ज़रूर, यह सारांश है:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, मुरादाबाद की क्षमता दोगुनी करने के लिए आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 4,65,32,000 रुपये (4 करोड़ 65 लाख 32 हज़ार रुपये) की अवशेष धनराशि जारी करने की मंजूरी देता है। यह धनराशि वर्ष 2025-26 के वित्तीय वर्ष के लिए स्वीकृत है। स्वीकृति कुछ शर्तों के अधीन है, जिसका पालन किया जाना चाहिए, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 मार्च, 2026 है।
**मुख्य बातें**
* **वित्तीय स्वीकृति और आवंटन:**
* 4,65,32,000 रुपये का व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत किया गया है।
* आवंटित निधि का उपयोग 31 मार्च, 2026 तक किया जाना चाहिए।
* **शर्तें और प्रतिबंध:**
* नामांकित एजेंसी के साथ कार्य समय पर पूरा करने के लिए समझौता किया जाना चाहिए, और लागत में कोई संशोधन नहीं होना चाहिए।
* निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ और पर्यावरण मंजूरी प्राप्त करें।
* परियोजना की योजना की स्थानीय विकास प्राधिकरण से मंजूरी ली जानी चाहिए।
* दोहरेपन से बचें; सुनिश्चित करें कि कार्य किसी अन्य योजना के तहत स्वीकृत या कवर नहीं है।
* परियोजना में बड़े बदलाव, जैसे नए कार्य, क्षेत्र में वृद्धि, या विशिष्टताओं का उपयोग करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता होती है।
* यह सुनिश्चित करें कि काम समय सीमा के भीतर पूरा हो जाए।
* वित्तीय नियमों और सरकारी आदेशों के अनुसार धनराशि का उपयोग करें।
* यह धनराशि उसी कार्य के लिए खर्च की जानी चाहिए जिसके लिए इसे मंजूरी दी गई है।
* श्रम विभाग को आगणन में शामिल श्रम उपकर का भुगतान करें।
* उद्यम विभाग से खरीद दिशानिर्देशों का पालन करें।
* सुनिश्चित करें कि कार्य की आवश्यकता से अधिक धनराशि कार्यदायी संस्था के पास नहीं है।
* सुनिश्चित करें कि कार्य को अन्य योजनाओं के तहत वित्तपोषित नहीं किया जाता है और कोई दोहराव नहीं है।
* प्रयोजना तकनीकी रूप से सक्षम प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत होनी चाहिए, और उ.प्र. पुलिस मुख्यालय कार्य की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार होगी।
* कार्यदायी संस्था को आगणन के भीतर स्वीकृत सीमा तक ही सेंटेज का भुगतान किया जाएगा।
* जीएसटी नियमों के अनुसार देय है, और यह सुनिश्चित करें कि परियोजना के तहत कार्यों में कोई जीएसटी शामिल नहीं है।
* स्वीकृत धनराशि को बैंक/डाकघर खाते में जमा नहीं किया जाना चाहिए।
* उ.प्र. पुलिस मुख्यालय द्वारा कार्य की विशिष्टताओं, मानकों और गुणवत्ता की जिम्मेदारी उठाई जाएगी और परियोजना को समय पर पूरा करने का ध्यान रखा जाएगा।
* सेंटेज शुल्क पर वित्त विभाग के दिशानिर्देशों का अनुपालन करें।
* अवशेष धनराशि का भुगतान कार्य पूर्ण होने और गुणवत्ता से संतुष्ट होने के बाद जारी किया जाएगा।
* नियोजन विभाग द्वारा स्थापित प्रतिबंधों का पालन करें।
* अधिकृत अधिकार द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।
**प्रभाव विश्लेषण**
**हितधारक:** अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय, उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय।
**प्रभाव:** उन्हें पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, मुरादाबाद में आवासीय भवनों के निर्माण के लिए धनराशि प्राप्त हो रही है, जिससे विद्यालय की क्षमता दोगुनी हो जाएगी।
**आवश्यक कार्रवाई:**
* यह सुनिश्चित करें कि निर्माण कार्य निर्दिष्ट नियमों और शर्तों के अनुसार आगे बढ़े।
* आवंटित धनराशि का उपयोग समयबद्ध तरीके से और वित्तीय नियमों के अनुपालन में करें।
* परियोजना की प्रगति की निगरानी करें और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करें।
Key Entities Referenced
पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, मुरादाबाद: मुरादाबाद में पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, जिसकी क्षमता दोगुनी करने के लिए आवासीय भवनों का निर्माण किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय: उत्तर प्रदेश में पुलिस बल का शीर्ष निकाय।
शासनादेश: विभिन्न अधिसूचनाएँ जो पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, मुरादाबाद को धन जारी करने और उसके संचालन को विनियमित करने से संबंधित हैं।
गृह (पुलिस) अनुभाग-7: उत्तर प्रदेश सरकार का गृह विभाग (पुलिस अनुभाग-7), जो इस अधिसूचना को जारी करने के लिए जिम्मेदार है।
वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1: उत्तर प्रदेश सरकार का वित्त विभाग (आय-व्ययक अनुभाग-1) जो इस परियोजना के लिए धन के संवितरण और प्रबंधन में शामिल है।
aeAT-59/2026/I/225670/2026/00 -CN- 869486-6-7099-794-2022
प्रेषक,
अन्नावि दिनेशकुमार,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन ।
सेवा में,
अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय
उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय,
लखनऊ |
गृह (पुलिस) अनुभाग-7 लखनऊ : दिनांक 04-02-2026
विषय:- पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, मुरादाबाद की क्षमता दोगुना किये जाने हेतु आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु अवशेष
धनराशि अवमुक्त किये जाने के सम्बन्ध में ।
महोदय,
उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय के पत्र संख्या-ग्यारह-489-2049(आवासीय), दिनांक 06.04.2026 के संबंध में मुझे यह
कहने का निदेश हुआ है कि पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, मुरादाबाद की क्षमता दोगुना किये जाने हेतु आवासीय भवतनों के निर्माण
कार्य हेतु शासनादेश AEAT-272/2023//278835/2023/00-CN-67636-6-7099-794-2022 दिनांक 2.02.2023
द्वारा धनराशि रू0 (6447.47 लाख की लागत पर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि रू0 447.86
लाख व्यय हेतु अवमुक्त की गयी, जिसके सापेक्ष कार्यदायी संस्था को सम्पूर्ण धनराशि का भुगतान कर दिया WAT शासनादेश
संख्या- 566/2024/I/7 3836/2024/00-6-7099-794-2022 दिनांक 08.08.2024 द्वारा अनुबन्ध की लागत धनराशि
रू0 5624.66 लाख के सापेक्ष धनराशि BO 5468.63 लाख व्यय हेतु अवमुक्त की गयी, जिसके सापेक्ष कार्यदायी संस्था को
सम्पूर्ण धनराशि का भुगतान कर दिया गया । शासनादेश संख्या- 703/2024॥/003-6-7099-794-2022 दिनांक
24.44.2024 द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र के आधार पर अवशेष धनराशि BO 6044.7 लाख में से धनराशि रू0 5262.94
लाख व्यय हेतु अवमुक्त की गयी, जिसके सापेक्ष कार्यदायी संस्था को सम्पूर्ण धनराशि का भुगतान कर दिया गया। इस
प्रकार अनुबन्ध की लागत धनराशि BO 75624.66 लाख के सापेक्ष धनराशि BO (4843.43 लाख का भुगतान कार्यदायी
संस्था को किया जा चुका है प्रश्नगत निर्माण हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रस्तावित कुल लागत (निविदा/अनुबन्ध की लागत
+ कन््टीजेन्सी, सुपरविजन चार्ज, Ae] विद्युत संयोजन, युटिलिटी शिफ्टिंग) रू0 (64.48 के सापेक्ष अब तक भुगतान की
गयी कुल धनराशि BO (4843.43 लाख को समायोजित करने अवशेष देय धनराशि रू0 7277.05 लाख में से वर्तमान वित्तीय
वर्ष 2025-26 में धनराशि रू0 4,65,32,000/-( रुपये चार करोड़ पैंसठ लाख बत्तीस हजार मात्र) व्यय हेतु अवमुक्त किये
जाने की सहर्ष स्वीकृति श्री राज्यपाल महोदय निम्न शर्तों के अधीन प्रदान करते है-
नियम व शर्ते/प्रतिबन्धों-
q. निर्माण कार्यों हेतु नामित कार्यदायी संस्था से उत्कृष्ट श्रेणी की गुणवत्ता के साथ कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराये जाने
तथा कार्यदायी संस्था द्वारा किसी भी दशा में कार्यों की लागत में कोई पुनरीक्षण न किये जाने के संबंध में अनुबन्ध अनिवार्य रूप
से निष्पादित करा लिया जाय ।
2. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा नियमानुसार समस्त आवश्यक वैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से
प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाय |
3. प्रायोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को आवश्यकतानुरूप पुलिस मुख्यालय द्वारा स्थानीय विकास
प्राधिकरण/सक्षम लोकल अथारिटी से स्वीकृत कराया जायेगा।
4. प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यों की द्विरावृत्ति (डुप्लीकेसी) को रोकने की दृष्टि से पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कर
लिया जाय कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न वर्तमान में किसी अन्य
योजना/क ार्यक्रम मaें आच्ae छादित ककििययाा जाना पप््ररसस््तताावविितत है |
5. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रायोजनान्तर्गत कोई उल्लेखनीय परिवर्तन जैसे-नये कार्य बढ़ाना, प्रस्तावित कार्यों के
आकारक्षेत्रफल में वृद्धि एवं अन्य उच्च विशिष्टियां इस्तेमाल करना इत्यादि पर सक्षम स्तरका पूर्व अनुमोदन प्राप्त किये बिना नही
किया जायेगा। प्रश्नगत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व प्रायोजना पर सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही कार्य कराया
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |जाएगा।
6. पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कराया जायेगा कि कार्य निर्धारित समय सीमा अवधि में ही पूर्ण कराया जाय।
परियोजना के क्रियान्वयन में टाइम ओवर रन/कास्ट ओवर रन को नियंत्रित करने हेतु वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 के
शासनादेश दिनांक 27.06.2077 का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
7. स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिकाओं के सुसंगत प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के
अनुरूप किया जायेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता/आडिट आपत्ति हेतु उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय उत्तरदायी होंगे।
8. प्रश्नरत धनराशि जिस कार्य/मद के लिए स्वीकृत की जा रही है, उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जाय।
9. आगणन में वर्णित लेबर सेस की कुल धनराशि इस शर्त के अधीन होगी कि श्रम विभाग को उक्त धनराशि का भुगतान किया
जायेगा।
0. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय/कार्यदायी संस्था द्वारा उपकरणों का क्रय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अनुभाग-2 के शासनादेश
दिनांक 23.08.20i7 में दी गयी व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा।
47. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा वित्त (आय-व्ययक) ATATT- के कार्यालय ज्ञाप संख्या-6/2025/बी-4-352/दस-2025-
23/2025, दिनांक 27.03.2025 में fated व्यवस्था के अन्तर्गत कार्यदायी संस्था को धनराशि अवमुक्त की जायेगी। SOTO
पुलिस मुख्यालय द्वारा इस बात का ध्यान रखा जायेगा कि कार्यदायी संस्था के पास कार्य की आवश्यकता से अधिक धनराशि न
हो।
42. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि प्रश्नगत कार्य किसी अन्य कार्ययोजना में सम्मिलित नही है
तथा इस हेतु पूर्व मे किसी अन्य योजना/स्त्रोत से धनराशि स्वीकृत नही की गयी है। यह भी सुनिश्चित करेगें कि प्रस्तावित कार्यों
की द्विरावृत्ति नही हो रही है।
43. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-6 के अध्याय-2 के WEAL-3.8 में वर्णित व्यवस्थानुसार प्रयोजना
का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात ही कार्य कराया जायेगा। कार्य की गुणवत्ता, मानक एवं विशिष्टियों की
जिम्मेदारी उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय की होगी |
|4. कार्यदायी संस्था को आगणन में अनुमोदित सीमा तक ही सेंटेज देय होगा |
5. जी0एस0टी0 की धनराशि नियमानुसार देय होगी | SOTO पुलिस मुख्यालय द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि
प्रायोजनान्तर्गत विभिन्न कार्यमदों में जी0एस0टी0 सम्मिलित न हों |
6. स्वीकृत धनराशि को आहरित कर बैंक/डाकघर/पी0एल0ए0/डिपाजिट खाते में नही रखा जायेगा |
I7. कार्य की विशिष्टियां, मानक व गुणवत्ता की जिम्मेदारी उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय की होगी । प्रायोजना का निर्माण कार्य
ससमय पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाय।
8. स्वीकृत धनराशि का व्यय वित्तीय हस्तपुस्तिका से सुसंगत, प्राविधानों, समय-समय पर शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के
अनुरूप किया जायेगा।
49. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा सेंटेज चार्जेज (प्रतिशत प्रभार), निर्माण लागत तथा वित्तीय स्वीकृतियों से संबंधित वित्तीय
प्रबन्धन के संबंध में वित्त (लेखा) अनुभाग-2 के नवीनतम शासनादेश संख्या-0/2023/ए-2-60/दस-2023-47(4)/75 दिनांक
7.05.2023 एवं शासनादेश संख्या-02/2023/ए-2-66/दस-2023-47(4)/75 दिनांक 79.05.2023 का अनुपालन सुनिश्चित
किया जायेगा।
20. अवशेष धनराशि का भुगतान कार्यपूर्ण होने एवं गुणवत्ता से संतुष्ट होने के उपरान्त निर्गत किया जायेगा ।
2.3050 पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रश्नगत प्रायोजना की भौतिक प्रगति, धनराशि अवमुक्त तथा सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर
दर्ज किये जाने आदि के संबंध में नियोजन SL AT- के शासनादेश दिनांक 07.06.2022 में निहित प्रतिबन्धों का अनुपालन
सुनिश्चित किया जायेगा।
22. उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय द्वारा स्वीकृत धनराशि का उपयोग दिनांक 37.03.2026 तक कर लिया जायेगा।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 4,65,32,000 ( रुपये चार करोड़ पैंसठ लाख बत्तीस हजार मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष
2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 026 लेखा शीर्षक 405500270600 पुलिस विभाग के आवासीय भवनों का
निर्माण मानक मद 24 वृहत् निर्माण कार्य के नामे डाला जायेगा।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- यह आदेश वित्त (आय - व्ययक ) अनुभाग - के कार्यालय ज्ञाप संख्या - 6/2025/at--352/ea-2025-23 /2025,
दिनाँक- 27-मार्च, 2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
अन्नावि दिनेशकुमार
विशेष सचिव |
WeaT-59/2026/I/225670/2026/00-CN-869486-6-7099-794-2022, aq दिनांका दिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी), प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज |
2. महालेखाकार (लेखा परीक्षा), प्रथम/द्वितीय, उ0प्र0 प्रयागराज |
3. पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ।
4. मुख्य अभियन्ता(भवन), लोक निर्माण विभाग, TITS |
5. संबंधित जिलाधिकारी/वबरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक |
6. वित्त नियंत्रक, उ0प्र0 पुलिस मुख्यालय, लखनऊ |
7. निदेशक, वित्तीय एवं सांख्यकीय निदेशालय जवाहर भवन लखनऊ।
8. मुख्य /वरिष्ठ कोषाधिकारी जवाहर भवन लखनऊ।
9. संबंधित मुख्य /वरिष्ठ कोषाधिकारी, TOW |
40. मुख्य कोषाधिकारी, आदर्श कोषागार कलेक्ट्रेट लखनऊ।
d. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/वित्त (व्यय-नियंत्रण) AT ATT-2
2. गार्ड फाइल हेतु |
आज्ञा से,
दीपक पटेल
अनुसचिव ।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |