ससमय पूर्ण करा लिया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
(4) स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्त-पुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा ननििरर््गगतत
शाॉसनादेशों में निहित प्राविधानों का अनुपालन करते हुए समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जायेगा।
(5) स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जायेगा, अन्यथा की स्थिति में किसी प्रकार की
अनियमितता के लिये इसका समस्त उत्तरदायित्व विभाग का होगा।
(6) उक्त धनराशि को कोषागार से एकमुश्त न आहरित कर आवश्यकतानुसार आहरित कर व्यय किया जायेगा तथा
आहरित धनराशि बैंक/डाकघर/पी0एल0ए0/डिपाजिट खाते में न रखी जाये।
(7) विभाग द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंस सक्षम स्तर से प्राप्त
करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय।
(8) विभाग अधिष्ठान व्यय की धनराशि समय-समय पर स्वीकृत/आवंटित की जा रही धनराशि के सापेक्ष जमा की
जायेगी। अधिष्ठान व्यय वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश AO-V-2-23/ea-207-7(4)/75, दिनांक
I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है25.0.20/ के साथ पठित शासनादेश HeAT-T-2-606/e4-204-7(4)/75, दिनांक i4 नवम्बर, 2074
द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
(9) 0 प्रतिशत लेबर सेस की धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया
जायेगा।
(0) प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (डुप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति
(77)
से पूर्व
प्रशासकीय विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो
स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।
विभाग द्वारा वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप संख्या-5/ 2025/a--352/Ea-2025-237/
2025, दिनांक 27.03.2025, एवं वित्त(लेखा) अनुभाग-2 के शासनादेश AeAT-0/ 2023/ए-2/60/दस-2023-
47(4)75, दिनांक 77-05-2023 एवं शासनादेश HeAT-02/2023/0-2/66/za4-2023-7(4)/75, दिल्लांक 79-
05-2023 में वित्तीय स्वीकृतियां निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में दिये गये दिशा-निर्देशों का अनुपोौलन सुनिश्चित
किया जायेगा।
2- इस सम्बन्ध में होने वाला व्यय रू0 50,00,000.00 (रू0 पचास लाख मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 20252026 के
आय-व्ययक में अनुदान संख्या 094 लेखा ttH-470200423 सम्बद्ध कार्य मानक मद 24,बृहत निर्माण कार्य के नामे
डाला जायेगा।
3- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) ACHT-l के कार्यालय ATT AeAT-6/2025/a- -352/e4-2025-23/
2025, दिनांक 27.03.2025 में निहित प्राविधानित अधिकारों के अन्तर्गतब्जारी क्यि जा रहे हैं।
भवदीय,
राजीव कुमार वत्स
संयुक्त सचिव
संख्या एवं दिनांक यथोक्त।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः -
() प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथमस/द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
(2) महालेखाकार (लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागराज।
(3) प्रमुख अभियन्ता (परियोजना), सिंचाईएवं«जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ।
(4) मुख्य अभियन्ता (बजद/अग्रिम त्तियोजन), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ।
(5) मुख्य अभियन्ता (feat) सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, झांसी।
(6) वित्त नियंत्रक, सिंचाईएवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ।
(7) वित्त (आय-व्ययके) अन्नुभाग-4, SOTO शासन।
(8) अनु सचिव (लेखा)४एवं नोडल अधिकारी, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उ0प्र0 शासन।
(9) गार्ड बुकक।
आज्ञा से,
जगराम यादव
उप सचिव
I- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है